Solution:श्री अरविन्दो ने आध्यात्मिक राष्ट्रवाद की अवधारणा दी है। इसे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का सिद्धान्त भी कहते हैं। इसमें राष्ट्रवाद को धर्म व अध्यात्म से जोड़ा गया है। श्री अरविन्दो के अनुसार, राष्ट्रवाद एक धर्म है, भारत माँ एक देवी है, जो अंग्रेजों द्वारा शोषित व प्रसित है। राष्ट्र कोरी भौतिक या राजनीतिक इकाई नहीं है।
श्री अरविन्दो ने राष्ट्रवाद को निम्न रूप में माना है-
(i) आध्यात्मिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रवाद की पाश्चात्य अवधारणा से भित्र अवयव के रूप में राष्ट्र
(ii) धार्मिक लालसा एवं नैतिक दृष्टिकोण के रूप में राष्ट्रवाद