Solution:अधिकार का अभिप्राय राज्य द्वारा व्यक्ति को दी गयी कुछ कार्य करने की स्वतंत्रता या सकारात्मक सुविधा प्रदान करना है। जिससे व्यक्ति अपनी शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक शक्तियों का पूर्ण विकास कर सके। व्यक्ति को अधिकार उसके स्वयं के व्यक्तित्व के विकास एवं सम्पूर्ण समाज के सामूहिक हित के लिये प्रदान किये जाते हैं।
अतः यह आवश्यक होता है कि अधिकारों का प्रयोग किस प्रकार किया जाये कि व्यक्ति की स्वयं की उन्नति के साथ-साथ समाज की भी उन्नति हो। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार से अधिकारों का उपयोग करता है कि अन्य व्यक्तियों पर सम्पूर्ण समाज के हित साधन में बाधा पहुँचाती है तो व्यक्ति के अधिकारों को सीमित किया जा सकता है।