राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

Total Questions: 50

11. अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निम्नलिखित में से किस गलियारे (corridors) का उद्घाटन किया गया था? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) महाकाल लोक गलियारा
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महाकाल लोक गलियारा (Mahakal Lok Corridor) का उद्घाटन किया गया था। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • यह गलियारा मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के परिसर के विस्तार और सौंदर्यीकरण परियोजना का हिस्सा है। महाकाल लोक, जिसकी लंबाई 900 मीटर से अधिक है,
  • मंदिर के आसपास के क्षेत्र को एक विशाल, सुंदर और आधुनिक तीर्थस्थल परिसर में बदल देता है।
  • इसमें मूर्तियों, भित्ति चित्रों और भव्य द्वारों के माध्यम से भगवान शिव और अन्य पौराणिक कथाओं का चित्रण किया गया है।
  • इसका उद्देश्य उज्जैन को एक विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।
  • उद्घाटन विवरण
    • प्रधानमंत्री मोदी ने उज्जैन पहुंचकर पहले महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की, फिर इस परियोजना का लोकार्पण किया।
    • मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
    • यह उद्घाटन एक भव्य समारोह में हुआ, जहां पीएम ने अपने भाषण में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया।​​
  • परियोजना की विशेषताएं
    • महाकाल लोक कॉरिडोर लगभग 900 मीटर लंबा है और कुल परियोजना की लागत 856 करोड़ रुपये है
    • जिसमें पहला चरण 351 करोड़ रुपये में पूरा हुआ। यह रुद्रसागर झील के किनारे विकसित किया गया
    • जिसमें थीम पार्क, हेरिटेज मॉल, ई-ट्रांसपोर्ट सुविधाएं और विश्वस्तरीय आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
    • कुल क्षेत्रफल 47 हेक्टेयर है, जो तीर्थयात्रियों को बेहतर दर्शन और सुविधा प्रदान करता है।​
  • अन्य विकल्पों से अंतर
    • चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: यह औद्योगिक परियोजना है, जिसका कोई एकल उद्घाटन अक्टूबर 2022 में नहीं हुआ।​
    • काशी कॉरिडोर (काशी विश्वनाथ कॉरिडोर): इसका उद्घाटन दिसंबर 2021 में पीएम मोदी द्वारा ही किया गया था।​
    • नॉर्थ ईस्ट इकनोमिक कॉरिडोर: यह व्यापक आर्थिक पहल है, न कि अक्टूबर 2022 में उद्घाटित कोई विशिष्ट गलियारा।​

12. निम्नलिखित में से किस कंपनी ने सितंबर, 2022 में मूनलाइटिंग के आरोपों के तहत लगभग 300 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) विप्रो
Solution:
  • सितंबर, 2022 में विप्रो कंपनी ने मूनलाइटिंग (Moonlighting) के आरोपों के तहत लगभग 300 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • मूनलाइटिंग का अर्थ है एक कर्मचारी का अपनी प्राथमिक नौकरी के अलावा, गुप्त रूप से किसी अन्य कंपनी के लिए काम करना या कोई अन्य साइड प्रोजेक्ट चलाना।
  • विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने इसे कंपनी के साथ विश्वासघात (Integrity Violation) बताया था।
  • आईटी क्षेत्र में यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा, क्योंकि कई कंपनियों ने कर्मचारियों को उनके प्राथमिक नियोक्ता की जानकारी के बिना दूसरी नौकरी करने पर आपत्ति जताई।
  • कंपनी ने तर्क दिया कि यह न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि इससे हितो का टकराव (conflict of interest) भी हो सकता है।
  • घटना का विवरण
    •  कंपनी के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में बताया कि पिछले कुछ महीनों में
    • उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जो विप्रो के साथ-साथ प्रतिद्वंद्वी कंपनियों (जैसे इंफोसिस या TCS) के लिए भी काम कर रहे थे।
    • प्रेमजी ने इसे "स्पष्ट धोखाधड़ी" करार दिया और कहा कि कंपनी में ऐसी प्रथा के लिए कोई जगह नहीं।
  • मूनलाइटिंग क्या है?
    • मूनलाइटिंग का मतलब है पूर्णकालिक नौकरी के साथ-साथ गुप्त रूप से दूसरी नौकरी या फ्रीलांस काम करना
    • खासकर प्रतिस्पर्धी फर्मों के लिए। कोविड-19 महामारी के बाद रिमोट वर्क बढ़ने से यह ट्रेंड लोकप्रिय हुआ
    • लेकिन IT कंपनियां इसे गोपनीयता, सुरक्षा और संघर्ष हित (conflict of interest) का उल्लंघन मानती हैं।
    • विप्रो ने इसे "अखंडता के उल्लंघन" के रूप में देखा, क्योंकि कर्मचारी क्लाइंट डेटा या समय साझा कर सकते थे।
  • कार्रवाई का कारण और प्रभाव
    • विप्रो ने कर्मचारियों की LinkedIn प्रोफाइल और अन्य डेटा से जांच की, जिससे 300 लोग पकड़े गए।
    • प्रेमजी ने ट्विटर पर पहले ही चेतावनी दी थी कि मूनलाइटिंग चीटिंग है; वीकेंड पर बैंड बजाना अलग है, लेकिन प्रतिद्वंद्वी के लिए काम करना नहीं।​
    • यह IT सेक्टर में पहली बड़ी कार्रवाई थी, जिसने बहस छेड़ दी।
    • इंफोसिस ने ईमेल भेजकर चेताया कि डुअल एम्प्लॉयमेंट बर्दाश्त नहीं, जबकि IBM ने इसे अनैतिक कहा।

13. निम्नलिखित में से किसने सितंबर, 2022 में ई-बाल निदान ऑनलाइन पोर्टल को नया रूप दिया है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
Solution:
  • सितंबर, 2022 में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) द्वारा ई-बाल निदान ऑनलाइन पोर्टल को नया रूप दिया गया था। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • ई-बाल निदान एक ऐसा तंत्र है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।
  • NCPCR ने इस पोर्टल को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और शिकायत-ट्रैकिंग में बेहतर बनाने के लिए इसे नया रूप दिया
  • जिससे बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
  • यह पोर्टल आयोग को बाल अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों को प्रभावी ढंग से संसाधित करने और उनका समाधान करने में मदद करता है।
  • पोर्टल का परिचय
    • ई-बाल निदान एक ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली है
    • जिसे 2015 में NCPCR ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग (CPCR) अधिनियम, 2005 की धारा 13 के तहत विकसित किया था।
    • यह पोर्टल पर उपलब्ध है और किसी भी व्यक्ति को बच्चे के अधिकारों के उल्लंघन (जैसे शिक्षा, श्रम, POCSO या किशोर न्याय से जुड़े मामले) की शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है।
    • शिकायत दर्ज करने पर तुरंत एक पंजीकरण संख्या मिलती है, जिससे स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
  • सितंबर 2022 के अपडेट का कारण
    • NCPCR ने सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोगों (SCPCR) के साथ बेहतर समन्वय के लिए पोर्टल को अपग्रेड किया।
    • 14 सितंबर 2022 को PIB प्रेस रिलीज में घोषणा की गई कि यह बदलाव शिकायत निपटान को तेज, पारदर्शी और यंत्रीकृत बनाने के लिए किया गया।
    • इससे NCPCR और SCPCR के बीच सहयोग मजबूत हुआ, क्योंकि राज्य आयोगों को यूजर आईडी-पासवर्ड देकर पोर्टल एक्सेस प्रदान किया गया।
  • नई विशेषताएँ
    • नए रूप में कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ जोड़ी गईं:
    • शिकायतों का स्वचालित वर्गीकरण: प्रकृति के आधार पर श्रेणियाँ जैसे बाल अपराध न्याय, POCSO, बाल श्रम, शिक्षा आदि में विभाजन।
    • आंतरिक निगरानी और हस्तांतरण: NCPCR से SCPCR को शिकायतें ट्रांसफर करने का विकल्प, साथ ही संयुक्त जांच की सुविधा।
    • ट्रैकिंग में सुधार: हर स्तर पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और समयबद्ध निपटान।
    • ये बदलाव शिकायतकर्ताओं के लिए आसान और आयोगों के लिए कुशल बनाते हैं, बिना किसी लागत के ऑनलाइन प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए।
  • NCPCR की भूमिका
    • NCPCR महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन वैधानिक निकाय है
    • जो बाल अधिकारों की रक्षा, कानूनों की समीक्षा और प्रभावी कार्यान्वयन की सिफारिश करता है।
    • यह पोर्टल शिकायतों को पारदर्शी तरीके से हल करने का माध्यम है
    • जिसमें घटना विवरण, पीड़ित जानकारी, कार्रवाई की स्थिति आदि दर्ज होती है।
    • अपडेट के बाद से यह राज्य स्तर पर विस्तारित हो गया, जिससे बाल अधिकार उल्लंघनों का त्वरित समाधान संभव हुआ।

14. अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस राज्य में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) हिमाचल प्रदेश
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश राज्य में बल्क ड्रग पार्क (Bulk Drug Park) की आधारशिला रखी। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह पार्क हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थापित किया जा रहा है।
  • इसका उद्देश्य भारत को थोक दवाओं (Bulk Drugs) यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (APIs) के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है, जिस पर भारत बड़े पैमाने पर आयात के लिए निर्भर करता है।
  • यह पहल फार्मास्युटिकल क्षेत्र में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देगी, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगी, और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगी।
  • यह भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत एक प्रमुख परियोजना है।
  • घटना का विवरण
    • प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान ऊना पहुंचकर बल्क ड्रग पार्क का शिलान्यास किया
    • साथ ही भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना को राष्ट्र को समर्पित किया।
    • उन्होंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक जनसभा को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने इस पार्क को आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा बताया।
    • इस अवसर पर उन्होंने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई।
  • बल्क ड्रग पार्क का महत्व
    • यह पार्क सक्रिय फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) और की ड्रग्स के उत्पादन के लिए बनाया जा रहा है, जो दवाओं की कच्ची सामग्री प्रदान करेगा।
    • परियोजना की लागत 1,900 करोड़ रुपये से अधिक है, जिससे लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा और 20,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
    • यह चीन जैसे देशों पर निर्भरता घटाकर भारत को फार्मा हब बनाने में मदद करेगा।
    • केंद्र सरकार ने 2020-21 में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत तीन पार्कों को मंजूरी दी थी।
    • गुजरात में पहला पार्क 10 अक्टूबर 2022 को शुरू हुआ, जबकि हिमाचल का यह दूसरा है।​
  • पृष्ठभूमि और प्रभाव
    • यह शिलान्यास हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हुआ, जो राज्य के विकास को गति देगा।
    • पीआईबी के अनुसार, मोदी ने कनेक्टिविटी और शिक्षा पर जोर दिया
    • जैसे नंगल बांध-तलवाड़ा रेल लाइन। राज्य पहले से फार्मा उद्योग का केंद्र रहा है, और यह पार्क इसे मजबूत करेगा।

15. रंजुमोनी सैकिया (Ranjumoni Saikia) को किस शास्त्रीय नृत्य में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2019 से सम्मानित किया गया? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) सत्रिया
Solution:
  • रंजुमोनी सैकिया को सत्रिया  शास्त्रीय नृत्य में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2019 से सम्मानित किया गया। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • सत्रिया असम का एक प्रमुख शास्त्रीय नृत्य रूप है, जिसकी शुरुआत 15वीं शताब्दी में महान वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने की थी।
  • रंजुमोनी सैकिया सत्रिया नृत्य की एक प्रख्यात प्रतिपादक हैं और उन्होंने इस नृत्य शैली के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदर्शन कला के क्षेत्र में कलाकारों को दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च सम्मान है।
  • पुरस्कार का विवरण
    • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भारत के प्रदर्शन कला क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान है, जो 1952 में स्थापित हुआ।
    • यह संगीत, नृत्य और नाटक के कलाकारों, शिक्षकों व विद्वानों को दिया जाता है।
    • 2019 के लिए घोषणा 26 नवंबर 2021 को हुई, जिसमें कुल 168 विजेताओं में असम से सत्त्रिया नृत्यांगना रंजुमोनी सैकिया का नाम प्रमुख था।
    • अन्य असम कलाकारों में प्रांजल सैकिया (अभिनेता), अविनाश शर्मा (निर्देशक), गुणिंद्र नाथ ओझा (नाट्य कलाकार) और प्रशन्ना गोगोई (लोक कलाकार) शामिल थे।
    • पुरस्कार में 50,000 रुपये नकद, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्रम और ताम्र पत्र शामिल होता है।
  • सत्त्रिया नृत्य का परिचय
    • सत्त्रिया भारत के आठ मान्यता प्राप्त शास्त्रीय नृत्यों में से एक है, जिसकी उत्पत्ति असम राज्य से हुई।
    • यह भक्ति प्रधान नृत्य रूप है, जो असम के सत्रों (मठों) में विकसित हुआ और वैष्णव परंपरा से जुड़ा है।
    • 15वीं शताब्दी में संत शंकरदेव ने इसे नाट्य रूप में स्थापित किया
    • जो राम-कृष्ण भक्ति कथाओं पर आधारित है। 2000 में संगीत नाटक अकादमी ने इसे शास्त्रीय नृत्य का दर्जा दिया।
  • रंजुमोनी सैकिया का योगदान
    • रंजुमोनी सैकिया सत्त्रिया की प्रमुख प्रचारक हैं, जिन्होंने इस नृत्य को मठों से बाहर लाकर वैश्विक मंचों तक पहुंचाया।
    • उनका प्रदर्शन वैष्णव विषयों, कथात्मक अभिनय और नृत्य तत्वों पर केंद्रित रहता है।
    • यह पुरस्कार उनके लंबे समय के समर्पण, शिक्षण और प्रदर्शन के लिए दिया गया।

16. भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित सिंगापुर और भारतीय नौसेना के द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास (सिम्बेक्स) 2022 के 29वें संस्करण का बंदरगाह पर तटीय अभ्यास ....... में आयोजित किया गया था। [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) विशाखापत्तनम
Solution:
  • भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित सिंगापुर और भारतीय नौसेना के द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास (सिम्बेक्स) 2022 के 29वें संस्करण का बंदरगाह पर तटीय अभ्यास विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया था।
  • इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • 2022 में, विशाखापत्तनम ने बंदरगाह चरण (Harbour Phase) की मेजबानी की, जिसके बाद बंगाल की खाड़ी में समुद्री चरण (Sea Phase) आयोजित किया गया।
  • यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं को सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करता है।
  • अभ्यास का अवलोकन
    • यह अभ्यास दो चरणों में विभाजित था: पहला चरण बंदरगाह (हार्बर फेज) 26-27 अक्टूबर को विशाखापत्तनम में और दूसरा चरण समुद्री (सी फेज) 28-30 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी में।
    • इसका मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग, अंतरसंचालनीयता और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना था।​
  • भाग लेने वाली इकाइयाँ
    • भारतीय नौसेना की ओर से आईएनएस विशाखा जैसे जहाजों ने भाग लिया, जबकि सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आरएसएन) के दो जहाज आरएसएस पर्शियन और आरएसएस पनिपत शामिल हुए।
    • अभ्यास में वायु रक्षा, पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), समुद्री सुरक्षा संचालन, खोज एवं बचाव (एसएआर) जैसी उन्नत गतिविधियाँ शामिल रहीं।
    • पूर्वी नौसेना कमान ने इसकी मेजबानी की, जो विशाखापत्तनम का घरेलू आधार है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • सिम्बेक्स की शुरुआत 1994 में हुई थी, जो भारत और सिंगापुर के बीच सबसे लंबे निरंतर द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक है।
    • 2022 तक यह 29वां संस्करण था, जो हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
    • बाद के संस्करणों में जैसे 2024 (31वां) और 2025 में भी इसी तरह के चरणों का पालन हुआ।
  • महत्वपूर्ण परिणाम
    • अभ्यास ने दोनों नौसेनाओं की संयुक्त क्षमताओं का परीक्षण किया, जिसमें सामरिक युद्धाभ्यास और सीमैनशिप शामिल थे।
    • यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए भारत-सिंगापुर साझेदारी को मजबूत करता है।
    • कुल मिलाकर, सिम्बेक्स श्रृंखला समुद्री खतरों से निपटने में दोनों देशों की तत्परता को बढ़ाती है।

17. 21 अप्रैल, 2023 को किस राज्य विधानसभा ने कारखाना अधिनियम, 1948 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पारित किया, जिसमें सुविधाजनक काम के घंटे और कारखाने के कर्मचारियों के काम के घंटे 8 से 12 घंटे तक बढ़ाए गए? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) तमिलनाडु विधानसभा
Solution:
  • 21 अप्रैल, 2023 को तमिलनाडु विधानसभा ने कारखाना अधिनियम, 1948 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पारित किया। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • इस विधेयक का उद्देश्य सुविधाजनक काम के घंटे (Flexible working hours) प्रदान करना और कारखाने के कर्मचारियों के काम के घंटे 8 से 12 घंटे तक बढ़ाना था।
  • यह संशोधन मुख्य रूप से कुछ उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया था
  • जिससे महिला श्रमिकों को भी रात की पाली में काम करने की अनुमति मिल सके।
  • हालाँकि, इस कदम का कई श्रमिक संघों ने विरोध भी किया, जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इसे लागू करने पर रोक लगा दी।
  • संशोधन के मुख्य प्रावधान
    • लचीले घंटे: कारखाने अब 12 घंटे की शिफ्ट चला सकते हैं, जिसमें पर्याप्त आराम अंतराल, ओवरटाइम भत्ते और सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
    • उद्योग मंत्री तंगम थेनारसु ने कहा कि कर्मचारी सप्ताह में 4 दिन 12 घंटे काम कर 3 दिन छुट्टी ले सकते हैं, जो महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकता है।
    • कुल घंटों की सीमा: साप्ताहिक 48 घंटे की सीमा अपरिवर्तित रहेगी, साथ ही छुट्टियों, ओवरटाइम वेतन और अन्य मौजूदा नियम लागू रहेंगे।​
    • श्रमिक सुरक्षा: विस्तारित घंटों वाले कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान जोड़े गए हैं, और जबरन काम कराने पर कारखानों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
  • उद्देश्य और पृष्ठभूमि
    • यह बदलाव राज्य के विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और अधिक रोजगार सृजन के लिए लाया गया।
    • तमिलनाडु सरकार का मानना था कि इससे निवेश आकर्षित होगा
    • लेकिन विपक्ष ने श्रमिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और काम-जीवन संतुलन पर असर की आशंका जताई।
  • विवाद और आलोचना
    • श्रमिक संघों और विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध किया, इसे श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
    • आलोचकों का कहना था कि लंबे घंटे श्रमिकों की थकान बढ़ा सकते हैं
    • हालांकि सरकार ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कल्याणकारी उपायों का हवाला दिया।
  • कारखाना अधिनियम, 1948 का संदर्भ
    • यह केंद्रीय कानून कारखानों में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और काम के घंटों को नियंत्रित करता है।
    • राज्य स्तर पर संशोधन संभव हैं, जैसा तमिलनाडु ने किया।
    • अन्य राज्य जैसे गुजरात (2025 में) ने भी समान संशोधन किए, लेकिन 21 अप्रैल 2023 का विशिष्ट मामला तमिलनाडु का है।

18. केंद्रीय बजट 2023-24 में, भारत सरकार ने सात प्राथमिकताओं को अपनाया है, जिन्हें ....... कहा जाता है। [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) सप्तऋषि
Solution:
  • केंद्रीय बजट 2023-24 में, भारत सरकार ने सात प्राथमिकताओं को अपनाया है
  • जिन्हें सप्तऋषि कहा जाता है। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन सात प्राथमिकताओं को अमृत काल के माध्यम से मार्गदर्शन करने वाले सात सितारे बताया था। ये सात प्राथमिकताएँ हैं:
  • समावेशी विकास (Inclusive Development)
  • अंतिम छोर तक पहुँचना (Reaching the Last Mile)
  • अवसंरचना और निवेश (Infrastructure and Investment)
  • क्षमता को उजागर करना (Unleashing the Potential)
  • हरित विकास (Green Growth)
  • युवा शक्ति (Youth Power)
  • वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector)
  • सप्तऋषि क्या हैं?
    • ये सात प्राथमिकताएँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट की आधारशिला हैं
    • जो अमृत काल के भारत को मजबूत बनाने पर केंद्रित हैं।
    • इन्हें प्राचीन भारतीय संस्कृति से प्रेरित सप्तऋषि के रूप में नामित किया गया
    • जो मार्गदर्शक सिद्धांतों की तरह कार्य करती हैं।
    • इनका उद्देश्य आर्थिक विकास, समावेशी वृद्धि, बुनियादी ढांचे का विस्तार और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
  • इन प्राथमिकताओं का महत्व
    • सप्तऋषि ने बजट को दिशा प्रदान की, जिससे भारत की GDP वृद्धि दर 7% से ऊपर बनी रही।
    • उदाहरणस्वरूप, बुनियादी ढांचे के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया
    • जो रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देता है।
    • समावेशी विकास के तहत महिलाओं, किसानों और MSMEs के लिए नई योजनाएँ शुरू की गईं
    • जबकि हरित विकास में सौर ऊर्जा और जैव ईंधन पर निवेश बढ़ाया गया।
    • युवा शक्ति पर फोकस से स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिला।
    • कुल मिलाकर, ये प्राथमिकताएँ 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को साकार करती हैं।
  • बजट के अन्य प्रमुख पहलू
    • पूँजीगत व्यय: रिकॉर्ड 10 लाख करोड़ रुपये, जो GDP का 3.3% है।
    • क्षेत्रीय फोकस: जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और केंद्रशासित प्रदेशों पर विशेष ध्यान।
    • कर सुधार: नई आयकर व्यवस्था और सरल प्रक्रियाएँ।
    • ये तत्व सप्तऋषि से प्रेरित होकर तैयार किए गए, जिससे बजट को लंबी अवधि की स्थिरता प्रदान हुई।

19. वर्ष 2022 के अनुसार, किस भारतीय हवाई अड्डे पर सबसे अधिक यात्रियों और विमानों की आवाजाही थी? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नई दिल्ली)
Solution:
  • वर्ष 2022 के अनुसार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (नई दिल्ली) पर सबसे अधिक यात्रियों और विमानों की आवाजाही थी। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA) भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है।
  • यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है।
  • COVID-19 महामारी के बाद यात्रा में तेजी से वृद्धि हुई, और 2022 में, IGIA ने यात्रियों की आवाजाही के मामले में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी
  • जो इसकी विशाल क्षमता और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के महत्व को दर्शाता है।
  • मुख्य तथ्य
    • हवाई अड्डे के हाल के विस्तार और आधुनिकीकरण ने इसे उच्च ट्रैफिक संभालने में सक्षम बनाया।
    • इसमें स्व-चेक-इन कियोस्क, स्वचालित बैगेज हैंडलिंग और विविध शॉपिंग-डाइनिंग विकल्प शामिल हैं।
  • यात्री और विमान ट्रैफिक
    • 2022 में दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर सबसे अधिक यात्री आवागमन हुआ
    • जो इसे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से आगे ले गया।
    • कोविड-पूर्व स्तर की तुलना में विमानन उद्योग में 96% रिकवरी हुई
    • जिसमें दिल्ली का योगदान प्रमुख रहा। यह हवाई अड्डा 2009 से लगातार भारत का सबसे व्यस्त रहा है।
    • भारतीय विमानन उद्योग 2014-2020 तक 12.4% की CAGR से बढ़ा, लेकिन कोविड के बाद 2022-23 में तेज रिकवरी हुई।
    • दिल्ली एयरपोर्ट ने इस दौरान घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में नेतृत्व किया। यह NCR क्षेत्र को जोड़ता है और 150+ गंतव्यों को सेवा देता है।
  • वर्तमान संदर्भ
    • हालाँकि 2023-24 में दिल्ली ने 73 मिलियन+ यात्रियों को संभाला, 2022 के आंकड़े इसे स्पष्ट रूप से सबसे व्यस्त सिद्ध करते हैं।
    • मुंबई जैसे अन्य एयरपोर्ट बाद में रिकॉर्ड बना रहे हैं, लेकिन प्रश्न वर्ष 2022 तक सीमित है।

20. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में वर्णित उत्तरदायित्वों के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा उत्तरदायित्व राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकार का है? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) पात्र परिवारों की पहचान
Solution:
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में वर्णित उत्तरदायित्वों के अनुसार, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान करेगी।
  • राज्य सरकार इस अधिनियम के अधीन आने वाली योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुवीक्षण के लिए उत्तरदायी होगी।
  • अधिनियम के अधीन राज्य सरकार का यह उत्तरदायित्व है
  • वह राज्य में केंद्र द्वारा प्राधिकृत डिपो से खाद्यान्नों की आपूर्ति का ग्रहण करे एवं छूट प्राप्त मूल्यों पर पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न की आपूर्ति एवं वास्तविक प्राप्ति को सुनिश्चित करे।
  • राज्य सरकार वैज्ञानिक भंडारण सुविधाओं का सृजन एवं रखरखाव करेगी।
  • पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्नों की अधिकृत मात्रा की अनापूर्ति की स्थिति में राज्य सरकार उन्हें खाद्य संरक्षण भत्ते की अदायगी के लिए भी उत्तरदायी होगी।
  • अतः विकल्प (a) सही उत्तर है, जबकि अन्य तीनों विकल्प केंद्र सरकार के उत्तरदायित्व में शामिल हैं।
  • राज्य सरकारों के मुख्य उत्तरदायित्व
    • राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारें अधिनियम के अध्याय IX (धारा 24 से 29) के तहत खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी हैं।
    • इनमें पात्र परिवारों की पहचान करना प्रमुख जिम्मेदारी है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 75% और शहरी क्षेत्रों में 50% आबादी को कवर किया जाता है
    • जैसे अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH)।
    • पात्र परिवारों (जैसे गरीबी रेखा से नीचे, AAY श्रेणी) की पहचान करना, आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों के माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करना।
    • इन परिवारों को राशन कार्ड जारी करना और उन्हें प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम अनाज (गेहूं ₹2/किग्रा, चावल ₹3/किग्रा, मोटा अनाज ₹1/किग्रा) मासिक उपलब्ध कराना।
    • लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत फेयर प्राइस शॉप्स (FPS) के माध्यम से वितरण की निगरानी करना, जिसमें स्टॉक रजिस्टर रखना और लीकेज रोकना शामिल है।​
    • ये जिम्मेदारियां केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए खाद्यान्न को स्थानीय स्तर पर वितरित करने पर केंद्रित हैं, क्योंकि केंद्र प्रत्यक्ष लाभार्थियों से जुड़ा नहीं होता।​​
  • वितरण और निगरानी की जिम्मेदारियां
    • राज्य सरकारें केंद्र द्वारा नामित डिपो से अनुसूची-I में निर्धारित दरों पर खाद्यान्न प्राप्त करने और लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए बाध्य हैं।
    • यदि निर्धारित मात्रा या भोजन उपलब्ध न हो, तो खाद्य सुरक्षा भत्ता (Food Security Allowance) का भुगतान राज्य स्तर पर करना होता है (धारा 8 के अनुसार)।​
    • राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण सुविधाएं विकसित करना, जो TPDS की आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
    • निगरानी के लिए जिला शिकायत निपटान अधिकारी (DGRO) और राज्य खाद्य आयोग (SFC) स्थापित करना, जिसमें सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
    • FPS डीलरों को मार्जिन प्रदान करना और उनके प्रदर्शन की समीक्षा करना।
    • केंद्र सरकार खाद्य खरीद, आवंटन, परिवहन और वित्तीय सहायता प्रदान करती है, लेकिन क्रियान्वयन राज्य का दायित्व है।
  • शिकायत निपटान और पारदर्शिता
    • अधिनियम दो स्तरीय शिकायत निपटान तंत्र प्रदान करता है: जिला स्तर पर DGRO और राज्य स्तर पर SFC
    • जो राज्य सरकार स्थापित करती है। SFC सार्वजनिक सेवकों पर जुर्माना लगाने का अधिकार रखता है यदि राहत सिफारिशों का पालन न हो।
    • PDS रिकॉर्ड का खुलासा, सामाजिक अंकेक्षण और सतर्कता समितियां गठित करना।
    • विकलांगों, वृद्धों और अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता से शामिल करना, जैसा कि हाल के निर्देशों में कहा गया है।​