राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

Total Questions: 50

1. 2018 में, भारत दुनिया में मूंगफली का ....... उत्पादक था। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) दूसरा सबसे बड़ा
Solution:
  • 2018 में, भारत दुनिया में मूंगफली (Groundnut) का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक था। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • चीन दुनिया में मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक है, और भारत उसके बाद दूसरे स्थान पर आता है।
  • मूंगफली भारत में एक महत्वपूर्ण खरीफ फसल है, और इसका उत्पादन मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में होता है।
  • मूंगफली न केवल खाद्य तेल का एक महत्वपूर्ण स्रोत है बल्कि इसका उपयोग विभिन्न खाद्य उत्पादों और पशु आहार में भी किया जाता है।
  • भारत ने हाल के वर्षों में अपनी कृषि उत्पादकता में सुधार करके वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति बनाए रखी है।
  • वैश्विक स्थिति
    • चीन उस वर्ष मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक था, जिसने लगभग 166 लाख टन का उत्पादन किया।
    • भारत ने करीब 68.57 लाख टन मूंगफली का उत्पादन कर विश्व उत्पादन का महत्वपूर्ण हिस्सा हासिल किया
    • जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 16-17% था।
    • नाइजीरिया, अमेरिका, सूडान, सेनेगल, अर्जेंटीना, म्यांमार, इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देश भी प्रमुख उत्पादक थे।
  • भारत में उत्पादन
    • भारत मूंगफली उत्पादन में क्षेत्रफल के हिसाब से नंबर 1 लेकिन उत्पादन मात्रा में नंबर 2 पर था।
    • गुजरात देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य था, जो कुल भारतीय उत्पादन का 40% हिस्सा देता है।
    • आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान अन्य प्रमुख राज्य थे।
    • मूंगफली मुख्यतः खरीफ फसल है, जिसकी बुआई जून-जुलाई में और कटाई अक्टूबर-नवंबर में होती है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • भारतीय मूंगफली की किस्में बोल्ड (रनर), जावा (स्पेनिश) और रेड नेटल प्रमुख हैं।
    • यह फसल तेल, चटनी, मिठाई और पशु चारे के लिए उपयोगी है।
    • अनुकूल जलवायु और बड़े कृषि क्षेत्रों ने भारत को यह स्थान दिलाया।

2. निम्नलिखित में से किस राज्य में महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास कॉर्पोरेशन लिमिटेड है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) कर्नाटक
Solution:
  • महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास कॉर्पोरेशन लिमिटेड कर्नाटक राज्य में स्थित है।
  • इसलिए, विकल्प  (सही है। इस कॉर्पोरेशन की स्थापना कर्नाटक सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes - ST) समुदाय के लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए की गई थी।
  • इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के बीच उद्यमिता, रोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
  • यह कॉर्पोरेशन विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करता है
  • जो विशेष रूप से इस समुदाय के कल्याण और विकास के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
  • इसका कार्यक्षेत्र कर्नाटक के अनुसूचित जनजाति समुदायों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है।
  • कॉर्पोरेशन का स्थान
    • यह निगम भारत के दक्षिण-पश्चिमी राज्य कर्नाटक में कार्यरत है।
    • कर्नाटक सरकार द्वारा स्थापित यह संगठन राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यालय संचालित करता है
    • जैसे कोडागु जिले में रेसकोर्स रोड पर स्थित डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कार्यालय।
  • स्थापना और उद्देश्य
    • कॉर्पोरेशन की स्थापना 2006 में कर्नाटक में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए की गई थी।
    • इसका मुख्य उद्देश्य एसटी सदस्यों को आय-सृजन वाली गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना, आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
  • गतिविधियाँ
    • निगम जागरूकता कार्यक्रम, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और शैक्षिक सहायता प्रदान करता है।
    • आवश्यकता-आधारित सर्वेक्षण कर विकास योजनाएँ लागू करता है, जिसमें वित्तीय सहायता के अलावा कौशल विकास शामिल है।​
  • हालिया विवाद
    • हाल के वर्षों में कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि एसटी विकास निगम में 89.63 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जाँच चल रही है।
    • कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 2025 में सीबीआई को पूर्ण जाँच का आदेश दिया
    • जिसमें धन के गबन, फर्जी खातों में स्थानांतरण और धन शोधन के आरोप हैं।
    • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी संपत्तियों को कुर्क किया और 2024 लोकसभा चुनाव में धन उपयोग के दावे सामने आए।
  • महर्षि वाल्मीकि का महत्व
    • निगम का नाम संस्कृत के प्रथम कवि महर्षि वाल्मीकि पर पड़ा है
    • जो रामायण के रचयिता हैं।
    • उनका नाम एसटी उत्थान से जुड़ा प्रतीक है, जो सामाजिक न्याय का प्रतिनिधित्व करता है।​

3. 11वीं राष्ट्रीय बीज कांग्रेस ....... में आयोजित की गई थी। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) ग्वालियर
Solution:
  • 11वीं राष्ट्रीय बीज कांग्रेस का आयोजन ग्वालियर में किया गया था। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह आयोजन 2019 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (RVSKVV) में हुआ था।
  • राष्ट्रीय बीज कांग्रेस भारत में बीज उद्योग और कृषि क्षेत्र के हितधारकों को एक साथ लाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
  • इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य बीज उत्पादन, गुणवत्ता, वितरण और कृषि में नई तकनीकों पर चर्चा करना होता है
  • जो अंततः किसानों की आय और फसल की उत्पादकता को बढ़ाने में मदद करता है।
  • आयोजन विवरण
    • यह तीन दिवसीय सम्मेलन 21 से 23 अगस्त 2022 तक चला। इसका मुख्य विषय "सतत कृषि के लिए बीज" था
    • जिसमें उन्नत बीज उत्पादन, विशेष रूप से तिलहनी और दलहनी फसलों पर रणनीति बनाने पर चर्चा हुई।
    • केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसका उद्घाटन किया और विभिन्न पुरस्कार वितरित किए।
  • प्रतिभागी और उद्देश्य
    • सम्मेलन में 2,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें वैज्ञानिक, किसान, बीज उद्योग प्रतिनिधि और नीति निर्माता थे।
    • नए प्रयोगों, भविष्य की आवश्यकताओं और उन्नत बीज नीति पर विचार-विमर्श हुआ।
    • कुलपति प्रो. एस. कोटेश्वरा राव ने स्वागत भाषण दिया
    • जबकि डॉ. आर.सी. अग्रवाल (ICAR) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
  • पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रीय बीज कांग्रेस की शुरुआत 1986 में नई दिल्ली से हुई थी और यह हर दो वर्ष में आयोजित होती है।
    • इस आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय के नए सभागार का नामकरण स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी के नाम पर किया गया
    • स्टेट अकादमी ऑफ एग्रीकल्चरल एंड अलाइड साइंसेस (SAAS) का शुभारंभ हुआ।
  • महत्व
    • यह सम्मेलन बीज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता सुधार और सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
    • बाद के आयोजनों में 13वीं कांग्रेस वाराणसी में 2024 में हुई, लेकिन 11वीं विशेष रूप से ग्वालियर से जुड़ी रही।

4. सुरेश एन. पटेल को अगस्त, 2022 में किस संस्था के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) केंद्रीय सतर्कता आयोग
Solution:
  • सुरेश एन. पटेल को अगस्त, 2022 में केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission - CVC) के अध्यक्ष (केंद्रीय सतर्कता आयुक्त) के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • इसलिए, विकल्प (d) सही है। CVC एक शीर्षस्थ स्वायत्त निकाय है
  • जिसका गठन केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए किया गया था।
  • केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के रूप में, सुरेश एन. पटेल का मुख्य कार्य केंद्र सरकार के संगठनों में भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग से संबंधित शिकायतों की जांच की निगरानी करना और प्रशासनिक प्राधिकरणों को सलाह देना था।
  • यह पद सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • शपथ ग्रहण का विवरण
    • शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में सुबह 10 बजे आयोजित हुआ
    • जहां श्री पटेल ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इससे पहले वे जून 2022 से CVC के कार्यवाहक प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।
    • इस समारोह में उन्होंने खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख अरविंद कुमार और पूर्व IAS अधिकारी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव को भी सतर्कता आयुक्त के पद पर शपथ दिलाई।
    • इससे CVC में अध्यक्ष सहित तीनों प्रमुख पद पूर्ण रूप से भर गए।
  • पृष्ठभूमि और पूर्व अनुभव
    • सुरेश एन. पटेल एक प्रख्यात बैंकर हैं, जिनके पास बैंकिंग क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
    • वे आंध्रा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी निदेशक रह चुके हैं।
    • इसके अलावा, वे भारतीय बैंक संघ की प्रबंधन समिति, नाबार्ड, आंध्र प्रदेश राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, तथा बैंकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (BIRD) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
    • अप्रैल 2020 से पहले वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के विनियमन एवं पर्यवेक्षण विभाग, भुगतान एवं निपटान प्रणाली बोर्ड के स्थायी सदस्य तथा बैंकिंग एंड फाइनेंशियल फ्रॉड एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य थे।
    • 2020 में उन्हें सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया गया था।
  • केंद्रीय सतर्कता आयोग का महत्व
    • CVC भारत सरकार का सर्वोच्च सतर्कता प्राधिकरण है, जो सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता है।
    • 1964 में के. संथानम समिति की सिफारिशों पर स्थापित यह आयोग केंद्र सरकार की एजेंसियों को सतर्कता संबंधी सलाह देता है।
    • इसमें एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (अध्यक्ष) और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त (सदस्य) होते हैं।
    • पटेल की नियुक्ति से पहले यह पद लगभग एक वर्ष से रिक्त था, जिसकी पूर्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने की।

5. मई, 2022 में रेलटेल (Rail Tel) ने ....... पर आधारित PM-WANI लांच किया। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 100 रेलवे स्टेशनों पर इसके वाईफाई की सुविधा
Solution:
  • मई, 2022 में रेलटेल (RailTel) ने 100 रेलवे स्टेशनों पर इसके वाईफाई की सुविधा पर आधारित PM-WANI (प्रधान मंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफ़ेस) लॉन्च किया।
  • इसलिए, विकल्प (d) सही है। PM-WANI एक ऐसा फ्रेमवर्क है
  • जिसका उद्देश्य सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट के माध्यम से ब्रॉडबैंड इंटरनेट की उपलब्धता को बढ़ाना है।
  • रेलटेल ने अपनी 'रेलवायर' (RailWire) वाई-फाई सुविधा का उपयोग करके, देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई सेवाओं की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए इस पहल को लागू किया।
  • यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा देने और दूरदराज के क्षेत्रों सहित आम जनता तक किफायती इंटरनेट पहुंच प्रदान करने में सहायक है।
  • पीएम-वानी योजना क्या है?
    • पीएम-वानी (प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है
    • जो पूरे देश में सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट्स को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई।
    • यह योजना पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) और PDO एग्रीगेटर्स (PDOAs) के माध्यम से छोटे व्यवसायों और व्यक्तियों को वाई-फाई सेवाएं प्रदान करने की सुविधा देती है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती इंटरनेट पहुंच सुनिश्चित करना है।
  • लॉन्च की मुख्य विशेषताएं
    • रेलटेल ने 9 मई 2022 को यह सेवा लॉन्च की, जो 22 राज्यों के 100 रेलवे स्टेशनों पर शुरू हुई।
    • रेलटेल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत चावला ने इसका उद्घाटन किया।
    • एंड्रॉयड यूजर्स के लिए 'Wi-DOT' ऐप (गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध, C-DOT के सहयोग से विकसित) के जरिए इस वाई-फाई को एक्सेस किया जा सकता है।
    • यह OTP-आधारित वन-टाइम KYC के साथ सुरक्षित और आसान लॉगिन प्रदान करता है।
  • विस्तार योजना
    • शुरुआत में 100 स्टेशनों पर लॉन्च के बाद, इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना थी।
    • जून 2022 के अंत तक सभी 6,102 रेलवे स्टेशनों (जहां पहले से वाई-फाई उपलब्ध था
    • इसे विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया—10 जून तक 1,000 स्टेशन, 20 जून तक 3,000 और 30 जून तक सभी। रेलटेल के पास उस समय 17,792 वाई-फाई हॉटस्पॉट्स थे
    • जो दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क्स में से एक है।
  • रेलटेल की भूमिका
    • रेलटेल एक मिनी रत्न PSU है, जो रेल मंत्रालय के अधीन काम करती है
    • रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करती है।
    • इस लॉन्च ने रेलटेल के मौजूदा वाई-फाई को PM-WANI फ्रेमवर्क से जोड़ दिया
    • जिससे यात्रियों को मुफ्त या सस्ती हाई-स्पीड इंटरनेट मिला।
    • यह ग्रामीण स्टेशनों पर विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ
    • जहां OTT कंटेंट और अन्य सेवाओं का लाभ आसानी से लिया जा सके।
  • लाभ और प्रभाव
    • यात्रियों को स्टेशनों पर OTP-बेस्ड आसान पहुंच।
    • छोटे PDOs के लिए अवसर, जिससे रोजगार बढ़े।
    • देशव्यापी वाई-फाई कवरेज मजबूत हो।​

6. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ....... में आयोजित संयुक्त राष्ट्र विश्व भू-स्थानिक सूचना कांग्रेस (UNWGIC), 2022 का उद्घाटन किया था। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) हैदराबाद
Solution:
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित संयुक्त राष्ट्र विश्व भू-स्थानिक सूचना कांग्रेस (UNWGIC), 2022 का उद्घाटन किया था।
  • इसलिए, विकल्प (c) सही है। यह कांग्रेस अक्टूबर 2022 में आयोजित की गई थी और इसका थीम "वैश्विक गांव को भू-सक्षम बनाना: कोई भी पीछे न छूटे" था।
  • इस आयोजन में दुनिया भर के भू-स्थानिक विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग के नेताओं ने भाग लिया।
  • इसका उद्देश्य भू-स्थानिक सूचना के उपयोग के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के तरीकों पर चर्चा करना था।
  • भारत के लिए यह वैश्विक स्तर पर अपनी भू-स्थानिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।
  • आयोजन का विवरण
    • यह दूसरी UNWGIC सम्मेलन 10 से 14 अक्टूबर 2022 तक हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था
    • जिसका उद्घाटन पीएम मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से किया।
    • सम्मेलन का थीम "Geo-Enabling the Global Village: No one should be left behind" था, जो भू-स्थानिक तकनीक के माध्यम से वैश्विक समावेशिता पर केंद्रित था।
    • यह आयोजन संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक भू-स्थानिक सूचना प्रबंधन विशेषज्ञ समिति (UN-GGIM) द्वारा हर चार वर्ष में आयोजित किया जाता है, और पहला संस्करण 2018 में चीन में हुआ था।
  • पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें
    • पीएम मोदी ने अपने संदेश में भारत की 'अंत्योदय' दृष्टि पर जोर दिया, जिसका अर्थ है
    • अंतिम व्यक्ति तक सशक्तिकरण। उन्होंने बताया कि भारत ने 45 करोड़ असंबंधित लोगों को बैंकिंग से जोड़ा (जो अमेरिका की आबादी से अधिक है
    • 13.5 करोड़ लोगों को बीमा दिया (फ्रांस की आबादी दोगुनी), 11 करोड़ परिवारों को स्वच्छता सुविधा और 6 करोड़ से अधिक घरों को नल जल कनेक्शन प्रदान किया।
    • इसके अलावा, JAM ट्रिनिटी (जन धन, आधार, मोबाइल) ने 80 करोड़ लोगों को सीधे लाभ पहुंचाया और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को तकनीकी प्लेटफॉर्म ने संचालित किया।​
  • भू-स्थानिक तकनीक का महत्व
    • भू-स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी में GIS, रिमोट सेंसिंग और GPS जैसी तकनीकें शामिल हैं
    • जो शहरी नियोजन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी और नेविगेशन में उपयोगी हैं।
    • भारत ने इस क्षेत्र में ISRO जैसी संस्थाओं के माध्यम से प्रगति की है
    • सम्मेलन ने सदस्य देशों, निजी क्षेत्र, अकादमिक जगत व अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर फोकस किया।
    • पीएम ने तकनीक और प्रतिभा को भारत के विकास के दो स्तंभ बताया।
  • भारत की भूमिका और उपलब्धियां
    • भारत ने भू-स्थानिक पारिस्थितिकी तंत्र का लोकतंत्रीकरण किया है, जिससे घरेलू नवाचार बढ़ा और कंपनियां वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनीं।
    • सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की योजनाएं सुनिश्चित करती हैं
    • कोई पीछे न छूटे। यह आयोजन भारत को भू-स्थानिक क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

7. सितंबर, 2022 में ....... द्वारा VSHORADS मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
Solution:
  • यह कम दूरी पर मौजूद हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • इसका सफल परीक्षण भारतीय सशस्त्र बलों की हवाई सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
  • इस मिसाइल प्रणाली की विशेषताएँ इसे कम ऊँचाई पर आने वाले खतरों से निपटने के लिए अत्यधिक प्रभावी बनाती हैं, जिससे यह युद्ध के मैदान में एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन जाती है।
  • DRDO ने किया VSHORADS मिसाइल का सफल परीक्षण
    • सितंबर 2022 में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा VSHORADS मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।
    • यह परीक्षण 27 सितंबर 2022 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (Integrated Test Range) से ग्राउंड-आधारित पोर्टेबल लॉन्चर के माध्यम से संपन्न हुआ।
  • परीक्षण का विवरण
    • DRDO ने इस दौरान दो लगातार उड़ान परीक्षण (flight tests) किए, जो पूरी तरह से मिशन उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रहे।
    • VSHORADS एक मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPAD) है
    • जिसे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरों जैसे ड्रोन या विमानों को तटस्थ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • परीक्षणों में मिसाइल ने छोटी दूरी पर लक्ष्यों को सटीकता से भेदा, जिसमें डुअल थ्रस्ट सॉलिड मोटर की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • VSHORADS में कई नई तकनीकें शामिल हैं, जैसे मिनिएचराइज्ड रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS) और इंटीग्रेटेड एवियोनिक्स, जिनकी क्षमता इन परीक्षणों में सिद्ध हुई।
    • मिसाइल का डिज़ाइन और लॉन्चर इतना अनुकूलित है कि इसे आसानी से ले जाया जा सके, जो इसे सैनिकों के लिए व्यावहारिक बनाता है।
    • यह स्वदेशी मिसाइल हैदराबाद के रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) द्वारा अन्य DRDO लैब्स और भारतीय उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकसित की गई।
  • विकास पृष्ठभूमि
    • DRDO भारत का प्रमुख रक्षा अनुसंधान संगठन है, जो 1958 में स्थापित हुआ और नई दिल्ली से संचालित होता है।
    • VSHORADS का विकास भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की कम दूरी की वायु रक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया।
    • परीक्षणों के बाद रक्षा मंत्रालय ने DRDO और सशस्त्र बलों को बधाई दी, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है।
  • बाद के परीक्षण
    • इसके बाद DRDO ने VSHORADS के और परीक्षण किए, जैसे मार्च 2023 और जनवरी 2025 में चांदीपुर से
    • जहां ड्रोन जैसे कम थर्मल सिग्नेचर वाले लक्ष्यों को नष्ट किया गया।
    • टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग से क्षमताओं की पुष्टि हुई। यह सिस्टम देश की वायु सुरक्षा को मजबूत करने में सक्षम है।

8. निम्नलिखित में से कौन-सा हवाई अड्डा पूरी तरह से हाइड्रो और सौर ऊर्जा से संचालित होने वाला भारत का पहला हवाई अड्डा बन गया है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली
Solution:
  • हवाई अड्डे ने अपनी ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए साइट पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों और एक हाइड्रो-पावर उत्पादन संयंत्र के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते (PPAs) का उपयोग किया।
  • यह भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए हरित ऊर्जा अपनाने की दिशा में एक मिसाल कायम करता है।
  • उपलब्धि का विवरण
    • यह उपलब्धि जून 2022 में हासिल की गई, जब 1 जून से हवाई अड्डे की पूरी बिजली आवश्यकता को नवीकरणीय स्रोतों से पूरा किया जाने लगा।
    • लगभग 6% ऊर्जा हवाई अड्डे के परिसर में स्थित सौर ऊर्जा संयंत्रों से आ रही है, जबकि शेष 94% हिमाचल प्रदेश स्थित जलविद्युत संयंत्र से प्राप्त हो रही है।
    • दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने हिमाचल की एक जलविद्युत कंपनी के साथ 2036 तक लंबी अवधि का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) किया है।​
  • सौर ऊर्जा व्यवस्था
    • IGI एयरपोर्ट पर 7.84 MW का एयरसाइड सौर संयंत्र और हाल ही में कार्गो टर्मिनल पर 5.3 MW का रूफटॉप सौर संयंत्र स्थापित किया गया है।
    • ये संयंत्र स्टेकहोल्डर्स के सहयोग से विकसित हुए।
    • इससे सालाना लगभग 2 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।​
  • पर्यावरणीय महत्व
    • DIAL ने 2030 तक नेट जीरो कार्बन एमिशन हवाई अड्डा बनाने का लक्ष्य रखा है, जो वैश्विक लक्ष्य 2050 से बहुत पहले है।
    • पहले से सौर ऊर्जा का उपयोग हो रहा था, लेकिन हाइड्रो के साथ संयोजन ने इसे पूरी तरह नवीकरणीय बना दिया।
    • CEO विदेह कुमार जयपुरियार ने इसे हरित ऊर्जा कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धि बताया।​
  • अन्य हवाई अड्डों से तुलना
    • कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट 2015 में पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला हवाई अड्डा बना
    • लेकिन हाइड्रो शामिल नहीं था। लेह एयरपोर्ट जुलाई 2026 तक भू-तापीय और सौर ऊर्जा वाला पहला बनने की योजना में है
    • लेकिन अभी यह पूर्ण नहीं हुआ। इस प्रकार, हाइड्रो और सौर दोनों से संचालित होने का श्रेय IGI को जाता है।​

9. भारतीय मानक ब्यूरो किस केंद्रीय मंत्रालय के तत्वावधान में कार्य करने वाला एक वैधानिक निकाय है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
Solution:
  • भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तत्वावधान में कार्य करने वाला एक वैधानिक निकाय है।
  • इसलिए, विकल्प (c) सही है। BIS भारत में मानकीकरण, अंकन (हॉलमार्किंग), और गुणवत्ता प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) के लिए राष्ट्रीय मानक निकाय है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य वस्तुओं के मानकीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन के माध्यम से उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।
  • यह विभिन्न उत्पादों के लिए भारतीय मानक (Indian Standards) विकसित और प्रकाशित करता है
  • जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त हो सकें और उद्योगों को व्यापार में आसानी हो।
  • स्थापना एवं कानूनी आधार
    • BIS की स्थापना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 के तहत 23 दिसंबर 1986 को की गई थी
    • हालांकि कुछ स्रोतों में 1 अप्रैल 1987 को कार्य शुरू करने की तिथि उल्लिखित है।
    • पहले इसे भारतीय मानक संस्थान (ISI) के नाम से जाना जाता था
    • जिसकी जड़ें 1947 में हैं। यह अधिनियम 2016 में संशोधित हुआ, जिसने इसके कार्यों को और मजबूत किया।
  • संगठनात्मक संरचना
    • BIS का मुख्यालय मानेक भवन, नई दिल्ली में स्थित है।
    • इसका महानिदेशक प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी होता है (वर्तमान में प्रमोद कुमार तिवारी)।
    • यह मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग के अधीन आता है
    • राष्ट्रीय स्तर पर 5 क्षेत्रीय कार्यालयों, 33 ब्रांच कार्यालयों एवं अनेक प्रयोगशालाओं के माध्यम से कार्य करता है।
    • बोर्ड ऑफ BIS में उद्योग प्रतिनिधि, वैज्ञानिक, उपभोक्ता संगठन एवं सरकारी अधिकारी शामिल होते हैं।
  • प्रमुख कार्य एवं जिम्मेदारियां
    • BIS के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
    • उत्पादों, सेवाओं, प्रक्रियाओं एवं विधियों के लिए भारतीय मानक (IS) तैयार करना, प्रकाशित करना एवं लागू करना।
    • ISI मार्क, हॉलमार्किंग जैसी अनुरूपता मूल्यांकन योजनाएं संचालित करना, जो उपभोक्ताओं को गुणवत्ता वाली वस्तुएं उपलब्ध कराती हैं।
    • प्रयोगशालाओं को मान्यता प्रदान करना तथा अंतरराष्ट्रीय मानक निकायों जैसे ISO एवं IEC में भारत का प्रतिनिधित्व करना।
    • आयातित एवं स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता जांच, विशेषकर आग्निरोधी सामग्री, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) एवं उपभोक्ता उत्पादों के लिए।
    • उपभोक्ता स्वास्थ्य जोखिम कम करना एवं उत्पाद विश्वसनीयता सुनिश्चित करना।
    • BIS ने हाल के वर्षों में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) लागू कर घटिया आयात रोकने में भूमिका निभाई है। यह 'मेक इन इंडिया' एवं 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देता है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • BIS की नींव 1947 में ISI के रूप में पड़ी, जो स्वतंत्र भारत के औद्योगिक विकास का हिस्सा था।
    • 1986 के अधिनियम ने इसे वैधानिक रूप प्रदान किया, जबकि 2016 का संशोधन ने इसे आधुनिक चुनौतियों जैसे डिजिटल उत्पादों के लिए अनुकूल बनाया।
    • आज यह 20,000 से अधिक मानक विकसित कर चुका है।

10. नवंबर, 2022 तक भारत का पहला नागरिक कौन है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) द्रौपदी मुर्मु
Solution:
  • नवंबर, 2022 तक, भारत का पहला नागरिक द्रौपदी मुर्मु थीं। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • भारत का पहला नागरिक देश का राष्ट्रपति होता है। द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2022 में भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
  • राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख होता है और भारतीय नागरिकता में सर्वोच्च स्थान रखता है।
  • इसलिए, वह औपचारिक रूप से देश का पहला नागरिक होता है। राष्ट्रपति राष्ट्र की एकता, अखंडता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है।
  • राष्ट्रपति का स्थान
    • भारत का राष्ट्रपति संवैधानिक रूप से देश का प्रथम नागरिक माना जाता है। वे राज्य का नाममात्र प्रमुख होते हैं
    • भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ भी। यह पदभारत के गणराज्य की एकता, अखंडता और प्रतीक के रूप में कार्य करता है।
  • द्रौपदी मुर्मू का चयन
    • द्रौपदी मुर्मू को 25 जुलाई 2022 को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई थी। वे स्वतंत्र भारत में जन्मी पहली राष्ट्रपति हैं
    • जिनका जन्म 20 जून 1958 को हुआ था। प्रतिभा पाटिल के बाद दूसरी महिला राष्ट्रपति होने के साथ ही वे आदिवासी समुदाय की पहली राष्ट्रपति भी हैं।​
  • प्रथम नागरिक की परंपरा
    • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार देश में एक राष्ट्रपति होता है।
    • राष्ट्रपति नई दिल्ली के रायसीना हिल पर स्थित राष्ट्रपति भवन में रहते हैं।
    • सभी कार्यकारी कार्रवाई उनके नाम पर होती है, हालांकि वास्तविक शक्तियां प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के पास होती हैं।
  • नागरिकता क्रम
    • भारत के आधिकारिक वरीयता क्रम में:
    • 1: राष्ट्रपति
    • 2: उपराष्ट्रपति
    • 3: प्रधानमंत्री
    • 4: राज्यपाल (अपने राज्य में)
    • 5: पूर्व राष्ट्रपति
    • आम नागरिक का स्थान 27वां होता है।