राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-I

Total Questions: 50

21. मई, 2022 में, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ....... को दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में नियुक्त किया। [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) विनय कुमार सक्सेना
Solution:
  • मई, 2022 में, तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद नेविनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor - LG) के रूप में नियुक्त किया। उन्होंने अनिल बैजल का स्थान लिया।
  • उपराज्यपाल दिल्ली, एक केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (National Capital Territory of Delhi) का संवैधानिक प्रमुख होता है।
  • नियुक्ति का पृष्ठभूमि
    • यह नियुक्ति 26 मई 2022 को हुई, जब राष्ट्रपति ने पूर्व उपराज्यपाल अनिल बैजल का इस्तीफा स्वीकार किया।
    • अनिल बैजल ने 18 मई 2022 को व्यक्तिगत कारणों से पद छोड़ दिया था, जो उन्होंने दिसंबर 2016 से संभाल रहे थे।
    • विनय कुमार सक्सेना को राष्ट्रपति भवन द्वारा आधिकारिक रूप से नियुक्ति पत्र जारी किया गया, और वे दिल्ली के 22वें उपराज्यपाल बने।​
  • विनय कुमार सक्सेना का प्रोफाइल
    • विनय कुमार सक्सेना का जन्म 23 मार्च 1958 को हुआ था।
    • वे असम-मेघालय कैडर के 1983 बैच के सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं।
    • नियुक्ति से पहले वे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के अध्यक्ष थे, जहां उन्हें 2015 में नियुक्त किया गया था।
    • वे कॉर्पोरेट और सामाजिक क्षेत्रों में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं
    • दिल्ली के उपराज्यपाल पद पर चुने जाने वाले पहले कॉर्पोरेट पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति हैं।​
  • उपराज्यपाल की भूमिका
    • दिल्ली के उपराज्यपाल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में राष्ट्रपति के प्रतिनिधि होते हैं।
    • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239AA के तहत उनका पद स्थापित है।
    • उनकी भूमिका मुख्य रूप से औपचारिक होती है, जिसमें प्रशासन की देखरेख, कानूनों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और दिल्ली सरकार के साथ समन्वय शामिल है।
    • यदि सरकार से मतभेद हो, तो वे मामलों को राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं।
    • दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में विधायिका होने के कारण उपराज्यपाल राज्यपाल के समान भूमिका निभाते हैं।
  • महत्वपूर्ण घटनाक्रम
    • 26 मई 2022: सक्सेना ने पदभार ग्रहण किया।
    • दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनका ट्विटर पर स्वागत किया।​​
    • अप्रैल 2025 तक वे पद पर बने रहे।​
    • यह नियुक्ति दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव का प्रतीक थी, क्योंकि सक्सेना का कॉर्पोरेट बैकग्राउंड नया था।​
  • दिल्ली का संवैधानिक संदर्भ
    • दिल्ली को 69वें संविधान संशोधन (1991) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया।
    • राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के बाद यह केंद्र शासित प्रदेश बना। यमुना नदी के तट पर स्थित दिल्ली हरियाणा और उत्तर प्रदेश से घिरी हुई है।
    • उपराज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा पांच वर्ष के लिए की जाती है।

22. स्वर्णिम चतुर्भुज निम्नलिखित में से किन शहरों को जोड़ता है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई
Solution:
  • स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) निम्नलिखित में से दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई शहरों को जोड़ता है।
  • यह भारत में एक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है जो भारत के चार प्रमुख महानगरों को जोड़ता है
  • जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही में सुधार होता है। यह भारत के सबसे बड़े राजमार्ग परियोजनाओं में से एक है।
  • मुख्य चार शहर जोड़े जाते हैं
    • दिल्ली
    • मुंबई
    • चेन्नई
    • कोलकाता
    • इन चारों महानगरों को क्रमशः उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और पूर्व कोण पर स्थित माना जाता है
    • जिससे एक बड़ा चतुर्भुज बनता है। यह नेटवर्क NHDP के अंतर्गत विकसित किया गया था
    • भारत की एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा योजना का हिस्सा है।
  • क्यों बनायी गयी यह परियोजना
    • लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट समय कम है, जिससे माल की आवाजाही सहज होती है और राजधानी शहरों के बीच व्यापार में वृद्धि होती है।​
    • देश के पूर्वी-पश्चिमी और उत्तर-दक्षिणी कनेक्टिविटी बेहतर होती है, जिससे औद्योगिक केंद्रों के बीच गतिशीलता बढ़ती है।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • कुल लंबाई लगभग 5,846 किलोमीटर है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी राजमार्ग परियोजनाओं में से एक बनाती है।​
    • यह केवल चार महानगरों को नहीं जोड़ता, बल्कि संबंधित शहरों और बंदरगाहों के नेटवर्क को भी जोड़ता है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को समर्थन मिलता है।
  • महत्व और प्रभाव
    • परिचालन गुणवत्ता और क्षमताओं में सुधार के साथ यातायात सुरक्षा, यात्रा समय में कमी और ईंधन दक्षता में भी लाभ मिलता है।​
    • यह NHDP के तहत भारत-माला योजना के अंतर्गत एक प्रमुख पूंजी-निबंध है और शासन द्वारा इसे राष्ट्रीय राजमार्गों के मुख्य राजमार्गों के रूप में माना गया है।
  • कहाँ से और क्या देखें
    • हिंदी स्रोतों में स्पष्ट रूप से Delhi–Mumbai–Chennai–Kolkata चतुर्भुज के संरचना, NHDP और लंबाई की जानकारी मिलती है।
    • उदाहरण के लिए विकीपीडिया और परीक्षा-आधारित स्रोत इस चार-शहर संयोजन को प्रमुख बिंदु के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
    • यदि आप पाठ्य विषय के लिए उपयुक्त पुष्टि चाहते हैं, Testbook जैसे परीक्षा-सम्बंधित साइटें भी चार शहरों के नाम और परियोजना के प्रमुख बिंदु देती हैं।
  • उदाहरण के साथ स्पष्टता
    • उदाहरण के तौर पर, "दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई" को स्वर्णिम चतुर्भुज के चार प्रमुख केन्द्र माना जाता है
    • जबकि इससे जुड़े अन्य शहर जैसे जयपुर, पुणे, बेंगलुरु आदि इस नेटवर्क के भीतर आते हैं।
  • नोट
    • अगर आप चाहें, मैं आपके स्थान (दिल्ली, नई दिल्ली) से यात्रा-योजना, आपके शहर के नज़दीकी GQ कनेक्शन और संबंधित NHDP मार्गों की सूची बना सकता हूं
    • बस बताएँ कि आपको किस तरह की जानकारी चाहिए (कॉन्टेकटेड मार्ग, दूरी, या चौकसी बिंदु आदि)।

23. 2023 में भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने "अनुमोदन के बारे में जानकारी प्राप्त करना" नामक दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया है, जो ....... के लिए हैं। [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
Solution:
  • 2023 में भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने "अनुमोदन के बारे में जानकारी प्राप्त करना" नामक दिशानिर्देशों का एक सेट जारी किया है
  • जोसोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लिए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है
  • जब इन्फ्लुएंसर किसी उत्पाद या सेवा का प्रचार करें, तो वे अपने पोस्ट में भुगतान किए गए प्रचार (Paid Promotions) का स्पष्ट रूप से खुलासा करें
  • जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाया जा सके।
  • दिशानिर्देशों का उद्देश्य
    • ये दिशानिर्देश मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय मशहूर हस्तियों, इन्फ्लुएंसर्स और वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स को संबोधित करते हैं।
    • इनका लक्ष्य उत्पादों या सेवाओं के प्रचार के दौरान दर्शकों को गुमराह न करने और विज्ञापनों की प्रकृति को स्पष्ट रूप से प्रकट करना है।
    • उपभोक्ताओं को यह जानने का अधिकार है कि कौन सा कंटेंट विज्ञापन है, ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें।​
  • मुख्य प्रावधान
    • पारदर्शिता की अनिवार्यता: इन्फ्लुएंसर्स को अपने पोस्ट में #Advertisement, #Sponsored या #PaidPromotion जैसे स्पष्ट डिस्क्लोजर का उपयोग करना होगा।
    • यदि विज्ञापनदाता से कोई भौतिक लाभ (जैसे भुगतान, गिफ्ट या संबंध) है, तो इसे प्रमुखता से उल्लेख करना जरूरी है।
    • धोखाधड़ी रोकथाम: इन्फ्लुएंसर्स को ऐसी सामग्री पोस्ट नहीं करनी चाहिए जो गलत या भ्रामक हो।
    • उदाहरणस्वरूप, यदि कोई उत्पाद का व्यक्तिगत अनुभव साझा किया जा रहा है लेकिन वह प्रायोजित है, तो इसे छिपाना प्रतिबंधित है।
    • विशेष मामलों का ध्यान: वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स (AI-जनरेटेड) या समूहों के लिए भी यही नियम लागू होते हैं, जहां उनका प्रभाव क्रय निर्णयों पर पड़ता हो।​
  • जारी करने का संदर्भ
    • उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत उपभोक्ता मामलों का विभाग इसकी निगरानी करता है।
    • 2023 में जारी अन्य दिशानिर्देशों (जैसे डार्क पैटर्न पर) के साथ यह डिजिटल मार्केटिंग के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करने का हिस्सा था।
    • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) इन नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
  • प्रभाव और महत्व
    • ये दिशानिर्देश उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हैं, खासकर युवा दर्शकों को जो इन्फ्लुएंसर्स पर भरोसा करते हैं।
    • उल्लंघन पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
    • 2023 के बाद इनकी समीक्षा जारी है, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था में निष्पक्षता बढ़ाने में सहायक हैं।

24. भारत के कौन-से राज्य ने सर्वप्रथम सभी घरों की छतों पर वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण को अनिवार्य किया था? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) तमिलनाडु
Solution:
  • भारत के तमिलनाडु राज्य ने सर्वप्रथम सभी घरों की छतों पर वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण को अनिवार्य किया था।
  • तमिलनाडु ने 2001 में इस संबंध में एक कानून पारित किया था।
  • यह पहल भूजल स्तर को बढ़ाने और राज्य में जल संकट को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था।
  • नीति का इतिहास
    • तमिलनाडु ने 2001 में "वर्षा जल संचयन आंदोलन" लॉन्च किया
    • जिसके तहत राज्य भर में हर घर, इमारत और ग्रामीण क्षेत्रों में छतों से बहने वाले वर्षा जल को एकत्रित करने वाली संरचनाएं लगाना जरूरी कर दिया गया।
    • पहले यह सभी नई इमारतों पर लागू हुआ, लेकिन जल्द ही इसे सभी मौजूदा घरों तक विस्तारित कर दिया गया।
    • राज्य सरकार ने कानूनी प्रावधान बनाए, जिसमें उल्लंघन पर जुर्माना या दंड का प्रावधान है।
    • यह कदम खासतौर पर चेन्नई जैसे शहरों में भूजल स्तर को रिचार्ज करने के लिए उठाया गया, जहां शहरीकरण के कारण जल संकट गहरा गया था।
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • नीति के अमल के बाद चेन्नई में भूजल स्तर में 50% तक की वृद्धि दर्ज की गई, साथ ही जल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ।
    • ग्रामीण इलाकों में टैंक, कुएं और बोरवेल को रिचार्ज करने के लिए सिस्टम लगाए गए
    • जिससे पंपिंग की लागत घटी और पानी की उपलब्धता बढ़ी। तमिलनाडु ने इसे हर घर के लिए अनिवार्य बनाकर अन्य राज्यों के लिए मिसाल कायम की
    • उदाहरणस्वरूप, महाराष्ट्र के पुणे में बाद में नई हाउसिंग सोसाइटियों के लिए इसी तरह के नियम आए।
  • वर्षा जल संचयन क्या है?
    • वर्षा जल संचयन एक ऐसी तकनीक है
    • जिसमें छत के जलग्रहण क्षेत्र से बहने वाले पानी को पाइपों के जरिए फिल्टर करके टैंक, कुआं या भूमिगत टैंक में संग्रहीत किया जाता है। इसके लाभों में शामिल हैं:
    • भूजल रिचार्ज, जिससे सूखे की स्थिति में राहत मिलती है।
    • पानी की बचत और पुन: उपयोग, जैसे पीने, सिंचाई या घरेलू जरूरतों के लिए।
    • कम खनिज वाला साफ पानी, जो भूजल की गुणवत्ता सुधारता है।

25. 2006 में, इतालवी ओडिसी नृत्यांगना इलियाना सिटारिस्टी (Ileana Citaristi) को ....... से सम्मानित किया गया था। [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) पद्मश्री
Solution:
  • 2006 में, इतालवी ओडिसी नृत्यांगना इलियाना सिटारिस्टी (Ileana Citaristi) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
  • वह ओडिशा में रहकर ओडिसी और छऊ नृत्य शैलियों में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए जानी जाती हैं
  • कला के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा उन्हें यह चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  • इलियाना सिटारिस्टी का परिचय
    • इलियाना सिटारिस्टी इटली के बर्गामो शहर की रहने वाली हैं और उन्होंने ओडिसी तथा छऊ नृत्य शैलियों में महारत हासिल की है।
    • वह 1979 से ओडिशा में रह रही हैं तथा गुरु केलुचरण मोहapatra के मार्गदर्शन में ओडिसी सीखा।
    • उन्होंने 1994 में अपना नृत्य विद्यालय शुरू किया और 1996 में आर्ट विज़न अकादमी की स्थापना की, जो ओडिसी व छऊ की कक्षाएं आयोजित करती है।​
  • पद्म श्री पुरस्कार का महत्व
    • पद्म श्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है
    • जो कला, साहित्य, शिक्षा आदि क्षेत्रों में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
    • 2006 में इलियाना को ओडिसी नृत्य में उनके योगदान के लिए यह सम्मान मिला
    • जो किसी विदेशी मूल की पहली नृत्यांगना बनीं। यह पुरस्कार भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किया जाता है।
  • अन्य उपलब्धियां
    • 1996 में अपर्णा सेन की फिल्म युगांतर के कोरियोग्राफी के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।
    • सुर सिंगा संसद, मुंबई द्वारा 'रसेश्वर पुरस्कार'।
    • 2008 में इटली सरकार द्वारा 'ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ इटालियन सॉलिडैरिटी' सदस्यता।
    • संस्कृति सिरोमणि (2006), देशरत्न (2007) आदि।
  • ओडिसी में योगदान
    • इलियाना ने ओडिसी को वैश्विक मंच पर पहुंचाया तथा छऊ के मयूरभंज घराने से भी प्रशिक्षण लिया।
    • वह दूरदर्शन की 'टॉप' ग्रेड कलाकार हैं तथा आईसीसीआर की 'आउटस्टैंडिंग आर्टिस्ट' पैनल में शामिल हैं।
    • उनके प्रयासों से ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर विश्व स्तर पर चमकी।​​

26. भारत सरकार ने जुलाई, 2021 में नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रॉफिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्युमरेसी (निपुण भारत-NIPUN Bharat) का शुभारंभ किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश का हर बच्चा कक्षा ....... की समाप्ति तक अनिवार्य रूप से आधारभूत साक्षरता और गणनाएं प्राप्त कर ले। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 3
Solution:
  • भारत सरकार ने जुलाई, 2021 में निपुण भारत (NIPUN Bharat) का शुभारंभ किया
  • यह सुनिश्चित हो सके कि देश का हर बच्चा कक्षा 3 की समाप्ति तक अनिवार्य रूप से आधारभूत साक्षरता और गणनाएं (Foundational Literacy and Numeracy - FLN) प्राप्त कर ले।
  • यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
  • मिशन का पूरा नाम और उद्देश्य
    • NIPUN भारत का पूरा नाम National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy है।
    • यह मिशन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित है और समग्र शिक्षा योजना के तहत कार्यान्वित हो रहा है।
    • इसका दृष्टिकोण आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के सार्वभौमिक अधिग्रहण को सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाना है, विशेष रूप से 3 से 9 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए।
  • लॉन्च विवरण
    • केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने 5 जुलाई 2021 को वर्चुअल माध्यम से इस मिशन का शुभारंभ किया।
    • लॉन्च के दौरान निपुण भारत का शॉर्ट वीडियो, एंथम और दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
    • 2021-22 में इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समग्र शिक्षा योजना के तहत 2,688.18 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
  • लक्ष्य और समयसीमा
    • मिशन का प्रमुख लक्ष्य 2026-27 तक सभी बच्चों को ग्रेड-3 के अंत तक मूलभूत साक्षरता (पढ़ना, समझना, लिखना) और संख्या गणना (जोड़, घटाव आदि) में निपुण बनाना है।
    • यह प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 3) पर केंद्रित है, जहां आधारभूत कौशल की कमी से उच्च कक्षाओं में पिछड़न की समस्या आम है।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • पांच स्तरीय तंत्र: राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर कार्यान्वयन।
    • शिक्षक प्रशिक्षण: NISHTHA के तहत 25 लाख शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) पर प्रशिक्षण। NCERT द्वारा विशेष पैकेज विकसित।
    • संसाधन विकास: उच्च गुणवत्ता वाले छात्र और शिक्षक संसाधन/लर्निंग मटेरियल्स का निर्माण।
    • ट्रैकिंग: प्रत्येक बच्चे की प्रगति का अनुसरण और डेटा-आधारित हस्तक्षेप।
  • प्रभाव और महत्व
    • यह मिशन राष्ट्र निर्माण की नींव को मजबूत करेगा, क्योंकि आधारभूत शिक्षा की कमी से उच्च शिक्षा में बाधा आती है।
    • यह छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और 21वीं सदी के भारत को सशक्त करेगा।
    • हाल के अपडेट्स में व्यक्तिगत अनुकूली लर्निंग सॉल्यूशंस (PAL) जैसे iPrep PAL को एकीकृत किया गया है।
  • चुनौतियां और प्रगति
    • कोविड-19 के बाद लर्निंग गैप्स को भरने के लिए यह महत्वपूर्ण है। राज्य स्तर पर पिरामिड संरचना से प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है।
    • 2026 तक पूर्ण सफलता के लिए शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी जरूरी है।​

27. निम्नलिखित में से किसे राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के नए अध्यक्ष के रूप में चार साल की अवधि या जब तक कि उनकी आयु 70 वर्ष नहीं हो जाती, जो भी नवंबर, 2021 में पहले हो, के लिए नियुक्त किया गया है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) जस्टिस अशोक भूषण
Solution:
  • नवंबर, 2021 में,जस्टिस अशोक भूषण को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण के नए अध्यक्ष के रूप में चार साल की अवधि या जब तक कि उनकी आयु 70 वर्ष नहीं हो जाती
  • जो भी पहले हो, के लिए नियुक्त किया गया है।NCLAT कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत अपीलें सुनता है।
  • नीचे पूर्ण विवरण और संदर्भ:
    • नियुक्त व्यक्ति: अशोक भूषण (Former Supreme Court Judge). यह जानकारी साफ बताती है
    • वह नए अध्यक्ष बनाए गए थे, और उल्लेखित समय-सीमा (चार साल या 70 वर्ष आयु) के अनुसार नियुक्ति संरचना लागू थी.
    • कार्यकाल की बाध्यता: NCLAT के अध्यक्ष के रूप में चार साल की न्यूनतम/नियत अवधि या आयु 70 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, के तहत नियुक्ति की व्यवस्था थी
    • यह उसकी नियुक्ति के समय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है.
    • संदर्भित स्रोतों में पुष्टि: GK प्रश्न-पत्र (2024) ने भी अशोक भूषण को नवीन अध्यक्ष के रूप में दर्ज किया है
    • जिसमें उनकी नियुक्ति का उल्लेख है. Drishti IAS जैसी शिक्षण साइटें भी इसी खबर को दोहराती हैं.
    • स्थिति के बाद का परिवर्तन: NCLAT की वर्तमान संरचना और अध्यक्ष/मेम्बर सूची समय के साथ बदली है
    • 2025-2026 के स्रोतों से यह स्पष्ट है कि पद पर विभिन्न सदस्य आए और फिर अपडेट हुए हैं.

28. 7 अक्टूबर, 2021 को भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण रेल खंडों में क्षमता की कमी की समस्या का एक बहुत प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए ....... नाम की दो लंबी दूरी की मालगाड़ियों का शुभारंभ और संचालन किया। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) त्रिशूल और गरुड़
Solution:
  • 7 अक्टूबर, 2021 को भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण रेल खंडों में क्षमता की कमी की समस्या का प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिएत्रिशूल और गरुड़ नाम की दो लंबी दूरी की मालगाड़ियों का शुभारंभ और संचालन किया।
  • ये ट्रेनें दो या अधिक पारंपरिक मालगाड़ियों को मिलाकर बनाई गई थीं, जिससे एक बार में अधिक माल परिवहन किया जा सके।
  • त्रिशूल मालगाड़ी का विवरण
    • यह मालगाड़ी सामान्य मालगाड़ियों से दोगुनी या तीन गुना लंबी थी, जिसमें कुल 177 वैगन शामिल थे
    • जो तीन सामान्य मालगाड़ियों के बराबर है।
    • विजयवाड़ा मंडल के कोंडापल्ली स्टेशन से पूर्वी तट रेलवे के खुर्दा मंडल तक रवाना हुई यह ट्रेन मुख्य रूप से थर्मल पावर स्टेशनों के लिए कोयले लदान हेतु खाली खुले वैगन से लदी हुई थी।
    • इसकी लंबाई लगभग 2 किलोमीटर थी, जो भीड़भाड़ वाले मार्गों पर एक साथ अधिक माल ढुलाई संभव बनाती है।
  • गरुड़ मालगाड़ी का संचालन
    • इसके तुरंत बाद 8 अक्टूबर 2021 को गुंतकल मंडल के रायचूर से सिकंदराबाद मंडल के मनुगुरु तक "गरुड़" नामक दूसरी समान लंबी दूरी की मालगाड़ी संचालित की गई।
    • यह भी 177 वैगनों वाली थी और कोयले ढुलाई के लिए तैयार की गई थी।
    • दोनों ट्रेनें SCR के व्यस्त खंडों जैसे विजयवाड़ा-खुर्दा रोड पर क्षमता वृद्धि का प्रभावी समाधान साबित हुईं।​
  • उद्देश्य और लाभ
    • ये लंबी दूरी की मालगाड़ियां महत्वपूर्ण सैक्शनों में प्रवाह क्षमता बढ़ाने, पथ की बचत करने, यात्रा समय कम करने और चालक दल में कमी लाने जैसे लाभ प्रदान करती हैं।
    • SCR जैसे क्षेत्रों में अधिकांश माल यातायात इन व्यस्त मार्गों से गुजरता है
    • इसलिए ऐसी ट्रेनें ग्राहकों को बेहतर सेवा देती हैं।
    • इससे रेलवे की माल ढुलाई दक्षता में क्रांतिकारी सुधार हुआ, जो बाद में अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया गया।​

29. अक्टूबर, 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किया गया 'देश के मेंटर' कार्यक्रम कक्षा ....... तक के छात्रों के लिए है। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) IX से XII
Solution:
  • अक्टूबर, 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किया गया 'देश के मेंटर' कार्यक्रम कक्षा IX से XII तक के छात्रों के लिए है।
  • इस कार्यक्रम के तहत, सफल नागरिक (मेंटर) सरकारी स्कूलों के छात्रों को उनके करियर और व्यक्तिगत विकास में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं।
  • 'देश के मेंटर' कार्यक्रम कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए है।
  • कार्यक्रम का परिचय
    • यह 'यूथ फॉर एजुकेशन' पहल के तहत शिक्षा निदेशालय द्वारा विकसित किया गया
    • जहां स्वैच्छिक मेंटर छात्रों को महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने, कड़ी मेहनत करने और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता देते हैं।
    • मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लॉन्च किया, और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद इसके ब्रांड एंबेसडर बने।
  • मुख्य विशेषताएं
    • लक्षित छात्र: दिल्ली सरकारी स्कूलों के कक्षा 9 से 12 के छात्र, जो करियर विकल्पों और जीवन लक्ष्यों पर सलाह चाहते हैं।
    • मेंटर की योग्यता: 18-35 वर्ष आयु के युवा, जैसे प्रोफेशनल्स, कॉलेज स्टूडेंट्स, उद्यमी, खिलाड़ी, लेखक या कलाकार, जो दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के ऐप पर साइन-अप कर सकते हैं।
    • मार्गदर्शन प्रक्रिया: एक मेंटर 1-10 छात्रों को अपना सकता है
    • हफ्ते में कम से कम 10 मिनट फोन या ऐप के जरिए बातचीत, आपसी हितों के आधार पर जोड़ी बनाई जाती है।
    • अवधि: 2-6 महीने, जहां पहले 2 महीने अनिवार्य मॉड्यूल और शेष वैकल्पिक।​
  • पंजीकरण और कार्यान्वयन
    • मेंटर बनने के लिए 7500040004 पर मिस्ड कॉल दें या दिल्ली सरकार का विशेष ऐप डाउनलोड करें
    • जो पूरे देश से लोगों को जोड़ता है—दिल्ली तक आने की जरूरत नहीं।
    • छात्र भी ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर कर मेंटर चुन सकते हैं।
    • कार्यक्रम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चलता है, जो छात्रों को सूचित निर्णय लेने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
  • उद्देश्य और प्रभाव
    • यह कार्यक्रम छात्रों को 'बड़ा भाई-बहन' जैसा संरक्षण देता है
    • जहां मेंटर करियर, जिंदगी और आत्मविश्वास पर गाइड करते हैं।
    • शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के अनुसार, एक बच्चे का भविष्य संवारना राष्ट्र निर्माण के बराबर है।
    • 2025 तक भी यह सक्रिय रहा, जो सरकारी स्कूलों के बच्चों को प्रोफेशनल्स से जोड़ने पर केंद्रित है।

30. अगस्त, 2021 में निम्नलिखित में से किसने 'उभरते सितारे फंड' को प्रायोजित किया था? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) एक्जिम बैंक और सिडबी (SIDBI)
Solution:
  • अगस्त, 2021 में एक्जिम बैंक और सिडबी (SIDBI) ने 'उभरते सितारे फंड' को प्रायोजित किया था।
  • यह फंड भारतीय निर्यात-उन्मुख लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) को इक्विटी और ऋण सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था
  • जिनका निर्यात क्षमता है लेकिन जिन्हें पूंजी की आवश्यकता है।
  • फंड का शुभारंभ
    • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 21 अगस्त 2021 को लखनऊ में इस फंड का औपचारिक उद्घाटन किया।
    • यह 2021 के केंद्रीय बजट में घोषित 'उभरते सितारे कार्यक्रम' का हिस्सा था
    • जिसका उद्देश्य निर्यात-उन्मुखी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को मजबूत बनाना है।
  • प्रायोजकों की भूमिका
    • भारत एक्ज़िम बैंक (EXIM Bank) और छोटे उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) ने संयुक्त रूप से इस वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) को प्रायोजित किया।
    • दोनों ने शुरुआती चरण में 40-40 करोड़ रुपये का योगदान दिया
    • जिससे फंड का आकार 250 करोड़ रुपये तक पहुंचा (और इसे दोगुना करने की योजना थी)। यह फंड SEBI के पास जुलाई 2021 में पंजीकृत हो चुका था।
  • उद्देश्य और लाभ
    • फंड का मुख्य लक्ष्य फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, ऑटो पुर्जे, इंजीनियरिंग, कृषि और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली MSMEs को इक्विटी, ऋण और तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
    • इसमें लगभग 100 संभावित कंपनियों की पहचान की गई थी, जिनका वार्षिक टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए।
    • केवल वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि एडवाइजरी सेवाएं भी दी जाती हैं ताकि ये कंपनियां वैश्विक निर्यात चैंपियन बन सकें।
  • पात्रता मानदंड
    • कंपनी निर्यात-उन्मुखी होनी चाहिए (मैन्युफैक्चरिंग या सर्विसेज सेक्टर)।
    • तकनीकी रूप से मजबूत, लेकिन पूर्ण क्षमता का उपयोग न कर पा रही या अंडरपरफॉर्मिंग।
    • भविष्य में बड़े निर्यातक बनने की क्षमता हो।