राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-II

Total Questions: 50

41. स्टार्ट अप इंडिया योजना जिसका उद्देश्य पूरे देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और विकसित करने वाले एक पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना है, ....... में शुरू की गई थी। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 2016
Solution:
  • स्टार्ट अप इंडिया योजना, जिसका उद्देश्य पूरे देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने और विकसित करने वाले एक पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना है, 2016 में शुरू की गई थी। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी, 2016 को की थी।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य नए व्यवसायों (स्टार्ट-अप्स) को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है
  • जो आर्थिक विकास को बढ़ावा दे और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करे।
  • इस योजना के तहत स्टार्ट-अप्स को कर प्रोत्साहन, आसान नियामक अनुपालन और फंडिंग सहायता प्रदान की जाती है, जिससे भारत में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा मिल सके।
  • प्रारंभ और पृष्ठभूमि
    • यह योजना 2016 में लॉन्च की गई थी, जब भारत में स्टार्टअप संस्कृति को गति देने की आवश्यकता महसूस हुई।
    • इसका फुल फॉर्म 'Startup India' है, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा संचालित है।
    • योजना के लॉन्च के समय, सरकार ने स्टार्टअप्स को सरकारी टेंडर में भाग लेने, कर छूट और फंडिंग जैसी सुविधाएं देने का वादा किया
    • युवा उद्यमी बिना बाधाओं के व्यवसाय शुरू कर सकें।
  • मुख्य उद्देश्य
    • योजना का मूल लक्ष्य स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है, जिसमें शामिल हैं:
    • उद्यमिता को प्रोत्साहन देकर भारत को वैश्विक स्टार्टअप हब बनाना।​
    • नवाचार को बढ़ावा देना, विशेष रूप से तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में।​
    • रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति प्रदान करना।
  • प्रमुख विशेषताएं और लाभ
    • स्टार्टअप इंडिया के तीन मुख्य स्तंभ हैं: सरलीकरण और हैंडहोल्डिंग, फंडिंग सहायता, तथा उद्योग-शैक्षणिक भागीदारी।
  • उपलब्धियां
    • फरवरी 2026 तक, भारत में 1.57 लाख से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं
    • जिन्होंने 17.28 लाख नौकरियां पैदा की हैं। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है
    • साथ ही SC/ST और महिलाओं के लिए स्टैंडअप इंडिया से लिंक है।
  • पात्रता और रजिस्ट्रेशन
    • कंपनी 10 साल से कम पुरानी होनी चाहिए (कुछ क्षेत्रों में 15 साल)।
    • वार्षिक टर्नओवर 100 करोड़ से कम।
    • रजिस्ट्रेशन startupindia.gov.in पर ऑनलाइन, DPIIT सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए।

42. इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफलतापूर्वक परीक्षण ....... से किया गया था। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा
Solution:
  • इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफलतापूर्वक परीक्षण एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा से किया गया था। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • यह परीक्षण जून 2022 में किया गया था। अग्नि-4 एक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर है।
  • इसका परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (जिसे पहले व्हीलर द्वीप कहा जाता था
  • स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से किया गया। यह परीक्षण भारत की परमाणु निवारक क्षमता की विश्वसनीयता और तत्परता को स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था।
  • परीक्षण का स्थान और विवरण
    • जिसमें सभी परिचालन और तकनीकी मापदंड पूरी तरह सफल रहे।
    • परीक्षण स्थल चांदीपुर ओडिशा तट से दूर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (पूर्व में व्हीलर द्वीप) पर स्थित है, जो भारत के प्रमुख मिसाइल परीक्षण केंद्रों में से एक है।
  • अग्नि-4 मिसाइल की विशेषताएं
    • अग्नि-4 एक सतह से सतह पर मार करने वाली दो-स্তरीय ठोस ईंधन वाली मिसाइल है
    • जिसकी रेंज लगभग 4,000 किलोमीटर है। यह 1 टन वजन वाले परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है
    • जो भारत की न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता (credible minimum deterrence) को मजबूत करती है।
    • मिसाइल में उन्नत नेविगेशन सिस्टम है, जो उच्च सटीकता सुनिश्चित करता है और यह रोड-मोबाइल लॉन्चर से प्रक्षेपित की जा सकती है।
  • परीक्षण का इतिहास
    • 6 सितंबर 2024: चांदीपुर, ओडिशा से सफल लॉन्च; दो साल बाद पहला परीक्षण।
    • 6 जून 2022: एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा से शाम 7:30 बजे सफल अभ्यास।
    • 20 जनवरी 2014: व्हीलर द्वीप से पूर्ण रेंज परीक्षण, 850 किमी ऊंचाई तक पहुंच।​
    • ये परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा किए जाते रहे हैं, जो मिसाइल की विश्वसनीयता को बार-बार सिद्ध करते हैं।​
  • सामरिक महत्व
    • यह परीक्षण भारत की रणनीतिक क्षमताओं को मजबूत करता है
    • खासकर पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के संदर्भ में, क्योंकि इसकी जद इन क्षेत्रों को कवर करती है।
    • अग्नि-4 अग्नि-प्राइम जैसी नई पीढ़ी की मिसाइलों के परीक्षणों के बाद एक और मील का पत्थर है।
    • भारत सरकार ने इसे 'सफल प्रक्षेपण' घोषित कर राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की पुष्टि की।

43. "एक्सरसाइज पिच ब्लैक 22" नामक एक बहुपक्षीय रक्षा अभ्यास की मेजबानी ....... ने की है। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) ऑस्ट्रेलिया
Solution:
  • "एक्सरसाइज पिच ब्लैक 22" नामक एक बहुपक्षीय रक्षा अभ्यास की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया ने की है। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • पिच ब्लैक अभ्यास रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) द्वारा आयोजित एक द्विवार्षिक (दो साल में एक बार) बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास है।
  • 2022 का अभ्यास ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र, डार्विन में आयोजित किया गया था
  • जिसमें भारत सहित कई देशों की वायु सेनाओं ने भाग लिया।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों की वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को बढ़ाना और विभिन्न हवाई युद्ध परिदृश्यों में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना था।
  • अभ्यास का परिचय
    • एक्सरसाइज पिच ब्लैक एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय वायु रक्षा अभ्यास है
    • जो रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) द्वारा आयोजित किया जाता है।
    • यह अभ्यास मुख्य रूप से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के RAAF बेस डार्विन और टिंडल में होता है
    • जहां आक्रामक एवं रक्षात्मक हवाई युद्ध (OCA और DCA) का अभ्यास कम रोशनी की स्थितियों में किया जाता है।
    • पिच ब्लैक 22 संस्करण कोविड-19 महामारी के कारण चार वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हुआ।
  • तिथियां और स्थान
    • यह अभ्यास 19 अगस्त 2022 से 8 सितंबर 2022 तक चला, जो लगभग तीन सप्ताह की अवधि था।
    • मेजबानी RAAF ने डार्विन एयर बेस पर की, जहां बड़े पैमाने पर विमान गठनों और जटिल हवाई परिदृश्यों का अभ्यास हुआ।
    • अभ्यास का नाम रात्रिकालीन उड़ानों पर जोर देने के कारण पड़ा, जो दूरस्थ क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण वातावरण में बल एकीकरण को मजबूत करता है।
  • भाग लेने वाले देश और कर्मी
    • 17 देशों की वायु सेनाओं ने भाग लिया, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल थे।
    • कुल 2,500 से अधिक सैन्यकर्मी और लगभग 100 विमान शामिल हुए।
    • यह अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान और मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने पर केंद्रित था।
  • भारत की भूमिका
    • भारतीय वायु सेना (IAF) का दल ग्रुप कैप्टन YPS नेगी के नेतृत्व में पहुंचा
    • जिसमें चार सुखोई सु-30 एमकेआई और दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान शामिल थे।
    • IAF ने दिन-रात बहु-विमान युद्धाभ्यास में सक्रिय भागीदारी की, जो जटिल हवाई परिदृश्यों पर आधारित थे।
    • अभ्यास समाप्ति पर भारतीय दल सफलतापूर्वक वापस लौटा, जिससे अन्य देशों के साथ अंतरसंचालनीयता और मित्रता बढ़ी।
  • उद्देश्य और महत्व
    • अभ्यास का मुख्य लक्ष्य रात्रिकालीन हवाई युद्ध, बड़े विमान विन्यासों और संयुक्त संचालन का अभ्यास था।
    • इससे भागीदार देशों को क्षमताओं की बेहतर समझ, बल एकीकरण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक सहयोग मिला।
    • RAAF के निदेशक ग्रुप कैप्टन पीटर वुड ने इसे संयुक्त हवाई अभियानों की तैयारी के रूप में वर्णित किया।

44. भारतीय नौसेना ने अक्टूबर, 2022 में ....... की नौसेना के साथ जहाजों के बारे में जानकारी के आदान-प्रदान के लिए व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज (व्हाइट शिपिंग सूचना विनिमय) के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) न्यूजीलैंड
Solution:
  • भारतीय नौसेना ने अक्टूबर, 2022 में न्यूजीलैंड की नौसेना के साथ जहाजों के बारे में जानकारी के आदान-प्रदान के लिए व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज (व्हाइट शिपिंग सूचना विनिमय) के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • व्हाइट शिपिंग सूचना का तात्पर्य वाणिज्यिक (Commercial) जहाजों की पहचान और आवाजाही से संबंधित जानकारी से है।
  • इस समझौते पर हस्ताक्षर का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री डोमेन जागरूकता को बढ़ाना है।
  • यह सूचना विनिमय हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और संरक्षा को मजबूत करने तथा समुद्री खतरों से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है।
  • समझौते का पृष्ठभूमि
    • यह MoU भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित हुआ।
    • यात्रा के दौरान दोनों नौसेनाओं ने समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की
    • जिसमें MILAN 2022 बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास का भी जिक्र था।
    • व्हाइट शिपिंग सूचना विनिमय वाणिज्यिक (गैर-सैन्य) व्यापारी जहाजों की आवाजाही और पहचान की पूर्व सूचना के आदान-प्रदान को संदर्भित करता है।
  • WSIE का उद्देश्य
    • यह समझौता दोनों देशों को अपने समुद्री क्षेत्रों में जहाजों की जानकारी साझा करने की सुविधा प्रदान करता है।
    • इससे पारदर्शिता बढ़ती है, संभावित खतरों की पहचान आसान होती है, तथा समुद्री सुरक्षा मजबूत होती है।
    • WSIE प्रोटोकॉल के जरिए लियाजन अधिकारी सुरक्षित डेटा एक्सचेंज सुनिश्चित करते हैं
    • जो इंडियन ओशन क्षेत्र और प्रशांत महासागर में सहयोग को प्रोत्साहित करता है।
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • डेटा प्रकार: वाणिज्यिक जहाजों (व्हाइट शिपिंग) की स्थिति, गति, और पहचान विवरण।
    • लाभ: ग्रे शिपिंग (सैन्य जहाज) या ब्लैक शिपिंग (अवैध गतिविधियों वाले जहाज) से अंतर करना आसान।
    • रणनीतिक महत्व: भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति का हिस्सा, जहां न्यूजीलैंड पहला प्रशांत साझेदार बना।
  • व्यापक संदर्भ
    • भारत ने पहले भी कई देशों जैसे फ्रांस, अमेरिका, जापान आदि के साथ WSIE समझौते किए हैं।
    • न्यूजीलैंड के साथ यह पैसिफिक क्षेत्र में पहला MoU था, जो QUAD और अन्य मंचों के अनुरूप द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है।
    • इससे समुद्री व्यापार मार्गों (SLOCs) की सुरक्षा सुनिश्चित होती है तथा आर्थिक हित सुरक्षित रहते हैं।
  • भविष्य की संभावनाएं
    • यह समझौता दोनों नौसेनाओं के बीच नियमित संयुक्त अभ्यासों और सूचना साझा करने का आधार बनेगा।
    • 2026 तक, यह भारत की समुद्री कूटनीति का अभिन्न अंग बना रहेगा, खासकर बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में।

45. पारिवारिक न्यायालय (संशोधन) अधिनियम, 2022 ने परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 में संशोधन किया है। यह अधिनियम ....... को पारिवारिक न्यायालय स्थापित करने की अनुमति देता है। [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) राज्य सरकारों
Solution:
  • पारिवारिक न्यायालय (संशोधन) अधिनियम, 2022 ने परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 में संशोधन किया है।
  • यह अधिनियम राज्य सरकारों को पारिवारिक न्यायालय स्थापित करने की अनुमति देता है। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • यह संशोधन कुछ राज्यों में, जहां केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना परिवार न्यायालय स्थापित किए गए थे, उन्हें कानूनी वैधता प्रदान करने के लिए लाया गया था।
  • पारिवारिक न्यायालयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य विवाह और पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों के त्वरित निपटान को सुनिश्चित करना है, जिसमें सुलह (conciliation) पर विशेष जोर दिया जाता है।
  • अधिनियम का मुख्य प्रावधान
    • यह अधिनियम राज्य सरकारों को पारिवारिक न्यायालयों की स्थापना करने और तीन वर्ष की अवधि के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति करने का अधिकार प्रदान करता है।
    • राज्य सरकारें ऐसे न्यायाधीश चुन सकती हैं जिन्हें पारिवारिक विवादों से संबंधित विशेष ज्ञान या अनुभव हो।
    • केंद्र सरकार के पास यह अधिकार नहीं है क्योंकि पारिवारिक मामले भारतीय संविधान की राज्य सूची के अंतर्गत आते हैं।
  • मूल अधिनियम का उद्देश्य
    • परिवार न्यायालय अधिनियम, 1984 पारिवारिक विवादों जैसे विवाह, तलाक, बच्चे की कस्टडी, भरण-पोषण आदि के शीघ्र निपटारे के लिए पारिवारिक न्यायालयों की स्थापना करता है।
    • यह 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों या कस्बों में इनकी स्थापना का प्रावधान करता है
    • साथ ही सुलह और वैवाहिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर देता है। राष्ट्रपति ने इसे 14 सितंबर 1984 को स्वीकृति दी थी।
  • प्रमुख संशोधन और विशेषताएं
    • हिमाचल प्रदेश (शिमला, धर्मशाला, मंडी में 15 फरवरी 2019 से) और नागालैंड (दीमापुर, कोहिमा में 12 सितंबर 2008 से) में पहले से चल रहे पारिवारिक न्यायालयों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्रदान करता है। इनकी कार्यवाहियां अब वैध मानी जाएंगी।​​
    • अधिनियम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 1984 अधिनियम के कुछ प्रावधानों में बदलाव किया गया, जैसे न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया को सरल बनाना।
    • उच्च न्यायालयों को पारिवारिक न्यायालयों की प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति बरकरार रखी गई है।​
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • जिलाधिकारी जैसे प्रशासनिक अधिकारी इसकी स्थापना के लिए उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि उनका कार्यक्षेत्र राजस्व और कानून-व्यवस्था तक सीमित है।​
    • यह संशोधन पारिवारिक विवादों के त्वरित समाधान को बढ़ावा देता है, जो महिलाओं से जुड़े कानूनी सुधारों का हिस्सा है।​
    • लोकसभा ने विधेयक को 18 अगस्त 2022 को पारित किया और राष्ट्रपति ने 17 मार्च 2022 को इसे मंजूरी दी।​​
  • कार्यप्रणाली
    • पारिवारिक न्यायालय सुलह को प्राथमिकता देते हैं और औपचारिक साक्ष्य प्रक्रिया के बजाय अनौपचारिक तरीके अपनाते हैं।
    • ये दो तरीकों से विवाद सुलझाते हैं: सुलह के माध्यम से और यदि आवश्यक हो तो न्यायिक निर्णय द्वारा।
    • यह संशोधन पारिवारिक न्याय प्रणाली को मजबूत बनाता है, खासकर उन राज्यों में जहां पहले अनिश्चितता थी।

46. मार्च, 2023 में माणिक साहा ने निम्नलिखित में से किस राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) त्रिपुरा
Solution:
  • मार्च, 2023 में माणिक साहा ने त्रिपुरा राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • माणिक साहा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नेतृत्व किया, जिसने 2023 के राज्य विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की।
  • वे मई 2022 से भी मुख्यमंत्री के पद पर थे, लेकिन 2023 के चुनाव के बाद उन्होंने अपने पद की शपथ फिर से ली।
  • त्रिपुरा एक पूर्वोत्तर राज्य है और साहा का नेतृत्व राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शपथ ग्रहण समारोह
    • 8 मार्च 2023 को अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में राज्यपाल सत्य देव नारायण आर्य ने माणिक साहा को त्रिपुरा का 12वां मुख्यमंत्री बनाया।
    • इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा उपस्थित थे।
    • साहा समेत 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिसमें भाजपा के 8 और सहयोगी आईपीएफटी के 1 विधायक शामिल थे।​
  • चुनाव परिणाम
    • त्रिपुरा विधानसभा की 60 सीटों पर फरवरी-मार्च 2023 में हुए चुनाव में भाजपा ने 32 सीटें जीतीं, जबकि सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) को 1 सीट मिली।
    • वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन को कुल 11 सीटें (वाम मोर्चा-43 पर लड़ा, 11 जीतीं; कांग्रेस-13 पर लड़ी, 1 जीती) और टिपरा मोथा को 13 सीटें मिलीं। भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला।
    • मतदान 81.1% रहा और कुल 259 उम्मीदवार मैदान में थे।​
  • राजनीतिक संदर्भ
    • त्रिपुरा में 2018 के चुनाव के बाद भाजपा ने वाम मोर्चा की 25 साल पुरानी सरकार को हरा दिया था।
    • 2023 चुनाव में भी भाजपा ने अपनी सत्ता बरकरार रखी। माणिक साहा का दूसरा कार्यकाल विकास, आदिवासी कल्याण और बांग्लादेश सीमा से लगे राज्य की सुरक्षा पर केंद्रित रहा।
    • कांग्रेस-लेफ्ट ने चुनाव बाद हिंसा का आरोप लगाकर शपथ समारोह का बहिष्कार किया।
    • अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल (ममता बनर्जी), असम (हिमंत बिस्वा सरमा) और तमिलनाडु (एमके स्टालिन) में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
  • माणिक साहा का प्रोफाइल
    • जन्म: 5 जनवरी 1960, पंचाबाड़, त्रिपुरा। वे राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।
    • दंत चिकित्सा में बीडीएस डिग्री धारक साहा ने भाजपा को पूर्वोत्तर में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • वे स्वच्छ छवि वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं।

47. निम्नलिखित में से कौन-सा हवाई अड्डा भारत का पहला सौर ऊर्जा से संचालित होने वाला हवाई अड्डा होगा? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL), केरल
Solution:
  • कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL), केरल भारत का पहला सौर ऊर्जा से संचालित होने वाला हवाई अड्डा है। इसलिए, विकल्प (a) सही है।
  • कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया का भी पहला हवाई अड्डा है जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होता है।
  • इसने 2015 में यह उपलब्धि हासिल की, जब उसने अपने परिसर में एक विशाल सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया। यह पहल हवाई अड्डे को ग्रिड से स्वतंत्र बनाती है
  • इसके कार्बन फुटप्रिंट को काफी हद तक कम करती है।
  • यह वैश्विक विमानन उद्योग के लिए हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मॉडल है।
  • लेह हवाई अड्डा भारत का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डा होगा।
    • यह कुशोक बाकुला रिनपोछे हवाई अड्डा (KBR Airport), लेह, लद्दाख में स्थित है
    • जो जुलाई 2026 तक भूतापीय (geothermal) और सौर ऊर्जा के संयोजन से पूरी तरह संचालित होने की योजना बना रहा है।
    • वर्तमान में चल रहे 640 करोड़ रुपये के नवीनीकरण प्रोजेक्ट के तहत यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा बनेगा, जो दो नवीकरणीय स्रोतों पर निर्भर होगा।​
  • वर्तमान स्थिति
    • लेह हवाई अड्डा 11,000 फीट की ऊंचाई पर भारत का सबसे ऊंचा हवाई अड्डा है।
    • नया घरेलू टर्मिनल जुलाई 2026 तक चालू हो जाएगा, जिसमें देश की सबसे बड़ी भूतापीय हीटिंग-कूलिंग सिस्टम लगाई जा रही है।
    • यह सिस्टम हीटिंग, कूलिंग और गर्म पानी प्रदान करेगी, जिससे पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी।​
    • सौर ऊर्जा के साथ भूतापीय प्रणाली इसे पूर्णतः स्व-निर्भर बनाएगी।
    • परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, और उद्घाटन भी उनकी ओर से होने की संभावना है।​
  • परियोजना का प्रभाव
    • नवीनीकरण से विमान पार्किंग बे 2 से बढ़कर 6 हो जाएंगी
    • जिससे प्रतिदिन 54 उड़ानों का संचालन संभव होगा (वर्तमान: गर्मी में 18, सर्दी में 8)।
    • पर्यटकों, रक्षा कर्मियों और स्थानीय यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी।​
    • यह सतत विमानन (sustainable aviation) की दिशा में बड़ा कदम है
    • जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है। 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त पार्किंग वे के लिए आवंटित हैं।​

48. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और इसके सहयोगियों पर ....... वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) पांच
Solution:
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और इसके सहयोगियों पर पाँच वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इसलिए, विकल्प (d) सही है।
  • यह प्रतिबंध विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 के तहत लगाया गया था।
  • सरकार ने PFI और उसके सहयोगियों को गैरकानूनी संगठन घोषित किया
  • क्योंकि उनके कथित रूप से आतंकवाद, कट्टरता और देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरे से जुड़े लिंक थे।
  • यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने और कट्टरपंथी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया था।
  • पूरा विवरण:
  • प्रकार और कानूनी आधार
    • सरकार ने Popular Front of India (PFI) को गैर-कानूनी संगठन (Unlawful Association) घोषित किया और इसके सहयोगी मोर्चों पर भी वही प्रतिबन्ध लागू किया
    • [PIB प्रेस विज्ञप्ति 27 सितम्बर 2022]. यह कदम UAPA (1967) के प्रावधानों के अंतर्गत लिया गया था
    • संगठन के साथ जुड़े क्रियाकलापों को रोका जा सके [PIB प्रेस रिलीज].
    • साथ ही, PFI और उसके सहयोगी संगठन—जिनमें कुछ मोर्चे/अग्रणी संस्थान भी शामिल थे
    • आतंकवाद से जुड़े आरोपों, उसके वित्तपोषण, लक्षित हत्याओं, सार्वजनिक व्यवस्था में अव्यवस्था आदि के आरोप लगाए गए थे [PIB/आधिकारिक विज्ञप्ति].
  • अवधि और परिणाम
    • इस निर्णय के अनुसार PFI और उसके सहयोगी संगठनों पर पांच साल का प्रतिबन्ध लगाया गया था
    • यानी सितंबर 2027 तक उन्हें संचालन, फंडिंग, या किसी भी प्रकार के फ्रंट के रूप में क्रियाकलाप करने से रोकथम्मी दी गई थी
    • [भिन्न आधिकारिक स्रोतों में भी 5-वर्षीय प्रतिबन्ध की समालोचना/उल्लेख मिला है].
    • यह कदम देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक सतर्क बनाने के उद्देश्य से किया गया था
    • साथ ही मौजूदा छापेमारियों और जांच-पड़ताल के क्रम को सुदृढ़ करने के संकेत भी दिए गए थे [PR/गृह मंत्रालय नोटिस, मीडिया कवरेज].
  • प्रमुख तर्क और संदर्भ
    • सरकार ने कहा कि PFI और उसके सहयोगी मोर्चे गंभीर अपराधों में शामिल पाए गए हैं
    • जिनमें आतंकवाद और आतंकवाद-सम्बन्धी वित्तपोषण, सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना आदि शामिल थे
    • इससे संवैधानिक ढांचे, अखंडता और शांति-व्यवस्था पर खतरा उत्पन्न हो सकता था [PIB घोषणাপत्र].
    • इस प्रतिबन्ध के साथ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यापक छापेमारियाँ और गिरफ्तारियाँ भी सामने आईं
    • संगठन से जुड़े नेटवर्क और वित्त-पोषण को$current रोक-थाम किया जा सके [विभिन्न समाचार कवरेज, 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत].
  • कानूनी स्थिति का वर्तमान संदर्भ (संदेश 2026 तक)
    • 2022 के फैसले के बाद कई कानूनी प्रक्रियाएं चलीं
    • जिनमें PFI ने प्रतिबन्ध की वैधता को चुनौती दी- पर उच्चतम न्यायालय/राज्यों के आदेशों में प्रतिबन्ध की पुष्टिकरण या स्थगन की स्थितियाँ रही हैं
    • अदालतों ने कुछ याचिकाओं को विचार योग्य माना है और अन्य पर निर्णय जारी रखा है।
    • 2025–2026 के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय आदि की बैठकों में भी PFI प्रतिबन्ध के कानूनी वैधता और चुनौती पर बहस चली है
    • लेकिन मुख्य निष्कर्ष/न्यायिक निर्णय सुनवाई के चरण में रहे हैं।
  • क्या यह जानकारी आपको किसी विशेष हिस्से में चाहिए था?
    • अगर आप चाहें तो मैं इसे नीचे दिए गए भागों में और विस्तार से प्रस्ट कर सकता/सकती हूँ:
    • काननी प्रक्रिया: UAPA के तहत कैसे कदम उठे, किस नोटिफिकेशन से प्रतिबन्ध लगा, और उच्च न्यायालय/सुनवाई की स्थिति।
    • प्रभाव: PFI से जुड़े संस्थागत ढांचे, फंडिंग व फ्रंट-ऑर्गेनाइज़ेशंस पर क्या-क्या प्रभाव दिखे।
    • ताजा स्थिति: 2026 तक के प्रमुख अद्यतन, अदालतों के निर्णयों के प्रकार और उनके संभावित परिणाम।

49. "आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) " का क्रियान्वयन करने वाली संस्था का नाम क्या है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) एनएचए
Solution:
  • आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)" का क्रियान्वयन करने वाली संस्था का नाम एनएचए (National Health Authority - राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण) है। इसलिए, विकल्प (b) सही है।
  • एनएचए भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत और इसके दो स्तंभों, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) को लागू करने के लिए शीर्ष सरकारी निकाय है।
  • ABDM का उद्देश्य देश में एक एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है
  • जिसमें सभी नागरिकों के लिए एक स्वास्थ्य आईडी और स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटल रूप से सुरक्षित आदान-प्रदान शामिल है।
  • विस्तृत उत्तर
    • संगठन का नाम: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (National Health Authority, NHA)।
    • संबंधित मंत्रालय: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare, MoHFW)।
    • भूमिका: ABDM की योजना बनाने, कार्यान्वयन करने और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम के विकास को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय संस्था के रूप में कार्य करती है।
  • प्रमुख उद्देश्यों के अनुरूप भूमिका:
    • एक interoperable और सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना।
    • विभिन्न राज्यों, सरकारी संस्थाओं और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच डेटा साझा करने की मानकीकृत पद्धति सुनिश्चित करना।
    • नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित, निजता-सम्बद्ध और आसानी से एक्सेस करने योग्य बनाना।
    • ABHA ID और अन्य घटक: ABDM प्लेटफॉर्म के अन्दर नागरिकों के लिए Health ID (ABHA ID) जैसी सेवाओं का प्रबंधन और एकीकृत करना NHA की देखरेख में होता है।
  • प्राथमिक स्रोतों के अनुसार विश्वसनीय संदर्भ:
    • ABDM के क्रियान्वयन के लिए NHA ही मुख्य implementing agency के रूप में स्थापित है ।​
    • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत ABDM की संस्थागत संरचना और उद्देश्यों की व्याख्या भी यही संकेत देती है ।

50. अक्टूबर, 2022 तक निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पत्तन है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) जवाहरलाल नेहरू पत्तन
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 तक, जवाहरलाल नेहरू पत्तन (Jawaharlal Nehru Port - JNP) भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पत्तन (पोर्ट) है। इसलिए, विकल्प (c) सही है।
  • जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA), जिसे पहले न्हावा शेवा के नाम से जाना जाता था, मुंबई के पास स्थित है।
  • यह भारत के कुल कंटेनर यातायात का एक बड़ा हिस्सा संभालता है और यह देश का प्रमुख प्रवेश द्वार है।
  • यह बंदरगाह भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, विशेषकर कंटेनरीकृत कार्गो (containerized cargo) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • व्यावहारिक विस्तार
    • संदर्भ: अक्टूबर 2022 तक के कवरेज के अनुसार JNPT, महाराष्ट्र के मुंबई के पास, भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट था।
    • यह तथ्य विभिन्न स्रोतों में एक प्रमुख तथ्य के रूप में दर्ज है, जिसमें “सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट” के रूप में JNPT का उल्लेख होता है.
    • क्यों बड़ा माना गया: परंपरागत माप-मानक के अनुसार कंटेनर टर्मिनल के आकार, TEU हैंडलिंग क्षमता
    • एकीकृत लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के आधार पर JNPT को भारत के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट के तौर पर पहचाना गया था।
    • अन्य संदर्भ: 2020–2022 के आसपास कई श्रोणियों में यह बात बारंबार उठी है कि Jawaharlal Nehru Port Trust (JNPT) देश का प्राथमिक कंटेनर पोर्ट है
    • जबकि कुछ स्रोत “सबसे बड़ा” के दायरे को आंतरिक टर्मिनलों (जैसे मुंबई के JNPT के भीतर Phase I/II) और बंदरगाह-विशिष्ट मापदंडों से जोड़ते हैं.
  • स्पष्टता हेतु कुछ बिंदु
    • अक्टूबर 2022 तक के रिकॉर्ड के अनुसार JNPT सबसे बड़ा था
    • बाद में 2023–2025 के बाद की रिपोर्टों में कुछ अन्य पोर्टों (जैसे दीनदयाल पेट्रोलियम-युक्त पोर्ट टर्मिनल, या वृहदड़ विस्तारों के साथ अन्य महानगरीय करियर) संदर्भ में बदलाव के संकेत मिलते हैं
    • लेकिन यह अक्टूबर 2022 तक की स्थिति है.​​
    • यदि आप चाहें, मैं उसी अवधि के आधिकारिक दस्तावेज़, पोर्ट ट्रस्ट रिपोर्टें या सरकारी अधिसूचनाओं के उद्धरणों के साथ एक विस्तृत सत्यापन-सारांश बनाकर दे सकता/सकती हूँ।
  • उद्धरण
    • JNPT को भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट माना गया है (अक्टूबर 2022 तक स्थिति).​
    • संबंधित संदर्भ: अक्टूबर 2022 के आसपास की स्थिति पर थ्योरिटिकल/अकादमिक स्पष्टिकरण (फैक्ट-साइटेड).​
    • मानकीकृत पंक्ति-संदेश: सूचीबद्ध पोर्ट्स/टर्मिनल्स में JNPT के पूर्व-स्थिति और विस्तृत क्षमताओं का उल्लेख (List of ports in India).​