यू.जी.सी. NTA नेट परीक्षा दिसम्बर – 2019 (इतिहास)

Total Questions: 100

81. "मैं चाहता हूँ कि अलग-अलग रेजिमेंटो में भिन्न और प्रतिस्पर्धी भावना रहे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सिख हिंदू पर और गोरखा उन दोनों पर बिना हिचक के गोली दाग सके "। यह निम्नांकित में से किसका कथन है?

Correct Answer: (c) चार्ल्स वुड
Solution:

चार्ल्स वुड ने भारत की भावी शिक्षा नीति के लिए 1854 में 'वुड घोषणा पत्र' को जारी किया। जो 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाका ' कहा जाता है जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर शिक्षा की नियामक पद्धति का गठन किया गया। इस घोषणा पत्र द्वारा ग्रामस्तर पर देशी भाषा के माध्यम से अध्ययन के लिए प्राथमिक पाठशालाएँ स्थापित हुई और हाईस्कूल स्तर के एंग्लो वर्नाक्युलर कॉलेज खोले गए। उन्होंने शिक्षा नीति में बदलाव करके ऐसी मानसिकता बनानी चाही जिससे आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाने में कोई हिचक न रहे। वुड डिस्पैच समिति के सुझाव के आधार पर लंदन विश्वविद्यालय के मॉडल पर तीनों प्रेसीडेसियों - मद्रास, कलकत्ता, मुम्बई में एक-एक विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाए।

82. बार-बार आनेवाली बाढ़ के कारण निम्नांकित में से कौन सा हड़प्पीय नगर नष्ट हो गया था?

Correct Answer: (d) मोहनजोदड़ो
Solution:

मोहनजोदड़ो का सिंधी भाषा में अर्थ "मृतको का टीला होता हैं। यह सिंध (पाकिस्तान) के लरकाना जिले में सिन्धु नदी के तट पर स्थित है। यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक नगर है सर्वप्रथम इसकी खोज राखलदास बनर्जी ने 1922 ई. में की थी। वृहद स्नानागार मोहनजोदड़ो का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। इसके केन्द्रीय खुले प्रांगण के बीच जलकुंड या जलाशय बना है। यहाँ से काँसे से निर्मित नर्तकी की मूर्ति पायी गई है जो द्रवी मोम विधि से बनी हैं। यह नगर बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण नष्ट हो गया।

83. उस्ताद अलाउद्दीन खिल्जी के बारे में कौन से कथन सही हैं?

(A) उसे मालूम था कि नमाज़ (प्रार्थना) कैसे पढ़ी जाए, लेकिन उसने कभी भी रोज़ा (उपवास) नहीं रखा। (B) उसने नशीले पेयों को निषिद्ध किया।
(C) उसने सरदारों को मनचाही संख्या में विवाह करने के लिए प्रेरित किया
(D) वह शरियत के अनुसार राज्य के संचालन के लिए उलेमा से सहमत था।
सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल (A) और (B)
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई. दिल्ली सल्तनत के शासक), खिलजी वंश के दूसरे शासक थे। इनका वास्तविक नाम अली गुरशास्प जूना खान खिलजी था। यह एक साम्राज्यवादी शासक था, जिसने आक्रामकता के साथ साम्राज्य का विस्तार दक्षिण भारत के मदुरै तक किया, यह दिल्ली का ऐसा पहला सुल्तान था जिसने उलेमा वर्ग की उपेक्षा करते हुए धर्म पर राज्य का नियंत्रण स्थापित किया। उसने नशीले पदार्थों को निषिद्ध किया। उसने अपना प्रभुत्व बनाए रखने के लिए स्थायी सेना की व्यवस्था की। सैनिक योग्यता के आधार पर भर्ती किए जाते थे न कि वंश अथवा जाति के आधार पर। वह अपने राज्य के संचालन के लिए उलेमा से सहमत नहीं था। साम्राज्य में शांति व्यवस्था की स्थापना के लिए सुल्तान ने न्याय व्यवस्था की ओर विशेष ध्यान दिया।

84. निम्नांकित में से कौन भारत में ज्ञात विशालतम मध्यपाषाण वास क्षेत्र है?

Correct Answer: (a) बागोर
Solution:

बागोर राजस्थान प्रांत के भीलवाड़ा जिले में स्थित है। इसका उत्खनन कार्य 1968-70 ई. तक वी.एन. मिश्र ने करवाया था। यहाँ से आवसीय स्थल के अवशेष, मानवकंकाल, फूस के वातरोधी पर्दे तथा सूक्ष्म पाषाणोपकरण के साक्ष्य भी प्राप्त हुये है। मध्यपाषाणकाल के उपकरण अत्यन्त छोटे होते थे इसलिए इन्हें 'माइक्रोलिथ' कहा गया। यह पुरापाषाणकाल और नवपाषाणकाल के बीच एक संक्रमणकालीन. दौर के रूप में प्रकट होता है। मध्यपाषाणकालीन केन्द्र बड़ी संख्या में राजस्थान, दक्षिणी उत्तर प्रदेश, मध्य और पूर्वी भारत तथा कृष्णा नदी के दक्षिण में पाए जाते है।

मध्य प्रदेश में आदमगढ़ और राजस्थान में बागोर केन्द्र से प्राप्त साक्ष्य पशुपालन को दर्शाते हैं। बागोर से मध्यपाषाणकाल के पाँच मानव कंकाल मिले है, जो व्यवस्थित ढंग से दफनाए गये थे। इस स्थल से पाषाण युग की सर्वाधिक सामग्री प्राप्त हुई है। इनमें स्क्रेपर, पोइंट, बेधक, खुरचनी आदि प्रमुख है यहाँ के उद्योग में बहुत ही छोटी-छोटी वस्तुओं का निर्माण होता था और वे ज्यामितीय प्रारूपो की दृष्टि से अत्यन्त उन्नत थी। इस क्षेत्र को मध्यपाषाण वास क्षेत्र का सबसे बड़ा स्थल माना गया।

85. थियोसॉफिकल सोसाइटी के मुख्य उद्देश्यों में निम्नांकित में से कौन थे?

(A) मानवता के लिए विश्व बंधुत्व की भावना का निर्माण।
(B) प्राचीन धर्मो, दर्शनों और विज्ञानों को बढ़ावा देना।
(C) ईसाई धर्म-सिद्धांतों की सर्वोच्चता की उद्घोषणा।
(D) प्रकृति के नियमों का अन्वेषण और मनुष्य में छुपी दैवी शक्तियों का विकास करना।
सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (a) सिर्फ (A), (B) और (D)
Solution:

थियोसॉफिकल सोसाइटी एक अन्तर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक संस्था है। थियोसॉफिकल सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1875 में 'मैडम एच. पी. ब्लावत्स्की' और 'कर्नल एच. एस. अल्काट' ने न्यूयार्क, अमेरिका में की थी। थियोसॉफिकल सोसाइटी के मुख्य उद्देश्य - 1. तुलनात्मक धर्म, दर्शन और विज्ञान के अध्ययन को प्रोत्साहन देना 2. जाति-धर्म, नर और नारी, वर्ण तथा रंगभेद से रहित, मानवता के विश्व बन्धुत्व का सजीव केन्द्र स्थापित करना 3. प्रकृति के नियमों का अन्वेषण तथा मानव में अन्तर्निहित दैवी शक्तियों का विकास करना।

86. निम्नलिखित राजनीतिक संगठनों को उनके स्थापना के कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए:

(A) मद्रास महाजन सभा
(B) बाम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन
(C) पूना सार्वजनिक सभा
(D) बाम्बे एसोसिएशन
सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (D), (C), (A), (B)
Solution:सही कालक्रम है-
संगठनवर्षसंस्थापक
बाम्बे एसोसिएशन26 अगस्त, 1852 ई.दादा भाई नौरोजी
पूना सार्वजनिक सभा1870 ई.एम.जी. रानाडे एवं गणेश वासुदेव जोशी (जी.वी. जोशी)
मद्रास महाजन सभा1884 ई.एम.वीर राघवाचारी, जी. सुब्रह्मण्यम अय्यर
बाम्बे प्रेसीडेन्सी एसोसिएशन1885 ई.फीरोजशाह मेहता, बदरुद्दीन तैय्यब, के.टी. तैलंग

87. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

(A) ऐतिहासिक विधि एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सूचना के स्त्रोतों की खोज, उसका आलोचनात्मक मूल्यांकन, संश्लेषण और प्रतिपादन सम्मिलित हैं।
(B) यदि प्रतिज्ञप्ति का आधार केवल संयोग है तो तर्क किया जाना चाहिए।
(C) 'प्रलेख' के पंथ, विशेष रूप से 'सरकारी प्रलेख' के विकास का अधिकांशतः श्रेय लिओपोल्ड वॉन रांके को दिया जाता है।
(D) ओस्वाल्ड स्पेन्ग्लर का इतिहास दर्शन, इतिहास को प्राचीन, मध्ययुगीन और आधुनिक के बीच यूरोपीय अवधिकीकरण पर तीव्र प्रहार से प्रारंभ होता है।
निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) केवल (A), (C) और (D)
Solution:

इतिहास लेखन का उद्देश्य अतीत की घटनाओं का विवरण मात्र प्रस्तुत करना नहीं बल्कि उन विचारधाराओं के क्रमिक विकास का विश्लेषण करना है, जो कि इतिहास के विभिन्न कालों में उदित तथा विकसित हुये है। इस संदर्भ में यह एक जटिल प्रक्रिया है। जिसमें सूचना के मुख्य स्त्रोतों को खोजना, उनका मूल्यांकन करना संश्लेषण व प्रतिपादन शामिल है। जर्मन विद्वान लियोपोल्ड वॉन रांके ने वर्ष 1924 में अपने प्रभावशाली कार्यों का इतिहास प्रकाशित किया। रांके ने पारंपरिक तरीको की आलोचना की तथा स्पष्ट किया कि इतिहास को वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया जा सकता है, व्यक्तिपरक पूर्वाग्रह से मुक्त । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐतिहासिक शोध प्राथमिक स्त्रोतो पर आधारित होगा इसके लिये उन्होंने प्रलेखों विशेषकर सरकारी प्रलेखों तक पहुच बनाने के लिए बर्लिन विश्वविद्यालय के शाही अभिलेखागार तक पहुँच की अतः सरकारी प्रलेखों के विकास का श्रेय रांके को दिया जा सकता है। स्पेंगलर का इतिहास दर्शन, इतिहास को प्राचीन, मध्ययुगीन व आधुनिक के मध्य यूरोपीय अवधिकरण पर आक्षेप करता है। उनके अनुसार युद्ध एवं शहरों का निर्माण सभ्यता के पतन के सूचक है। हॉलाकि उनके सिद्धान्त को वैज्ञानिक नहीं माना जा सकता। उनके सिद्धान्त से उनका निराशावाद प्रकट होता है।

88. निम्नलिखित में से सही कथनों का चयन करें:

(A) अकबर के सिक्के ढालने वाले कर्मचारी तीनों धातुओं के सिक्कों को ढालने में उच्च गुणवत्ता को कायम रखने के प्रति सावधानी रखते थे।
(B) स्वर्ण लगभग शुद्ध होता था, चाँदी की शुद्धता में कमी 96 प्रतिशत से नीचे गिरावट नहीं हुई, और तांबे के सिक्कों की उच्च शुद्धता बनी रहती थी।
(C) वहाँ एक स्वतंत्र अथवा मुक्त ढलाई व्यवस्था थी।
(D) 1595 में कुल 96 टकसालें थी।
सही विकल्प चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

मुगल बादशाह अकबर ने अपने समय में सोना चाँदीके विभिन्न तौल और मूल्यों के सिक्के चलाए और उनका पारस्परिक अनुपात निश्चित कर दिया। अकबर ने दिल्ली में एक शाही टकसाल का निर्माण कराया। इनके काल में तीनों धातुओं के सिक्कों को ढालने में उच्च गुणवत्ता में सावधानी रखी गई। स्वर्ण लगभग शुद्ध होता था चाँदी की शुद्धता में कभी 96 प्रतिशत से नीचे गिरावट नहीं हुई और तांबे की शुद्धता बनी रही। अकबर का सबसे प्रचलित सोने का सिक्का 'इलाही' था। (1 इलाही = 10 रुपया) जबकि सबसे बड़ा स्वर्ण सिक्का 'शंसब' था जो 100 तोले से भी ज्यादा भारी था। अकबर ने अपने कुछ सिक्को पर राम-सीता की मूर्ति अंकित करवायी और देवनागरी में 'राम-सिया' लिखवाया।

89. दक्षिण भारत के निम्नलिखित में से किन स्थलों में चौदह घोषणाओं वाले अशोक कालीन शिलालेख पाए गए हैं?

(A) एरंगुड़ी (आंध्र प्रदेश)
(B) राजुल मण्डगिरि (आंध्र प्रदेश)
(C) मास्की (कर्नाटक)
(D) सन्नति (कर्नाटक)
सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (A) और (D)
Solution:

अशोक मौर्यकालीन शासक बिन्दुसार का पुत्र था। अशोक का इतिहास मुख्यतः उसके अभिलेखो से ही ज्ञात होता है। सर्वप्रथम 1837 ई. में जेम्स प्रिंसेप ने अशोक के दिल्ली-टोपरा अभिलेख को पढ़ने में सफलता प्राप्त की। अशोक के अभिलेखों का विभाजन क्रमशः शिलालेख, गुहालेख व स्तम्भलेख के रूप में किया गया है। इन सभी अभिलेखों की भाषा प्राकृत है जबकि ये ब्राह्मी खरोष्ठी, आरमेइक एवं यूनानी लिपियों मे लिखे गए है। अशोक के व्यक्तिगत जीवन की जानकारी लघु शिलालेख से प्राप्त होती है इनमें प्रमुख है- एरंगुड़ी (आंध्रप्रदेश के कर्नूल जिले), सन्नति (गुलबर्गा,कर्नाटक), गुर्जरा (मध्य प्रदेश), राजुलमण्डगिरि मास्की, नेत्तूर, उडेगोलन (बेल्लारी कर्नाटक)। इनमें से एरंगुड़ी और सन्नति से चौदह घोषणाओं वाले अशोककालीन शिलालेख पाए गए है।

90. निम्नलिखित में से किस सम्राट ने मनसबदारी प्रथा में दो-अस्पा, सिह-अस्पा को लागूकिया था?

Correct Answer: (b) जहांगीर
Solution:

मनसबदारी व्यवस्था की शुरूआत वर्ष 1575 में अकबर ने की थी। मनसबदार के साथ 1594-95 ई.में सवार का पद भी जुड़ने लगा। जहांगीर ने मनसबदारी व्यवस्था में कुछ परिवर्तन करते हुए सवार पद में दो अस्पा एवं सिह-अस्पा की व्यवस्था की। दो- अस्पा में मनसबदारों को निर्धारित संख्या में घुड़सवारों के साथ उतने ही अतिरिक्त घोड़े रखने होते थे जबकि सिह-अस्पा में मनसबदारों को दुगुने अतिरिक्त घोड़े रखने पड़ते थे शाहजहाँ ने अपने शासन काल में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उन मनसबदारों के लिए नियम बनाया जो अपने पद की तुलना में घुड़सवारों की संख्या कम रखते थे।