राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-IV

Total Questions: 39

31. कौन-सा मंत्रालय "डीप ओशन मिशन" से संबंधित है? [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
Solution:
  • "डीप ओशन मिशन" (Deep Ocean Mission) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) से संबंधित है।
  • इस महत्वाकांक्षी मिशन का उद्देश्य गहरे समुद्र के संसाधनों की खोज करना और गहरे समुद्र में प्रौद्योगिकी को विकसित करना है
  • जिसमें पॉलीमेटेलिक नॉड्यूल्स का खनन और गहरे समुद्र में मानवयुक्त पनडुब्बी 'समुद्रयान' का विकास शामिल है।
  • मिशन का परिचय
    •  यह 6000 मीटर तक की गहराई में अनुसंधान पर केंद्रित है
    • समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग के लिए प्रौद्योगिकियां विकसित करता है।
    • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences - MoES) इस मिशन का नोडल मंत्रालय है, जिसने इसे प्रस्तावित किया और इसे लागू कर रहा है।
  • अनुमोदन और बजट
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने जून 2021 में इसकी मंजूरी दी।
    • कुल अनुमानित लागत 5 वर्षों के लिए 4,077 करोड़ रुपये है, जिसमें पहले चरण (2021-2024) के लिए 2,823.4 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
    • यह भारत की ब्लू इकोनॉमी पहल का हिस्सा है, जो समुद्री संसाधनों से आर्थिक लाभ सुनिश्चित करता है।
  • प्रमुख उद्देश्य
    • गहरे समुद्र (6000 मीटर तक) के वातावरण, जैव विविधता और संसाधनों का अध्ययन करना।
    • मानवयुक्त पनडुब्बी (Matsya 6000) जैसी प्रौद्योगिकियों का विकास, जो 3 व्यक्तियों को ले जा सकेगी।
    • समुद्री खनिजों (पॉलीमेटालिक नोड्यूल्स) और जैव संसाधनों का सतत दोहन सुनिश्चित करना।
  • प्रमुख घटक
    • मिशन में 6 मुख्य घटक हैं:
    • गहरे समुद्र खनन और मानवयुक्त वाहन (HUV) का विकास।
    • समुद्री जैव संसाधनों के सतत उपयोग के लिए तकनीक।
    • गहरे समुद्र जैव प्रौद्योगिकी और जीनोमिक्स।
    • प्रौद्योगिकी ड्रिलिंग और मैनिपुलेटर।
    • गहरे समुद्र मिशन-II के लिए पूर्व चरण।
    • ऑब्जर्वेटरी नेटवर्क।​
  • aप्रगति और महत्व
    • 2025 तक "मत्स्य 6000" पनडुब्बी का वेट टेस्टिंग सफल रहा, जो अमेरिका, रूस जैसे देशों के समकक्ष भारत को स्थापित करेगा।
    • भारत की 7,517 किमी तटरेखा और द्वीपों के कारण यह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है
    • जो नील अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। MoES के तहत संस्थान जैसे INCOIS और CMLRE इसकी निगरानी कर रहे हैं।
  • अन्य मंत्रालयों से अंतर
    • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संरक्षण पर केंद्रित है, जबकि खान मंत्रालय खनन विनियमन करता है
    • लेकिन DOM पूरी तरह MoES के अधीन है।
    • यह प्रधानमंत्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद (PM-STIAC) के 9 मिशनों में से एक है।

32. फरवरी, 2022 में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया है? [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) एस. किशोर
Solution:
  • फरवरी, 2022 में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) का अध्यक्ष एस. किशोर को नियुक्त किया गया है।
  • वह एक अनुभवी नौकरशाह हैं और उनकी नियुक्ति सरकारी भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई थी।
  • नियुक्ति का विवरण
    • एस. किशोर की नियुक्ति 1 फरवरी 2022 को प्रभावी हुई
    • जब पूर्व अध्यक्ष ब्रज राज शर्मा ने 31 जनवरी 2022 को अपना कार्यकाल समाप्त किया
    • कुछ स्रोतों में 8 फरवरी 2022 को ACC के निर्णय का उल्लेख है, जो औपचारिक मंजूरी की तारीख हो सकती है
    • लेकिन पदभार ग्रहण 1 फरवरी से ही माना जाता है
    • वे SSC के ग्रुप B और C स्तर की भर्तियों के लिए जिम्मेदार इस महत्वपूर्ण संगठन के प्रमुख बने।
  • एस. किशोर की पृष्ठभूमि
    • एस. किशोर 1988 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं ।​
    • नियुक्ति से ठीक पहले वे मुंबई में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।
    • बाद में उनका कार्यकाल विस्तारित हुआ; अक्टूबर 2022 में उन्हें 31 जनवरी 2024 तक के लिए पुनः नियुक्त किया गया।
    • कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर के IAS अधिकारी के रूप में भी उल्लेखित किया गया है, जो उनकी बहुआयामी सेवा को दर्शाता है ।​
  • SSC अध्यक्ष पद का संदर्भ
    • SSC एक स्वायत्त संगठन है जो भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में गैर-गजेटेड पदों (ग्रुप B/C) की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है।
    • अध्यक्ष पद वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जाता है
    • जो आमतौर पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हैं। इस नियुक्ति से पहले और बाद की प्रमुख घटनाएं:
  • बाद की प्रगति और महत्व
    • एस. किशोर के कार्यकाल में SSC ने MTS, CHSL, CGL जैसी प्रमुख परीक्षाओं का संचालन किया
    • हालांकि पेपर लीक विवादों के कारण विवाद भी हुए। 2024 में राकेश रंजन (IAS, 1992 बैच) ने उनका स्थान लिया
    • हाल ही में एस. गोपालकृष्णन की नियुक्ति हुई । यह श्रृंखला SSC की नेतृत्व परिवर्तन प्रक्रिया को दर्शाती है, जो ACC द्वारा नियंत्रित होती है।

33. जनवरी, 2022 में एस. सोमनाथ को ....... के दसवें अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) इसरो (ISRO)
Solution:
  • जनवरी, 2022 में एस. सोमनाथ को इसरो (ISRO - Indian Space Research Organisation) के दसवें अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।
  • वह एक प्रसिद्ध एयरोस्पेस इंजीनियर हैं और उन्होंने भारत के रॉकेट विकास
  • विशेष रूप से GSLV Mk-III (जिसे लॉन्च व्हीकल मार्क 3-LVM3 भी कहा जाता है) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • नियुक्ति का विवरण
    • एस. सोमनाथ की नियुक्ति 11 जनवरी 2022 को केंद्र सरकार द्वारा की गई घोषणा के बाद हुई
    • जब वे विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) के निदेशक थे। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष के. सिवन का स्थान लिया
    • जिनका कार्यकाल 14 जनवरी 2022 को समाप्त हुआ। यह नियुक्ति तीन वर्षीय कार्यकाल के लिए थी
    • जिसमें वे ISRO के साथ-साथ अंतरिक्ष विभाग के सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष भी बने।
  • एस. सोमनाथ का पृष्ठभूमि
    • एस. सोमनाथ एक प्रमुख रॉकेट वैज्ञानिक हैं, जिनके पास ISRO में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
    • वे विशेष रूप से लॉन्च व्हीकल सिस्टम्स, जैसे PSLV और GSLV के विकास में विशेषज्ञ हैं।
    • केरल के अलाप्पुझा जिले में जन्मे सोमनाथ ने भारत के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों में योगदान दिया, जिसमें क्रायोजेनिक इंजन प्रौद्योगिकी का विकास शामिल है।
  • ISRO अध्यक्ष के रूप में भूमिका
    • ISRO अध्यक्ष के तौर पर सोमनाथ ने उपग्रह प्रक्षेपण, चंद्रयान-3, आदित्य-L1, गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन और अन्य महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की देखरेख की।
    • उनके नेतृत्व में ISRO ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग सहित कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
    • हालांकि, उनका कार्यकाल 14 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया, और डॉ. वी. नारायणन ने उनका स्थान लिया।
  • ISRO का महत्व
    • ISRO की स्थापना 1969 में हुई, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों का नेतृत्व करती है।
    • सोमनाथ जैसे नेताओं ने इसे कम लागत वाले मिशनों के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई।

34. मार्च, 2023 में राजस्थान अपने लोगों को ....... का अधिकार प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया। [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) स्वास्थ्य
Solution:
  • मार्च, 2023 में राजस्थान अपने लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार (Right to Health) प्रदान करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया।
  • इस कानून के तहत, राज्य के निवासियों को निजी अस्पतालों सहित सभी सार्वजनिक और चुनिंदा निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त ओपीडी (OPD) परामर्श, आईपीडी (IPD) सेवाएँ, और आपातकालीन उपचार प्राप्त करने का अधिकार है।
  • कानून का परिचय
    • राजस्थान विधानसभा ने 21 मार्च 2023 को "राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार अधिनियम, 2022" पारित किया
    • जो राज्य के हर निवासी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का कानूनी अधिकार देता है।
    • यह कानून सार्वजनिक और नामित निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त सेवाएं सुनिश्चित करता है
    • जिससे स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार की तरह स्थापित किया गया।
    • इससे पहले स्वास्थ्य सेवाएं केवल नीतिगत थीं, लेकिन अब यह विधायी रूप से बाध्यकारी है।
  • मुख्य प्रावधान
    • राज्य के सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ओपीडी, आईपीडी, दवाइयां, जांच, आपातकालीन परिवहन और प्रक्रियाएं मुफ्त उपलब्ध होंगी।​
    • आपातकालीन स्थिति में बिना पूर्व भुगतान के उपचार का अधिकार, जिसमें दुर्घटना या गंभीर रोग शामिल हैं।
    • रोग की प्रकृति, कारण, उपचार के जोखिम, जटिलताओं और खर्च की पूरी जानकारी देने का अधिकार।​
    • उपचार के लिए पूर्व सहमति, वैकल्पिक चिकित्सा चयन और भेदभाव-रहित सेवाएं (धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर नहीं)।​
    • ये प्रावधान राज्य के निवासियों को वित्तीय बोझ से मुक्ति देते हैं और पारदर्शिता बढ़ाते हैं।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर है, क्योंकि संविधान में स्वास्थ्य मौलिक अधिकार नहीं है
    • हालांकि अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का अधिकार इसमें निहित है)।
    • राजस्थान न केवल भारत बल्कि एशिया-अफ्रीका में ऐसा पहला राज्य बना।
    • तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे यूनिवर्सल हेल्थकेयर की दिशा में कदम बताया।
  • कार्यान्वयन चुनौतियां
    • कानून पारित होने के बाद निजी डॉक्टरों और अस्पतालों ने विरोध किया, कार्य बहिष्कार किया और इसे लागू न करने की मांग की।
    • सरकार ने चिकित्सकों से सहमति बनाई, जिससे अप्रैल 2023 में इसे लागू किया गया।
    • हालांकि, पूर्ण कार्यान्वयन में बजट, बुनियादी ढांचा और निजी क्षेत्र की भागीदारी चुनौतियां बनी रहीं।
  • अन्य राज्यों पर प्रभाव
    • यह कानून अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना, जैसे कुछ ने समान नीतियां अपनाईं, लेकिन राजस्थान ही पहला रहा।
    • राष्ट्रीय स्तर पर आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को मजबूती मिली।
    • कुल मिलाकर, यह कदम चिकित्सा पहुंच को बढ़ाने और गरीबों के लिए स्वास्थ्य न्याय सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक फैसला था।

35. फरवरी, 2023 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार आईडी एक परिवार एक पहचान (Family ID-One Family One Identity) नामक एक ....... लांच किया। [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) पोर्टल
Solution:
  • फरवरी, 2023 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवार आईडी-एक परिवार एक पहचान (Family ID-One Family One Identity) नामक एक पोर्टल लांच किया।
  • इस पहल का उद्देश्य राज्य में प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करना है
  • सरकारी योजनाओं का लाभ उन परिवारों तक पहुँचाना आसान हो सके जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत राशन कार्ड नहीं है।
  • लॉन्च का विवरण
    • यह पोर्टल फरवरी 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लॉन्च किया गया, हालांकि कुछ स्रोतों में जून 2023 का उल्लेख भी है
    • जब इसे पूर्ण रूप से सक्रिय किया गया। इसका आधिकारिक वेबसाइट है, जो उत्तर प्रदेश नियोजन विभाग द्वारा संचालित है।
    • योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य की 20 करोड़ से अधिक आबादी वाले परिवारों का एक लाइव डेटाबेस तैयार करना है
    • जिससे प्रत्येक परिवार को एक 12 अंकों वाली यूनिक फैमिली आईडी मिले।
  • उद्देश्य और लाभ
    • पोर्टल का उद्देश्य परिवारों को एक इकाई के रूप में पहचान देना है
    • जिससे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे रोजगार, जाति प्रमाण पत्र, राशन और अन्य सेवाओं तक आसान पहुंच हो।
    • राशन कार्ड धारक परिवारों का राशन कार्ड नंबर ही उनकी फैमिली आईडी होगा
    • जबकि अन्य परिवारों को नया आईडी आवंटित किया जाएगा। यह डिजिटल इंडिया मिशन से जुड़ा है
    • पारदर्शिता बढ़ाने, डुप्लिकेशन रोकने तथा 100% लाभार्थियों तक योजनाओं का वितरण सुनिश्चित करने में मदद करता है।
  • पंजीकरण प्रक्रिया
    • पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया को पोर्टल पर लॉगिन करना होता है और व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, पता और परिवार के सदस्यों का विवरण भरना होता है।
    • प्रत्येक सदस्य का आधार OTP से सत्यापित किया जाता है, उसके बाद आवेदन सबमिट करने पर फैमिली आईडी जारी हो जाती है।
    • राशन कार्ड धारकों को आधार नंबर डालकर आईडी प्रिंट कर सकते हैं। जन सेवा केंद्रों से आवेदन पर 30 रुपये शुल्क लगता है
    • स्वयं आवेदन मुफ्त है। सत्यापन शहरों में डिप्टी डीएम और ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ/लेखपाल द्वारा किया जाता है।
  • योजना के प्रमुख बिंदु
    • यूनिक आईडी: हर परिवार को 12 अंकीय फैमिली आईडी, जो सभी योजनाओं के लिए इस्तेमाल होगी।
    • राशन कार्ड लिंक: राशन कार्ड वाले परिवारों का नंबर ही आईडी बनेगा।
    • आधार अनिवार्य: पंजीकरण में आधार OTP सत्यापन जरूरी।​
    • लाभ: रोजगार, प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य योजनाओं (जैसे मुख्यमंत्री जान आरोग्य) तक एक ही आईडी से पहुंच।​​
    • डेटाबेस: राज्यव्यापी परिवार डेटाबेस से "एक परिवार, एक नौकरी" जैसी नीतियों को लागू करने में सहायता।

36. जी. कृष्णकुमार (G. Krishnkumar) को 2023 में निम्नलिखित में से किसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था? [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
Solution:
  • जी. कृष्णकुमार (G. Krishnakumar) को 2023 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया गया था।
  • BPCL भारत की एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल और गैस कंपनी है।
  • नियुक्ति की तिथि
    • 17 मार्च 2023 को मुंबई में बीपीसीएल ने आधिकारिक घोषणा की कि श्री जी. कृष्णकुमार ने कंपनी के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) का पदभार संभाल लिया।
    • यह एक 'महारत्न' कंपनी है जो फॉर्च्यून ग्लोबल 500 में शामिल है। इससे पहले अरुण कुमार सिंह सेवानिवृत्त हो चुके थे।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • कृष्णकुमार एनआईटी तिरुचिरापल्ली से इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर हैं
    • जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई से वित्त प्रबंधन में स्नातकोत्तर हैं।
    • बीपीसीएल में 36 वर्षों का अनुभव रखते हैं
    • जहां उन्होंने लुब्रिकेंट्स बिजनेस, फ्यूल रिटेलिंग, डिजिटल पहल और उत्पाद पोर्टफोलियो विस्तार में नेतृत्व किया।
  • चयन प्रक्रिया
    • सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (पीईएसबी) ने दिसंबर 2022 में वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता
    • एस खन्ना और सुखमल कुमार जैन जैसे उम्मीदवारों में से कृष्णकुमार को चुना।
    • वे कार्यकारी निदेशक पद से पदोन्नत हुए। उनका कार्यकाल अप्रैल 2025 तक या आगे निर्देश तक है।
  • उपलब्धियां
    • उन्होंने मैक ब्रांड के विस्तार, प्रीमियम फ्यूल, नई तकनीक और स्किल डेवलपमेंट में योगदान दिया।
    • रिफाइनरी, विपणन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सक्रिय रहे।

37. गोवा सरकार ने नवंबर, 2022 में निम्नलिखित में से किसके लिए एक नई योजना की शुरुआत की ? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) देव दर्शन
Solution:
  • गोवा सरकार ने नवंबर, 2022 में तीर्थ यात्रियों के लिए देव दर्शन नामक एक नई योजना की शुरुआत की।
  • इस योजना के तहत, गोवा के वरिष्ठ नागरिकों को सरकारी खर्च पर पड़ोसी राज्यों के धार्मिक स्थलों की यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना गोवा के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों की यात्रा को सरल बनाने पर केंद्रित है।
    • राज्य सरकार बुजुर्गों और कमजोर वर्गों को मंदिर दर्शन की सुविधा प्रदान करती है
    • जिसमें परिवहन, ठहरने और पूजा-अर्चना की व्यवस्था शामिल है।
    • इससे गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिली।
  • लॉन्च विवरण
    • मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 7 या 8 नवंबर 2022 को इस योजना का शुभारंभ किया।
    • यह राज्य प्रायोजित तीर्थयात्रा योजना है, जो गोवा के निवासियों को धार्मिक स्थलों जैसे माहादेव मंदिर, शांतादुर्गा मंदिर आदि तक ले जाती है।
    • योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को मुफ्त या सब्सिडी वाली यात्रा उपलब्ध कराई जाती है।
  • लाभार्थी और प्रक्रिया
    • योजना मुख्य रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए है।
    • आवेदन goaonline.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है, जहां पीडीएफ फॉर्म डाउनलोड उपलब्ध है।
    • सरकार द्वारा चयनित समूहों को बस या विशेष वाहनों से यात्रा कराई जाती है, जिसमें भोजन और गाइड की सुविधा भी होती है।
    • यह पहल गोवा के पर्यटन को समुद्र तटों से आगे धार्मिक पर्यटन की ओर विस्तार देती है, जहां भारतीय और पुर्तगाली संस्कृतियों का मिश्रण प्रमुख है।​
  • अन्य संदर्भ और प्रभाव
    • नवंबर 2022 के आसपास गोवा में अन्य योजनाएं जैसे सौर ऊर्जा या आवास संबंधी पहल चर्चा में रहीं
    • लेकिन सटीक तिथि पर देव दर्शन ही प्रमुख है।
    • यह योजना SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछी गई। 2025-26 तक यह सक्रिय बनी हुई है।

38. 2022 तक की स्थिति के अनुसार, आदि शंकराचार्य की 12 फीट प्रतिमा, जिसका अनावरण भारत के प्रधानमंत्री द्वारा किया था, ....... में स्थित है। [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) केदारनाथ
Solution:
  • 2022 तक की स्थिति के अनुसार, आदि शंकराचार्य की 12 फीट प्रतिमा, जिसका अनावरण भारत के प्रधानमंत्री द्वारा किया था
  • केदारनाथ (उत्तराखंड) में स्थित है। यह प्रतिमा 2013 की बाढ़ में नष्ट हुई मूल प्रतिमा के स्थान पर स्थापित की गई थी।
  • अनावरण और निर्माण विवरण
    • यह प्रतिमा नवंबर 2021 में केदारनाथ धाम में स्थापित की गई, जो 2022 तक पूर्ण रूप से सक्रिय थी।
    • प्रतिमा 12 फीट ऊँची और लगभग 35 टन वजनी है, जिसे मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जुन योगीराज ने क्लोराइट स्किस्ट पत्थर से तराशा।
    • निर्माण में सात कारीगरों ने नौ महीने लगाए, जो 80 टन कच्चे पत्थर से बनी।
    • केदारनाथ मंदिर के पीछे शंकराचार्य की समाधि स्थल पर स्थापित यह प्रतिमा मंदिर परिसर के पुनर्विकास का हिस्सा है।
  • केदारनाथ का महत्व
    • केदारनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में 3,583 मीटर ऊँचाई पर स्थित है, जो चार धाम यात्रा का हिस्सा और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
    • शंकराचार्य ने यहीं समाधि ली थी तथा ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) की स्थापना की।
    • 2013 की आपदा से क्षतिग्रस्त समाधि क्षेत्र को बहाल करने के उद्देश्य से यह प्रतिमा लगाई गई।
    • यह भारत की आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करने का प्रतीक है।
  • आदि शंकराचार्य का संक्षिप्त परिचय
    • आदि शंकराचार्य (788-820 ई.) केरल के कलादी में जन्मे आठवीं शताब्दी के दार्शनिक थे
    • जिन्होंने अद्वैत वेदांत दर्शन को प्रतिपादित किया। उन्होंने हिंदू धर्म को एकीकृत करने हेतु चार मठ स्थापित किए
    • ज्योतिर्मठ (उत्तर), द्वारका शारदा पीठ (पश्चिम), पुरी गोवर्धन पीठ (पूर्व) और श्रृंगेरी पीठ (दक्षिण)। केदारनाथ उनके जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।

39. एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और ब्लॉकचेन द्वारा संचालित डिजिटल लोक अदालत को जुलाई, 2022 में जयपुर में आयोजित 18वीं अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक के दौरान तत्कालीन राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ....... द्वारा लांच किया गया था। [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित
Solution:
  • एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और ब्लॉकचेन द्वारा संचालित डिजिटल लोक अदालत को जुलाई, 2022 में जयपुर में आयोजित 18वीं अखिल भारतीय कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक के दौरान तत्कालीन राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित द्वारा लांच किया गया था।
  • इस डिजिटल मंच का उद्देश्य न्याय वितरण को तेज करना और विवादों के समाधान को आसान बनाना है।
  • आयोजन विवरण
    • यह दो दिवसीय बैठक 16 और 17 जुलाई 2022 को जयपुर के जेसीसी (जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर) में हुई।
    • उद्घाटन सत्र में भारत के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमण, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उपस्थित थे।
    • दूसरे दिन मुख्य लॉन्च कार्यक्रम में न्यायमूर्ति ललित ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को सक्रिय किया, जो राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) द्वारा संचालित है।
  • तकनीकी विशेषताएं
    • डिजिटल लोक अदालत को ज्यूपिटिस जस्टिस टेक्नोलॉजीज ने डिजाइन और विकसित किया।
    • यह एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और ब्लॉकचेन पर आधारित है
    • जो विवादों के पूर्ण डिजिटल समाधान (एंड-टू-एंड) की सुविधा प्रदान करती है।
    • इसमें केस मैनेजमेंट, स्वचालित मध्यस्थता, सुरक्षित दस्तावेज़ सत्यापन और वर्चुअल सुनवाई शामिल हैं।
    • इसका उद्देश्य ग्रामीण और हाशिए के समुदायों तक न्याय की पहुंच बढ़ाना है, जहां पारंपरिक अदालतें दूर हैं।
  • उद्देश्य प्रभाव
    • राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले देश में न्याय सबकी पहुंच में हो, यह चुनौतीपूर्ण है।
    • यह पहल घर बैठे न्याय प्रदान करती है, जिससे समय, लागत और यात्रा की बचत होती है।
    • लॉन्च के बाद अगस्त 2022 में राजस्थान और महाराष्ट्र में पहली डिजिटल लोक अदालतें आयोजित हुईं।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • यह पहल भारतीय न्याय व्यवस्था में प्रौद्योगिकी के उपयोग को मजबूत करने वाली मील का पत्थर है, जो पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाती है।​