Correct Answer: (d) सामूहिक विनाश के हथियारों और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) अधिनियम, 2005
Solution:- सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) संशोधन विधेयक, 2022 ने सामूहिक विनाश के हथियारों और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) अधिनियम, 2005 में संशोधन किया है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
- इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य केंद्र सरकार को ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं के वित्तीय संपत्तियों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देना था
- जो सामूहिक विनाश के हथियारों (Weapons of Mass Destruction - WMD) के उत्पादन, अधिग्रहण, परिवहन या व्यापार में शामिल हैं।
- यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आवश्यकताओं के अनुरूप, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक गैर-प्रसार (Non-proliferation) प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक था।
- विधेयक का परिचय
- यह विधेयक अप्रैल 2022 में लोकसभा में पेश किया गया था और सर्वसम्मति से पारित हुआ।
- इसका मुख्य उद्देश्य 2005 के मूल अधिनियम को मजबूत बनाना है
- जो पहले से जैविक, रासायनिक और परमाणु हथियारों तथा उनकी वितरण प्रणालियों (जैसे मिसाइलें) से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों—निर्माण, परिवहन, हस्तांतरण—पर रोक लगाता था।
- संशोधन ने वित्तपोषण पर विशेष फोकस जोड़ा
- क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (FATF) की सिफारिशें ऐसे फंडिंग को रोकने पर जोर देती हैं।
- मूल अधिनियम, 2005 की मुख्य विशेषताएं
- जैविक, रासायनिक, परमाणु हथियारों और उनकी डिलीवरी सिस्टम (वितरण प्रणाली) से जुड़ी निषिद्ध गतिविधियों पर प्रतिबंध।
- गैर-राज्य अभिकर्ताओं (जैसे आतंकवादी) को इनके हस्तांतरण को रोकने के लिए निर्यात नियंत्रण और एकीकृत कानूनी ढांचा।
- सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) को बड़े पैमाने पर मौत और विनाश पैदा करने वाले हथियार माना गया, जिनमें माइक्रोबियल या अन्य जैविक एजेंट शामिल हैं।
- संशोधन के प्रमुख प्रावधान
- संशोधन ने अधिनियम की धारा 2 में नया उपधारा (g) जोड़ा, जो WMD से जुड़ी किसी भी निषिद्ध गतिविधि के लिए धन, वित्तीय संपत्ति या आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने को अपराध बनाता है।
- केंद्र सरकार को संदिग्ध फंड्स को फ्रीज, जब्त या संलग्न करने का अधिकार मिला, चाहे वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति/संस्था से जुड़े हों।
- यह UNSC के लक्षित वित्तीय प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय प्रसार रोकथाम नियमों से अनुरूप है।
- पृष्ठभूमि और आवश्यकता
- हाल के वर्षों में WMD प्रसार बढ़ा है, इसलिए UNSC और FATF ने फंडिंग रोकने को अनिवार्य किया।
- भारत ने वासेनार व्यवस्था, मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण शासन जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है
- लेकिन घरेलू कानून में फंडिंग गैप था। विधेयक विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा राज्यसभा में पेश किया गया।
- महत्व और प्रभाव
- यह संशोधन भारत को वैश्विक गैर-प्रसार प्रयासों में मजबूत बनाता है, आतंकवादी फंडिंग रोकता है
- आर्थिक प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करता है।
- 2022 में संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद यह कानून बन गया। इससे गैरकानूनी नेटवर्क्स पर सख्ती बढ़ेगी।