राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-I

Total Questions: 50

31. ....... योजना के तहत 'डोनेट-ए-पेंशन' अभियान, श्रम मंत्रालय द्वारा 7 से 13 मार्च, 2022 तक 'आइकॉनिक वीक' समारोह में शुरू किया गया था। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन
Solution:
  • योजना के तहत 'डोनेट-ए-पेंशन' अभियान:
    • 'डोनेट-ए-पेंशन' अभियान प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना के तहत शुरू किया गया था।
    • इस पहल के तहत, नागरिक अपने घरेलू कामगारों, ड्राइवरों या किसी अन्य जरूरतमंद व्यक्ति के लिए पेंशन फंड में स्वैच्छिक रूप से प्रीमियम राशि दान कर सकते हैं।
    • यह अभियान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ पहुंचाने के लिए एक सामुदायिक-संचालित प्रयास है।
  • अभियान का लॉन्च और पृष्ठभूमि
    • यह अभियान श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा शुरू किया गया।
    • आइकॉनिक वीक' श्रम मंत्रालय की विभिन्न पहलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था।
    • PM-SYM योजना, जो 2019 में शुरू हुई, असंगठित श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन प्रदान करती है, और 'डोनेट-ए-पेंशन' इसकी एक अनूठी पहल है।
  • मुख्य विशेषताएं
    • नागरिक अपने घरेलू कामगारों, ड्राइवरों, हेल्परों, देखभालकर्ताओं या अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए न्यूनतम एक वर्ष का प्रीमियम दान कर सकते हैं।
    • दानकर्ता ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से आसानी से योगदान कर पाते हैं, जो श्रमिकों को सीधे पेंशन योजना से जोड़ता है।
    • यह 50:50 अंशदायी योजना है, जहां श्रमिक और केंद्र सरकार समान योगदान देते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, 29 वर्षीय श्रमिक को मासिक 100 रुपये का योगदान देना होता है, जिसके बदले सरकार भी इतना ही जोड़ती है।
  • पात्रता मानदंड
    • अभियान के लाभार्थी वे असंगठित श्रमिक हैं जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम है।
    • आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और वे ESIC, NPS, EPFO से कवर न हों या आयकर दाता न हों।
    • इसमें घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, ईंटभट्ठा मजदूर, रिक्शा चालक, कूड़ा बीनने वाले आदि शामिल हैं।
  • प्रक्रिया और लाभ
    • दानकर्ता ऑनलाइन पोर्टल पर श्रमिक का चयन कर प्रीमियम (न्यूनतम 660 से 2400 रुपये वार्षिक) दान करते हैं।
    • 60 वर्ष पूरे होने पर श्रमिक को 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जिसमें पारिवारिक पेंशन का विकल्प भी है।
    • ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, जो लाखों असंगठित मजदूरों को जोड़ने में सहायक रहा।​
  • महत्व और प्रभाव
    • यह अभियान सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है, जहां सामान्य नागरिक श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं।
    • लॉन्च के समय मंत्री ने खुद अपने माली को दान देकर उदाहरण पेश किया।
    • इससे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को लाभ पहुंचाने की अपेक्षा थी।

32. 17 से 22 जनवरी, 2023 तक ....... में द्विवार्षिक त्रि-सेवा उभयचर अभ्यास, एम्फेक्स (AMPHEX), 2023 आयोजित किया गया था। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) आंध्र प्रदेश
Solution:
  • एम्फेक्स (AMPHEX) 2023:
    • जनवरी, 2023 में द्विवार्षिक त्रि-सेवा उभयचर अभ्यास, एम्फेक्स (AMPHEX), 2023, आंध्र प्रदेश में आयोजित किया गया था।
    • यह अभ्यास काकीनाडा के पास आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की इकाइयों ने भाग लिया।
    • इसका उद्देश्य तीनों सेवाओं के बीच उभयचर युद्ध क्षमता और संयुक्त परिचालन समन्वय को बढ़ाना था।
  • अभ्यास का परिचय
    • AMPHEX एक द्विवार्षिक त्रि-सेवा अभ्यास है जो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त उभयचर संचालनों पर केंद्रित होता है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य तीनों सेवाओं के बीच अंतरसंचालनीयता (interoperability) और तालमेल बढ़ाना है, ताकि जटिल उभयचर परिदृश्यों में एकीकृत कार्रवाई संभव हो सके ।
    • AMPHEX 2023 अब तक का सबसे बड़ा संस्करण था और पहली बार काकीनाडा में आयोजित हुआ ।
  • स्थान और अवधि
    • अभ्यास आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में हुआ, जो पूर्वी तट पर स्थित है और उभयचर अभ्यासों के लिए आदर्श है।
    • यह 17 जनवरी से 22 जनवरी 2023 तक चला, यानी छह दिनों का कार्यक्रम जिसमें पांच दिनों तक जटिल ड्रिल किए गए ।
    • काकीनाडा का चयन पूर्वी नौसेना कमान के क्षेत्र में होने के कारण किया गया ।
  • भाग लेने वाली इकाइयाँ
    • भारतीय सेना: 900 से अधिक सैनिकों ने भाग लिया, जिसमें विशेष बल (Special Forces), तोपखाना (Artillery) और कवचित वाहन (Armoured vehicles) शामिल थे।
    • कुछ स्रोतों में 1100+ सैनिकों का उल्लेख है ।
    • भारतीय नौसेना: उभयचर परिवहन डॉक (Amphibious Transport Docks), लैंडिंग शिप टैंक (Landing Ship Tanks), और अन्य जहाजों ने हिस्सा लिया।
    • नौसेना ने समुद्री और तटीय संचालन संभाले ।
    • भारतीय वायुसेना: विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई संपत्तियों ने हवाई समर्थन प्रदान किया, जिसमें हेलीबॉर्न ऑपरेशंस शामिल थे ।
    • यह संयुक्त प्रयास उभयचर संचालनों के पूरे स्पेक्ट्रम को कवर करता था ।​
  • उद्देश्य और गतिविधियाँ
    • अभ्यास का फोकस उभयचर संचालनों के सभी पहलुओं पर था, जैसे:
    • तट पर उतरना और कब्जा करना।
    • संयुक्त कमांड एंड कंट्रोल।
    • हवाई और नौसैनिक समर्थन।
    • विशेष अभियान और तोपखाने का एकीकरण।
    • यह अभ्यास वास्तविक युद्ध परिदृश्यों की तैयारी के लिए डिज़ाइन किया गया था
    • जिसमें तीनों सेवाओं की समन्वय क्षमता का परीक्षण हुआ ।
    • AMPHEX ने सफलतापूर्वक भारतीय सशस्त्र बलों की उभयचर क्षमताओं को प्रदर्शित किया और तीनों सेवाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय को सत्यापित किया ।
  • महत्व
    • AMPHEX 2023 ने भारत की संयुक्त सैन्य शक्ति को मजबूत किया, विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में।
    • यह अभ्यास नियमित रूप से आयोजित होता है
    • बल पूर्ण-स्पेक्ट्रम उभयचर युद्ध के लिए तैयार रहें।
    • इसका सफल समापन 23 जनवरी 2023 को घोषित किया गया ।

33. बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के उद्देश्य से, 29 जुलाई, 2021 को भारत सरकार ने ....... के विद्यार्थियों के लिए एक प्री-स्कूल तैयारी कार्यक्रम, विद्या प्रवेश का शुभारंभ किया। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पहली कक्षा
Solution:
  • विद्या प्रवेश कार्यक्रम:
    • बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के उद्देश्य से, 29 जुलाई, 2021 को भारत सरकार ने पहली कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक प्री-स्कूल तैयारी कार्यक्रम, विद्या प्रवेश का शुभारंभ किया।
    • यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किया गया है
    • इसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए एक सहज और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना है।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • विद्या प्रवेश का मुख्य लक्ष्य कक्षा 1 में प्रवेश करने वाले बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और संज्ञानात्मक रूप से तैयार करना है।
    • यह उन बच्चों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिन्हें पूर्व-प्राथमिक (प्री-स्कूल) शिक्षा नहीं मिली
    • जैसे ग्रामीण या वंचित क्षेत्रों के बच्चे। कार्यक्रम खेल-आधारित (play-based) शिक्षण विधि अपनाता है, ताकि बच्चे तनाव-मुक्त वातावरण में सीखें और स्कूल ड्रॉपआउट की दर कम हो।
    • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों पर आधारित है
    • जो प्री-स्कूल से प्राथमिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने पर जोर देती है।
  • अवधि और संरचना
    • कार्यक्रम 12 सप्ताह (3 महीने) का होता है, जो कक्षा 1 के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में चलाया जाता है।
    • प्रतिदिन 4 घंटे की कक्षाएं, जिसमें प्री-साक्षरता (pre-literacy), प्री-अंकीय (pre-numeracy), संज्ञानात्मक कौशल, सामाजिक-भावनात्मक विकास पर फोकस।
    • इसमें योग, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षा प्रोटोकॉल, नैतिक मूल्य और सांस्कृतिक विविधता को शामिल किया गया है।
    • विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग) के लिए अनुकूलित गतिविधियां।
  • कार्यान्वयन
    • यह कार्यक्रम 2022-23 शैक्षणिक सत्र से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू किया गया।
    • NCERT द्वारा विकसित मॉड्यूल सभी राज्यों को भेजा गया, जो बालवाटिका 3 (Pre-school 3) के लर्निंग आउटकम्स से जुड़ा है।
    • शिक्षकों को NISHTHA FLN प्रशिक्षण दिया जाता है, और माता-पिता की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है।
    • उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसे "स्कूल रेडीनेस प्रोग्राम" के नाम से चलाया जा रहा है।
  • लाभ और प्रभाव
    • बच्चों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और सकारात्मक लर्निंग आदतें विकसित होती हैं।
    • प्रारंभिक ड्रॉपआउट रोकने और समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन सुधारने में मदद।
    • 2030 तक सभी बच्चों को FLN सुनिश्चित करने के निपुण भारत लक्ष्य की पूर्ति।
    • उदाहरणस्वरूप, iDream Education जैसे प्लेटफॉर्म ने इसके अनुरूप डिजिटल सामग्री तैयार की है।

34. सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू करने के लिए मार्च, 2022 में ....... सरकार द्वारा 'माना ऊरू-माना बाड़ी' (Mana Ooru Mana Badi) कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) तेलंगाना
Solution:
  • 'माना ऊरू-माना बाड़ी' कार्यक्रम:
    • सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू करने के लिए मार्च, 2022 में तेलंगाना सरकार द्वारा 'माना ऊरू-माना बाड़ी' (Mana Ooru Mana Badi) कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू किया गया था।
    • इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है, जिसमें अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • कार्यक्रम का परिचय
    • यह कार्यक्रम तेलंगाना के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए शुरू किया गया।
    • मुख्य रूप से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चे निजी स्कूलों के छात्रों के बराबर आ सकें।
    • कार्यक्रम का नाम तेलुगु में 'हमारा गांव-हमारा स्कूल' के अर्थ में है, जो स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
  • लॉन्च और कार्यान्वयन
    • तेलंगाना सरकार ने जनवरी 2022 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद मार्च में इसे औपचारिक रूप से शुरू किया।
    • पहले चरण में 9,123 सरकारी स्कूलों को चयनित किया गया, जहां लगभग 3,497 करोड़ रुपये खर्च कर नवीनीकरण और सुविधाएं प्रदान की गईं।
    • कुल 26,072 सरकारी स्कूलों को कवर करने का लक्ष्य है, जिसमें पहले चरण में 98.91% स्कूलों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी थी
    • 95% पर कार्य शुरू हो गया। तीन चरणों में लागू होने वाला यह कार्यक्रम कुल 7,289 करोड़ रुपये का है, जो 19.84 लाख से अधिक बच्चों को लाभ पहुंचाएगा।
  • मुख्य उद्देश्य और लाभ
    • सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत, जिससे छात्र वैश्विक नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
    • 1,600 डिजिटल क्लासरूम स्थापित करना और 10,000 लाइब्रेरी बनाना पढ़ाई को आकर्षक बनाने के लिए।
    • निबंध, चित्रकला और गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन छात्रों की रचनात्मकता बढ़ाने हेतु।​
    • यह कार्यक्रम 25,000 से अधिक स्कूलों में 10 लाख छात्रों को सीधे लाभ देगा
    • जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री शामिल है।
  • उपलब्धियां और विस्तार
    • 2025 तक, योजना के तहत 1,000 से अधिक स्कूलों का नवीनीकरण हो चुका है
    • जिन्हें तेलंगाना शिक्षा दिवस पर खोला गया। आधिकारिक वेबसाइट (manaoorumanabadi.telangana.gov.in) पर सर्कुलर, GOs और प्रगति विवरण उपलब्ध हैं।
    • हालांकि, कुछ आलोचनाओं में कार्यान्वयन में देरी का जिक्र है
    • लेकिन यह सरकारी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

35. न्यायमूर्ति एन.वी. रमन्ना को अप्रैल, 2021 में भारत के ....... मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 48वें
Solution:
  • न्यायमूर्ति एन.वी. रमन्ना:
    • न्यायमूर्ति एन.वी. रमन्ना को अप्रैल, 2021 में भारत के48वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India - CJI) के रूप में नियुक्त किया गया था।
    • उन्होंने न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे का स्थान लिया था और 26 अगस्त, 2022 तक इस पद पर रहे।
  • नियुक्ति का विवरण
    • उन्होंने 24 अप्रैल 2021 को राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण की, जहाँ राष्ट्रपति ने उन्हें शपथ दिलाई।
    • यह नियुक्ति पूर्व मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े के स्थान पर हुई, जिन्होंने 23 अप्रैल 2021 को पद छोड़ा था।
  • व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
    • नुथलपति वेंकट रमन्ना का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में हुआ था।
    • उन्होंने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में 27 जून 2000 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में कार्य प्रारंभ किया।
    • बाद में 2 सितंबर 2013 को दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और 17 फरवरी 2014 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। वे आंध्र प्रदेश न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष भी रहे।
  • कार्यकाल
    • उनका मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल लगभग 16 महीने का था, जो 24 अप्रैल 2021 से 26 अगस्त 2022 तक चला।
    • इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णयों की अगुवाई की।
    • नियुक्ति की सिफारिश तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एस.ए. बोबड़े ने मार्च 2021 में की थी।
  • मुख्य न्यायाधीशों की प्रक्रिया
    • भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर होती है।
    • राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर नियुक्ति करनी होती है। रमन्ना सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश थे।

36. 7 नवंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में श्री गुरु नानक देव जी के ....... प्रकाश पर्व के समारोह में भाग लिया और प्रार्थना की। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 553वें
Solution:
  • गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व:
    • 7 नवंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में श्री गुरु नानक देव जी के 553वें प्रकाश पर्व के समारोह में भाग लिया और प्रार्थना की।
    • गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे।
  • घटना का विवरण
    • यह समारोह गुरु नानक जयंती (गुरुपुरब) की पूर्व संध्या पर आयोजित हुआ था
    • जो सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
    • गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ईस्वी में हुआ था, इसलिए 2022 में उनकी 553वीं जयंती (2022 - 1469 + 1) के रूप में यह विशेष प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया।
    • कार्यक्रम दिल्ली के इकबाल सिंह लालपुरा के निवास स्थान पर हुआ, जहां पीएम मोदी ने उपस्थित सिख समुदाय के साथ प्रार्थना की।​
  • पीएम मोदी का सम्मान और संबोधन
    • समारोह में पीएम मोदी का पारंपरिक सिख सम्मान के रूप में शॉल, सिरोपा (सम्मान सूचक चादर) और तलवार भेंट करके स्वागत किया गया।
    • अपने संबोधन में उन्होंने गुरुपुरब, प्रकाश पर्व और देव दीपावली की बधाई दी।
    • उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व और गुरु नानक देव जी का 550वां व 553वां प्रकाशोत्सव मनाने का
    • सौभाग्य मिला, जो 'नए भारत' की ऊर्जा बढ़ा रहा है।​
  • प्रमुख बिंदु और संदेश
  • गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं पर जोर
    • पीएम ने गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं—आध्यात्मिक जागरण, सांसारिक समृद्धि और सामाजिक सद्भाव—का उल्लेख किया।
    • उन्होंने कहा कि गुरबानी का मार्गदर्शन परंपरा, आस्था और विकसित भारत का विजन है।
    • अजादी का अमृत काल' को 'कर्तव्य काल' के रूप में चिह्नित करते हुए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' पर काम हो रहा है।​​
  • सिख विरासत के लिए सरकार के प्रयास
    • करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन।
    • अफगानिस्तान से गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को वापस लाना।
    • गोबिंद घाट से हेमकुंट साहिब तक रोपवे का शिलान्यास।
    • दिल्ली-उना वंदे भारत एक्सप्रेस, दिल्ली-कटड़ा-अमृतसर एक्सप्रेसवे।
    • गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े स्थानों का विद्युतीकरण (कुल 35,000 करोड़ रुपये से अधिक व्यय)।
    • 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषणा (साहिबजादों के बलिदान के सम्मान में)।
    • विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और CAA से विभाजन प्रभावित हिंदू-सिख परिवारों को नागरिकता।​
  • वैश्विक प्रासंगिकता
    • पीएम ने कहा कि विश्व में अस्थिरता के दौर में गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु नानक देव जी के उपदेश मशाल की तरह मार्ग दिखाते हैं।
    • एक भारत, श्रेष्ठ भारत' को मजबूत करने और मानवता के मूल्यों को अपनाने से गुरु साहिबान के संदेश सभी तक पहुंचेंगे।
    • उन्होंने विश्वास जताया कि गुरुओं के आशीर्वाद से भारत सिख परंपरा का वैभव बढ़ाएगा और प्रगति पथ पर अग्रसर रहेगा।​​
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • प्रकाश पर्व सिख समुदाय द्वारा कर्तव्य और समर्पण का प्रतीक है, जिसमें गुरु कृपा, गुरबानी और लंगर प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
    • 2022 में कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर को थी, लेकिन उत्सव 7 नवंबर से शुरू हुए।
    • यह कार्यक्रम सिख एकता, सेवा और भक्ति को रेखांकित करता है। पीएम मोदी ने ट्विटर पर भी गुरुपुरब की बधाई दी।​​

37. ....... फरवरी, 2022 में 100वां 'हर घर जल' जिला बन गया है। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) चंबा
Solution:
  • 100वां 'हर घर जल' जिला:
    • जल जीवन मिशन के तहतचंबा (हिमाचल प्रदेश) फरवरी, 2022 में 100वां 'हर घर जल' जिला बन गया है।
    • इसका अर्थ है कि जिले के सभी घरों में नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जो इस मिशन की सफलता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
  • जल जीवन मिशन का परिचय
    • जल जीवन मिशन (हर घर नल का जल) को अगस्त 2019 में शुरू किया गया था
    • जिसका मुख्य उद्देश्य 2024 तक देश के हर ग्रामीण घर में कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) उपलब्ध कराना है।
    • यह योजना केंद्र प्रायोजित है और इसमें केंद्र सरकार 50% से अधिक हिस्सेदारी वहन करती है
    • जबकि राज्य अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देते हैं। मिशन सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है
    • जिसमें पंचायती राज संस्थाएं, पानी समितियां और विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका प्रमुख है।
    • इसमें IEC (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाती है।
  • चंबा जिला 100वां 'हर घर जल' जिला कैसे बना
    • फरवरी 2022 के मध्य में (लगभग 17-18 फरवरी के आसपास), हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले ने सभी ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाकर 'हर घर जल' प्रमाणित जिला का दर्जा प्राप्त किया।
    • यह मील का पत्थर तब हासिल हुआ जब जल जीवन मिशन ने देशभर के 100 जिलों में यह लक्ष्य पूरा कर लिया।
    • चंबा एक आकांक्षी जिला (Aspiration District) भी है, जहां पानी की कमी जैसी चुनौतियां थींले
    • किन स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायतों और समुदाय की मेहनत से यह संभव हुआ।
    • इससे पहले 16 जनवरी 2022 को ही मिशन ने 9 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल जल पहुंचाने की उपलब्धि हासिल की थी।
  • उपलब्धि के प्रमुख आंकड़े (फरवरी 2022 तक)
    • 100 जिले हर घर जल प्रमाणित: चंबा सहित कुल 100 जिले, जिनमें तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडम, जयशंकर भूपलपल्ली, कोमाराम भीम आसिफाबाद और हरियाणा का मेवात जैसे आकांक्षी जिले शामिल।
    • पूर्ण कवरेज वाले राज्य/केंद्रशासित प्रदेश: गोवा, हरियाणा, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार, पुडुचेरी, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में सभी ग्रामीण घरों में नल जल उपलब्ध।
    • कुल घरेलू कनेक्शन: लगभग 9 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को नल से स्वच्छ पानी।
    • अन्य प्रगति: 82% स्कूलों (8.46 लाख) और 78% आंगनवाड़ी केंद्रों (8.67 लाख) में नल जल सुविधा। कुल 1.36 लाख गांव 'हर घर जल' के दायरे में।​
  • मिशन की विशेषताएं और चुनौतियां
    • योजना में विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण अपनाया गया है, जहां राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर लक्षित क्षेत्रों पर फोकस किया जाता है।
    • महिलाओं और पानी समितियों ने जल संरक्षण, रखरखाव और उपयोग में अहम भूमिका निभाई।
    • चुनौतियां जैसे कोविड-19 महामारी, भौगोलिक कठिनाइयां (पहाड़ी क्षेत्रों में) और जल स्रोतों की कमी को मात्र 30 महीनों में पार किया गया।
    • इसके अलावा, योजना में जल की गुणवत्ता परीक्षण (थर्ड-पार्टी द्वारा) और सतत रखरखाव पर जोर है।​
  • महत्व और प्रभाव
    • यह उपलब्धि महिलाओं-बच्चों के लिए वरदान साबित हुई, क्योंकि सदियों से पानी ढोने का बोझ कम हुआ।
    • इससे स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में सुधार आया। 2022-23 के बजट में योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
    • चंबा जैसी सफलता ने अन्य जिलों को प्रेरित किया
    • आज (2026 तक) मिशन 2024 के लक्ष्य को पार कर चुका है, लेकिन फरवरी 2022 का यह पड़ाव शुरुआती सफलता का प्रतीक है।​

38. निम्नलिखित में से किस राज्य सरकार ने फरवरी, 2022 में 'परय शिक्षालय' (Paray Shikshalaya) योजना शुरू की है? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) पश्चिम बंगाल
Solution:
  • 'परय शिक्षालय' (Paray Shikshalaya) योजना:
    • फरवरी, 2022 में पश्चिम बंगाल सरकार ने 'परय शिक्षालय' (Paray Shikshalaya) योजना शुरू की है।
    • यह योजना ओपन-एयर क्लासरूम या पड़ोस के स्कूल पहल है
    • जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान बच्चों की शिक्षा में हुई रुकावट को दूर करने और उन्हें फिर से स्कूलों से जोड़ने के लिए शुरू किया गया था।
  • योजना का परिचय
    • Paray Shikshalaya, जिसे हिंदी में पड़ोस-शाला भी कहा जा सकता है, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू किया गया एक ओपन-एयर कक्षा कार्यक्रम है।
    • उद्देश्य कोविड-19 के प्रभाव से प्रभावित बच्चों की शिक्षा को जारी रखना और सीखने की निरंतरता बनाए रखना है।
    • इसके अंतर्गत बच्चों को स्थानीय खुले स्थानों (खुले मैदान, पार्क आदि) में कक्षाएं दी जाती थीं, ताकि भीड़ कम हो और वायुरोधक माहौल संभव हो सके.
  • फरवरी 2022 की शुरुआत
    • योजना की शुरुआत पश्चिम बंगाल ने 7 फरवरी 2022 को की थी
    • जिसके अंतर्गत कक्षा 1 से 7 तक के बच्चों के लिए खुली हवा में शिक्षण-कार्यक्रम शुरू किया गया।
    • शुरुआत में प्राथमिक कक्षाओं पर केंद्रित थी
    • लेकिन धीरे-धीरे कक्षाओं की फ्रेमिंग और आयाम बढ़ाए गए ताकि अधिक बच्चों को शामिल किया जा सके.
  • मुख्य विशेषताएं
    • स्थान: खुले जगहों पर कक्षाएं (उदा., पार्क, खेल के मैदान, सामुदायिक हॉल) ताकि Ventilation बेहतर रहे और सामाजिक दूरी बनी रहे.​
    • छात्र आयु-सीमा: शुरुआत में कक्षा 1–5 तक के बच्चों के लिए, कुछ स्थानों पर 6–7 तक के बच्चों को भी सम्मिलित किया गया ताकि बाधित शिक्षा पुनः शुरू हो सके.
    • भोजन का प्रावधान: मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की व्यवस्था, ताकि शिक्षा के साथ पोषण भी सुनिश्चित हो सके.
    • उद्देश्य: कोविड-19 काल में पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ना, स्थानीय स्तर पर पढ़ाई की पहुंच आसान बनाना और समुदाय-आधारित शिक्षा का प्रचार करना.
  • संदर्भित स्रोत (सूचना-पुष्टि)
    • पश्चिम बंगाल सरकार का Paray Shikshalaya कार्यक्रम फरवरी 2022 में लांच हुआ—खुले स्थानों में कक्षाएं और मध्याह्न भोजन शामिल.
    • मीडिया कवरेज और पब्लिक इंस्ट्रक्शन में इसे Open-Air Classroom initiative के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

39. जनवरी, 2022 में किस राज्य सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों (PwDs) के सशक्तीकरण के लिए अपनी एकीकृत पहल - भीम भोई मिनख्यामा समर्थ अभियान (BBSA) - को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया है? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) ओडिशा
Solution:
  • भीम भोई मिनख्यामा समर्थ अभियान (BBSA):
    • जनवरी, 2022 मेंओडिशा राज्य सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों (PWDs) के सशक्तीकरण के लिए अपनी एकीकृत पहल - भीम भोई मिनख्यामा समर्थ अभियान (BBSA) - को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया है।
    • यह अभियान दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा, आजीविका सहायता और सशक्तिकरण के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है।
  • पूर्ण विवरण
  • योजना का उद्देश्य
    • BBSA का उद्देश्य PwD (PwDs) को एकीकृत, बहु-सेक्टर सेवाओं के माध्यम से सशक्त बनाना है
    • वे सामाजिक जीवन में mainstream हो सकें। यह एक “सिंगल विंडो” / सम्हर्य संवाद आधारित कैम्पेन-आधारित सेवा मॉडल है
    • जिसमें प्रमाण पत्र, सहायक उपकरण, आयुष्‍म और अन्यrehabilitation सेवाएं एक साथ प्रदान की जाती हैं।
    • [BBSA के आधिकारिक दस्तावेज़ और SSEPD के पन्नों के अनुसार BBSA एक बहु-आयामी पहल है
    • जो PwD के लिए समस्त पुनर्वास सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराती है] ।
  • प्रमुख नीतिगत घटक
    • UDID प्रमाणन, स्मार्ट कार्ड और सहायक उपकरण (आर्डर/आवंटन) की व्यापक उपलब्धि.
    • PwD के लिए अभियोजन-आधारित “Samarthya Sibirs” के माध्यम से मल्टी-सैक्टर सेवाओं की आपूर्ति.
    • coverage सुनिश्चित करने के लिए कार्यान्वयन तंत्र की मजबूती और राज्य के uncovered क्षेत्रों में पहुँच स्थापित करना.
    • बहु-स्तरीय रणनीति: पहचान-प्रमाणन, उपकरण वितरण, प्रशिक्षण/समर्थन, और समेकित पुनर्वास सेवाएं। [BBSA Guidelines/Strategy] ।
  • जनवरी 2022 में आगे क्या बढ़ा
    • जनवरी 2022 में BBSA योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने की घोषणा हुई
    • PwD के लिए सतत वित्तीय और सेवागत पहुँच सुनिश्चित की जा सके, और राज्य-स्तर पर व्यापक कवरेज दी जा सके।
    • यह विस्तार समय-सीमा और बजटीय आवंटन सहित किया गया है
    • सभी जिलों/आवंटकों तक बराबर सेवाएं पहुंच सकें। (नीति दस्तावेज़ों में उल्लिखित-विस्तार को आधार मानकर यह तिथि-बद्ध विस्तार रहा है)
  • कौन से क्षेत्र शामिल रहते हैं
    • प्रमाणन और प्रमाण पत्र जारी करना (UDID/Smart Cards)
    • उपकरण ( aids and appliances ) वितरण और फिटिंग
    • Samarthya Sibir जैसी अभियान-आधारित कार्यक्रम
    • समग्र बहु-ानीय सेवाओं के लिए single-window मैकेनिज्म का संचालन और निगरानी
    • कवरेज और पहुँच बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय ग्रीन-स्विच/लॉजिस्टिक्स योजना [BBSA Guideline 2016/2019, 2022 updates] ।
  • लाभार्थी और प्रभाव
    • PwD समुदाय के लिए समाजीकरण, शिक्षा/कौशल-उन्नयन, और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर बढ़े हैं।
    • विशेष उपकरण के वितरण से जीवन की गुणवत्ता में सुधार और शिक्षा/श्रम-प्रवेश आसान हुआ है।
    • नीतिगत दस्तावेज़ों के अनुसार समावेशन और पुनर्वास को प्राथमिकता दी गई हैस्रोत और संदर्भ
    • Odisha SSEPD पेज: BBSA की मूल योजना और समस्त सेवाओं के एकीकृत मॉडल का विवरण ।​
    • BBSA के गाइडलाइन/हिदायतें: 2016 और 2019 संस्करण, Samarthya Sibirs और single-window दृष्टिकोण के बारे में स्पष्ट निर्देश ।
    • अन्य सारांश/विस्तार: BBSA पर अन्य पब्लिक-डोमेन पन्नों पर योजना का व्यापक परिचय और लक्ष्य, विस्तार/कवरेज के उपाय ।

40. IBEF 2021 के अनुसार, भारतीय औषधि उद्योग मात्रा के आधार पर दुनिया में ....... स्थान पर है। [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) तीसरे
Solution:
  • भारतीय औषधि उद्योग की वैश्विक रैंकिंग:
    • IBEF 2021 के अनुसार, भारतीय औषधि उद्योग मात्रा के आधार पर दुनिया मेंतीसरे स्थान पर है।
    • भारत को 'दुनिया की फार्मेसी' के रूप में जाना जाता है
    • विशेष रूप से जेनेरिक दवाओं के उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण।
    • यह उद्योग देश के निर्यात और वैश्विक स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
  • परिचय
    • IBEF एक सरकारी-समर्थित स्रोत है जो भारत के फार्मास्यूटिकल उद्योग की स्थिति, उत्पादन मात्रा और निर्यात-आयात जैसे मानक आँकड़े प्रकाशित करता है।
    • 2021 के समय इसे भारत के दवा उद्योग के ग्लोबल पोजिशन के तौर पर मात्रा (घटक उत्पादन, यूनिट-आउटपुट) के आधार पर तीसरे स्थान का उल्लेख किया गया है।​
    • यह रुझान जेनरिक दवाओं, एपीआई (Active Pharmaceutical Ingredients) और कोविड-काल के बाद टीकों सहित व्यापक क्षेत्रों में भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।​
  • विस्तृत विश्लेषण
    • मात्रा बनाम मूल्य: 2021 में भारत ने वैश्विक दवा बाजार में मात्रा के हिसाब से तीसरा बड़ा नियंत्रक (volume leader) माना गया
    • जबकि मूल्य (value) की दृष्टि से यह स्थान अधिक ऊपर-नीचे हो सकता है क्योंकि कीमतें और पैकेजिंग के अंतर से अंतर आता है।
    • यह विभाजन भारत की ताकत को दिखाता है: बड़ी मात्रा में जेनरिक दवाओं और APIs का उत्पादन, पर कीमत-आधारित आय में प्रतिस्पर्धा के कारण मूल्य-आधारित रैंकिंग भिन्न हो सकती है।
    • योगदान क्षेत्र: भारत दुनिया के लिए जेनरिक दवाओं का बड़ा आपूर्तिकर्ता है
    • कई टीके और APIs का उत्पादन योगदान में प्रमुख है। इससे भारत को वैश्विक फार्मा सप्लाई चेन में अहम भूमिका मिलती है।
  • संभावित सीमाएं और संदर्भ
    • रिपोर्टिंग स्रोत के आधार पर रैंकिंग के शब्दार्थ में मामूली भिन्नताएं हो सकती हैं
    • जैसे “दुनिया का तीसरा बड़ा उत्पादक by volume” बनाम “by output share” इत्यादि।
    • इसलिए 2021 के साथ-साथ अन्य वर्ष की ताजा रुझान देखने पर स्थिति थोड़ा बदल सकती है।
    • कुछ स्रोतों में 2021 के बाद के वर्षों में भारत का मूल्य-आधारित दर्जा सुधरता दिख सकता है, खासकर Me–Make in India और वैश्विक टीका–विकास कार्यक्रमों के साथ।​​
  • नोट
    • आपकी मांग के अनुसार पूर्ण, विस्तृत, क्रॉस-चेकेड और लाइन-पर-लाइन आँकड़ों के लिए IBEF की 2021-काल के प्रेस रिलीज़/पब्लिकेशन और उसी अवधि के सरकारी/उद्योग विश्लेषण देखना सबसे उचित होगा।
    • उपलब्ध संदर्भों के अनुसार यही प्रमुख निष्कर्ष है
    • 2021 में भारत मात्रा के आधार पर विश्व में तीसरे स्थान पर रहा, जबकि मूल्य-आधारित स्थानतें अलग रही होंगी।