Correct Answer: (d) 1 जुलाई, 2022
Solution:- सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic - SUP) जिसकी बहुत कम उपयोगिता है
- भारत में 1 जुलाई, 2022 में प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
- प्रतिबंधित वस्तुओं में प्लास्टिक की स्टिक वाले ईयरबड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, पॉलीस्टाइरीन (थर्मोकोल), प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ और ट्रे शामिल हैं।
- भारत में कम उपयोगिता वाले सिंगल यूज प्लास्टिक (SUP) को 1 जुलाई 2022 से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- यह प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा लागू किया गया।
- प्रतिबंध का पृष्ठभूमि
- सिंगल यूज प्लास्टिक वे प्लास्टिक उत्पाद हैं जो एक बार उपयोग के बाद फेंक दिए जाते हैं
- इनका पुनर्चक्रण मुश्किल होता है, जैसे प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ आदि।
- भारत सरकार ने 2018 से इनके चरणबद्ध उन्मूलन की योजना बनाई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2020 के स्वतंत्रता दिवस भाषण से प्रेरित थी।
- 2022 तक पूर्ण प्रतिबंध का लक्ष्य रखा गया, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषण उत्पादक देशों में से एक है
- जहां प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा नदियों और समुद्रों में पहुंचता है।
- प्रतिबंध पहले चरणबद्ध था: 2021 में 50 माइक्रोन से पतले बैग प्रतिबंधित हुए, फिर 2022 में कम उपयोगिता वाली 19 वस्तुओं पर पूर्ण रोक।
- प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने निम्नलिखित 19 आइटम्स को अवैध घोषित किया
- जिनका निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पूरी तरह बंद है:
- ईयरबड्स/कॉटन बड्स स्टिक्स
- बैलून स्टिक्स
- कैंडी स्टिक्स
- आइसक्रीम स्टिक्स
- कटलरी (चम्मच, कांटे, चाकू, प्लेट, कप, ग्लास, ट्रे)
- रॉड्स (पोल स्टिक्स)
- सिगरेट लाइटर फ्यूल स्टिक्स
- स्टॉन्ड्रिंकिंग स्ट्रॉ
- पूजा के लिए बलिप्रस्थ प्लेट्स
- मिठाई के डिब्बे/पैकेट्स
- निमंत्रण कार्ड्स
- सिगरेट पैकेट्स
- PVC बैनर 100 माइक्रोन से पतले
- सजावटी सामग्री (पॉलीस्टाइरीन फोम)
- गुटखा, पान मसाला पाउच
- प्लास्टिक चाय/कॉफी कप लिड्स
- थर्मोकोल के प्लेट/कप
- फ्लेक्स/बैनर/फ्लैग स्ट्रिंग्स।
- ये वस्तुएं कम उपयोगिता वाली मानी गईं क्योंकि इनके विकल्प आसानी से उपलब्ध हैं, जैसे कागज या पत्ते के बर्तन।
- कार्यान्वयन प्रक्रिया
- प्रतिबंध प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2021 (अमेंडमेंट) के तहत लागू हुआ।
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स (SPCBs), नगर निगम और स्थानीय निकायों को निगरानी का जिम्मा दिया गया।
- राष्ट्रीय/राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए, और हेल्पलाइन शुरू की गई।
- विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए मोटे (120 माइक्रोन+) रिसाइकिलेबल बैग्स अनिवार्य किए गए।
- 2026 तक (वर्तमान समय) यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से सक्रिय है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्रवर्तन चुनौतीपूर्ण रहा, जैसे स्ट्रीट फूड बाजार।
- दंड और सजा
- उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 के तहत:
- पहली बार: जुर्माना (20,000 से 1 लाख रुपये)
- दोहराव: 5 साल तक जेल या जुर्माना या दोनों
- उत्पाद जब्ती, फैक्ट्री बंदी, पर्यावरण क्षतिपूर्ति।
- नगर निगमों के अपने नियम भी लागू हैं।
- प्रभाव और चुनौतियां
- प्रतिबंध से प्लास्टिक कचरा 2.4 लाख टन सालाना कम होने की उम्मीद थी
- लेकिन अपशिष्ट प्रबंधन और जागरूकता की कमी बाधा बनी। विकल्प जैसे बांस/कागज उत्पाद बढ़े
- लेकिन छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए। लंबे समय में यह जल प्रदूषण, माइक्रोप्लास्टिक और वन्यजीवों को नुकसान कम करेगा।