रसपरिभाषाTotal Questions: 5041. आचार्य देव ने किस भाव को चौतीसवाँ संचारी भाव कहा है? [P.G.T. परीक्षा, 2005](a) छल(b) स्मृति(c) पुलक(d) रोमांचCorrect Answer: (a) छलSolution:आचार्य देव ने 'छल' नामक एक और संचारी की भाव घोषणा की है, जिसे वे चौतीसवाँ संचारी भाव कहते हैं।42. सही विकल्प चुनेंः [MPSI Exam, 26th oct 2017 (09:00 AM)]'भाव दशा के कारण वचन में आए परिवर्तन को .कहते हैं।(a) वाचिक उद्दीपन(b) वाचिक अनुभाव(c) वाचिक विभव(d) वाचिक आलम्बनCorrect Answer: (b) वाचिक अनुभावSolution:वाचिक अनुभाव वाणी के उतार-चढ़ाव, स्वरतन्त्र, आरोहण-अवरोहण द्वारा व्यक्त किए जाते हैं। भाव दशा के कारण वचन में आए परिवर्तन को वाचिक अनुभाव कहते हैं। सात्त्विक अनुभाव स्वरभंग, खेद और अश्रु कम्पन द्वारा व्यक्त किए जाते हैं।43. किस रस में सभी संचारी भावों को आत्मसात् करने का सामर्थ्य होता है- [MPSI (SI) Exam, 08 Sep 2016 (09:00 AM)](a) वात्सल्य रस(b) शान्त रस(c) भयानक रस(d) श्रृंगार रसCorrect Answer: (d) श्रृंगार रसSolution:'श्रृंगार रस' में सभी संचारी भावों को आत्मसात् करने की शक्ति होती है। स्थायी भाव के आते-जाते रहने वाले अन्य भावों को अर्थात् मन के चंचल विचारों को 'संचारी भाव' कहते हैं। संचारी भावों को 'व्यभिचारी भाव' भी कहा जाता है।44. श्रृंगार रस का प्रभुत्व किन संचारियों पर नहीं है? [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र. पुलिस) परीक्षा, 2024](a) जड़ता और व्याधि(b) हर्ष और भास(c) उग्रता और घृणा(d) धृति और दैन्यCorrect Answer: (c) उग्रता और घृणाSolution:श्रृंगार रस के प्रभुत्व उग्रता और घृणा संचारी भावों में नहीं रहते हैं, जबकि जड़ता, व्याधि, हर्ष, मास, धृति तथा दैन्य संचारी भावों में रहते हैं।45. दी गई रसात्मक पंक्तियों में निहित 'रस' के सही विकल्प चुनें। [रेडियो ऑपरेटर (उ.प्र.पुलिस) परीक्षा, 2024]"निर्जन नटि-नटि पुनि लजियावै। छिन रिसाई हँसि सैन बुलावै।।" (a) अद्भुत रस(b) हास्य रस(c) वियोग श्रृंगार(d) संयोग श्रृंगारCorrect Answer: (d) संयोग श्रृंगारSolution:"निर्जन नटि-नटि पुनि लजियावै।छिन रिसाइ हँसि सैन बुलावै।।"इन पंक्तियों में संयोग श्रृंगार रस है। श्रृंगार रस के दो भेद हैं-संयोग श्रृंगार रस तथा विप्रलम्भ श्रृंगार रस।विप्रलम्भ श्रृंगार रस को वियोग श्रृंगार रस भी कहते हैं।46. 'राम को रूप निहारति जानकी कंकन के नग की परछाई' पंक्ति में कौन-सा रस है? [V.D.O. परीक्षा, 2023](a) वात्सल्य रस(b) श्रृंगार रस(c) अद्भुत रस(d) शान्त रसCorrect Answer: (b) श्रृंगार रसSolution:'राम को रूप निहारति जानकी कंकन के नग की परछाई' पंक्ति में श्रृंगार रस है। श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति (प्रेम) है।शृंगाररस के भेद हैं-(1) संयोग श्रृंगार(2) वियोग (विप्रलम्भ) श्रृंगार47. श्रृंगार रस के कितने भेद हैं? [M.P. Professional Exam.18.12.2017](a) 0(b) 1(c) 2(d) 3Correct Answer: (c) 2Solution:श्रृंगार रस के भेद-(1) संयोग श्रृंगार,(2) वियोग श्रृंगार48. किस रस को सभी रसों का अधिपति माना जाता है? [UPPCL JE Exam, 18-फरवरी, 2018 (प्रथम पाली)](a) हास्य रस(b) श्रृंगार रस(c) वीर रस(d) भक्ति रसCorrect Answer: (b) श्रृंगार रसSolution:सभी रसों में सर्वश्रेष्ठ रस 'श्रृंगार रस' को माना गया है। श्रृंगार रस के दो भेद होते हैं (1) संयोग श्रृंगार, (2) वियोग श्रृंगार।49. "राम को रूप निहारति जानकी कंकन के नग की परिछाँहि।" उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा रस है? [P.G.T. परीक्षा, 2011](a) हास्य(b) करुण(c) शान्त(d) श्रृंगारCorrect Answer: (d) श्रृंगारSolution:प्रस्तुत पंक्तियों में श्रृंगार रस है। यह संयोग श्रृंगार का उदाहरण है।50. निम्नलिखित उदाहरणों में से श्रृंगार रस का उदाहरण कौन-सा है? [V.D.O. परीक्षा, 2023](a) गिरता न कभी चेतक-तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था। वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था।।(b) उद्वेलित कर अश्रु-रश्मियाँ हृदय चिताएँ धधकाकर महा महामारी प्रचण्ड हो फैल रही थी इधर-उधर(c) पानी केरा बुदबुदा अस मानस की जात। देखत ही छिप जायगा ज्यों तारा परभात।।(d) पास ही मिलकर उगी है बीच में अलसी हठीली देह की पतली, कमर की है लचीली, नील फूले फूल को सर पर चढ़ाकर कह रही है जो छुए यह दूँ हृदय का दान उसको ।Correct Answer: (d) पास ही मिलकर उगी है बीच में अलसी हठीली देह की पतली, कमर की है लचीली, नील फूले फूल को सर पर चढ़ाकर कह रही है जो छुए यह दूँ हृदय का दान उसको ।Solution:"पास ही मिलकर उगी है दूँ हृदय का दान उसको।" काव्य- पंक्ति श्रृंगार रस का उदाहरण है। श्रृंगार रस का स्थायी भाव रति है। इस रस के दो भेद हैं- संयोग श्रृंगार रस तथा वियोग/विप्रलम्ब श्रृंगार रस।Submit Quiz« Previous12345