राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-III

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21. 'संसदीय राजभाषा समिति' की 36वीं बैठक की अध्यक्षता ....... ने की थी। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अमित शाह
Solution:
  • संसदीय राजभाषा समिति' की 36वीं बैठक की अध्यक्षता अमित शाह ने की थी।
  • यह बैठक गृह मंत्री के रूप में उनकी भूमिका के तहत आयोजित की गई थी
  • क्योंकि राजभाषा विभाग केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है और गृह मंत्री इस समिति के उपाध्यक्ष होते हैं
  • जबकि प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, लेकिन व्यवहार में बैठकों की अध्यक्षता गृह मंत्री ही करते हैं।
  • समिति का परिचय
    • संसदीय राजभाषा समिति का गठन 1976 में राजभाषा अधिनियम, 1963 के तहत किया गया था।
    • यह उच्चाधिकार प्राप्त संसदीय समिति है, जिसमें 30 सदस्य होते हैं
    • 20 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से। गृह मंत्री हमेशा इस समिति के अध्यक्ष होते हैं।
    • समिति का मुख्य उद्देश्य हिंदी को संघ सरकार की राजभाषा के रूप में प्रगति करने के लिए कार्यों की समीक्षा करना है।
    • यह केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों में राजभाषा नीति के कार्यान्वयन का निरीक्षण करती है।​
  • बैठक की तिथि और स्थान
    • 36वीं बैठक 10 अगस्त 2021 को नई दिल्ली में हुई।
    • इसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा और समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब उपस्थित थे।
    • बैठक में समिति के 10वें प्रतिवेदन को राष्ट्रपति के पास भेजने की मंजूरी दी गई।
  • प्रमुख चर्चाएं और बिंदु
    • अमित शाह ने हिंदी को देश को जोड़ने वाली कड़ी बताया, लेकिन स्थानीय भाषाओं के महत्व पर भी जोर दिया।
    • उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी और देवनागरी लिपि की भूमिका पर प्रकाश डाला, जैसे महात्मा गांधी, सरदार पटेल आदि नेताओं द्वारा इसका प्रचार।
    • आजादी के 75वें वर्ष (आजादी का अमृत महोत्सव) के संदर्भ में हिंदी की भूमिका को थीम बनाने का सुझाव दिया।
    • क्षेत्रीय भाषाओं में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की पुस्तकों का हिंदी अनुवाद करवाने और पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा।
    • न्याय, इंजीनियरिंग, मेडिकल शिक्षा में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
    • हिंदी को सहमति से स्वीकृत करने और राष्ट्रीय एकता के सूत्र के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया।
    • शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदी प्रचार के प्रयासों का उल्लेख किया, जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में भाषण।​
  • अमित शाह की भूमिका
    • अमित शाह उस समय केंद्रीय गृह मंत्री थे और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
    • वे 2019 से गृह मंत्री हैं तथा पहले भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं। 2024 में उन्हें पुनः समिति का अध्यक्ष चुना गया।
  • बैठक का महत्व
    • यह बैठक हिंदी के प्रचार-प्रसार और राजभाषा नीति के कार्यान्वयन पर केंद्रित रही।
    • समिति ने सामूहिक प्रयासों से हिंदी को अधिक लोकप्रिय बनाने का संकल्प लिया।
    • यह आजादी के अमृत महोत्सव के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक थी।

22. बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 महिलाओं की विवाह की न्यूनतम आयु को बढ़ाकर ........ वर्ष करने का प्रयास करता है। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 21
Solution:
  • बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 महिलाओं की विवाह की न्यूनतम आयु को बढ़ाकर 21 वर्ष करने का प्रयास करता है।
  • वर्तमान में, महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, जबकि पुरुषों के लिए यह 21 वर्ष है।
  • इस विधेयक का उद्देश्य महिला-पुरुष दोनों के लिए विवाह की कानूनी आयु को समान (21 वर्ष) करना है।
  • विधेयक का परिचय
    • यह विधेयक दिसंबर 2021 में लोकसभा में पेश किया गया था
    • जो बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 में संशोधन करता है।
    • मौजूदा कानून में पुरुषों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष निर्धारित है
    • जबकि यह बिल लैंगिक समानता लाने के उद्देश्य से महिलाओं की आयु को भी 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखता है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य बाल विवाह रोकना, महिलाओं को उच्च शिक्षा और करियर के अवसर प्रदान करना तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
  • मुख्य प्रावधान
    • न्यूनतम आयु में बदलाव: महिलाओं के लिए विवाह की वैध न्यूनतम आयु 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी जाती है, जो पुरुषों के बराबर है।
    • बच्चे की परिभाषा: 'बच्चा' को 21 वर्ष से कम आयु का कोई भी व्यक्ति (लिंग नিরपेक्ष) माना जाएगा।​
    • अमान्य घोषित करने की समय सीमा: बाल विवाह को अदालत में अमान्य कराने की अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष (यानी 23 वर्ष की आयु तक) कर दिया गया।
    • कानूनों पर प्राथमिकता: यदि कोई रीति-रिवाज, प्रथा या अन्य कानून (जैसे हिंदू विवाह अधिनियम) इससे विरोधाभासी हो, तो यह अधिनियम ही लागू होगा।
  • उद्देश्य और पृष्ठभूमि
    • विधेयक का उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव समाप्त करना और महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देना है।
    • भारत में बाल विवाह अभी भी एक बड़ी समस्या है, जो लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
    • सरकार का मानना है कि आयु बढ़ाने से गरीबी, सामाजिक दबाव और कलंक जैसे कारकों से निपटने में मदद मिलेगी।
    • हालांकि, हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में पहले से ही लड़कियों के लिए 18 और लड़कों के लिए 21 वर्ष का प्रावधान है
    • लेकिन यह बिल सभी व्यक्तिगत कानूनों को ओवरराइड करने का प्रयास करता है।
  • वर्तमान स्थिति
    • विधेयक को संसदीय समिति को भेजा गया था, लेकिन 17वीं लोकसभा के भंग होने के कारण यह लैप्स हो गया।
    • अभी तक यह कानून नहीं बना है।
    • हाल ही में हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने समान संशोधन वाले अपने विधेयक पारित किए हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को बढ़ावा दे रहे हैं।​
  • संभावित प्रभाव
    • सकारात्मक: महिलाओं में शिक्षा दर बढ़ेगी, मातृ मृत्यु दर घटीगी और लैंगिक समानता मजबूत होगी।​
    • चुनौतियां: धार्मिक समुदायों और प्रथाओं से टकराव हो सकता है
    • साथ ही राष्ट्रपति की स्वीकृति की आवश्यकता पड़ सकती है।
    • बाल विवाह के मामलों में प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।​

23. केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 में यह घोषणा की है कि वह ....... प्लेटफॉर्म लांच करेंगी, जो ओरिएंटल और दक्षिण एशियाई अध्ययन (Oriental and South Asian Studies) के लिए एक ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत विद्या
Solution:
  • केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 2022 में यह घोषणा की थी कि वह भारत विद्या प्लेटफॉर्म लांच करेंगी
  • जो ओरिएंटल और दक्षिण एशियाई अध्ययन (Oriental and South Asian Studies) के लिए एक ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफॉर्म है।
  • इस प्लेटफॉर्म को भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI), पुणे द्वारा विकसित किया गया है।
  • प्लेटफॉर्म का नाम और उद्देश्य
    • भारत विद्या नामक यह प्लेटफॉर्म भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक विरासत को डिजिटल रूप से सुलभ बनाने के लिए विकसित किया गया है।
    • यह इंडोलॉजी (भारतीय विद्या) के विभिन्न पहलुओं जैसे कला, वास्तुकला, दर्शन, भाषा और विज्ञान को कवर करता है।
    • मंच पर मुफ्त और सशुल्क दोनों प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं, जो छात्रों, शोधकर्ताओं और उत्साही लोगों के लिए वैश्विक स्तर पर पहुंच प्रदान करते हैं।
  • विकास और संस्थान
    • यह प्लेटफॉर्म भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI), पुणे द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।
    • BORI भारत के प्रमुख ओरिएंटल रिसर्च संस्थानों में से एक है
    • जो संस्कृत ग्रंथों, महाभारत और अन्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों पर विशेषज्ञता रखता है।
    • लॉन्च पुणे में ही हुआ था, जो इसकी प्रासंगिकता को और मजबूत बनाता है।
  • प्रारंभिक कोर्स और सामग्री
    • शुरुआत में प्लेटफॉर्म पर छह प्रमुख कोर्स उपलब्ध कराए गए:
    • वेद विद्या (Veda Vidya): वेदों का परिचय और अध्ययन।
    • भारतीय दर्शनशास्त्र (Bharatiya Darshanshastra): भारतीय दर्शन की प्रमुख धाराओं पर फोकस।
    • संस्कृत शिक्षा (Sanskrit Learning): संस्कृत भाषा की बुनियादी और उन्नत शिक्षा।
    • महाभारत के 18 पर्व (18 Parvas of Mahabharata): महाभारत के सभी 18 पर्वों का विस्तृत विश्लेषण।
    • पुरातत्व के बुनियादी सिद्धांत (Fundamentals of Archaeology): पुरातत्व विज्ञान की मूल अवधारणाएं।
    • कालिदास और भाषा (Kalidasa and Bhasha): महाकवि कालिदास की रचनाओं और भाषा शैली का अध्ययन।
    • ये कोर्स क्रेडिट-आधारित हैं, जो BORI द्वारा प्रमाणित होते हैं।
  • महत्व और प्रभाव
    • भारत विद्या पहला ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो विशेष रूप से ओरिएंटल और दक्षिण एशियाई अध्ययन के लिए समर्पित है।
    • यह भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems - IKS) को बढ़ावा देने वाली पहल का हिस्सा है
    • जो शिक्षा मंत्रालय और अन्य संस्थानों से जुड़ी है। प्लेटफॉर्म भौगोलिक बाधाओं को दूर कर दुनिया भर में भारतीय संस्कृति का प्रसार करता है।
    • यह न केवल शिक्षा को सुलभ बनाता है, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण और वैश्विक जागरूकता भी बढ़ाता है।
    • उदाहरण के लिए, महाभारत जैसे महाकाव्यों का डिजिटल अध्ययन युवा पीढ़ी को प्राचीन ज्ञान से जोड़ता है।
  • लॉन्च का संदर्भ
    • निर्मला सीतारमण ने 24 सितंबर 2022 को पुणे में इस प्लेटफॉर्म का औपचारिक लॉन्च किया।
    • यह घोषणा 2022 के बजट या संबंधित कार्यक्रमों के दौरान की गई थी
    • जो शिक्षा और डिजिटल इंडिया को मजबूत करने की दिशा में एक कदम था।
    • तब से यह सक्रिय है और समय-समय पर नए कोर्स जोड़े जाते हैं।
  • पहुंच और उपयोग
    • प्लेटफॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध है, जहां उपयोगकर्ता आसानी से रजिस्टर कर कोर्स चुन सकते हैं।
    • यह मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर काम करता है, जिससे दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंच संभव है।
    • वर्तमान में (फरवरी 2026 तक), यह IKS पहलों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।​

24. अक्टूबर, 2022 तक भारत में, ........ तक की वार्षिक आय वाले परिवार को दिया जाने वाला संपार्श्विक- मुक्त ऋण (collateral-free loan) एक सूक्ष्म वित्तीय (microfinance) ऋण कहलाता है। [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 3 लाख रु.
Solution:
  • यह सीमा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सूक्ष्म वित्त ऋणों के लिए निर्धारित की गई है।
  • परिभाषा का आधार
    • RBI ने सूक्ष्म वित्त ऋण को स्पष्ट रूप से संपार्श्विक-मुक्त ऋण के रूप में परिभाषित किया
    • जो ₹3 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार को प्रदान किया जाता है।
    • इससे पहले, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीमा ₹1.2 लाख और शहरी के लिए ₹2 लाख थी
    • लेकिन नए ढांचे में इसे एकसमान ₹3 लाख कर दिया गया ताकि अधिक परिवारों को कवर किया जा सके।
    • यह सभी उधारदाताओं (बैंक, NBFC, छोटे वित्त बैंक) पर लागू होता है।
    • परिवार का अर्थ पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे से है।​
  • बदलाव का इतिहास
    • मार्च 2022 में RBI ने ये दिशा-निर्देश जारी किए, जो अक्टूबर 2022 तक यथावत रहे।
    • उद्देश्य कम आय वाले परिवारों को पारदर्शी और उचित तरीके से ऋण उपलब्ध कराना था
    • साथ ही उधारकर्ताओं को कठोर प्रथाओं से बचाना।
    • पहले की तुलना में आय सीमा बढ़ाने से बाजार विस्तार हुआ और जोखिम-आधारित मूल्यांकन को बढ़ावा मिला।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • संपार्श्विक-मुक्त: कोई गिरवी रखने की जरूरत नहीं।
    • उद्देश्य: ग्रामीण/शहरी दोनों क्षेत्रों में स्व-रोजगार, छोटे व्यवसाय के लिए।
    • व्यवस्था: अधिकतम एक उधारदाता प्रति परिवार, कुल ऋण घरेलू आय का 50% तक। ब्याज दरें पारदर्शी और समान।​
    • ये ऋण डिजिटल या भौतिक चैनलों से दिए जा सकते हैं।
  • प्रभाव और विस्तार
    • 2022 तक माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो ₹2.93 लाख करोड़ तक पहुँच गया
    • 23.5% की वृद्धि के साथ। यह 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के 595 जिलों में फैला।
    • नई परिभाषा ने लाखों नए उधारकर्ताओं को शामिल किया।​

25. अगस्त, 2022 में, भारत के प्रधानमंत्री ने ....... में होमी भाभा कैसर अस्पताल का उद्घाटन किया। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) मोहाली
Solution:
  • अगस्त, 2022 में, भारत के प्रधानमंत्री ने मोहाली (पंजाब) में होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उद्घाटन किया।
  • यह अस्पताल कैंसर के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएँ प्रदान करता है और टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा निर्मित है।
  • उद्घाटन की तिथि और स्थान
    • यह उद्घाटन 24 अगस्त 2022 को हुआ, जो टाटा मेमोरियल सेंटर (TMC) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है
    • भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत संचालित है। अस्पताल न्यू चंडीगढ़ के मेडिसिटी क्षेत्र में स्थित है
    • जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी क्षेत्रों के लिए तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • अस्पताल की क्षमता और सुविधाएँ
    • अस्पताल में 300 बेड की क्षमता है, जिसमें आधुनिक सर्जरी, रेडियोथेरेपी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट) जैसी सभी कैंसर उपचार सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
    • इसमें दो लीनियर एक्सेलेरेटर, ब्रैकीथेरेपी, PET-CT, बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, CT/MR सिमुलेटर, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, आईसीयू, डे-केयर सेंटर और पूर्ण आईटी-आधारित इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड सिस्टम शामिल हैं।
    • OPD सेवाएँ जैसे सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, पैलिएटिव केयर और प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी भी शुरू हुईं।
  • निर्माण लागत और योगदान
    • अस्पताल का निर्माण 660 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 40,545 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया गया
    • जिसमें पंजाब सरकार ने 50 एकड़ भूमि मुफ्त प्रदान की। उद्घाटन से पहले पहला चरण ट्रायल आधार पर शुरू हो चुका था
    • जिसमें 35-40 नए डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ नियुक्त किए गए थे।
  • प्रधानमंत्री का संदेश
    • उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर जोर दिया
    • आधुनिक अस्पताल रोगियों की तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करेंगे और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेंगे।
    • उन्होंने कैंसर देखभाल को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।​
    • यह अस्पताल टाटा मेमोरियल सेंटर के देशभर के नेटवर्क से जुड़ा है
    • जो कैंसर रोगियों के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

26. फरवरी, 2022 में भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए कौन-सा ऑपरेशन चलाया था? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) ऑपरेशन गंगा
Solution:
  • फरवरी, 2022 में भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया था।
  • यह ऑपरेशन रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय नागरिकों (मुख्य रूप से छात्रों) को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किया गया था।
  • ऑपरेशन गंगा का पृष्ठभूमि
    • रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण शुरू किया, जिससे यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे करीब 20,000 भारतीय छात्रों सहित कई नागरिक खतरे में पड़ गए।
    • भारत सरकार ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए 22 फरवरी 2022 से विशेष उड़ानों की व्यवस्था की।
    • ऑपरेशन गंगा का नाम गंगा नदी के महत्व से प्रेरित था, जो भारतीय संस्कृति में पवित्रता और जीवन का प्रतीक है।
    • इस ऑपरेशन में विदेश मंत्रालय (MEA), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय वायुसेना और निजी एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया, स्पाइसजेट ने समन्वित भूमिका निभाई।
  • ऑपरेशन की शुरुआत और कार्यान्वयन
    • ऑपरेशन की शुरुआत फरवरी 2022 के अंतिम सप्ताह में हुई।
    • यूक्रेन में लैंडिंग की अनुमति न मिलने के कारण उड़ानें पड़ोसी देशों—रोमानिया (बुखारेस्ट), हंगरी (बुदापेस्ट), पोलैंड (वॉरसॉ), स्लोवाकिया और मोल्दोवा से संचालित की गईं।
    • भारतीय दूतावासों ने सीमाओं पर बसें और हेल्पलाइन स्थापित कीं, ताकि भारतीयों को सुरक्षित बॉर्डर तक पहुंचाया जा सके।
    • पहले चरण में एयर इंडिया की उड़ानों ने 900 से अधिक लोगों को वापस लाया। 26 फरवरी को 219 भारतीयों को निकाला गया।
  • प्रमुख आंकड़े और उपलब्धियां
    • 22 फरवरी से मार्च 2022 तक: लगभग 18,000 से 20,000 भारतीयों को वापस लाया गया।
    • उड़ानों की संख्या: 46 से अधिक विशेष फ्लाइट्स, जिनमें एयर इंडिया ने 9 उड़ानें संचालित कीं। एक दिन में 2,135 लोगों को लाने का रिकॉर्ड बना।
    • कुल निकासी: मार्च तक 15,900 से अधिक भारतीय सुरक्षित पहुंचे। पीआईबी के अनुसार, 7 मार्च को 410 लोगों को लाया गया।​
    • सरकार ने 'स्टे पुट, सेव वेट, सेव लाइव' का मंत्र दिया और 24x7 हेल्पलाइन (1166, +91-11-39507250) चलाई।​
  • चुनौतियां और समाधान
    • युद्ध के कारण हवाई क्षेत्र बंद थे, इसलिए लंबे रूट्स अपनाए गए। कुछ मामलों में छात्रों को 1,000 किमी पैदल चलना पड़ा।
    • सरकार ने पड़ोसी देशों से सहयोग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से निगरानी की।
    • विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "हमारे साथी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक प्रयास जारी रहेंगे।"
  • ऑपरेशन का महत्व
    • ऑपरेशन गंगा भारत की 'वसुदैव कुटुंबकम्' नीति का प्रतीक बना। इसने अन्य देशों के नागरिकों को भी निकालने में मदद की।
    • यह भारत के पिछले अभियानों जैसे ऑपरेशन राहत (अफगानिस्तान), ऑपरेशन समुद्र सेतु (कोविड) की तर्ज पर सफल रहा।
    • यह ऑपरेशन न केवल भारतीयों को बचाया, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

27. किस राज्य सरकार ने भारत का पहला हाथी मृत्यु लेखापरीक्षा ढांचा (elephant death audit framework) पेश किया है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) तमिलनाडु
Solution:
  • तमिलनाडु राज्य सरकार ने भारत का पहला हाथी मृत्यु लेखापरीक्षा ढांचा (elephant death audit framework) पेश किया है।
  • इस ढांचे का उद्देश्य हाथियों की मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण और विश्लेषण करना है ताकि संरक्षण के प्रयासों में सुधार किया जा सके।
  • विस्तार से विवरण:
    • परिचय और उद्देश्य: तमिलनाडु वन विभाग ने एक संरचित और पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करने के लिए हाथियों की मृत्यु के कारणों का दस्तावेजीकरण और विश्लेषण करने वाला एक फ्रेमवर्क लॉन्च किया।
    • इसका उद्देश्य मृत्यु के कारणों को स्पष्ट करना, घटनाओं के संदर्भों को ठीक से रिकॉर्ड करना और व्यवस्थित पोस्टमार्टम/जाँच प्रक्रियाओं के मानक बनाना है
    • भविष्य में रोकथाम के उपाय तेज़ी से विकसित किए जा सकें.
    • क्या शामिल है: फ्रेमवर्क मौत के कारणों का मानकीकृत रिकॉर्ड बनाने, पक्षपात-रहित निरीक्षण और डेटा के तुलनात्मक विश्लेषण को सक्षम करने
    • समय-समय पर समीक्षा से सीख हासिल करने जैसे तत्वों पर केंद्रित है। यह पारदर्शिता बढ़ाने और हितधारकों के बीच भरोसा बनाने के लिए तैयार किया गया है.
    • संदर्भ इतिहास: तमिलनाडु के forest divisions में 2021 से 2022 के बीच दर्ज हाथी मौतों के आंकड़ों के आधार पर यह ढांचा विकसित किया गया माना गया है
    • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मानव-प्रेरित मौतों की संख्या अपेक्षाकृत कम है और फ्रेमवर्क के जरिए कारणों की बेहतर समझ और तुलनात्मक मूल्यांकन संभव हुआ है.
    • महत्व और प्रभाव: यह फ्रेमवर्क न केवल हाथी के मरने के कारणों की स्पष्टता बढ़ाता है
    • बल्कि भविष्य में हाथी-मानव संघर्ष के जोखिमों को कम करने, संरक्षण नीतियों को मजबूती देने और उपयुक्त रोकथाम उपायों के विकास में सहायता करता है.

28. जैव विविधता (संशोधन) विधेयक [Biological Diversity (Amendment Bill) 2021] भारत के ....... मंत्रालय से संबंधित है। [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन
Solution:
  • यह विधेयक जैव विविधता अधिनियम, 2002 में संशोधन करता है
  • जिसका मूल उद्देश्य जैव संसाधनों के संरक्षण, उनके उपयोग और लाभों के उचित व न्यायसंगत बँटवारे से संबंधित है।
  • मूल अधिनियम का परिचय
    • जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act, 2002) को जैव विविधता के संरक्षण
    • उसके सतत उपयोग और जैविक संसाधनों से उत्पन्न लाभों के उचित साझाकरण के लिए बनाया गया।
    • यह संयुक्त राष्ट्र की जैव विविधता संधि (CBD) के अनुरूप है। अधिनियम तीन स्तरीय संरचना बनाता है
    • राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA), राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBB) और स्थानीय जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMC)। NBA चेन्नई में स्थित है और MoEFCC के अधीन कार्य करता है।
  • विधेयक 2021 के प्रमुख संशोधन
    • यह विधेयक अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, भारतीय चिकित्सा प्रणालियों (AYUSH) को बढ़ावा देने और अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने पर केंद्रित है।
    • जैविक संसाधनों तक पहुंच: गैर-भारतीय कंपनियों को NBA से पूर्व अनुमति, भारतीय कंपनियों को केवल सूचना देनी होगी।
    • codified पारंपरिक ज्ञान और AYUSH चिकित्सकों को लाभ साझाकरण से छूट। अनुसंधान और जैव-जांच गतिविधियों को लाभ साझाकरण से बाहर किया गया।
    • लाभ साझाकरण: NBA के बजाय, उपयोगकर्ता और स्थानीय प्रबंधन समिति के बीच समझौते पर आधारित होगा।​
    • अपराध और दंड: जेल की सजा को हटाकर 1 लाख से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया।
    • निरंतर उल्लंघन पर 1 करोड़ तक अतिरिक्त जुर्माना। निर्णय लेने के लिए संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी नियुक्त होगा।
  • विधायी प्रक्रिया और स्थिति
    • विधेयक दिसंबर 2021 में लोकसभा में पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा पेश किया गया।
    • संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 2022 में समीक्षा की और कुछ सुझाव दिए
    • जैसे जुर्माने को कंपनी के आकार के अनुपात में बढ़ाना।
    • फरवरी 2026 तक, यह लोकसभा में लंबित है, हालांकि MoEFCC जैव विविधता संरक्षण को प्राथमिकता दे रहा है।
  • महत्व और विवाद
    • यह विधेयक अनुसंधान को तेज करने, पेटेंट प्रक्रिया सुगम बनाने और AYUSH को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखता है
    • लेकिन आलोचक मानते हैं कि इससे स्थानीय समुदायों का लाभ साझाकरण कमजोर हो सकता है।
    • MoEFCC के तहत NBA जैव संसाधनों के विनियमन को मजबूत करने के लिए कार्य करता रहेगा।

29. 2022 में, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने 'पुधुमई पेन्न' (मॉडर्न वुमन) कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक नामांकित सभी छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ....... की मासिक सहायता दी जाएगी। [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 1,000 रुपये
Solution:
  • 2022 में, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने 'पुधुमई पेन्न' (मॉडर्न वुमन) कार्यक्रम की शुरुआत की
  • जिसके तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक नामांकित सभी छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 1,000 रुपये की मासिक सहायता दी जाएगी।
  • इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना और बाल विवाह को रोकना है।
  • पुधुमाई पेन योजना का परिचय
    • 2022 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 'पुधुमाई पेन' (मॉडर्न वुमन) कार्यक्रम की शुरुआत की
    • जिसका आधिकारिक नाम 'मूवलूर रामामिरथम अम्मैयार निनैवु पुधुमाई पेन थित्तम' है।
    • यह योजना सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
    • योजना की घोषणा 18 मार्च 2022 को राज्य बजट में की गई थी और इसका उद्घाटन 5 सितंबर 2022 को हुआ।
  • मुख्य विशेषताएं और लाभ
    • योजना के तहत पात्र लड़कियों को उच्च शिक्षा (पट्टपढ़ाई, डिप्लोमा या व्यावसायिक पाठ्यक्रम) में दाखिला लेने पर हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाती है।
    • यह सहायता कोर्स पूरा होने तक जारी रहती है, बशर्ते वे नियमित पढ़ाई करें।
    • सहायता का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर करना, ड्रॉपआउट दर कम करना और लड़कियों की उच्च शिक्षा नामांकन अनुपात बढ़ाना है।
  • पात्रता मानदंड
    • लाभार्थी सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ चुकी लड़कियां होनी चाहिए।
    • उच्च शिक्षा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में होनी चाहिए (दूरस्थ या ओपन यूनिवर्सिटी को छोड़कर)।
    • लड़की का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
    • योजना समाज के निचले वर्गों की लड़कियों को लक्षित करती है
    • विशेषकर जहां बाल विवाह या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छूटने की संभावना अधिक होती है।
  • उद्देश्य और प्रभाव
    • यह योजना लड़कियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर लिंग असमानता को कम करने, कुशल महिला कार्यबल तैयार करने और सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है।
    • लॉन्च के बाद उच्च शिक्षा में लड़कियों का नामांकन 27% से अधिक बढ़ा।
    • 2024 तक इसे सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक विस्तारित किया गया।
    • राज्य स्तर पर एक स्टीयरिंग कमिटी (मुख्य सचिव की अध्यक्षता में) योजना की निगरानी करती है।
  • कार्यान्वयन और आंकड़े
    • शुरुआती चरण में लगभग 3 लाख लड़कियों ने आवेदन किया।
    • 2022 में पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कोर्सेज में 7.5% आरक्षण के तहत 9,981 लड़कियों को लाभ मिला।
    • सहायता कई चरणों में वितरित की जाती है ताकि निरंतरता बनी रहे।
    • मुख्यमंत्री ने खुद इसका उद्घाटन किया, जो लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दर्शाता है।
  • विस्तार और अपडेट
    • 2024 के अंत में मुख्यमंत्री स्टालिन ने योजना का विस्तार सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक किया
    • जिससे अधिक लड़कियां लाभान्वित होंगी।
    • यह तमिलनाडु सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण नीतियों का हिस्सा है, जो शिक्षा के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है।​

30. भारत का पहला और दुनिया का दूसरा 100% मेथनॉल संचालित प्रोटोटाइप ट्रक का अनावरण ....... में किया गया था। [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) बंगलुरू
Solution:
  • भारत का पहला और दुनिया का दूसरा 100% मेथनॉल संचालित प्रोटोटाइप ट्रक का अनावरण बंगलुरू (कर्नाटक) में किया गया था।
  • यह अनावरण अशोक लीलैंड द्वारा किया गया था और यह हरित ऊर्जा और टिकाऊ परिवहन समाधानों को अपनाने की दिशा में भारत के प्रयासों का हिस्सा है।
  • अनावरण का विवरण
    • यह ऐतिहासिक अनावरण 12 मार्च 2023 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया।
    • 10 टन क्षमता वाला यह प्रोटोटाइप ट्रक आयशर मोटर्स (या कुछ स्रोतों में अशोक लेलैंड के सहयोग से) और आईआईटी दिल्ली या इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) द्वारा विकसित किया गया था।
    • कार्यक्रम नीति आयोग, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) और अन्य संस्थाओं के सहयोग से आयोजित हुआ।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • ट्रक 100% मेथनॉल (M100) पर चलता है, जो डीजल की तुलना में स्वच्छ जलने वाला ईंधन है।
    • यह ग्रीनहाउस गैसों, PM, HC, CO, SOX और NOX जैसे प्रदूषकों को 20% तक कम करता है।
    • डीजल इंजनों को मेथनॉल पर चलने के लिए परिवर्तित करने की तकनीक नीति आयोग के विकास कार्यक्रम का हिस्सा है
    • जिसमें ARAI पुणे ने भी योगदान दिया। ट्रक की ड्राइवेबिलिटी और टिकाऊपन परीक्षण के लिए बनाया गया, जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगा।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • दुनिया का पहला ऐसा ट्रक 2017 में वोल्वो ने स्वीडन में विकसित किया।​
    • उसी कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने MD15 (15% मेथनॉल-डीजल ब्लेंड) वाली BMTC बसें भी लॉन्च कीं, जो बेंगलुरु में तीन महीने के ट्रायल के लिए थीं।​
    • यह भारत की आयातित तेल निर्भरता कम करने, वायु गुणवत्ता सुधारने और मेथनॉल इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है।
  • पृष्ठभूमि और प्रभाव
    • मेथनॉल को कोयला, बायोमास या प्राकृतिक गैस से बनाया जा सकता है, जो सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल है।
    • यह लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डीजल को बदलने की क्रांति ला सकता है
    • क्योंकि MD15 जैसा ब्लेंड बिना वाहन संशोधन के इस्तेमाल हो सकता है
    • परिवहन निगमों को लागत बचत देता है। नीति आयोग इसे हरित ऊर्जा पहल का हिस्सा मानता है।
  • विवादास्पद दावे
    • कुछ स्रोत हैदराबाद का उल्लेख करते हैं, लेकिन अधिकांश विश्वसनीय रिपोर्ट्स बेंगलुरु की ही पुष्टि करती हैं।
    • यह प्रोटोटाइप हाइड्रोजन ट्रक या इलेक्ट्रिक ट्रक से अलग है, जो अन्य स्थानों पर लॉन्च हुए।​