राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

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31. सितंबर, 2022 में लॉन्च किए गए जलदूत (JALDOOT) एप्लिकेशन का उपयोग ग्राम रोजगार सहायक द्वारा ....... को मापने के लिया जाता है। [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) कुएं का जल स्तर
Solution:
  • सितंबर, 2022 में लॉन्च किए गए जलदूत (JALDOOT) एप्लिकेशन का उपयोग ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कुएं का जल स्तर को मापने के लिए किया जाता है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • जलदूत ऐप को ग्रामीण विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था।
  • इस एप्लिकेशन का मुख्य उद्देश्य देश भर के चुनिंदा ग्राम पंचायतों में एक वर्ष में दो बार (मानसून-पूर्व और मानसून-पश्चात) कुओं के जल स्तर को डिजिटल रूप से कैप्चर करना है।
  • परिचय
    • यह एप्लिकेशन ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) और पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया।
    • इसका मुख्य उद्देश्य देशभर के गांवों में भूजल स्तर की सटीक निगरानी सुनिश्चित करना है
    • जो ग्रामीण जल प्रबंधन और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। 27 सितंबर 2022 को नई दिल्ली में इसका राष्ट्रीय लॉन्च हुआ।
  • उपयोग का तरीका
    • ग्राम रोजगार सहायक (GRS) को वर्ष में दो बार—मानसून पूर्व (1 मई से 31 मई) और मानसून पश्चात (1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर)—चयनित कुओं के जल स्तर को मापना होता है।
    • प्रत्येक गांव में 2-3 प्रतिनिधि कुओं का चयन किया जाता है। GRS ऐप के माध्यम से लोकेशन जीयो-टैग करता है
    • जल स्तर मापता है, फोटो अपलोड करता है और डेटा दर्ज करता है। यह डेटा केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस में संग्रहीत होता है।​
  • मुख्य विशेषताएं
    • सहज इंटरफेस: GRS आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकता है (narega.nic.in से डाउनलोड) और डेटा अपलोड कर सकता है।
    • जीयो-टैगिंग और फोटो: प्रत्येक माप के साथ कुएं की लोकेशन और वर्तमान जल स्तर की तस्वीर अनिवार्य।
    • राष्ट्रीय स्तर पर डेटा संग्रह: सभी गांवों से एकत्र डेटा का उपयोग ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) कार्यों की योजना बनाने में होता है।
    • बहुउद्देश्यीय: भूजल स्तर का विश्लेषण जल संरक्षण, नरेगा कार्यों (जैसे तालाब खुदाई) और शोध के लिए किया जा सकता है।​
  • महत्व और लाभ
    • यह ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या को दूर करने में मदद करता है
    • क्योंकि सटीक भूजल डेटा से पंचायतें बेहतर जल संरक्षण योजनाएं बना सकती हैं।
    • MGNREGA के तहत जल-संबंधी कार्यों की प्राथमिकता तय करने में सहायक।
    • लंबे समय में, यह डेटा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन करने और नीतियां बनाने के लिए उपयोगी साबित होगा।
    • देशव्यापी कवरेज से ग्रामीण भारत में डिजिटल सशक्तिकरण बढ़ता है।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • GRS या पंचायत सचिव ऐप डाउनलोड कर रजिस्टर करते हैं।
    • चयनित कुओं पर जाकर माप: गहराई नोट करें, GPS मार्क करें, फोटो लें।
    • डेटा अपलोड: तुरंत राष्ट्रीय सर्वर पर पहुंच जाता है।
    • यदि GRS अनुपलब्ध हो, तो पंचायत सचिव जिम्मेदारी ले सकता है।​​
    • यह एप्लिकेशन ग्रामीण जल प्रबंधन में क्रांति ला रहा है, जिससे सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति हो रही है।

32. विश्व बैंक ने भारत के ....... राज्य के लिए "सिस्टम रिफॉर्म एंडेवर फॉर ट्रांसफॉर्ड हेल्थ अचीवमेंट" (SRESTHA) के लिए मई, 2022 में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर के/की अनुदान/सहायता को मंजूरी दी। [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) गुजरात
Solution:
  • विश्व बैंक ने भारत के गुजरात राज्य के लिए "सिस्टम रिफॉर्म एंडेवर फॉर ट्रांसफॉर्ड हेल्थ अचीवमेंट" (SRESTHA) के लिए मई, 2022 में 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता को मंजूरी दी।
  • इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को बढ़ाने और विशेष रूप से कमजोर आबादी के लिए स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
  • यह सहायता राज्य की स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की क्षमता और प्रतिक्रियाशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • परियोजना का उद्देश्य
    • SRESTHA-G का मुख्य लक्ष्य गुजरात में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समानता और व्यापकता को बढ़ाना है।
    • यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करेगी
    • विशेष रूप से किशोर लड़कियों के लिए सेवा मॉडल सुधारने और रोग निगरानी प्रणाली की क्षमता बढ़ाने पर जोर देगी।
    • इसके अलावा, गैर-संचारी रोगों, मनोरोग सेवाओं तथा मां-बच्चे पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।
  • वित्तीय विवरण
    • परियोजना की कुल लागत लगभग 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 3,750 करोड़ रुपये) है
    • जिसमें विश्व बैंक 350 मिलियन डॉलर (लगभग 2,625 करोड़ रुपये) प्रदान करेगा।
    • शेष 150 मिलियन डॉलर (करीब 1,125 करोड़ रुपये) गुजरात सरकार वहन करेगी।
    • यह सहायता इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (IBRD) से 18 वर्ष की मैच्योरिटी और 5.5 वर्ष की ग्रेस पीरियड के साथ मिलेगी।
  • कार्यान्वयन और फोकस क्षेत्र
    • गुजरात सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (HFWD) के माध्यम से इस परियोजना को लागू करेगी।
    • मुख्यमंत्री भुपेंद्र पटेल ने इसे मंजूरी दी थी। विशेष ध्यान 14 जिलों पर होगा जहां 70% से अधिक किशोर लड़कियां एनीमिया से पीड़ित हैं।
    • यह प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और वृद्धावस्था देखभाल सेवाओं को शामिल करेगी।
  • अपेक्षित प्रभाव
    • यह परियोजना राज्य की स्वास्थ्य वितरण प्रणालियों को बदल देगी
    • जिससे अधिक लोग उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं तक पहुंच सकेंगे।
    • विश्व बैंक के देश निदेशक ऑगस्ट टैनो कोउअमे ने कहा कि यह गुजरात के मानव विकास एजेंडे को मजबूत करेगी।
    • लंबे समय में इससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे, खासकर कमजोर वर्गों में।​

33. 'कर्मयोद्धा ग्रंथ' पुस्तक का विमोचन निम्नलिखित में से किस राजनेता द्वारा किया गया था? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) अमित शाह
Solution:
  • 'कर्मयोद्धा ग्रंथ' पुस्तक का विमोचन राजनेता अमित शाह द्वारा किया गया था। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह पुस्तक भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित है। यह उनके व्यक्तित्व, प्रशासन कौशल और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।
  • 'कर्मयोद्धा' शब्द का अर्थ है 'कर्म में योद्धा', जो प्रधानमंत्री मोदी के अथक कार्यशैली और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके समर्पण को इंगित करता है।
  • इस पुस्तक का विमोचन जनवरी 2020 में किया गया था और यह उनके राजनीतिक सफर, चुनौतियों और सफलताओं पर प्रकाश डालती है।
  • पुस्तक का विषय
    • यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, उनकी राजनीतिक यात्रा और कार्यकाल के प्रमुख कार्यों पर आधारित है।
    • इसमें उन्हें 'कर्मयोद्धा' के रूप में चित्रित किया गया है
    • जो संवेदनशील व्यक्ति, कठोर प्रशासक और निडर नेता के गुणों वाला बताया गया।
    • पुस्तक मोदी जी के 'राजा प्रथमो सेवक' मंत्र, गुजरात मॉडल से राष्ट्रीय विकास, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और विदेश नीति की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा करती है।
  • विमोचन समारोह के मुख्य बिंदु
    • विमोचन के दौरान अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने 70 वर्षों से लंबित मुद्दों पर बड़े निर्णय लिए
    • जैसे उरी-पुलवामा के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, 13 करोड़ गैस कनेक्शन वितरण और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं।
    • उन्होंने मोदी की गरीबी से उठकर राष्ट्रसेवा तक की यात्रा, हिंदी के प्रचार और डायस्पोरा को जोड़ने पर जोर दिया।
    • शाह ने जोर दिया कि मोदी सरकार पर 6 वर्षों में कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, जो कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का विषय है।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां
    • पुस्तक में वर्णित प्रमुख बिंदुओं में समावेशी विकास, सुरक्षा नीति मजबूती (एयर स्ट्राइक), लोक-संवाद और जन-स्वीकृति शामिल हैं।
    • अमित शाह ने गुजरात के सम-विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का उल्लेख किया। यह ग्रंथ मोदी के त्याग, समर्पण और निस्वार्थ सेवा को दर्शाता है।
  • अन्य संदर्भ
    • कई स्रोत इसकी पुष्टि करते हैं कि यह मोदी पर केंद्रित एकमात्र प्रमुख 'कर्मयोद्धा ग्रंथ' है
    • हालांकि एक अलग पुस्तक 'कर्मयोद्धा राम नाईक' भी अस्तित्व में है
    • जो राम नाईक पर है। यह जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उपयोगी है।

34. चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ....... कर दिया गया है। [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
Solution:
  • चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कर दिया गया है। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • भारत सरकार ने सितंबर 2022 में इस नाम परिवर्तन की घोषणा की, जो महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि है।
  • यह हवाई अड्डा पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली और पंचकूला जैसे शहरों की सेवा करता है।
  • नाम बदलने का निर्णय इन दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच सहमति से लिया गया
  • जो इस क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है।
  • नाम परिवर्तन का इतिहास
    •  जो इसे शहीद-ए-आजम भगत सिंह के नाम पर रखना चाहती थी।
    • हरियाणा सरकार शुरू में डॉ. मंगलसेन के नाम का प्रस्ताव रख रही थी
    • जिससे पंजाब-हरियाणा के बीच विवाद बढ़ा और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
    • अदालत ने दोनों राज्यों को सहमति बनाने के निर्देश दिए, लेकिन 14 वर्षों तक असहमति बनी रही।
  • सहमति कैसे बनी
    • 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की बैठक में दोनों सरकारें शहीद भगत सिंह के नाम पर सहमत हुईं।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2022 को 'मन की बात' में घोषणा की, और 28 सितंबर को भगत सिंह की 115वीं जयंती पर औपचारिक रूप से नाम बदल दिया गया।
    • केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों के विधानसभा प्रस्तावों को मंजूरी दी।​
  • विवाद के कारण
    • चंडीगढ़ यूनियन टेरिटरी होने के बावजूद हवाई अड्डा मोहाली (पंजाब) में स्थित है
    • इसलिए पंजाब इसे 'मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट' कहता था, जबकि हरियाणा 'चंडीगढ़' नाम पर अड़ा था।
    • भगत सिंह के नाम पर सहमति से यह कन्फ्यूजन खत्म हुआ
    • अब आधिकारिक रूप से शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IXC कोड) कहा जाता है।
  • वर्तमान स्थिति और महत्व
    • 2026 तक यह नाम लागू है, और विमानन मंत्रालय ने इसे मान्यता दी है।
    • यह परिवर्तन स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को सम्मान देता है
    • जिनकी क्रांतिकारी गतिविधियों ने आजादी की लड़ाई को प्रेरित किया।
    • पंजाब सीएम भगवंत मान और अन्य नेताओं ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। हवाई अड्डा दिल्ली, अमृतसर आदि से जुड़ा प्रमुख केंद्र है।

35. ....... की स्मृति में हैदराबाद में "समता की प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी)" का उद्घाटन किया गया है। [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) संत रामानुजाचार्य
Solution:
  • संत रामानुजाचार्य की स्मृति में हैदराबाद में "समता की प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी)" का उद्घाटन किया गया है। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • यह प्रतिमा 11वीं सदी के भक्ति संत और समाज सुधारक रामानुजाचार्य को समर्पित है।
  • इसका उद्घाटन फरवरी 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। यह 216 फुट ऊंची बैठी हुई प्रतिमा है, जो दुनिया की सबसे ऊंची बैठी हुई प्रतिमाओं में से एक है।
  • रामानुजाचार्य ने समाज में समानता (Equality) और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का प्रचार किया, और यह प्रतिमा उनके दर्शन और शिक्षाओं का प्रतीक है।
  • प्रतिमा का विवरण
    • यह 216 फीट ऊंची बैठी हुई प्रतिमा पंचलोहा (सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता) से निर्मित है
    • जो दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बैठी मूर्ति है। प्रतिमा 54 फीट ऊंचे 'भद्र वेदी' आधार पर स्थित है
    • जिसमें वैदिक डिजिटल लाइब्रेरी, प्राचीन ग्रंथों का प्रदर्शन, थिएटर और शैक्षिक गैलरी शामिल हैं। यह मुचिन्तल क्षेत्र में चिन्ना जीयर स्वामी के ट्रस्ट परिसर में बनी है।
  • उद्घाटन समारोह
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2022 को इस प्रतिमा को राष्ट्र को समर्पित किया।
    • उद्घाटन से पहले उन्होंने स्थानीय मंदिर में पूजा की।
    • यह रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती के 12 दिवसीय 'रामानुज सहस्राब्दी समारोह' का हिस्सा था।
  • रामानुजाचार्य का महत्व
    • रामानुजाचार्य ने जाति, धर्म, लिंग या नस्ल से परे सभी मनुष्यों में समानता का उपदेश दिया।
    • उनके दर्शन ने भक्ति मार्ग को मजबूत किया और सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया।
    • पीएम मोदी ने उद्घाटन भाषण में इसे 'सबका साथ, सबका विकास' से जोड़ा।
  • परिसर की विशेषताएं
    • 'दिव्य साकेतम' नामक इस आध्यात्मिक परिसर में मंदिर, ध्यान केंद्र और 108 दिव्य देशम मंदिरों की प्रतिकृतियां हैं।
    • यह पर्यटकों व आध्यात्मिक साधकों के लिए वैश्विक केंद्र है।
    • हाल ही में फरवरी 2026 में 'समता कुम्भ' और 'समता महोत्सव' जैसे आयोजन हुए।
  • निर्माण इतिहास
    • चिन्ना जीयर स्वामी की प्रेरणा से 2017 में निर्माण शुरू हुआ, जो दस वर्षों का परिणाम है।
    • प्रतिमा का वजन लगभग 1200 टन है
    • इसे विशेष तकनीक से स्थापित किया गया। यह भारत की एकता और समानता का प्रतीक बनी हुई है।

36. अक्टूबर, 2022 में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने किस भारतीय संस्थान में 'परम कामरूप (PARAM KAMRUPA) सुपरकंप्यूटर सुविधा का उद्घाटन किया? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) आईआईटी गुवाहाटी
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आईआईटी गुवाहाटी (IIT Guwahati) में 'परम कामरूप (PARAM KAMRUPA)' सुपरकंप्यूटर सुविधा का उद्घाटन किया।
  • यह सुपरकंप्यूटर सुविधा राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत स्थापित की गई थी। 'परम कामरूप' नाम असम के प्राचीन नाम 'कामरूप' से लिया गया है।
  • यह उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) सुविधा शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को उन्नत कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करेगी
  • जिससे जटिल वैज्ञानिक समस्याओं, मौसम की भविष्यवाणी, जीनोमिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
  • उद्घाटन का विवरण
    • यह उद्घाटन 13 अक्टूबर 2022 को हुआ, जब राष्ट्रपति असम के दौरे पर थीं। उन्होंने वर्चुअली या प्रत्यक्ष रूप से IIT गुवाहाटी में इस सुविधा को शुरू किया
    • जो राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत स्थापित की गई है।
    • NSM इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का संयुक्त प्रयास है।
  • सुविधा की तकनीकी विशेषताएँ
    • 'परम कामरूप' की कम्प्यूटिंग क्षमता 838 टेराफ्लॉप्स (Teraflops) है, जो उच्च-प्रदर्शन कम्प्यूटिंग (HPC) प्रदान करती है।
    • यह IIT गुवाहाटी को कम्प्यूटेशनल रसायन विज्ञान, आणविक गतिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान करने में सक्षम बनाएगी।
    • नाम 'कामरूप' असम के ऐतिहासिक नाम से प्रेरित है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
  • अन्य उद्घाटित परियोजनाएँ
    • उसी अवसर पर राष्ट्रपति ने IIT गुवाहाटी में SAMOOR (उच्च शक्ति वाले सक्रिय एवं निष्क्रिय माइक्रोवेव घटकों की डिजाइन एवं विकास प्रयोगशाला) का भी उद्घाटन किया।
    • इसके अलावा, उन्होंने धुबरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का उद्घाटन किया
    • डिब्रूगढ़ (असम) और जबलपुर (मध्य प्रदेश) में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के दो जोनल संस्थानों की आधारशिला रखी।
    • राष्ट्रपति ने कहा कि यह सुविधा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ज्ञान विस्तार में योगदान देगी तथा रक्षा और अन्य उद्योगों के लिए R&D को बढ़ावा मिलेगा।
  • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन का महत्व
    • NSM भारत को सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखता है।
    • इससे पहले मार्च 2022 में IIT रुड़की में PARAM Ganga स्थापित हो चुका था।
    • 'परम कामरूप' जैसी सुविधाएँ देशभर में चुनिंदा संस्थानों में विकसित हो रही हैं
    • जो वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भारत की क्षमता बढ़ाएँगी।

37. विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत भारत सरकार द्वारा सितंबर, 2022 में किस राजनीतिक संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया था? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)
Solution:
  • विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत भारत सरकार द्वारा सितंबर, 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया था।
  • गृह मंत्रालय ने PFI को एक "गैरकानूनी संगठन" घोषित करते हुए, उसे और उसके आठ सहयोगी संगठनों को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
  • यह निर्णय संगठन के कथित रूप से आतंकवाद से जुड़े लिंक, कट्टरता को बढ़ावा देने और देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने के प्रयासों के कारण लिया गया था।
  • UAPA एक कड़ा आतंकवाद विरोधी कानून है जो सरकार को ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति देता है जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करते हैं।
  • भारत सरकार ने सितंबर 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) नामक राजनीतिक संगठन पर विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया था।​
  • प्रतिबंध का विवरण
    • यह कार्रवाई 28 सितंबर 2022 को गृह मंत्रालय द्वारा की गई
    • जिसमें PFI को इसके आठ सहयोगी या फ्रंट संगठनों—जैसे कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), रिहैब इंडिया फाउंडेशन, ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल आदि—सहित "गैरकानूनी संघ" घोषित किया गया।
    • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य एजेंसियों ने 22 सितंबर 2022 को देशव्यापी छापेमारी के दौरान PFI के 109 सदस्यों को गिरफ्तार किया था
    • जो इस प्रतिबंध का तात्कालिक आधार बना। गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए कि PFI से जुड़े स्थानों को अधिसूचित किया जाए जहां गैरकानूनी गतिविधियां हो रही हों।​
  • PFI का पृष्ठभूमि
    • PFI की स्थापना 2006 में केरल में हुई थी, जो मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय पर केंद्रित संगठन था
    • सामाजिक कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक सक्रियता में सक्रिय था। सरकार के अनुसार, यह संगठन ISIS जैसे आतंकी संगठनों से प्रेरित था
    • भारत में आतंकवादी गतिविधियों, हिंसा, हथियार प्रशिक्षण और भड़काऊ गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था।
    • NIA की जांच में पाया गया कि PFI ने "सामरिक हथियार प्रशिक्षण शिविर" आयोजित किए
    • जिसमें चाकू, तलवारें और अन्य हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता था
    • यह 2010 से कई हाई-प्रोफाइल हमलों (जैसे केरल प्रोफेसर की हाथ काटने की घटना) से जुड़ा था।​
  • UAPA अधिनियम का संदर्भ
    • विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 भारत में आतंकवाद और गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया गया कानून है
    • जिसे 2004, 2008 और 2019 में संशोधित किया गया। यह केंद्र सरकार को किसी संगठन को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से गैरकानूनी घोषित करने की शक्ति देता है
    • यदि वह भारत की संप्रभुता, अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में लिप्त हो।
    • UAPA के तहत अधिकतम दंड मृत्युदंड या आजीवन कारावास हो सकता है
    • यह भारतीयों뿐 विदेशी नागरिकों पर भी लागू होता है—even अगर अपराध विदेश में किया गया हो।
  • कानूनी प्रक्रिया और प्रभाव
    • प्रतिबंध के बाद PFI के सभी कार्यालय, बैंक खाते और संपत्तियां जब्त कर ली गईं।
    • केंद्र ने अधिनियम की धारा 3 के तहत यह घोषणा की, जो संगठनों को तत्काल प्रतिबंधित करने की अनुमति देती है।
    • PFI ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने स्टे नहीं दिया।
    • इस प्रतिबंध से लगभग 20 राज्यों में PFI के हजारों सदस्य प्रभावित हुए, और कई पर UAPA के तहत मुकदमे दर्ज हुए।
  • विवाद और आलोचना
    • PFI समर्थकों का दावा है कि यह सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए काम करता था, लेकिन सरकार ने इसे आतंकवाद का खतरा बताया।
    • विपक्षी दलों ने UAPA के दुरुपयोग की आलोचना की, क्योंकि अधिनियम में जमानत की कठिन शर्तें (धारा 43D(5)) और लंबी हिरासत** हैं
    • जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर डालती हैं।
    • उच्चतम न्यायालय ने कई मामलों में UAPA के प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं, जैसे कि "विधिविरुद्ध गतिविधि" की व्यापक परिभाषा।

38. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर, 2022 में ....... में दुनिया के पहले सीएनजी टर्मिनल की आधारशिला रखी। [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) गुजरात
Solution:
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर, 2022 में गुजरात में दुनिया के पहले सीएनजी टर्मिनल (CNG Terminal) की आधारशिला रखी। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह टर्मिनल गुजरात के भावनगर में स्थापित किया जा रहा है।
  • सीएनजी (Compressed Natural Gas) टर्मिनल बंदरगाह पर सीएनजी आयात और निर्यात की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे देश में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह परियोजना भारत के समुद्री व्यापार को बढ़ाने और देश को एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा केंद्र बनाने के केंद्र सरकार के विजन के अनुरूप है।
  • यह भावनगर बंदरगाह के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  • घटना का विवरण
    • 29 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री मोदी ने भावनगर बंदरगाह के पास इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया।
    • यह दुनिया का पहला संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) टर्मिनल है
    • जिसे पद्मनाभन मफतलाल समूह और यूके के फोरसाइट ग्रुप के संयुक्त उद्यम द्वारा विकसित किया जा रहा है।
    • परियोजना की अनुमानित लागत 4,000 करोड़ रुपये से अधिक है
    • इसकी कार्गो संचालन क्षमता सालाना 1.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) होगी।
  • परियोजना की विशेषताएं
    • यह ब्राउनफील्ड पोर्ट विकास परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है
    • जिसमें गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
    • इसमें दुनिया का चौथा सबसे बड़ा लॉक गेट सिस्टम, अत्याधुनिक कंटेनर टर्मिनल, बहुउद्देशीय टर्मिनल, आरओ-आरओ टर्मिनल और लिक्विड टर्मिनल शामिल हैं।
    • इसके अलावा, यह भारत के उत्तरी आंतरिक क्षेत्रों, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी), प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और सड़क-रेल नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
    • निर्माण कार्य 2023 के पहले छह महीनों में शुरू होने की उम्मीद थी, और इसे 2026 तक चालू करने का लक्ष्य है।
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल बिजनेस समिट 2019 में फोरसाइट ग्रुप और जीएमबी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे
    • जिसके बाद यह परियोजना आगे बढ़ी। यह टर्मिनल भारत की प्राकृतिक गैस आयात क्षमता बढ़ाएगा, सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देगा और प्रदूषण कम करने में मदद करेगा।
    • उसी दिन प्रधानमंत्री ने भावनगर में कुल 5,200 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया
    • जिसमें क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र शामिल था। यह गुजरात के विकास और राष्ट्रीय ऊर्जा नीति को मजबूत करने वाला कदम था।
  • आर्थिक और रणनीतिक लाभ
    • यह परियोजना भावनगर को वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, स्थानीय रोजगार सृजन करेगी और भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगी।
    • सीएनजी टर्मिनल से सालाना 50 लाख टन क्षमता वाली आपूर्ति सुनिश्चित होगी
    • जो दिल्ली जैसे शहरों तक गैस पहुंचाने में सहायक होगी।
    • कुल मिलाकर, यह भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

39. सिंगल यूज प्लास्टिक जिसकी बहुत कम उपयोगिता है, को भारत में ....... में प्रतिबंधित कर दिया गया है। [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 1 जुलाई, 2022
Solution:
  • सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic - SUP) जिसकी बहुत कम उपयोगिता है
  • भारत में 1 जुलाई, 2022 में प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • प्रतिबंधित वस्तुओं में प्लास्टिक की स्टिक वाले ईयरबड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, पॉलीस्टाइरीन (थर्मोकोल), प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ और ट्रे शामिल हैं।
  • भारत में कम उपयोगिता वाले सिंगल यूज प्लास्टिक (SUP) को 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
  • यह प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लागू किया गया।
  • प्रतिबंध का पृष्ठभूमि
    • सिंगल यूज प्लास्टिक वे प्लास्टिक उत्पाद हैं जो एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाते हैं
    • इनका पुनर्चक्रण मुश्किल होता है, जैसे प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ आदि।
    • भारत सरकार ने 2018 से इनके चरणबद्ध उन्मूलन की योजना बनाई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2020 के स्वतंत्रता दिवस भाषण से प्रेरित थी।​
    • 2022 तक पूर्ण प्रतिबंध का लक्ष्य रखा गया, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषण उत्पादक देशों में से एक है
    • जहां प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा नदियों और समुद्रों में पहुंचता है।​
    • प्रतिबंध पहले चरणबद्ध था: 2021 में 50 माइक्रोन से पतले बैग प्रतिबंधित हुए, फिर 2022 में कम उपयोगिता वाली 19 वस्तुओं पर पूर्ण रोक।​
  • प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची
    • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने निम्नलिखित 19 आइटम्स को अवैध घोषित किया
    • जिनका निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पूरी तरह बंद है:
    • ईयरबड्स/कॉटन बड्स स्टिक्स
    • बैलून स्टिक्स
    • कैंडी स्टिक्स
    • आइसक्रीम स्टिक्स
    • कटलरी (चम्मच, कांटे, चाकू, प्लेट, कप, ग्लास, ट्रे)
    • रॉड्स (पोल स्टिक्स)
    • सिगरेट लाइटर फ्यूल स्टिक्स
    • स्टॉन्ड्रिंकिंग स्ट्रॉ
    • पूजा के लिए बलिप्रस्थ प्लेट्स
    • मिठाई के डिब्बे/पैकेट्स
    • निमंत्रण कार्ड्स
    • सिगरेट पैकेट्स
    • PVC बैनर 100 माइक्रोन से पतले
    • सजावटी सामग्री (पॉलीस्टाइरीन फोम)
    • गुटखा, पान मसाला पाउच
    • प्लास्टिक चाय/कॉफी कप लिड्स
    • थर्मोकोल के प्लेट/कप
    • फ्लेक्स/बैनर/फ्लैग स्ट्रिंग्स।
    • ये वस्तुएं कम उपयोगिता वाली मानी गईं क्योंकि इनके विकल्प आसानी से उपलब्ध हैं, जैसे कागज या पत्ते के बर्तन।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • प्रतिबंध प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2021 (अमेंडमेंट) के तहत लागू हुआ।
    • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स (SPCBs), नगर निगम और स्थानीय निकायों को निगरानी का जिम्मा दिया गया।​
    • राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए, और हेल्पलाइन शुरू की गई।
    • विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए मोटे (120 माइक्रोन+) रिसाइकिलेबल बैग्स अनिवार्य किए गए।​
    • 2026 तक (वर्तमान समय) यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से सक्रिय है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्रवर्तन चुनौतीपूर्ण रहा, जैसे स्ट्रीट फूड बाजार।​
  • दंड और सजा
    • उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 के तहत:
    • पहली बार: जुर्माना (20,000 से 1 लाख रुपये)
    • दोहराव: 5 साल तक जेल या जुर्माना या दोनों
    • उत्पाद जब्ती, फैक्ट्री बंदी, पर्यावरण क्षतिपूर्ति।
    • नगर निगमों के अपने नियम भी लागू हैं।
  • प्रभाव और चुनौतियां
    • प्रतिबंध से प्लास्टिक कचरा 2.4 लाख टन सालाना कम होने की उम्मीद थी
    • लेकिन अपशिष्ट प्रबंधन और जागरूकता की कमी बाधा बनी। विकल्प जैसे बांस/कागज उत्पाद बढ़े
    • लेकिन छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए। लंबे समय में यह जल प्रदूषण, माइक्रोप्लास्टिक और वन्यजीवों को नुकसान कम करेगा।

40. निम्नलिखित में से कौन अक्टूबर, 2022 की स्थिति के अनुसार केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री हैं? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अर्जुन मुंडा
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 की स्थिति के अनुसार केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा हैं। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • श्री अर्जुन मुंडा जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के केंद्रीय मंत्री हैं।
  • यह मंत्रालय देश भर के जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और कल्याण के लिए समर्पित है।
  • मंत्री के रूप में, उनका मुख्य कार्य जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार करना और लागू करना है।
  • मंत्रालय का परिचय
    • जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार का एक केंद्रीय प्राधिकरण है
    • जो अनुसूचित जनजातियों (ST) के समग्र कल्याण और विकास के लिए जिम्मेदार होता है।
    • यह मंत्रालय जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए नीतियां बनाता और लागू करता है।​
  • अर्जुन मुंडा का पदभार
    • श्री अर्जुन मुंडा झारखंड से भाजपा सांसद हैं और 2019 से 2024 तक नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में जनजातीय कार्य मंत्री रहे।
    • अक्टूबर 2022 तक वे इस पद पर थे, जैसा कि नवंबर 2022 के एक साक्षात्कार में भी पुष्टि होती है जहां उन्हें केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री कहा गया।​​
  • मुख्य जिम्मेदारियां
    • नीति विकास: अनुसूचित जनजातियों के लिए योजनाएं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर फोकस, विकास अंतर को कम करने के लिए।​
    • शिक्षा प्रोत्साहन: एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां जैसी पहलों का पर्यवेक्षण।​
    • सांस्कृतिक संरक्षण: जनजातीय कला, हस्तशिल्प और परंपराओं को बढ़ावा देना।​
    • समन्वय: अन्य मंत्रालयों जैसे स्वास्थ्य व ग्रामीण विकास के साथ तालमेल बिठाना।