Solution:बागोर राजस्थान प्रांत के भीलवाड़ा जिले में स्थित है। इसका उत्खनन कार्य 1968-70 ई. तक वी.एन. मिश्र ने करवाया था। यहाँ से आवसीय स्थल के अवशेष, मानवकंकाल, फूस के वातरोधी पर्दे तथा सूक्ष्म पाषाणोपकरण के साक्ष्य भी प्राप्त हुये है। मध्यपाषाणकाल के उपकरण अत्यन्त छोटे होते थे इसलिए इन्हें 'माइक्रोलिथ' कहा गया। यह पुरापाषाणकाल और नवपाषाणकाल के बीच एक संक्रमणकालीन. दौर के रूप में प्रकट होता है। मध्यपाषाणकालीन केन्द्र बड़ी संख्या में राजस्थान, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, मध्य और पूर्वी भारत तथा कृष्णा नदी के दक्षिण में पाए जाते है।
मध्य प्रदेश में आदमगढ़ और राजस्थान में बागोर केन्द्र से प्राप्त साक्ष्य पशुपालन को दर्शाते हैं। बागोर से मध्यपाषाणकाल के पाँच मानव कंकाल मिले है, जो व्यवस्थित ढंग से दफनाए गये थे। इस स्थल से पाषाण युग की सर्वाधिक सामग्री प्राप्त हुई है। इनमें स्क्रेपर, पोइंट, बेधक, खुरचनी आदि प्रमुख है यहाँ के उद्योग में बहुत ही छोटी-छोटी वस्तुओं का निर्माण होता था और वे ज्यामितीय प्रारूपो की दृष्टि से अत्यन्त उन्नत थी। इस क्षेत्र को मध्यपाषाण वास क्षेत्र का सबसे बड़ा स्थल माना गया।