यू. जी. सी. NTA नेट परीक्षा दिसम्बर 2020/जून 2021 राजनीति शास्त्र (SHIFT-I)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए तथा नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

अन्य अनेक क्षेत्रों की तरह मार्क्स ने महिलाओं के विषय में भी हीगेल से प्रारंभ किया। हीगेल महिलाओं को कमतर मानते थे। उनका मानना था कि महिलाओं में अपेक्षाकृत कम तार्किक योग्यता होती है और पुरुष तथा महिला में प्राकृतिक अंतर अपरिवर्तनीय है। मार्क्स ने महिलाओं की भूमिका तथा स्थिति के बारे में अधिक नहीं कहा। उन्होंने यह पक्का मान लिया था कि समाजवाद नारी को मुक्ति प्रदान करेगा।

उन्होंने अपनी रचना 'जर्मन आइडियॉलॉजी' तथा 'कैपिटल' में परिवार में श्रम के प्राकृतिक तथा स्वतः प्रवर्तित विभाजन की बात कही है। इन्हीं प्राकृतिक संबंधों ने सामाजिक संबंध को प्रशस्त किया तथा प्रथम संपत्ति - संबंध तब बना जब पुरुष ने अपनी पत्नी तथा बच्चों को अपना दास माना। पुरुष को उनके ऊपर अधिकार होता था और वह जैसा चाहे उनसे काम करा सकता था, यद्यपि मार्क्स ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सब कैसे हुआ। मार्क्स ने महिलाओं की स्थिति तथा भूमिका पर ध्यान केंद्रित नहीं किया।

एंजिल्स ने अपनी कृति 'ऑरिजिन्स' में 'पितृत्मक सत्ता' के उद्भव का भौतिकवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है तथा नारी की आश्रितता का संबंध निजी संपत्ति के उत्थान से जोड़ा है। अपनी रचना 'होली फैमिली' में मार्क्स तथा ऐजिल्स का अवलोकन था कि नारी मुक्ति की अवस्था का उपयोग ऐसे मानक के रूप में किया जा सकता है जिसके द्वारा कोई सामान्य मुक्ति को माप सकता है। मार्क्स ने इस विचार का डॉ. एल. कुगयेलमन को 'लिखे एक पत्र में भी पुनः व्यक्त किया है कि सामाजिक प्रगति का सही-सही मूल्यांकन महिलाओं की स्थिति द्वारा किया जा सकता है।

वर्ष 1845 में मार्क्स ने परिवार पर इसके विशिष्ट ऐतिहासिक वातावरण पर ध्यान दिये बिना विचार करने के विरूद्ध चेताया है। मैक्स स्टिर्नर (1805-1856) की आलोचना करते हुए मार्क्स ने टिप्पणी की थी कि बिना शर्त परिवार के बारे में चर्चा करना भ्रामक होगा। ऐतिहासिक रूप से बुर्जुआ लोगों ने बुआ परिवार को विशिष्टता प्रदान की जिसमें संबंध ऊबाऊपन तथा पैसे पर आधारित था।

मार्क्स के पूर्व किस राजनीतिक चिंतन की रचनाओं में लिंग के प्रति पूर्वाग्रह मिलता है?

Correct Answer: (a) हीगल
Solution:

मार्क्स से पूर्व हीगल की रचनाओं में लिंग के प्रति पूर्वाग्रह मिलता है। हीगेल महिलाओं को कमतर मानता था। उनका मानना था कि महिलाओं में अपेक्षाकृत कम तार्किक योग्यता होती है और पुरुष तथा महिला में प्राकृतिक अंतर अपरिवर्तनीय है।

92. ऐंजिल्स की पुस्तक 'ऑरिजिन्स' का पूरा नाम क्या है?

Correct Answer: (a) द ऑरिजिन्स ऑफ फैमिली एंड प्राइवेट प्रापर्टी
Solution:एंजिल्स की पुस्तक "ऑरिजिन्स का पूरा नाम “द ऑरिजिन्स ऑफ द फैमिली, प्राइवेट प्रापर्टी एण्ड द स्टेट (1884) '' है|

93. कार्ल मार्क्स के अनुसार, नारी मुक्ति का निर्धारण निम्नलिखित में से किसके द्वारा किया जा सकता है?

Correct Answer: (c) सामान्य मुक्ति
Solution:

कार्ल मार्क्स के अनुसार, नारी मुक्ति का निर्धारण समान्य मुक्ति द्वारा किया जा सकता है। मार्क्स महिलाओं के अधिकारों को महत्वपूर्ण मानते थे। उनका कहना था कि 'कोई भी व्यक्ति जो इतिहास की थोड़ी भी जानकारी रखता है, वह यह जानता है कि महान सामाजिक बदलाव बिना महिलाओं का उत्थान किये असंभव है।

94. मार्क्सवादी दर्शन में नारी मुक्ति के संबंध में सामान्य समझ क्या है?

Correct Answer: (a) वर्ग विभाजन के कारण महिलाओं को निम्नतर दर्जा मिला।
Solution:

मार्क्सवादी दर्शन में नारी मुक्ति को समाजवाद के अन्तर्गत ही विश्लेषित किया गया है। मार्क्स का मानना था कि समाजवाद नारी को मुक्ति प्रदान करेगा। उन्होंने अपनी रचना 'जर्मन आइडियोलॉजी तथा कैपिटल में परिवार में श्रम के प्राकृतिक तथा स्वतः प्रवर्तित विभाजन की बात कही है।

95. परिवार में महिलाओं की सामाजिक स्थिति का निर्धारण परिवार के किस प्रकृति द्वारा किया जा सकता है?

Correct Answer: (b) ऐतिहासिक वातावरण
Solution:

परिवार में महिलाओं की सामाजिक स्थिति का निर्धारण परिवार के ऐतिहासिक वातावरण द्वारा किया जा सकता है।

96. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

1990 के दशक के दौरान भारतीय राज्य का अपने प्रवासी जनसमूह के साथ संबंध का प्रश्न जिसके विषय में पहले मान लिया गया था कि इसका कमोवेश हल हो चुका है- एक बार पुनः नीति-सम्बन्धी बहस में आगे बढ़कर आया। प्रवासी समुदायों में, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका में, होने वाले घटनाक्रम में इस प्रक्रिया को सुगम कर दिया। इन घटनाओं में प्रमुख थे|

1989 में 'ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन' (GOPIO) का बनाया जाना और 1993 में अमेरिकी कांग्रेस के अंदर 'इंडिया कॉकस' की स्थापना। जबकि पहले संगठन ने विभिन्न समुदायों के हितों को एक सूत्र में बाँधने का प्रयास किया, दूसरे संगठन ने इसकी संभावना जतायी कि भारतीय प्रवासी समूह का कम से कम एक वर्ग ऐसा हो सकता है जो अपने नये अपनाये गये देश में सचेतन राजनीतिक अभिकर्ता हो।

उदाहरण के लिए GOPIO के सदस्यों ने 1990 के दशक के मध्य में भारत सरकार के साथ हुई अपनी बैठकों में 'पर्सन ऑफ इंडियन ऑरिजिन' (PIO) कार्ड का विचार, प्रस्तावित कर प्रवासी समूह के विशेष स्थान को संस्थागत मान्यता देने के प्रश्न को जीवित रखा। संयुक्त राज्य अमेरिका के अंदर भारतीय मूल के राजनीतिक रूप से सक्रिय लॉबीकर्ता भारतीय सरकार के वस्तुतः प्रवक्ता बन गये, विशेषकर 1998 के नाभिकीय परीक्षणों के बाद की परिस्थिति में।

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा परीक्षणों के बाद लगाए गये आर्थिक प्रतिबंधों को कम करने में इन समूहों के समर्थन को, और साथ ही प्रतिबंधों को सह सकने के लिए नाभिकीय परीक्षणों के तुरंत बाद भारत सरकार द्वारा जारी किये गये 'रिसर्जेट इंडिया' बांडों के प्रति दिखाये गये उनके उत्साह को, इसका महत्त्वपूर्ण द्योतक माना गया कि प्रवासी समूह स्वदेश के लिए सतत प्रतिबद्ध है। यह ऐसी प्रतिबद्धता थी जिसे भारतीय सरकार के अनुसार नये सहस्राब्दी में औपचारिक रूप से मान्यता प्रदान किया जाना आवश्यक था।

भारत सरकार द्वारा 'PIO कार्ड' जारी किये जाने का विचार किस संगठन ने दिया? 

Correct Answer: (a) ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ऑरिजिन
Solution:

भारत सरकार द्वारा 'PIO कार्ड जारी किये जाने का विचार ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ओरिजिन (GOPIO) द्वारा दिया गया।

97. 'ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ऑरिजिन' (GOPIO) का कार्य क्या रहा है?

Correct Answer: (d) भारतीय मूल के विभिन्न, लोगों के मुखरीकृत हितों का प्रतिनिधित्त्व करना
Solution:

'ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपल ऑफ इंडियन ऑरिजिन' (GOPIO) का कार्य भारतीय मूल के विभिन्न लोगों के मुखरीकृत हितों का प्रतिनिधित्व करता है।

98. 1990 के दशक के अंत में PIO पर महत्त्वपूर्ण ध्यान - क्यों दिया गया?

Correct Answer: (d) पोखरण-II और अमेरिकी प्रतिबन्ध
Solution:

1990 के दशक के अंत में PIO पर महत्त्वपूर्ण ध्यान दिया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका के अंदर भारतीय मूल के राजनीतिक रूप से सक्रिय लॉबीकर्ता भारतीय सरकार के वस्तुतः प्रवक्ता बन गये। जिसका मुख्य कारण था भारत द्वारा 1998 में पोखरण-11 नाभिकीय परीक्षण तथा अमेरिका द्वारा भारत पर प्रतिबन्ध लगाना।

99. भारत के विदेश नीति निर्माताओं के लिए भारतीय प्रवासी समूह पर हो रही बहस को क्यों प्रमुखता मिली?

Correct Answer: (a) भारत में वैश्वीकरण प्रक्रिया की मजबूरियाँ
Solution:

प्रवासी भारतीय समुदाय से सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार ने एक एक्ट पारित किया और उसके बाद भारत ने अमेरिकी कांग्रेस में भारतीय मूल के लोगों की प्रभावी स्थिति तथा समय-समय पर भारत आने वाले संकटों में इन्होंने बहुत मदद की जैसे 1991 में भारत का फारेक्स रिजर्व कम हो जाना तथा 1998 में भारत पर लगाये प्रतिबन्धों को हटाने पर इन समूहों ने बड़ी अहम भूमिका निभायी। प्रवासी भारतीय समुदाय भारत को फॉरेक्स रिजर्व के रूप में बहुत सा पैसा भेजते हैं जो भारत के विकास में अहम भूमिका निभाता है।

100. 'इंडिया कॉकस'का मुख्य कार्य क्या है?

Correct Answer: (a) PIOS और सरकार के बीच कड़ी का, काम करना
Solution:

'इंडिया कॉकस' का मुख्य कार्य संयुक्त राज अमेरिका के नीति निर्माण को भारत के पक्ष में प्रभावित करना था।