Solution:मुंशी प्रेमचंद, वाराणसी के निकट लमही गाँव में एक कायस्थ परिवार में जन्मे थे। प्रेमचन्द उन पहले लेखकों में से थे जिन्होंने दलितों को गरीबों के एक भाग के रूप में उनकी समस्याओं और चरित्रों का वर्णन किया। इन्होंने अपने उपन्यास में सभी धर्म के विचारों के प्रति समर्पण को दर्शाया जो उनके समय के राजनैतिक और सामाजिक आंदोलनों को प्रतिबिंबित रखता है। इनकी अन्तिम और महत्त्वपूर्ण कहानियों में से एक 'कफन' सर्वप्रथम उर्दू में (1935) और 1936 में हिन्दी में प्रकाशित हुई अपने जीवन के अंतिम दिनों में 'मंगल सूत्र' उपन्यास लिखना आरंभ किया इसके पूर्ण होने से पूर्व ही इनकी मृत्यु हो गयी। इसे 'अधूरा उपन्यास' माना जाता है।
इनकी प्रमुख पुस्तकें-
गोदान, कर्मभूमि, सेवासदन, मानसरोवर, निर्मला आदि।