राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-IV

Total Questions: 39

21. निम्नलिखित में से कौन 'पीएम ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान' के कार्यान्वयन में अंतरराष्ट्रीय भागीदार है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) यूनेस्को (UNESCO)
Solution:
  • 'पीएम ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान' (PMGDISHA) के कार्यान्वयन में अंतरराष्ट्रीय भागीदार यूनेस्को (UNESCO) है।
  • UNESCO ने इस पहल को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ सहयोग किया है।
  • इस योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 6 करोड़ लोगों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना है।
  • अभियान का परिचय
    • प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है
    • जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता फैलाना है
    • डिजिटल विभाजन को कम किया जा सके। योजना के तहत 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों (प्रति परिवार एक व्यक्ति) को लक्ष्य बनाया गया था
    • जिसमें महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर विशेष जोर दिया गया।
  • यूनेस्को की भूमिका
    • यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) इस अभियान के कार्यान्वयन में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भागीदार है।
    • यह तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण सामग्री और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान प्रदान करता है।
    • यूनेस्को की विशेषज्ञता डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को मजबूत बनाने में मदद करती है, विशेष रूप से शिक्षा और संचार क्षेत्र में।​
  • कार्यान्वयन की रणनीति
    • अभियान ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्रों (CSCs), ग्राम पंचायतों और मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से चलाया जाता है।
    • प्रत्येक लाभार्थी को 20 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें 5 मॉड्यूल शामिल हैं
    • डिजिटल उपकरणों का परिचय, संचालन, इंटरनेट का उपयोग, संचार और नागरिक-केंद्रित सेवाएं। मोबाइल ऐप्स के जरिए सामग्री का वितरण भी किया जाता है।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • अभियान 2017 में शुरू हुआ और 31 मार्च 2024 तक पूरा हो चुका है। इस दौरान 7.35 करोड़ लोगों को नामांकित किया गया
    • 6.39 करोड़ को प्रशिक्षित और 4.78 करोड़ को प्रमाणित किया गया।
    • इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं, आर्थिक अवसरों और डिजिटल लेनदेन तक बेहतर पहुंच मिली।
  • डिजिटल साक्षरता का महत्व
    • डिजिटल साक्षरता में कंप्यूटर, इंटरनेट नेविगेशन और साइबर सुरक्षा जैसे कौशल आते हैं।
    • यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देता है।
    • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत कुछ गांवों को पूरी तरह डिजिटल साक्षर बनाने पर भी फोकस किया गया।

22. अयोध्या के श्रीराम मंदिर के मुख्य वास्तुकार कौन हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 3 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) चंद्रकांत भाई सोमपुरा
Solution:
  • अयोध्या के श्रीराम मंदिर के मुख्य वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा हैं।
  • उनका परिवार पिछले 15 पीढ़ियों से मंदिर वास्तुकला से जुड़ा हुआ है।
  • चंद्रकांत सोमपुरा का परिचय
    • चंद्रकांत सोमपुरा एक प्रसिद्ध मंदिर वास्तुकार हैं, जिनके पास वास्तुकला की कोई औपचारिक डिग्री नहीं है
    • लेकिन पारिवारिक परंपरा और अनुभव से वे 200 से अधिक मंदिरों के डिजाइनर हैं।
    • उनका परिवार 15 पीढ़ियों से मंदिर निर्माण में लगा हुआ है, और उनके दादा प्रभाशंकर सोमपुरा ने सोमनाथ मंदिर का डिजाइन किया था।
    • सोमपुरा गुजरात के सोमपुरा समुदाय से हैं, जो पत्थर की नक्काशी और मंदिर वास्तुकला में विशेषज्ञ है।
  • राम मंदिर से जुड़ाव
    • चंद्रकांत सोमपुरा ने 1987 में राम मंदिर का पहला नक्शा तैयार किया था
    • 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उन्हें फिर से मुख्य वास्तुकार नियुक्त किया। मंदिर का डिजाइन नागर शैली पर आधारित है
    • जिसमें 5 मंडप और मुख्य गर्भगृह 20x20 फीट का अष्टकोणीय आकार है
    • जो भगवान विष्णु के आठ रूपों का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर का निर्माण इतना मजबूत है कि यह 2500 वर्ष तक भूकंप से सुरक्षित रहेगा।
  • अन्य प्रमुख कार्य
    • सोमपुरा ने लंदन के अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण मंदिर, गुजरात के अक्षरधाम, मुंबई के स्वामीनारायण मंदिर, कोलकाता के बिरला मंदिर और सोमनाथ मंदिर जैसे भव्य प्रोजेक्ट्स डिजाइन किए हैं।
    • उनके बेटे निखिल और आशीष भी वास्तुकार हैं, जो आधुनिक तकनीकों के साथ पारंपरिक डिजाइन को जोड़ते हैं।
    • राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) को उन्होंने पूरे देश के लिए गौरवशाली क्षण बताया, जो 35 वर्षों के संघर्ष का फल है।
  • मंदिर की वास्तुकला विशेषताएं
    • मंदिर उत्तर भारतीय नागर शैली में बना है, जिसमें जटिल नक्काशी, मूर्तियां और प्राचीन भारतीय तत्व शामिल हैं।
    • यह 2.7 एकड़ में फैला है और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। सोमपुरा की विशेषज्ञता ने इसे भूकंप प्रतिरोधी और स्थायी बनाया।

23. प्रज्ज्वला चैलेंज, विचारशील दिमागों को बदलाव लाने हेतु एक मंच प्रदान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल ....... द्वारा शुरू की गई थी। [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) ग्रामीण विकास मंत्रालय
Solution:
  • प्रज्ज्वला चैलेंज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने वाले नवीन विचारों/समाधानों को आमंत्रित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है
  • जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इस चुनौती का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक समावेश को बढ़ावा देने वाले विचारों की पहचान करना है
  • प्रारंभ और उद्देश्य
    • प्रज्ज्वला चैलेंज को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2019 में लॉन्च किया था, हालांकि बाद में 2022-23 में इसके नए संस्करणों का शुभारंभ हुआ।
    • इसका मुख्य उद्देश्य कृषि, जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण चुनौतियों के स्केलेबल समाधान खोजना है।
    • मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह ने इसका उद्घाटन किया, जो दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) से जुड़ा है।
  • लक्षित क्षेत्र
    • यह चैलेंज नवीन प्रौद्योगिकी समाधान, समावेशी विकास, मूल्य श्रृंखला हस्तक्षेप, महिला उद्यमिता, लागत प्रभावी उपाय, स्थिरता और स्थान-आधारित रोजगार जैसे विषयों पर केंद्रित है।
    • ग्रामीण समुदायों की समस्याओं को हल करने वाले विचारों को प्रोत्साहित किया जाता है।
    • इसमें विशेषज्ञ, युवा, स्टार्टअप, नागरिक समाज और शैक्षणिक संस्थान भाग ले सकते हैं।
  • भागीदारी और पुरस्कार
    • प्रतिभागी अपनी विचारधारा जैसी वेबसाइट पर जमा करते हैं।
    • चयनित विचारों को फंडिंग, मेंटरशिप, इंक्यूबेशन और नेटवर्किंग का समर्थन मिलता है।
    • शीर्ष 5 विचारों को प्रत्येक 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है
    • जैसे 2022-23 संस्करण में 29 दिसंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक आवेदन लिए गए।
  • संबंधित योजनाएं
    • यह NRLM और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) से जुड़ी है
    • जो ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार और कौशल प्रदान करती हैं। DDU-GKY का लक्ष्य 15-35 वर्ष के युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है
    • जबकि NRLM स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आजीविका बढ़ावा देती है।
  • प्रभाव और महत्व
    • प्रज्ज्वला चैलेंज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक है
    • जो स्थानीय मॉडलों को बढ़ावा देकर सतत विकास सुनिश्चित करती है।
    • यह पहल ग्रामीण भारत की समस्याओं के लिए सामूहिक बौद्धिक शक्ति का उपयोग करती है।

24. राज्यों के विधानसभा और विधायिका वाले केंद्रशासित प्रदेशों के आम चुनावों वाले वर्ष में ........ अतिरिक्त दिनों की चुनावी बॉण्ड की बिक्री की अनुमति देने के लिए चुनावी बॉण्ड योजना में संशोधन करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है। [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 15
Solution:
  • राज्यों के विधानसभा और विधायिका वाले केंद्रशासित प्रदेशों के आम चुनावों वाले वर्ष में, 30 अतिरिक्त दिनों की चुनावी बॉण्ड की बिक्री की अनुमति देने के लिए चुनावी बॉण्ड योजना में संशोधन किया गया था।
  • हालाँकि, दिए गए विकल्पों में सबसे निकटतम संख्या 45 है, जो किसी अन्य विशेष परिस्थिति में लागू होती है
  • लेकिन आम चुनावों के संदर्भ में 30 अतिरिक्त दिन होते हैं। यह प्रश्न शायद किसी विशिष्ट वर्ष के संदर्भ में पूछा गया था, इसलिए, मैं सबसे प्रासंगिक उत्तर की ओर देखता हूँ।
  • सामान्य प्रावधान के अनुसार, केंद्र सरकार ने राज्यों के विधानसभा चुनाव वाले वर्षों में चुनावी बॉण्ड की बिक्री के लिए 30 दिन की अतिरिक्त अवधि प्रदान की थी।
  • दिए गए विकल्पों में से, प्रश्न के संदर्भ में कोई भी विकल्प सटीक नहीं है
  • क्योंकि मूल प्रावधान में 30 अतिरिक्त दिन और कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट अतिरिक्त दिन का उल्लेख था।
  • नोट: चूंकि विकल्पों में 30 नहीं है और परीक्षा के प्रश्न में एक उत्तर अपेक्षित है
  • कुछ मीडिया स्रोतों में 45 दिनों तक विस्तार का भी उल्लेख था, मैं विकल्प (d) 45 को चुन रहा हूं
  • क्योंकि यह संख्या विशेष परिस्थितियों में सबसे नजदीक हो सकती है। लेकिन, कृपया ध्यान दें कि आम चुनाव के लिए मानक अतिरिक्त अवधि 30 दिन होती है।
  • योजना का पृष्ठभूमि
    • चुनावी बॉन्ड योजना 2018 में शुरू हुई, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से व्यक्ति या कंपनियां बॉन्ड खरीदकर पंजीकृत राजनीतिक दलों को दान दे सकती थीं।
    • मूल रूप से बॉन्ड जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में 10-10 दिनों तक उपलब्ध होते थे।
    • दानदाता की पहचान गुमनाम रखी जाती थी, जो पारदर्शिता बढ़ाने का दावा था लेकिन विवादों का कारण बना।
  • संशोधन की मुख्य विशेषताएं
    • संशोधन के तहत लोकसभा चुनाव वर्ष में 30 अतिरिक्त दिनों की छूट पहले से थी
    • लेकिन 2022 में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली, पुदुच्चेरी) के विधानसभा चुनाव वर्ष में 15 अतिरिक्त दिनों की व्यवस्था जोड़ी गई।
    • उदाहरणस्वरूप, यदि चुनाव वर्ष में सामान्य बिक्री अवधि समाप्त हो जाती
    • तो चुनाव की आवश्यकता अनुसार केंद्र अतिरिक्त समय निर्दिष्ट कर सकता था। बॉन्ड जारी होने के 15 दिनों में ही भुनाए जाने योग्य होते थे।
  • अधिसूचना और प्रक्रिया
    • यह संशोधन वित्त मंत्रालय की राजपत्र अधिसूचना संख्या 20 (7 नवंबर 2022) द्वारा जारी हुआ।
    • केंद्र सरकार चुनाव वर्ष में अतिरिक्त अवधि की घोषणा कर सकती थी
    • जो सत्ताधारी दल को फंडिंग लाभ पहुंचाने के आरोपों का शिकार बना।
    • केवल वे दल पात्र थे जिन्होंने पिछले चुनाव में 1% वोट हासिल किए हों।
  • विवाद और आलोचनाएं
    • पारदर्शिता की कमी: गुमनामी से कालाधन और कॉर्पोरेट फंडिंग को बढ़ावा मिलने का आरोप लगा।
    • क्रोनी कैपिटलिज्म: सत्ताधारी दल को लाभ, विपक्ष को नुकसान का दावा।
    • असंवैधानिक घोषणा: 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने योजना को असंवैधानिक करार दिया, सभी बॉन्ड डेटा सार्वजनिक करने का आदेश दिया।
  • वर्तमान स्थिति
    • फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद योजना समाप्त हो चुकी है।
    • अब राजनीतिक फंडिंग में पूर्ण प्रकटीकरण अनिवार्य है।
    • हालांकि, पुराने संशोधन ने कई चुनावों (जैसे 2022 गुजरात, 2023 विधानसभाओं) में प्रभाव डाला।

25. राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, 2022 कहां आयोजित किया गया था? [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) रायपुर
Solution:
  • राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, 2022 का आयोजन रायपुर, छत्तीसगढ़ में किया गया था।
  • यह महोत्सव भारत और विदेशों की जनजातीय संस्कृतियों को एक मंच पर प्रदर्शित करता है, जिससे जनजातीय कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
  • आयोजन स्थल और तिथियाँ
    • उद्घाटन समारोह 1 नवंबर को सुबह 11 बजे शुरू हुआ
    • जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि थे और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अध्यक्षता की।​
  • उद्देश्य और थीम
    • इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देश भर के आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नृत्य रूपों, रीति-रिवाजों और लोककलाओं को प्रदर्शित करना था।
    • दो प्रमुख थीम रखी गईं: 'फसल कटाई पर होने वाले आदिवासी नृत्य' और 'आदिवासी परंपराएँ और रीति-रिवाज'।
    • यह आदिवासी कलाकारों को एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच प्रदान करता था, जिसमें गोंड, संथाली, वर्ली जैसे विभिन्न नृत्य शामिल थे।​
  • प्रतिभागी और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
    • कुल 1500 से अधिक जनजातीय कलाकारों ने भाग लिया, जिनमें भारत के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और 9-10 देशों के कलाकार शामिल थे।
    • विदेशी देशों में मोजांबिक, मंगोलिया, टोंगा, रूस, इंडोनेशिया, मालदीव, सर्बिया, न्यूजीलैंड, इजिप्ट प्रमुख थे।
    • छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से भी सैकड़ों आदिवासी कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिससे विविध संस्कृतियों की झलक मिली।
    • अफ्रीकी देशों जैसे टोंगा और मोजांबिक के नर्तक दलों का रायपुर विमानतल पर भव्य स्वागत किया गया।​
  • विशेष आकर्षण और गतिविधियाँ
    • शिल्पग्राम: सेंट्रल एरिया में जनजातीय लोककला और शिल्प पर केंद्रित शिल्पग्राम स्थापित किया गया।
    • व्यावसायिक स्टॉल: 40 स्टॉल जहां आदिवासी उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए; थीम हैंगर में बाल्को, बीएसपी, एनटीपीसी जैसे उद्योगों के स्टॉल भी लगे।​
    • फूड जोन और मेला: समापन के बाद भी 6 नवंबर तक विभागीय प्रदर्शनी, मेला और फूड जोन जारी रखा गया।​
    • पुरस्कार: विजेताओं को कुल 20 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए—प्रथम के लिए 5 लाख, द्वितीय के लिए 3 लाख, तृतीय के लिए 2 लाख।​
  • महत्व और पूर्व आयोजन
    • यह छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का तीसरा संस्करण था।
    • 2021 में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित संस्करण में 1149 कलाकारों (7 देशों से 60 विदेशी) ने भाग लिया था।​
    • रायपुर अपनी शैक्षणिक संस्थानों, आईटी उद्योग और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है
    • जो इस महोत्सव के लिए आदर्श स्थान बना। महोत्सव ने आदिवासी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

26. प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक, 2022 के अनुसार, गन-जंपिंग (gun-jumping) के लिए प्रस्तावित जुर्माना सौदे के मूल्य (deal value) का ....... है। [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 1%
Solution:
  • प्रतिस्पर्धा संशोधन विधेयक, 2022 के अनुसार, गन-जंपिंग (gun-jumping) के लिए प्रस्तावित जुर्माना सौदे के मूल्य (deal value) का 1% है।
  • गन-जंपिंग तब होता है जब कंपनियां भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की पूर्व स्वीकृति के बिना विलय या अधिग्रहण करती हैं
  • जहाँ ऐसी स्वीकृति आवश्यक होती है। इस संशोधन ने जुर्माना गणना के लिए टर्नओवर के बजाय सौदे के मूल्य को आधार बनाया।
  • गन-जंपिंग क्या है?
    • गन-जंपिंग का अर्थ है केंद्रीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की पूर्व अनुमति के बिना विलय, अधिग्रहण या संयोजन (combinations) को लागू करना या उसकी प्रक्रिया शुरू करना।
    • यह प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत निषिद्ध है
    • क्योंकि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विधेयक ने इस उल्लंघन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान जोड़े।
  • पुराना बनाम नया जुर्माना ढांचा
    • पहले गन-जंपिंग के लिए जुर्माना कंपनी के कुल टर्नओवर या संपत्ति (जो भी अधिक हो) का 1% तक लगाया जा सकता था।
    • 2022 विधेयक ने इसे बदलकर सौदे के मूल्य का 1% तक कर दिया, ताकि जुर्माना लेन-देन के आकार के अनुपात में हो।
    • उदाहरणस्वरूप, ₹2000 करोड़ के सौदे पर अधिकतम ₹20 करोड़ का जुर्माना हो सकता है।
  • अन्य महत्वपूर्ण संशोधन
    • विधेयक ने सौदे के मूल्य की थ्रेशोल्ड भी पेश की—₹2000 करोड़ से अधिक मूल्य वाले सौदों को सूचित करना अनिवार्य, यदि पक्षकारों में से किसी का भारत में पर्याप्त कारोबार हो।
    • CCI को निर्णय लेने की समयसीमा 210 से घटाकर 150 कार्यदिवस की गई।
    • ये बदलाव डिजिटल बाजार और बड़े सौदों को ध्यान में रखकर किए गए।
  • विधेयक का वर्तमान स्थिति
    • यह विधेयक 2023 में प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2023 के रूप में कानून बना।
    • इसका उद्देश्य भारतीय बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है
    • विशेषकर तकनीकी क्षेत्र में। गन-जंपिंग जैसे उल्लंघनों से कंपनियां हतोत्साहित होंगी।​

27. श्री भगवंत मान मार्च, 2022 में किस राज्य के मुख्यमंत्री बने थे? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पंजाब
Solution:
  • श्री भगवंत मान मार्च, 2022 में पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। वह आम आदमी पार्टी (AAP) से संबंधित हैं।
  • पृष्ठभूमि
    • भगवंत सिंह मान एक भारतीय राजनीतिज्ञ, पूर्व अभिनेता, कॉमेडियन और व्यंग्यकार हैं।
    • वे आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेता हैं और पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में उनकी पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था।
    • इससे पहले वे संगरूर लोकसभा सीट से सांसद थे।
  • शपथ ग्रहण समारोह
    • 16 मार्च 2022 को भगवंत मान ने पंजाब के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
    • यह समारोह स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां (नवांशहर जिला) में आयोजित हुआ था।
    • उन्होंने पंजाबी भाषा में शपथ ली और राज्यपाल बनवारी लाल ने शपथ दिलाई। वे चरणजीत सिंह चन्नी की जगह लिए।​​
  • कैबिनेट गठन
    • शपथ के तीन दिन बाद, 19 मार्च 2022 को मान ने 10 कैबिनेट मंत्रियों के साथ मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
    • AAP ने पहली बार पंजाब में सत्ता हासिल की, जो गैर-कांग्रेसी और गैर-अकाली दल सरकार थी।
  • राजनीतिक महत्व
    • यह चुनाव परिणाम पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव था। AAP ने 79% बहुमत के साथ जीत दर्ज की।
    • मान ने अपनी सादगी, हास्य और जनता से सीधे जुड़ाव के कारण लोकप्रियता हासिल की। वे पंजाब के संयोजक भी हैं।
  • वर्तमान स्थिति
    • फरवरी 2026 तक भगवंत मान पंजाब के मुख्यमंत्री बने हुए हैं।
    • हाल ही में उन्होंने 8 मार्च 2026 को राज्य का पांचवां बजट पेश करने की घोषणा की, जो समाज के हर वर्ग पर केंद्रित होगा।​

28. 8 सितंबर, 2022 को नीति आयोग (NITI Aayog) ने, ....... के सहयोग से देश के पहले राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक फ्रेट प्लेटफॉर्म (National Electric Freight Platform) - सतत परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक फ्रेट एक्सेलेरेटर (Electric Freight Accelerator for Sustainable Transport) - भारत (ई-फास्ट इंडिया e-FAST India) का शुभारंभ किया। [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) विश्व संसाधन संस्थान
Solution:
  • 8 सितंबर, 2022 को नीति आयोग (NITI Aayog) ने, विश्व संसाधन संस्थान के सहयोग से देश के पहले राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक फ्रेट प्लेटफॉर्म (e-FAST India) का शुभारंभ किया।
  • इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत में माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाना है।
  • प्लेटफॉर्म का नाम
    • यह प्लेटफॉर्म "सतत परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक फ्रेट एक्सेलेरेटर - भारत" संक्षेप में ई-फास्ट इंडिया के नाम से जाना जाता है।
    • यह माल ढुलाई क्षेत्र में विद्युतीकरण को तेज करने के लिए बनाया गया पहला राष्ट्रीय मंच है।
  • उद्देश्य
    • ई-फास्ट इंडिया का मुख्य लक्ष्य माल ढुलाई विद्युतीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, ऑन-ग्राउंड डेमो पायलट्स चलाना और साक्ष्य-आधारित शोध को बढ़ावा देना है।
    • यह सरकारी एजेंसियों, मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs), लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं (LSPs), फाइनेंसरों, बैटरी उत्पादकों और चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटरों (CPOs) के बीच सहयोग को सुगम बनाता है
    • खासकर मध्यम और भारी वाहनों के लिए। प्लेटफॉर्म स्केलेबल पायलट प्रोजेक्ट्स का समर्थन करता है और नीतियों को प्रभावित करने में मदद करता है।
  • सहयोगी संगठन
    • प्रमुख भागीदार: NITI Aayog (नेतृत्वकर्ता) और WRI India।
    • समर्थक: World Economic Forum (WEF), CALSTART, RMI India।
    • लॉन्च इवेंट में ऑटोमोबाइल कंपनियां, लॉजिस्टिक्स फर्म्स, डेवलपमेंट बैंक और फिनटेक कंपनियां शामिल हुईं।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • स्टेकहोल्डर एकीकरण: माल ढुलाई इकोसिस्टम के सभी पक्षों को जोड़ता है
    • जैसे सप्लाई और डिमांड साइड पार्टनरशिप्स को मजबूत करना।
    • TCO ई-वैल्यूएटर: WRI India द्वारा लॉन्च किया गया
    • एक्सेल-आधारित टूल, जो इलेक्ट्रिक वाहनों (लाइट/मीडियम/हेवी-ड्यूटी) की कुल लागत (TCO) का विश्लेषण करता है
    • डीजल/पेट्रोल/CNG से तुलना करता है।​
  • नीतिगत समर्थन:
    • FAME स्कीम, PLI (एडवांस्ड सेल केमिस्ट्री बैटरी), बैटरी स्वैपिंग, 50,000 ई-बस प्रोग्राम और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा।​
  • प्रभाव और प्रगति
    • ई-फास्ट ने इंटर-सिटी फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन में टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर बाधाओं और फाइनेंसिंग पर चर्चाएं कीं।
    • 2023 तक, 12 नॉलेज पार्टनर्स के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा।
    • यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने और ईंधन मूल्य अस्थिरता से निपटने में मदद करता है।
    • आधिकारिक वेबसाइट efastindia.org पर और जानकारी उपलब्ध है।
  • पृष्ठभूमि संदर्भ
    • भारत में रोड फ्रेट बड़ा उत्सर्जक है।
    • फ्लीट साइज बढ़ने से उत्सर्जन बढ़ रहा है
    • इसलिए जीरो-एमिशन ट्रकिंग जरूरी।
    • यह प्लेटफॉर्म कुशल और सतत परिवहन की दिशा में कदम है।

29. सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैर-कानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) संशोधन विधेयक-2022 भारत सरकार के ....... से संबंधित है। [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) विदेश मंत्रालय
Solution:
  • सामूहिक विनाश के हथियार और उनकी वितरण प्रणाली (गैर-कानूनी गतिविधियों पर पाबंदी) संशोधन विधेयक-2022 भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से संबंधित है।
  • इस विधेयक का उद्देश्य बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों (Weapons of Mass Destruction) और उनकी वितरण प्रणालियों से जुड़ी अवैध गतिविधियों को वित्तपोषित करने पर रोक लगाना है
  • जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत भारत के अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • विधेयक का उद्देश्य
    • यह विधेयक 2005 के मूल अधिनियम में संशोधन करता है
    • जो सामूहिक विनाश के हथियारों (जैसे रासायनिक, जैविक और परमाणु) तथा उनकी वितरण प्रणालियों से जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों को प्रतिबंधित करता है।
    • यह वित्तपोषण रोकने, धन फ्रीज करने और जब्ती के प्रावधान जोड़ता है।
  • प्रमुख तथ्य
    • अप्रैल 2022 में लोकसभा में पेश, दोनों सदनों से सर्वसम्मति से पारित।
    • विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा पेश किया गया।​
    • गैर-राज्य अभिकर्ताओं या आतंकवादियों को हथियार हस्तांतरित करने पर नियंत्रण मजबूत करता है।

30. भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) किस नदी पर विकसित किया गया है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) ब्रह्मपुत्र
Solution:
  • भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) ब्रह्मपुत्र नदी पर विकसित किया गया है।
  • यह जलमार्ग असम में धुबरी से सदिया तक फैला हुआ है और पूर्वोत्तर भारत में परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
  • मार्ग विवरण
    • यह जलमार्ग ब्रह्मपुत्र नदी के सदिया-धुबरी खंड को कवर करता है
    • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • इसमें 11 टर्मिनल हैं, जैसे पांडु (सबसे बड़ा), डिब्रूगढ़, तेजपुर आदि।​
  • महत्व
    • यह पर्यावरण-अनुकूल और किफायती अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देता है।
    • यह खंड 1 सितंबर 1988 को घोषित किया गया था और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण है।
    • फेयरवे की चौड़ाई 45 मीटर है, जिसमें विभिन्न खंडों में गहराई 1.5 से 2.5 मीटर तक रखी जाती है।​
  • प्रमुख टर्मिनल
    • पांडु (गुवाहाटी के पास, सबसे बड़ा)।
    • धुबरी, डिब्रूगढ़, तेजपुर आदि।