Correct Answer: (c) स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली
Solution:- भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई "कवच" प्रणाली एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (Automatic Train Protection System) है।
- यह प्रणाली ट्रेनों को टकराने से रोकने के लिए विकसित की गई है और यह ट्रेन चालक की गलती की स्थिति में ट्रेन की गति को स्वचालित रूप से नियंत्रित करती है।
- कवच का परिचय
- कवच को 2012 से विकास किया गया और इसे ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (TCAS) के रूप में जाना जाता था
- जिसे बाद में "कवच" नाम दिया गया। यह उच्चतम सुरक्षा स्तर SIL-4 प्रमाणित है
- जो 10,000 वर्षों में एक बार गलती की संभावना रखता है। इसका उद्देश्य लोको पायलट की गलती होने पर भी ट्रेन को स्वचालित रूप से रोकना है।
- कार्यप्रणाली
- कवच रेडियो, जीपीएस, आरएफआईडी टैग और ऑप्टिकल फाइबर जैसी तकनीकों का उपयोग करता है।
- यदि ट्रेन लाल सिग्नल पार करती है, स्पीड लिमिट लांघती है या आगे ट्रेन से टकराने का खतरा है
- तो यह ऑटोमैटिक ब्रेक लगा देता है। खराब मौसम में भी यह ट्रेन को सुरक्षित गति पर रखता है।
- मुख्य विशेषताएं
- स्वदेशी और दुनिया की सबसे सस्ती ATP प्रणाली (विदेशी सिस्टम से 6 गुना सस्ती)।
- दो ट्रेनों के बीच टक्कर रोकना, सिग्नल उल्लंघन पर रोक।
- स्टेशन मास्टर पैनल (SM-OCIP) से नियंत्रण।
- स्थापना प्रक्रिया
- प्रत्येक स्टेशन पर कवच यूनिट लगाना।
- ट्रैक पर RFID टैग बिछाना।
- टेलीकॉम टावर और ऑप्टिकल फाइबर बिछाना।
- हर लोकोमोटिव पर लोको कवच इंस्टॉल करना।
- वर्तमान स्थिति (फरवरी 2026 तक)
- कवच 1,400+ किमी रूट और 1,500+ लोकोमोटिव पर तैनात है। कवच 4.0 संस्करण उत्तर भारत के कोहरे वाले इलाकों में सक्रिय है
- जैसे वडोदरा-अहमदाबाद रूट। 654 किमी पर 155 स्टेशन और 2,892 इंजन कवर। पूरे नेटवर्क (34,000 किमी) को कवर करने की योजना।
- परीक्षण और इतिहास
- पहला परीक्षण 2016 में, टक्कर रोधी टेस्ट 2022 में सिकंदराबाद में सफल। 2025 तक कवच 4.0 का विस्तार। यह रेलवे को शून्य दुर्घटना लक्ष्य की ओर ले जा रहा है।
- कवच न केवल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि भारतीय रेल को वैश्विक स्तर पर निर्यात योग्य तकनीक प्रदान करता है।