राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

Total Questions: 50

21. 2023 में नीति आयोग के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में किसे नियुक्त किया गया? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) बीवीआर सुब्रह्मण्यम
Solution:
  • 2023 में नीति आयोग के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में बीवीआर सुब्रह्मण्यम को नियुक्त किया गया। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • उन्होंने फरवरी 2023 में यह पदभार संभाला और परमेश्वरन अय्यर की जगह ली, जिन्हें विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • बीवीआर सुब्रह्मण्यम छत्तीसगढ़ कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
  • नीति आयोग, भारत सरकार का प्रमुख थिंक टैंक है, जो केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर नीति निर्माण में दिशा और रणनीतिक इनपुट प्रदान करता है।
  • एक सीईओ के रूप में, सुब्रह्मण्यम नीति आयोग के दिन-प्रतिदिन के संचालन और दीर्घकालिक रणनीतियों के निष्पादन का नेतृत्व करते हैं।
  • नियुक्ति का विवरण
    • कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 20 फरवरी 2023 को यह फैसला लिया, और उन्होंने 25 फरवरी 2023 को पदभार ग्रहण किया।
    • वे परमेश्वरन अय्यर के स्थान पर आए, जिन्हें वर्ल्ड बैंक का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था।
    • सुब्रह्मण्यम 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं (छत्तीसगढ़ कैडर), जिन्होंने वाणिज्य सचिव (मई 2021 से सितंबर 2022 तक) और जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और वर्ल्ड बैंक में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं।
    • अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक स्थिरता बहाल करने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
    • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी उन्होंने महत्वपूर्ण नौकरशाही भूमिकाएं निभाईं।
  • नीति आयोग की भूमिका
    • नीति आयोग (NITI Aayog) 2015 में योजना आयोग की जगह स्थापित भारत सरकार का प्रमुख नीति थिंक टैंक है।
    • यह सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है, राज्यों के साथ नीति निर्माण करता है
    • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), रणनीतिक योजना तथा नवाचार पर काम करता है।
    • CEO के रूप में सुब्रह्मण्यम नीति पहलों का नेतृत्व, समन्वय और भारत के विकास दृष्टिकोण से जुड़ाव सुनिश्चित करते हैं।
  • पूर्व CEOs का संक्षिप्त इतिहास
    • अमिताभ कांत: 2016-2023 तक CEO रहे।​
    • परमेश्वरन अय्यर: उनके बाद संक्षिप्त रूप से CEO, फिर वर्ल्ड बैंक गए।
    • राजीव कुमार: 2017-2022 तक उपाध्यक्ष रहे।​
  • हालिया अपडेट
    • उनका कार्यकाल हाल ही में एक साल के लिए बढ़ाया गया
    • जो 24 फरवरी तक है। वर्तमान में (फरवरी 2026 तक) वे नीति आयोग के CEO बने हुए हैं।

22. जुलाई, 2022 में एक समर्पित सेमीकंडक्टर नीति शुरू करने वाला पहला राज्य कौन-सा है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) गुजरात
Solution:
  • जुलाई, 2022 में एक समर्पित सेमीकंडक्टर नीति शुरू करने वाला पहला राज्य गुजरात है। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • गुजरात सरकार ने 2022 से 2027 तक की अवधि के लिए अपनी सेमीकंडक्टर नीति की घोषणा की।
  • इस नीति का मुख्य लक्ष्य सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन और डिजाइन के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और राज्य में एक मजबूत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) का निर्माण करना है।
  • नीति की शुरुआत
    • यह नीति 28 जुलाई 2022 को सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा घोषित की गई।
    • नीति का उद्देश्य राज्य को सेमीकंडक्टर हब बनाना है, जिसमें डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग शामिल हैं।
    • गुजरात ने भारत सरकार के 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन' (2021 में शुरू) को पूरक बनाने के लिए यह कदम उठाया।
  • प्रमुख प्रावधान
    • नीति में निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी (20-25%), बिजली शुल्क छूट, स्टांप ड्यूटी में छूट और कुशल श्रमिक प्रशिक्षण के लिए सहायता दी जाती है।
    • धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) में 'सेमीकॉन सिटी' विकसित करने की योजना है। यह पांच वर्षों में 2 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखती है।
  • निवेश और प्रभाव
    • नीति लागू होने के बाद चार प्रमुख कंपनियां 1.24 लाख करोड़ रुपये निवेश कर रही हैं
    • जिससे 53,000 नौकरियां पैदा होंगी। 'गुजरात राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन' की स्थापना से पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हुआ।
    • भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2020 के 15 अरब डॉलर से 2026 तक 63 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है।
  • अन्य राज्यों से तुलना
    • गुजरात ने 2022 में पहली ऐसी नीति जारी की, जबकि अन्य राज्य जैसे कर्नाटक या तमिलनाडु बाद में समान प्रयास कर रहे।
    • नवंबर 2024 तक गुजरात ही पहला राज्य बना जहां इसे पूर्ण रूप से लागू किया गया। यह 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत को गति देता है।

23. निम्नलिखित में से किसका कार्यकाल नवंबर, 2021 में प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख के रूप में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) संजय कुमार मिश्रा
Solution:
  • नवंबर, 2021 में संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) के प्रमुख के रूप में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • संजय कुमार मिश्रा, जो एक भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं
  • पहली बार 2018 में ED निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल कई बार बढ़ाया गया।
  • ED एक कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसी है जो भारत में आर्थिक कानूनों को लागू करने और आर्थिक अपराधों से लड़ने के लिए जिम्मेदार है
  • जिसमें विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) शामिल हैं।
  • पृष्ठभूमि और नियुक्ति
    • संजय कुमार मिश्रा भारतीय राजस्व सेवा (IRS, 1984 बैच) के अधिकारी हैं।
    • उन्हें 19 नवंबर 2018 को ED का निदेशक नियुक्त किया गया, मूल रूप से दो वर्ष की अवधि के लिए।
    • बाद में 13 नवंबर 2020 को इस कार्यकाल को तीन वर्ष तक बढ़ाया गया।
    • हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के विस्तार को बरकरार रखा लेकिन स्पष्ट किया
    • सेवानिवृत्ति आयु प्राप्त करने के बाद आगे कोई विस्तार दुर्लभ मामलों में ही दिया जा सकता है।
  • नवंबर 2021 का विस्तार
    • 17 नवंबर 2021 को वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने आदेश जारी कर मिश्रा का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाया।
    • यह कदम CBI और ED निदेशकों के कार्यकाल को अधिक लचीला बनाने वाले दो अध्यादेशों (14 नवंबर 2021) के बाद उठाया गया
    • जो दो वर्ष के बाद तीन वर्ष तक विस्तार की अनुमति देते थे।
    • राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा प्रख्यापित इन अध्यादेशों ने ED और CBI प्रमुखों को नियुक्ति समिति की मंजूरी से एक-एक वर्ष के विस्तार की सुविधा दी।
  • विवाद और कानूनी चुनौतियाँ
    • यह विस्तार विवादास्पद रहा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि मिश्रा को आगे कोई विस्तार नहीं मिलेगा।
    • न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की बेंच ने सेवानिवृत्ति के बाद विस्तार को असाधारण बताया।
    • बाद में 2023-2024 में कोर्ट ने ED प्रमुख के अतिरिक्त विस्तारों को असंवैधानिक घोषित किया
    • लेकिन 2021 का यह विस्तार तत्कालीन अध्यादेशों के आधार पर वैध माना गया।
  • ED की भूमिका और मिश्रा का योगदान
    • प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों की जांच करता है।
    • मिश्रा के नेतृत्व में ED ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों जैसे कोविड घोटाले, शेल कंपनियों और राजनीतिक नेताओं से जुड़े PMLA केस हैंडल किए।
    • उनका कार्यकाल 2022 के बाद भी विभिन्न विस्तारों से चला, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से समाप्त हुआ।

24. सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) संशोधन विधेयक, 2022 ने ....... में संशोधन किया है। [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) सामूहिक विनाश के हथियारों और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) अधिनियम, 2005
Solution:
  • सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) संशोधन विधेयक, 2022 ने सामूहिक विनाश के हथियारों और उनकी वितरण प्रणाली (गैरकानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) अधिनियम, 2005 में संशोधन किया है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य केंद्र सरकार को ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं के वित्तीय संपत्तियों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देना था
  • जो सामूहिक विनाश के हथियारों (Weapons of Mass Destruction - WMD) के उत्पादन, अधिग्रहण, परिवहन या व्यापार में शामिल हैं।
  • यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आवश्यकताओं के अनुरूप, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक गैर-प्रसार (Non-proliferation) प्रतिबद्धताओं को मजबूत करने के लिए आवश्यक था।
  • विधेयक का परिचय
    • यह विधेयक अप्रैल 2022 में लोकसभा में पेश किया गया था और सर्वसम्मति से पारित हुआ।
    • इसका मुख्य उद्देश्य 2005 के मूल अधिनियम को मजबूत बनाना है
    • जो पहले से जैविक, रासायनिक और परमाणु हथियारों तथा उनकी वितरण प्रणालियों (जैसे मिसाइलें) से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों—निर्माण, परिवहन, हस्तांतरण—पर रोक लगाता था।
    • संशोधन ने वित्तपोषण पर विशेष फोकस जोड़ा
    • क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (FATF) की सिफारिशें ऐसे फंडिंग को रोकने पर जोर देती हैं।
  • मूल अधिनियम, 2005 की मुख्य विशेषताएं
    • जैविक, रासायनिक, परमाणु हथियारों और उनकी डिलीवरी सिस्टम (वितरण प्रणाली) से जुड़ी निषिद्ध गतिविधियों पर प्रतिबंध।​
    • गैर-राज्य अभिकर्ताओं (जैसे आतंकवादी) को इनके हस्तांतरण को रोकने के लिए निर्यात नियंत्रण और एकीकृत कानूनी ढांचा।​
    • सामूहिक विनाश के हथियार (WMD) को बड़े पैमाने पर मौत और विनाश पैदा करने वाले हथियार माना गया, जिनमें माइक्रोबियल या अन्य जैविक एजेंट शामिल हैं।
  • संशोधन के प्रमुख प्रावधान
    • संशोधन ने अधिनियम की धारा 2 में नया उपधारा (g) जोड़ा, जो WMD से जुड़ी किसी भी निषिद्ध गतिविधि के लिए धन, वित्तीय संपत्ति या आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने को अपराध बनाता है।
    • केंद्र सरकार को संदिग्ध फंड्स को फ्रीज, जब्त या संलग्न करने का अधिकार मिला, चाहे वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति/संस्था से जुड़े हों।
    • यह UNSC के लक्षित वित्तीय प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय प्रसार रोकथाम नियमों से अनुरूप है।​
  • पृष्ठभूमि और आवश्यकता
    • हाल के वर्षों में WMD प्रसार बढ़ा है, इसलिए UNSC और FATF ने फंडिंग रोकने को अनिवार्य किया।
    • भारत ने वासेनार व्यवस्था, मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण शासन जैसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है
    • लेकिन घरेलू कानून में फंडिंग गैप था। विधेयक विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा राज्यसभा में पेश किया गया।
  • महत्व और प्रभाव
    • यह संशोधन भारत को वैश्विक गैर-प्रसार प्रयासों में मजबूत बनाता है, आतंकवादी फंडिंग रोकता है
    • आर्थिक प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करता है।
    • 2022 में संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद यह कानून बन गया। इससे गैरकानूनी नेटवर्क्स पर सख्ती बढ़ेगी।

25. नई दिल्ली किस रेलवे जोन का मुख्यालय है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) उत्तर रेलवे जोन
Solution:
  • नई दिल्ली उत्तर रेलवे जोन (Northern Railway Zone) का मुख्यालय है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • उत्तर रेलवे (NR) भारतीय रेलवे के 18 रेलवे जोनों में से एक है।
  • यह भारत में सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त रेलवे जोन है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में बड़ौदा हाउस में स्थित है।
  • यह जोन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में रेलवे सेवाओं का प्रबंधन करता है
  • जिससे यह देश के उत्तरी हिस्सों की कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है।
  • उत्तर रेलवे जोन का अवलोकन
    • जिसका मुख्यालय नई दिल्ली के बड़ौदा हाउस में स्थित है।
    • यह जोन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों को कवर करता है।
    • इसका गठन 1951 में हुआ था और यह देश का सबसे पुराना जोन माना जाता है
    • जो दैनिक रूप से सैकड़ों यात्री तथा मालगाड़ियों का संचालन करता है।
  • दिल्ली रेलवे डिवीजन
    • नई दिल्ली उत्तर रेलवे जोन के अंतर्गत दिल्ली रेलवे डिवीजन का मुख्यालय भी है, जो 1952 में स्थापित हुआ।
    • यह डिवीजन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (पहाड़गंज साइड) के पास राज्य प्रवेश मार्ग पर स्थित डीआरएम कार्यालय से संचालित होता है।
    • वर्तमान में इसका प्रभारी मंडल रेल प्रबंधक (DRM) हैं
    • यह 1,386 किलोमीटर लंबे रूट पर 213 स्टेशनों को संभालता है, जिसमें प्रतिदिन 496 यात्री ट्रेनें और 210 मालगाड़ियां चलती हैं।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • उत्तर रेलवे जोन में दिल्ली डिवीजन के अलावा अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ एनआर और मुरादाबाद जैसे पांच डिवीजन शामिल हैं।
    • नई दिल्ली स्टेशन (NDLS) इसका प्रमुख केंद्र है, जो देश का सबसे व्यस्त स्टेशन है
    • कॉनॉट प्लेस से करीब 2 किमी उत्तर में स्थित है।
    • यह जोन नेटवर्क में उन्नत सुविधाएं जैसे वंदे भारत ट्रेनें और हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित हो रहे हैं।

26. विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नीतू घणघस (Nitu Ghanghas) ने किस वर्ष भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 2023
Solution:
  • विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में नीतू घणघस (Nitu Ghanghas) ने 2023 में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • नीतू घणघस ने नई दिल्ली में आयोजित आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2023 में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग (न्यूनतम भार वर्ग) में स्वर्ण पदक जीता।
  • उन्होंने फाइनल में मंगोलियाई मुक्केबाज लुत्सेखान अल्टानसेटसेग को हराया।
  • यह उनकी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि थी और भारत के लिए मुक्केबाजी में एक गौरवशाली क्षण था, जब उन्होंने विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया।
  • मैच विवरण
    • फाइनल मुकाबले में नीतू ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में मंगोलिया की लुत्साइखान अल्तानत्सेत्सेग को 5-0 से हराया।
    • पहले राउंड में नीतू ने आक्रामक शुरुआत की और सभी पांच जजों ने उन्हें विजेता घोषित किया
    • जबकि दूसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी ने जवाबी हमला किया लेकिन नीतू ने शक्तिशाली जेब्स से बढ़त बरकरार रखी।
    • तीसरे राउंड में दोनों को पीली चेतावनी मिली, फिर भी नीतू की आक्रामकता ने उन्हें जीत दिलाई।
  • उपलब्धि का महत्व
    • यह भारत का महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक था।
    • इससे पहले भारतीय मुक्केबाजों जैसे एमसी मैरी कॉम (6 स्वर्ण), सरिता देवी, जेनी आरएल, लेचा केसी और निकहत ज़रीन ने पदक जीते थे
    • लेकिन नीतू छठी भारतीय बनीं जिन्होंने यह खिताब जीता।
    • 2023 चैंपियनशिप में भारत ने कुल कई पदक जीते, जो भारतीय मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक था।
  • नीतू का सफर
    • हरियाणा के भिवानी जिले के धनाना गांव की नीतू ने 2012 में मुक्केबाजी शुरू की, प्रेरणा विजेंदर सिंह से ली।
    • उन्होंने 2017 और 2018 में यूथ विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीते, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण हासिल किया।
    • दो साल पदक न मिलने पर उन्होंने खेल छोड़ने का सोचा था
    • लेकिन मेहनत से 2023 में यह मुकाम हासिल किया।
    • उन्हें 'मिनी क्यूबा' भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने एमसी मैरी कॉम को ट्रायल में हराया था।
  • अन्य उपलब्धियाँ
    • नीतू की प्रमुख जीतों में 2018 एशियन यूथ चैंपियनशिप स्वर्ण, 2022 स्टैंडजा मेमोरियल स्वर्ण शामिल हैं।
    • विश्व चैंपियनशिप जीत के बाद वे भारत की शीर्ष मुक्केबाजों में शुमार हो गईं।

27. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 वैक्सीन है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) कोवैक्सीन
Solution:
  • कोवैक्सीन (Covaxin) भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित COVID-19 वैक्सीन है। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • कोवैक्सीन को भारत बायोटेक ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था।
  • यह एक इनएक्टिवेटेड वैक्सीन (निष्क्रिय टीका) है, जिसका अर्थ है
  • यह मृत SARS-CoV-2 वायरस का उपयोग करके बनाया गया है।
  • यह वैक्सीन भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण हिस्सा था
  • इसने महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित किया।
  • विकास प्रक्रिया
    • विकास जून 2020 में शुरू हुआ, जब NIV ने वायरस स्ट्रेन को अलग किया
    • भारत बायोटेक को हस्तांतरित किया। जुलाई 2020 में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने फेज-1 और फेज-2 क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दी।
    • भारत बायोटेक की BSL-3 लैब में 'होल-वायरस इनएक्टिवेटेड वेरो सेल' प्लेटफॉर्म से इसे तैयार किया गया।
    • पहले गैर-मानव प्राइमेट्स और हैमस्टर्स पर मजबूत इम्यून रिस्पॉन्स दिखा।
  • अनुमोदन और ट्रायल
    • जनवरी 2021 में भारत सरकार ने आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी, हालांकि फेज-3 ट्रायल चल रहे थे। फेज-3 में 78% प्रभावकारिता सिद्ध हुई।
    • अगस्त 2021 में गुजरात के अंकलेश्वर में पहला वाणिज्यिक बैच जारी हुआ। प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि से यह संभव हुआ।
  • उपयोग और प्रभाव
    • लाखों खुराकें भारत और विदेशों में दी गईं। यह रोटावायरस
    • जिका जैसी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी का परिणाम है।
    • कोवैक्सिन ने भारत को वैक्सीन आत्मनिर्भर बनाया।

28. 2022 तक की स्थिति के अनुसार, भारत में ....... राज्य हैं। [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 28
Solution:
  • 2022 तक की स्थिति के अनुसार, भारत में 28 राज्य हैं। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • भारत में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या अंतिम बार 31 अक्टूबर, 2019 को बदली गई थी
  • जब जम्मू और कश्मीर राज्य को विभाजित करके दो नए केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख) बनाए गए थे।
  • इसके बाद, 26 जनवरी, 2020 को दमन और दीव, और दादरा और नगर हवेली का विलय करके एक केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था।
  • नतीजतन, 2022 तक, भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • भारत के संविधान के प्रारंभ में 1950 में 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश थे।
    • 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने भाषाई आधार पर राज्यों की सीमाओं को पुनर्गठित किया।​
    • समय के साथ नए राज्य बने, जैसे 2000 में छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड; 2014 में तेलंगाना।
    • 2019 के पुनर्गठन तक 29 राज्य थे, लेकिन अनुच्छेद 370 हटने पर संख्या घटकर 28 हो गई।
  • सभी 28 राज्यों की सूची
    • नीचे 2022 तक के राज्यों की पूरी सूची दी गई है
    • जिसमें राजधानी, प्रमुख भाषा और अनुमानित क्षेत्रफल शामिल हैं (वर्ग किमी में):
  • केंद्र शासित प्रदेश (संदर्भ के लिए)
    • 2022 तक 8 केंद्र शासित प्रदेश थे
    • अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप, पुदुच्चेरी।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • सबसे बड़ा राज्य: राजस्थान (क्षेत्रफल)।
    • सबसे छोटा राज्य: गोवा।
    • सबसे अधिक जनसंख्या: उत्तर प्रदेश।
    • ये आंकड़े 2021 जनगणना और 2022 के आधिकारिक स्रोतों पर आधारित हैं।​

29. सितंबर, 2022 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित विशेष विमानन ईंधन का नाम क्या है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) AVGAS 100 LL
Solution:
  • सितंबर, 2022 में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित विशेष विमानन ईंधन का नाम AVGAS 100 LL है। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • AVGAS 100 LL (एविएशन गैसोलीन) विशेष रूप से पिस्टन इंजन वाले विमानों (जैसे फ्लाइंग क्लबों में उपयोग किए जाने वाले छोटे विमान और अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स) के लिए डिज़ाइन किया गया
  • एक उच्च-ऑक्टेन विमानन ईंधन है।
  • इस ईंधन के स्वदेशी विकास ने भारत को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने में मदद की।
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • AVGAS 100 LL का पूर्ण रूप "Aviation Gasoline 100 Low Lead" है, जो टर्बोचार्ज्ड रेसिप्रोकेटिंग पिस्टन इंजनों के लिए उपयुक्त है।
    • यह मुख्य रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइज़ेशन्स (FTOs) और रक्षा बलों द्वारा पायलट प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाता है।
    • उच्च ऑक्टेन संख्या के कारण यह छोटे विमानों को शक्तिशाली और सुरक्षित उड़ान प्रदान करता है।​​
  • महत्व और प्रभाव
    • इस स्वदेशी ईंधन के उत्पादन से भारत को प्रतिवर्ष लगभग 3,000 किलोलीटर AVGAS 100 LL के आयात पर निर्भरता कम हुई
    • जो यूरोपीय देशों से महंगे दामों पर आता था। प्रति किलोलीटर 20,000 से 30,000 रुपये की बचत होने का अनुमान है
    • साथ ही निर्यात के अवसर भी खुलेंगे। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया
    • जबकि नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने उड़ान स्कूलों के लिए लागत में कमी पर जोर दिया।​​
  • पृष्ठभूमि और विकास
    • भारत का विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें हवाई अड्डों पर यात्री संख्या, विमानों की संख्या और प्रशिक्षण उड़ानों में वृद्धि हो रही है।
    • एविएशन गैसोलीन बाजार 2029 तक 1.92 बिलियन से 2.71 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
    • IOC ने वडोदरा रिफाइनरी की क्षमता का उपयोग कर घरेलू और निर्यात आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में यह कदम उठाया।
    • यह पहला मौका था जब भारत ने इस विशेष ईंधन को स्वदेशी रूप से विकसित और उत्पादित किया।​​
  • अन्य संदर्भ
    • ध्यान दें कि बाद में IOC ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) जैसे अन्य ईंधनों पर काम किया
    • लेकिन सितंबर 2022 का यह लॉन्च विशेष रूप से AVGAS 100 LL से जुड़ा है।
    • यह उपलब्धि UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी महत्वपूर्ण रही।

30. अक्टूबर, 2022 में, चंद्रयान-2 द्वारा पहली बार चंद्रमा पर निम्नलिखित में से किस पदार्थ की बहुतायत में उपस्थिति का पता चला ? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) सोडियम
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में, चंद्रयान-2 द्वारा पहली बार चंद्रमा पर सोडियम पदार्थ की बहुतायत में उपस्थिति का पता चला। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • चंद्रयान-2 पर लगे क्लास  उपकरण ने चंद्रमा पर सोडियम की बहुतायत की मैपिंग की।
  • यह खोज चंद्रमा की सतह से सोडियम परमाणुओं के बहिर्मंडल (Exosphere) में जाने की प्रक्रिया को समझने में मदद करती है, जिसे 'मून-सोडियम इंटरेक्शन' कहा जाता है।
  • यह जानकारी चंद्रमा के भूवैज्ञानिक इतिहास और उसके बहिर्मंडल की गतिशीलता के बारे में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।
  • सोडियम। अक्टूबर 2022 में चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर सोडियम की असामान्य रूप से बड़ी मात्रा का पता लगाया।
  • CLASS उपकरण की भूमिका
    • चंद्रयान-2 पर लगा चंद्रयान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (CLASS) पहली बार चंद्रमा पर सोडियम की बहुतायत को मैप करने में सफल रहा।
    • इसरो के यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु द्वारा विकसित यह उपकरण सॉफ्ट एक्स-रे उत्सर्जन का विश्लेषण करता है
    • जो सूर्य के प्रकाश से चंद्र सतह के तत्वों को उत्तेजित होने पर उत्पन्न होते हैं।
    • अध्ययन के निष्कर्ष सितंबर 2022 के अंत में 'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' में प्रकाशित हुए, और इसरो ने 7 अक्टूबर 2022 को आधिकारिक घोषणा की।
  • खोज का महत्व
    • यह खोज चंद्रमा के एक्सोस्फीयर (बहुत पतले वायुमंडल) को समझने में क्रांतिकारी है
    • जहां सोडियम परमाणु सतह से निकलकर हजारों किलोमीटर तक फैले रहते हैं।
    • सोडियम की दैनिक भिन्नता (दिन-रात चक्र से प्रभावित) का पता चला, जो सतह-एक्सोस्फीयर इंटरैक्शन को दर्शाता है
    • संभवतः पतली परत के सोडियम परमाणु चंद्र मिट्टी (रेगोलिथ) से बंधे होते हैं।
    • यह बुध ग्रह जैसे अन्य वायुहीन पिंडों के मॉडल विकसित करने में सहायक होगा, क्योंकि सोडियम सूर्य की हवा और उल्का प्रभावों से जुड़ा है।​
  • वैज्ञानिक पृष्ठभूमि
    • पिछले मिशनों (जैसे चंद्रयान-1) ने चंद्रमा पर हाइड्रोजन, ऑक्सीजन आदि का पता लगाया था, लेकिन सोडियम की पूर्ण मैपिंग CLASS ने पहली बार की।​
    • सोडियम की उपस्थिति सूर्य के सॉफ्ट एक्स-रे से प्रेरित फ्लोरेसेंस लाइनों से मापी गई, जो सतह पर 1% तक हो सकती है।​
    • यह खोज चंद्रयान मिशनों की निरंतरता दर्शाती है—चंद्रयान-3 (2023 लॉन्च) ने दक्षिण ध्रुव पर जल-बर्फ की पुष्टि की।