यू. जी. सी. NTA नेट परीक्षा दिसम्बर 2020/जून 2021 राजनीति शास्त्र (SHIFT-I)

Total Questions: 100

21. यू एन चार्टर में शांति की संरक्षा के लिए निम्न में से कौन सी विशेषतायें दी गयी हैं?

(A) विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे के लिए अध्याय- VI में शांति बहाली की प्रक्रियायें दी गयी हैं
(B) अध्याय- VIII शांति बहाली गतिविधियों से संबंधित हैं
(C) अध्याय- VII में विवादों के बलपूर्वक निपटारे के लिए शांति प्रवर्तन दिया गया है
(D) अध्याय-IX राज्यों में आर्थिक सहयोग से संबंधित है

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A और C
Solution:

यू.एन. चार्टर में शांति की संरक्षा के लिए निम्न प्रावधान है- विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अध्याय-VI में शांति बहाली की प्रक्रियायें दी गयी हैं। अध्याय-VII में विवादों के बलपूर्वक निपटारे के लिए शांति प्रवर्तन दिया गया है।

22. श्री अरविंदो राष्ट्रवाद को किस रूप में मानते हैं-

(A) आध्यात्मिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रवाद की पाश्चात्य जनधारणा से भिन्न
(B) अव्ययी के रूप में राष्ट्र
(C) धार्मिक लालसा और नैतिक दृष्टिकोण के रूप में राष्ट्रवाद
(D) भौगोलिक इकाई के रूप में राष्ट्र

नीचे दिये गये विकल्पों में मे सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

श्री अरविन्दो ने आध्यात्मिक राष्ट्रवाद की अवधारणा दी है। इसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का सिद्धान्त भी कहते हैं। इसमें राष्ट्रवाद को धर्म व अध्यात्म से जोड़ा गया है। श्री अरविन्दो के अनुसार, राष्ट्रवाद एक धर्म है, भारत माँ एक देवी है, जो अंग्रेजों द्वारा शोषित व प्रसित है। राष्ट्र कोरी भौतिक या राजनीतिक इकाई नहीं है।

श्री अरविन्दो ने राष्ट्रवाद को निम्न रूप में माना है-
(i) आध्यात्मिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रवाद की पाश्चात्य अवधारणा से भित्र अवयव के रूप में राष्ट्र
(ii) धार्मिक लालसा एवं नैतिक दृष्टिकोण के रूप में राष्ट्रवाद

23. निम्नलिखित में से किसने भारत की संविधान सभा को 'भारत के सूक्ष्म चित्र' की संज्ञा दी है?

Correct Answer: (b) नविल ऑस्टिन
Solution:

ग्रेनविल ऑस्टिन ने भारत की संविधान सभा को 'भारत के सूक्ष्म चित्र' की संज्ञा दी है। ग्रेनविल ऑस्टिन अमेरिकी राजनीतिक विद्वान तथा भारतीय संविधान के समीक्षक थे भारतीय संविधान राष्ट्र की आधार शिला इनकी मुख्य रचना है।

24. निम्नलिखित पुस्तकों को उनके प्रकाशन के कालक्रम में व्यवस्थित कीजिए:

(A) जेम्स सी. चार्ल्स वर्थ, की कंटेम्पररी पॉलिटिकल एनालिसिस
(B) राबर्ट ए. डहल की मॉडर्न पॉलिटिकल एनालिसिस
(C) ए-एफ बेटले की द प्रोसेस ऑफ गवर्नमेंट
(D) डेविड एस्टन की ए सिस्टम एनालाइसिस ऑफ पोलिटिकल लाइफ

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) *
Solution:

सही कालक्रम इस प्रकार है-

ए.एफ. बेटले -  The Process of Government (1908)
राबर्ट ए.डहल  - Modern Political Analysis (1963)
जेम्स सी. चार्ल्स वर्थ - Contemporary Political Analysis (1967)
डेविड ईस्टन - A System Analysis of Political Life

नोट - सही विकल्प न होने के कारण NTA ने इस प्रश्न को निरस्त कर दिया है।

25. कौन-से संविधान संशोधन के माध्यम से 'समाजवादी, थनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्दों का हमारे संविधान में समावेश किया गया?

Correct Answer: (b) 42 वाँ संशोधन
Solution:

42वाँ संविधान संशोधन, 1976 के माध्यम से समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्दों को संविधान में जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सरकार द्वारा किया गया यह संशोधन अब तक पारित सभी संशोधनों में सबसे व्यापक था। इसके द्वारा संविधान में 2 नए अध्याय (4-क), (14-क) और 9 नये अनु. को जोड़ा गया। इसकी व्यापकता के कारण ही इस संशोधन को लघु संविधान की संज्ञा दी जाती है।

26. निम्नलिखित में से कौन-सा राजा राम मोहन रॉय के बारे में सही है:

(A) वे उपनिषदों से प्रभावित थे
(B) वे युक्तिवादी थे और एकेश्वरवाद के समर्पक थे
(C) वे नास्तिक थे
(D) वे ईसाईवाद द्वारा समर्थित त्रयात्मक ईश्वरवाद के सिद्धांत के आलोचक थे

नीचे दिये गये विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, B और D
Solution:

राजा राम मोहन राय ने उपनिषदों के आध्यात्मिक एकत्ववाद के तात्विक सिद्धान्त को स्वीकार किया। ईश्वरत्व की एकता उनके दर्शन का केन्द्रीय सिद्धान्त था। इस्लाम के एकेश्वरवाद की धारणा के प्रभाव के फलस्वरूप राममोहन राय ने बहुदेववाद का खण्डन करते हुए एकेश्वरवाद का समर्थन किया। राममोहन राय नास्तिकता को प्रोत्साहन न देकर विश्वास के स्थान पर विवेकी सृजन के समर्थक थे।

27. सूची-1 को सूची-11 से सुमेलित कीजिए:

सूची-1 (लेखक)सूची-II (पुस्तक)
(A) लार्ड ब्राइस(I) कम्परेटिव पॉलिटिक्स-ए
डेवेलपमेंटल अप्रोच
(B) ग्राहम वॉलेस(II) न्यू आस्पेक्ट्स ऑफ
पॉलिटिक्स
(C) गैब्रील अल्मांड(III) मार्डन डेमोक्रेसिज
(D) चार्ल्स ई. मेरियम(IV) ह्यूमन नेचर इन पॉलिटिक्स
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIVIII
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:
सूची-1 (लेखक)सूची-II (पुस्तक)
(A) लार्ड ब्राइस(III) मार्डन डेमोक्रेसिज
(B) ग्राहम वॉलेस(IV) ह्यूमन नेचर इन पॉलिटिक्स
(C) गैब्रील अल्मांड(I) कम्परेटिव पॉलिटिक्स-ए
डेवेलपमेंटल अप्रोच
(D) चार्ल्स ई. मेरियम(II) न्यू आस्पेक्ट्स ऑफ
पॉलिटिक्स

28. नीचे दो कथन दिये गये हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:

अभिकथन (A): जॉन लॉक स्वतत्वबोधक व्यक्तिवादी थे?
कारण (R): जॉन लॉक केवल हितों की वृद्धि के पक्षधर नहीं थे।

उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

(A) तथा (R) दोनों सही है लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है। सी.बी. मैक्फर्सन ने अपनी पुस्तक- 'स्वत्वमूलक शक्तिवाद का राजनीति सिद्धान्त हॉब्स से लॉक (1962)' में हॉब्स व लॉक को स्वत्वमूलक व्यक्तिवादी व पूँजीवाद के समर्थक कहा है। स्वत्वमूलक व्यक्तिवाद का तात्पर्य है कि सम्पत्ति, लाभ, पद, सम्मान आदि का समाज में बंटवारी 'योग्यता व क्षमता के आधार पर' होना चाहिए। इसका कारण यह है कि व्यक्ति अपने शरीर, बुद्धि व अपनी क्षमताओं का मालिक स्वयं है और वह उनके लिए| समाज का ऋणी नहीं है। इस प्रकार स्वत्वमूलक व्यक्तिवाद आवश्यकता आधारित समाजवाद की बजाए, योग्यता आधारित उदारवाद का समर्थक है।

29. रेनसीस लिकर्ट ने संगठन के स्तर तथा नियंत्रण के स्वरूप के आधार पर प्रबंधन के पद्धतियों की पहचान की है। उन्हें दक्षता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए:

A. हितकारी सत्तावादी
B. विमर्शकारी नेतृत्व
C. सहभागी
D. शोषणकाल सत्तावादी

नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) D, A, В, С
Solution:

रेन्सिस लिकर्ट ने संगठन के स्तर तथा नियंत्रण के स्वरूप के आधार पर प्रबंधन के पद्धतियों की पहचान की है जो निम्न है-
(i) शोषणकारी सत्तावादी
(ii) हितकारी सत्तावादी
(iii) विमर्शकारी नेतृत्व
(iv) सहभागी

इन चारों पद्धतियों का मूल्यांकन करते हुए लिकर्ट का निष्कर्ष है कि अलग-अलग व्यक्ति अलग-अलग व्यवस्थाओं में सामंजस्य स्थापित करते हैं।

30. निम्नलिखित में से कौन से मेरी पी फॉलेट के उन्नत विचार हैं?

A. प्रकार्यात्मक फोरमैनी
B. रचनात्मक द्वंद्व
C. स्वीकृति क्षेत्र
D. एकीकरण (इंटेगरेशन)

नीचे दिये गये विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और D
Solution:

एम.पी. फॉलेट के अनुसार, व्यक्तिगत मतभेदों के कारण संगठन में विरोध अवश्यम्भावी है। विरोध 'को बेकार एवं नुकसानदायक नहीं बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया समझा जाना चाहिए और उसे रचनात्मक ढंग से हल किया जाना चाहिए। अतः फॉलेट ने इस विरोध के समाधान के तीन तरीके बताए हैं-

प्रभुत्व- एक पक्ष की दूसरे पक्ष पर जीत
समझौता- दोनों पक्ष अपनी मांगों का कुछ हिस्सा छोड़ते हैं
एकीकरण - नये समाधान की खोज, जो दोनों पक्षों की जरूरत पूरी करे। फॉलेट ने तीनों में एकीकरण को सबसे बेहतर मार्ग माना है।