राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-I

Total Questions: 50

41. मई, 2022 में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आर्मी विमानन दल में लड़ाकू वायुयान चालक के रूप में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी कौन हैं? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) कैप्टन अभिलाषा बराक
Solution:
  • मई, 2022 में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आर्मी विमानन दल  में लड़ाकू वायुयान चालक के रूप में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारीकैप्टन अभिलाषा बराक हैं।
  • कैप्टन बराक ने नासिक में आयोजित एक समारोह में 36 अन्य सेना पायलटों के साथ 'विंग्स' प्राप्त किए
  • जिससे उन्होंने इतिहास रचा। वह भारतीय सेना के विमानन दल में शामिल होने वाली पहली महिला लड़ाकू वायुयान चालक बन गईं।
  • पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन
    • कैप्टन अभिलाषा बरक हरियाणा के पंचकूला से हैं।
    • उनके पिता कर्नल एस. ओम सिंह (सेवानिवृत्त) 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में सेवा दे चुके हैं
    • जिसने उन्हें सेना के प्रति प्रेरणा दी। उन्होंने सितंबर 2018 में आर्मी एविएशन डिफेंस कोर में कमीशन प्राप्त किया और पहले ग्राउंड ड्यूटी जैसे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) में कार्य किया।​​
  • प्रशिक्षण प्रक्रिया
    • आर्मी एविएशन कोर ने पहली बार महिलाओं को हेलीकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग का अवसर दिया।
    • 15 महिला अधिकारियों ने आवेदन किया, जिनमें से दो का चयन हुआ—कैप्टन अभिलाषा सहित।
    • उन्होंने छह महीने का कॉम्बैट आर्मी एविएशन कोर्स नासिक के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CATS) में पूरा किया।
    • 25 मई 2022 को आयोजित विदाई समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल एके सूरी (महानिदेशक, आर्मी एविएशन) ने 36 पायलटों के साथ उन्हें 'विंग्स' प्रदान किए।
    • यह उपलब्धि भारतीय सेना उड्डयन इतिहास में "गोल्डन लेटर डे" (स्वर्णिम अक्षर दिवस) के रूप में दर्ज हुई।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • 1986 में स्थापित आर्मी एविएशन कोर में अब तक महिलाएं केवल ग्राउंड ड्यूटी तक सीमित थीं।
    • कैप्टन अभिलाषा पहली महिला बनीं जो कॉम्बैट एविएटर के तौर पर हेलीकॉप्टर (लड़ाकू वायुयान) उड़ाएंगी, जो आर्टिलरी सहायता, टोही और युद्ध अभियानों में महत्वपूर्ण हैं।
    • कोर ने पहले ऑपरेशन पवन (1987, श्रीलंका) और करगिल युद्ध (1999) में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
    • उनकी सफलता ने महिलाओं के लिए आर्मी एविएशन में नई राह खोली।​​
  • उपलब्धियों का प्रभाव
    • कैप्टन अभिलाषा की यह उपलब्धि हरियाणा और पूरे देश के लिए गौरव का विषय बनी।
    • मीडिया ने इसे "भारतीय थल सेना के इतिहास में पहली महिला कॉम्बैट एविएटर" के रूप में सराहा।
    • यह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, जो दिखाता है
    • महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्धक भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

42. सितंबर, 2021 में शुरू की गई रेल कौशल विकास योजना के तहत भारत सरकार ने ....... वर्ष की अवधि में कुल 50,000 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) तीन
Solution:
  • सितंबर, 2021 में शुरू की गई रेल कौशल विकास योजना के तहत भारत सरकार नेतीन वर्ष की अवधि में कुल 50,000 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है।
  • यह योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत एक कौशल विकास कार्यक्रम है
  • जिसका उद्देश्य युवाओं को रेलवे से संबंधित ट्रेडों में तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।
  • योजना का प्रारंभ
    • यह योजना 17 सितंबर 2021 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लॉन्च की गई थी।
    • यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत संचालित है
    • भारतीय रेलवे द्वारा युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई।
    • प्रारंभिक चरण में 1,000 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया, जो धीरे-धीरे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए विस्तारित हुआ।
  • प्रशिक्षण का स्वरूप
    • प्रशिक्षण चार प्रमुख ट्रेडों में प्रदान किया जाता है: इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, मशीनिस्ट और फिटर।
    • प्रत्येक कोर्स में 100 घंटे का बुनियादी प्रशिक्षण शामिल है
    • जो देशभर के 75 चयनित रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित होता है।
    • क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों द्वारा अन्य ट्रेड जैसे बढ़ईगीरी या वेल्डिंग जैसे अतिरिक्त कौशल भी जोड़े जाते हैं।
  • पात्रता मानदंड
    • योजना के लिए उम्मीदवारों को 10वीं पास होना चाहिए और आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
    • यह बेरोजगार युवाओं पर विशेष फोकस रखती है, लेकिन प्रशिक्षण पूरा करने पर रेलवे में नौकरी की कोई गारंटी नहीं है।
    • आवेदन संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा समय-समय पर आमंत्रित किए जाते हैं, और चयन प्रक्रिया के बाद प्रशिक्षण आरंभ होता है।
  • उद्देश्य और लाभ
    • यह योजना युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और ठेकेदारों के साथ कार्यरत व्यक्तियों के कौशल उन्नयन पर केंद्रित है।
    • रेलवे सेक्टर से जुड़े कौशलों के अलावा, यह सामान्य उद्योगों में भी उपयोगी है।
    • दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है
    • ग्रामीण युवा लाभान्वित हों। कौशल और रोजगार मेलों का आयोजन भी किया जाता है।
  • विस्तार और महत्व
    • तीन वर्षों (2021-2024) में 50,000 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया
    • जो स्किल इंडिया मिशन का हिस्सा है। यह न केवल रेलवे की जरूरतों को पूरा करता है
    • बल्कि राष्ट्रव्यापी कौशल विकास को बढ़ावा देता है।
    • आधिकारिक वेबसाइट railkvy.indianrailways.gov.in पर और जानकारी उपलब्ध है।​

43. 30 जनवरी, 2023 को भारत की अध्यक्षता में हो रही G-20 के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना कार्यसमूह की दो दिवसीय बैठक का उ‌द्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने ....... में किया। [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) चंडीगढ़
Solution:
  • 30 जनवरी, 2023 को भारत की अध्यक्षता में हो रही G-20 के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संरचना कार्यसमूह की दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने चंडीगढ़ में किया।
  • इस बैठक का मुख्य ध्यान वैश्विक वित्तीय स्थिरता और विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर था।
  • मंत्रियों के उद्बोधन
    • श्री तोमर ने उद्घाटन में भारत के विज्ञान व नवाचार आधारित विकास पर जोर दिया तथा कहा
    • भारत G-20 प्राथमिकताओं के माध्यम से वैश्विक समाधान ढूंढेगा, विशेषकर विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करेगा।
    • उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए सुसज्जित करने तथा ऋण असुरक्षा दूर करने पर बल दिया।
    • श्री पारस ने रचनात्मक संवाद, ज्ञान साझाकरण तथा वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि असुरक्षित समूहों को अधिक सहायता मिले।​
  • बैठक का उद्देश्य
    • यह कार्य समूह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता, सतत विकास तथा कमजोर देशों के समर्थन पर केंद्रित था
    • जिसमें G-20 वित्त मंत्रियों व केंद्रीय बैंक गवर्नरों की भूमिका प्रमुख रही।
    • भारत ने 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना से समावेशी एजेंडा अपनाया
    • जिसमें वैश्विक शासन की पुनर्रचना शामिल थी।
    • बैठक ने विकास वित्तपोषण तथा 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' थीम को मजबूत किया।

44. नवंबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने होलोंगी, ईटानगर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के नामकरण को ....... के रूप में मंजूरी दी है। [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) डोनी पोलो हवाई अड्डा
Solution:
  • नवंबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने होलोंगी, ईटानगर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के नामकरण कोडोनी पोलो हवाई अड्डा के रूप में मंजूरी दी है।
  • यह हवाई अड्डा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में स्थित है।
  • 'डोनी' का अर्थ सूर्य और 'पोलो' का अर्थ चंद्रमा है, जो अरुणाचल प्रदेश में स्वदेशी श्रद्धा का प्रतीक हैं।
  • निर्णय का विवरण
    • यह फैसला 1 नवंबर 2022 को लिया गया, जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
    • राज्य सरकार ने हवाई अड्डे का नाम "डोनी पोलो" रखने का सुझाव दिया था
    • जो स्थानीय आदिवासी संस्कृति में सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) का प्रतीक है।
    • यह नामकरण अरुणाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति पूजा की परंपरा को सम्मानित करता है।
    • हवाई अड्डा ग्रीनफील्ड श्रेणी का है, अर्थात् यह पूरी तरह नए स्थान पर बनाया जा रहा है।
    • भारत सरकार ने जनवरी 2019 में इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दी थी
    • इसका निर्माण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से लगभग 646 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।
    • यह अरुणाचल प्रदेश का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा होगा, जो राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करेगा।
  • उद्घाटन और महत्व
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2022 को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, साथ ही 600 मेगावाट के कामेंग हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी राष्ट्र को समर्पित किया।
    • उद्घाटन के दौरान पीएम ने पूर्वोत्तर विकास पर जोर दिया, कहा कि "अटकाना, लटकाना, भटकाना का युग समाप्त हो गया है।
    • यह हवाई अड्डा अरुणाचल का तीसरा कार्यरत एयरपोर्ट बनेगा (पहले तेजू और पासीघाट), जिससे उत्तर-पूर्वी राज्यों में कुल हवाई अड्डों की संख्या 16 हो गई।
    • 2014 से 2022 तक क्षेत्र में हवाई उड़ानों में 113% वृद्धि हुई—852 से बढ़कर 1817 साप्ताहिक उड़ानें—जो UDAN योजना का परिणाम है।
    • यह प्रोजेक्ट पीएम के "उत्तर-पूर्व को विकास का इंजन बनाने" के विजन को साकार करता है।
  • पृष्ठभूमि तथ्य
    • AAI की भूमिका: स्थापना 1 अप्रैल 1995, मुख्यालय नई दिल्ली, अध्यक्ष संजीव कुमार (तत्कालीन)।​
    • स्थानीय मांग: अरुणाचलवासियों की लंबे समय की मांग थी, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया।​
    • रणनीतिक महत्व: सीमा क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार और सुरक्षा मजबूत होगी।

45. भारत सरकार द्वारा लोक सभा को दिए गए एक लिखित उत्तर के अनुसार, 20 जुलाई, 2022 तक, असंगठित क्षेत्र के लगभग ....... श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 28 करोड़
Solution:
  • भारत सरकार द्वारा लोक सभा को दिए गए एक लिखित उत्तर के अनुसार, 20 जुलाई, 2022 तक, असंगठित क्षेत्र के लगभग 28 करोड़ श्रमिक ई-श्रम पोर्टल (e-Shram Portal) पर पंजीकृत हैं।
  • यह पोर्टल श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था
  • जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।
  • ई‑श्रम पोर्टल क्या है
    • ई‑श्रम पोर्टल का शुभारम्भ 26 अगस्त 2021 को असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के लिए किया गया।
    • इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (जैसे निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, कृषि श्रमिक, घरेलू कामगार, प्लेटफॉर्म वर्कर आदि) को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और ई‑श्रम कार्ड प्रदान करना है।
  • 20 जुलाई 2022 तक पंजीकरण की स्थिति
    • लोकसभा में पूछे गए प्रश्नों के लिखित उत्तरों में सरकार ने बताया कि 20 जुलाई 2022 तक ई‑श्रम पोर्टल पर लगभग 28.84 करोड़ असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके थे, जिसे प्रायः “लगभग 29 करोड़” के रूप में भी गोल करके बताया जाता है।
    • बाद के वर्षों के आधिकारिक बयानों से भी यह स्पष्ट है कि दिसंबर 2023 तक यह संख्या 29.23 करोड़ से अधिक
    • जुलाई 2024 तक 29.85 करोड़ से अधिक और 2025–26 में 30–31 करोड़ से ऊपर पहुँच गई
    • जिससे यह अनुमान पुष्ट होता है कि 20 जुलाई 2022 के आसपास आँकड़ा लगभग 28–29 करोड़ के बीच था।
  • पंजीकरण बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम
    • सरकार ने स्व‑पंजीकरण के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल एप के अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), स्टेट सर्विस सेंटर (SSK) और उमंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से असिस्टेड पंजीकरण की सुविधा दी।
    • जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया, पंजीकरण शिविर, राज्य श्रम विभागों और DTNBWED जैसी संस्थाओं के माध्यम से अभियान चलाए गए
    • जिससे करोड़ों असंगठित श्रमिकों को पोर्टल से जोड़ा जा सका।
  • ई‑श्रम डेटाबेस का उपयोग
    • यह डेटाबेस विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (पेंशन, बीमा, कौशल विकास आदि) को लक्षित ढंग से असंगठित श्रमिकों तक पहुँचाने के लिए आधार बन रहा है
    • कई योजनाएँ ई‑श्रम से मैप/इंटीग्रेट की गई हैं।
    • सरकार का लक्ष्य इसे “वन‑स्टॉप समाधान” प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना है
    • असंगठित श्रमिक एक ही पोर्टल से अनेक कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँच सकें।
    • संक्षेप में, आपके प्रश्न में दिए गए वाक्यांश में रिक्त स्थान की सही पूर्ति होगी:
    • “20 जुलाई, 2022 तक असंगठित क्षेत्र के लगभग 28.84 करोड़ श्रमिक ई‑श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं।”

46. 25 जनवरी, 2023 को देश भर में ....... राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 13वां
Solution:
  • 25 जनवरी, 2023 को देश भर में13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters' Day) मनाया गया
  • जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
  • यह दिवस भारत के चुनाव आयोग के स्थापना दिवस 25 जनवरी, 1950) को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है
  • आयोजन का विवरण
    • राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है
    • जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में कार्यक्रम को संबोधित किया। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू विशिष्ट अतिथि थे
    • जबकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार, निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय और अरुण गोयल ने भी भाग लिया।
  • थीम और उद्देश्य
    • इस वर्ष की थीम "नथिंग लाइक वोटिंग, आई वोट फॉर श्योर" (मतदान बेमिसाल है
    • अवश्य वोट दूंगा) थी, जो मतदाताओं को वोट की शक्ति के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित थी।
    • मुख्य उद्देश्य मतदाता जागरूकता बढ़ाना, नए युवा मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र (EPIC) वितरित करना और चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करना था।
    • देश के हर स्तर—राष्ट्रीय, राज्य, जिला, विधानसभा और बूथ—पर कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया।
  • राष्ट्रपति का संबोधन और पुरस्कार
    • राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने भाषण में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान के महत्व पर जोर दिया।
    • उन्होंने 2022 के चुनावों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य/जिला अधिकारियों, मीडिया संगठनों और अन्य हितधारकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए।
    • यह दिवस विशेष रूप से युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए था, जहां नए मतदाताओं को सम्मानित किया गया।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा की गई थी।
    • तब से यह वार्षिक परंपरा बन चुकी है, जो भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    • 2023 के आयोजन ने देश भर में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और जागरूकता अभियानों को बढ़ावा दिया।​​

47. वर्ष 2021 में, संस्कृत शास्त्रों और वेदों के ज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड की स्थापना की योजना बनाने के लिए कौन-सी राज्य सरकार चर्चा में थी? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) राजस्थान
Solution:
  • वर्ष 2021 में, संस्कृत शास्त्रों और वेदों के ज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए वैदिक शिक्षा और संस्कार बोर्ड की स्थापना की योजना बनाने के लिए राजस्थान राज्य सरकार चर्चा में थी।
  • इस बोर्ड का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक संस्कृति और ज्ञान को बढ़ावा देना है।
  • घोषणा का समय और संदर्भ
    • फरवरी-जून 2021 के दौरान राजस्थान सरकार ने इस बोर्ड की योजना की आधिकारिक घोषणा की
    • तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अपने 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने का वादा किया था
    • जिसे 2021 में कार्यान्वित करने की दिशा में कदम उठाए गए।
    • संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने बताया कि बोर्ड के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली को परिभाषित करने वाली समिति ने रिपोर्ट सौंप दी थी
    • जिसके आधार पर अगले 4-5 महीनों में बोर्ड गठित होने की संभावना जताई गई।
  • बोर्ड के मुख्य उद्देश्य
    • बोर्ड का प्राथमिक लक्ष्य प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणाली, विशेष रूप से वेदों, पुराणों, उपनिषदों और संस्कृत ग्रंथों के ज्ञान को पुनर्जीवित करना था।
    • यह पुजारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने, वैदिक शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और युवा पीढ़ी को वेदों की शिक्षाओं को विज्ञान, योग तथा संस्कारों से जोड़ने पर केंद्रित था।
    • बोर्ड के माध्यम से वैदिक रीति-रिवाजों पर आधारित शिक्षा मॉड्यूल विकसित किए जाने थे, जो स्कूलों और संस्कृत संस्थानों में लागू होते।
  • समिति और मंजूरी प्रक्रिया
    • संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग के अनुसार, बोर्ड के लक्ष्यों का वर्णन करने वाली गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी।
    • इसके बाद मॉड्यूल बोर्ड के समक्ष रखे जाते, और अंतिम संचालन के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंजूरी आवश्यक थी।
    • यह पहल राज्य में संस्कृत विश्वविद्यालयों और स्कूलों में पिछली सरकारों से अधिक कार्य को बढ़ावा देने का हिस्सा थी।
  • बाद की प्रगति (संदर्भ के लिए)
    • हालांकि प्रश्न 2021 तक सीमित है, बाद में 2025 में भजनलाल शर्मा सरकार ने बोर्ड का वास्तविक गठन किया
    • जिसमें प्रोफेसर गणेशी लाल सुथार को अध्यक्ष बनाया गया। इसमें 22 सदस्य (12 सरकारी, 10 गैर-सरकारी) शामिल थे
    • संस्कृत शिक्षा विभाग इसका प्रशासनिक नियंत्रण रखता।
    • बोर्ड ने वेद विद्यालयों, गुरुकुलों का संचालन, ऑनलाइन पाठ्यक्रम तथा ग्रंथों का हिंदी अनुवाद शुरू किया।

48. भारत के पंद्रहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष कौन थे ? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) एन. के. सिंह
Solution:
  • भारत के पंद्रहवें वित्त आयोग (Fifteenth Finance Commission) के अध्यक्ष एन. के. सिंह थे।
  • इस आयोग का गठन नवंबर 2017 में किया गया था और इसकी सिफारिशें 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के लिए लागू हैं।
  • वित्त आयोग केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के वितरण पर सिफारिशें करता है।
  • आयोग का गठन
    • पंद्रहवें वित्त आयोग का गठन 27 नवंबर 2017 को हुआ, जिसमें एन. के. सिंह को अध्यक्ष बनाया गया।
    • आयोग की अवधि 1 फरवरी 2020 से 31 मार्च 2025 तक निर्धारित की गई थी
    • जो केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे से संबंधित सिफारिशें करने के लिए जिम्मेदार था।
    • इसके सदस्यों में प्रारंभ में शक्तिकांत दास (जो बाद में RBI गवर्नर बने), प्रो. अनूप सिंह, डॉ. अशोक लाहिड़ी, डॉ. रमेश चंद शामिल थे
    • जबकि अरविंद मेहता सचिव थे। शक्तिकांत दास के इस्तीफे के बाद अजय नारायण झा को सदस्य बनाया गया।
  • एन. के. सिंह का पृष्ठभूमि
    • एन. के. सिंह एक वरिष्ठ नौकरशाह और अर्थशास्त्री हैं, जो योजना आयोग के पूर्व सदस्य रह चुके हैं।
    • वे भारत सरकार के पूर्व सचिव भी रहे और 2004-2014 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में बिहार का प्रतिनिधित्व किया।
    • उनकी नियुक्ति के समय उन्होंने जीएसटी के केंद्र-राज्य वित्त पर प्रभाव का अध्ययन करने की बात कही थी।
  • प्रमुख सिफारिशें
    • आयोग ने नवंबर 2020 में अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी, जिसमें 117 कोर सिफारिशें शामिल थीं।
    • इसने केंद्र के करों का 41% राज्यों को सुझाया, जो पहले के 42% से कम था (जम्मू-कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेश बनने के कारण)।
    • रिपोर्ट में राज्यों के बीच कर वितरण के सूत्र, राजकोषीय स्थिरता, स्वास्थ्य क्षेत्र में फंडिंग और स्थानीय निकायों के लिए अनुदान जैसे मुद्दों पर विस्तृत सुझाव दिए गए।
  • वित्त आयोग का महत्व
    • वित्त आयोग हर पांच वर्ष में गठित होता है, जिसका पहला आयोग 1951 में के. सी. नियोगी की अध्यक्षता में बना था।
    • पंद्रहवां आयोग ने राजकोषीय संघवाद को मजबूत करने पर जोर दिया, जिसमें केंद्र-राज्य संबंधों को सहकारी बनाने की सिफारिशें प्रमुख थीं।
    • इसकी सिफारिशें सार्वजनिक खर्च की गुणवत्ता सुधारने और स्थिरता बढ़ाने के लिए लागू की गईं।

49. इनमें से कौन-सा 2021 में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर (NDEAR) का एक परिदृश्य नहीं है? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) सीखने का विकास करना
Solution:
  • इनमें सेसीखने को प्रबंधित करना 2021 में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर (NDEAR) का एक परिदृश्य नहीं है।
  • NDEAR एक ओपन और इंटरऑपरेबल डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर केंद्रित है।
  • इसके मुख्य परिदृश्य आमतौर पर सीखने का विकास करना, सीखने में मदद करना, और सीखना जैसे पहलुओं पर जोर देते हैं
  • जबकि 'प्रबंधन' एक व्यापक प्रशासनिक कार्य है जो NDEAR के सीधे उद्देश्य से परे है।
  • NDEAR की पृष्ठभूमि
    • NDEAR को 29 जुलाई 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है
    • शिक्षा मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से विकसित की गई।
    • NDEAR कोई प्लेटफॉर्म या ऐप नहीं है, बल्कि एक आर्किटेक्चरल ब्लूप्रिंट है
    • जो विभिन्न डिजिटल पहलों को एकीकृत करने के लिए फेडरेटेड सिस्टम प्रदान करता है
    • जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्वायत्तता बनी रहती है।
    • इसका लक्ष्य शिक्षकों, छात्रों और स्कूलों के लिए सहज डिजिटल अनुभव सुनिश्चित करना है।
  • NDEAR के मुख्य परिदृश्य (Scenarios)
    • NDEAR के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख परिदृश्य (use case scenarios) परिभाषित किए गए हैं, जो शिक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को कवर करते हैं:
    • सीखें (Learn): छात्रों के लिए डिजिटल सामग्री, कोर्स और मूल्यांकन उपलब्ध कराना, जैसे DIKSHA प्लेटफॉर्म के माध्यम से।
    • सीखें प्रबंधित करें (Learn Manage): शिक्षण प्रक्रिया का प्रबंधन, जिसमें उपस्थिति ट्रैकिंग, प्रदर्शन विश्लेषण और व्यक्तिगत शिक्षा योजनाएं शामिल हैं।​
    • जानें (Know): शिक्षकों और छात्रों की जानकारी प्रबंधित करना, जैसे प्रोफाइल, योग्यता और सत्यापन।​
    • ये परिदृश्य NDEAR के बिल्डिंग ब्लॉक्स (Core, Common, Reference) पर आधारित हैं
    • जो 12 श्रेणियों और 36 उप-श्रेणियों में विभाजित हैं। उदाहरणस्वरूप, DIKSHA को NDEAR के तहत एकीकृत किया गया है
    • जो सामग्री और सीखने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है।​
  • कौन-सा परिदृश्य NDEAR का नहीं है?
    • प्रश्न में "इनमें से कौन-सा" का उल्लेख है, लेकिन विकल्प स्पष्ट रूप से नहीं दिए गए हैं।
    • हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर NDEAR के मानक परिदृश्य Learn, Learn Manage, Know हैं।
    • यदि विकल्पों में "सीखने में सहायता" (Assist in Learning) या कोई ऐसा परिदृश्य है
    • जो सीधे इन तीनों से बाहर हो, तो वह NDEAR का आधिकारिक परिदृश्य नहीं है।
    • सामान्यतः, परीक्षा प्रश्नों (जैसे SSC या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं) में "सीखने में सहायता" को गलत विकल्प के रूप में पहचाना जाता है
    • क्योंकि NDEAR के दस्तावेजों में यह स्पष्ट रूप से परिदृश्य के रूप में सूचीबद्ध नहीं है
    • यह मुख्य रूप से Learn के अंतर्गत आ जाता है, लेकिन स्वतंत्र परिदृश्य नहीं।​
  • विस्तृत कार्यान्वयन और लाभ
    • NDEAR एक फेडरेटेड सिस्टम है जो केंद्र, राज्य, शिक्षकों और छात्रों को जोड़ता है।
    • यह डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, मानक और ओपन-सोर्स टूल्स (जैसे Sunbird) पर जोर देता है। लाभों में शामिल हैं:
    • शिक्षण और सीखने के लिए डिजिटल सामग्री का एकीकरण।
    • शैक्षिक योजना और प्रशासन के लिए डेटा-आधारित निर्णय।
    • सभी हितधारकों के लिए स्वायत्तता और नवाचार की गुंजाइश।
    • यह पहल PM ई-Vidya जैसी छतरी परियोजनाओं को भी समर्थन देती है।
    • कुल मिलाकर, NDEAR शिक्षा को डिजिटल फर्स्ट बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।​

50. उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने जनवरी, 2023 में राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को ....... आरक्षण प्रदान करने वाले विधायी विधेयक को मंजूरी दी। [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 30%
Solution:
  • उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने जनवरी, 2023 में राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को30% क्षैतिज आरक्षण प्रदान करने वाले विधायी विधेयक को मंजूरी दी।
  • यह निर्णय राज्य की महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने और सरकारी सेवाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया था।
  • विधेयक का पूरा नाम और विवरण
    • यह विधेयक उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 के नाम से जाना जाता है।
    • राज्यपाल ने 10 जनवरी 2023 को इसे औपचारिक मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद इसे विधायी विभाग को भेज दिया गया और गजट अधिसूचना जारी होने की प्रक्रिया शुरू हुई।
    • यह आरक्षण क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) प्रकार का है
    • जो सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी जैसी सभी श्रेणियों में समान रूप से 30% पदों पर लागू होता है। इसका लाभ केवल उत्तराखंड के मूल निवासी
    • (डोमिसाइल धारक) महिलाओं को मिलता है, भले ही वे राज्य से बाहर रह रही हों।
  • विधेयक का इतिहास
    • पृष्ठभूमि: उत्तराखंड सरकार ने पहले 2006 में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण का सरकारी आदेश जारी किया था
    • लेकिन उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अगस्त 2022 में इस पर रोक लगा दी।
    • विधानसभा में पारित: 29-30 नवंबर 2022 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर राजभवन भेजा।
    • कुल 14 विधेयकों में से यह प्रमुख था।​
    • सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अस्थायी रोक हटा दी, जिससे विधेयक पारित करने का रास्ता साफ हुआ।​
    • राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया, जो महिलाओं को सरकारी नौकरियों में कानूनी अधिकार प्रदान करता है।
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • लागू क्षेत्र: राज्य सरकार की सभी लोक सेवाओं और पदों पर, जैसे शिक्षक, पुलिस, प्रशासनिक सेवाएं आदि।​
    • उद्देश्य: महिलाओं का सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना। मुख्यमंत्री धामी ने इसे "मातृशक्ति के उत्थान" के रूप में वर्णित किया।
    • क्षैतिज आरक्षण का अर्थ: यह अन्य आरक्षण श्रेणियों को काटते हुए हर वर्ग में 30% सुनिश्चित करता है, न कि अलग से।
    • उदाहरणस्वरूप, यदि एससी कोटे में 10 पद हैं, तो उनमें 30% (यानी 3 पद) महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।​
  • बाद की घटनाएं और चुनौतियां
    • हालांकि विधेयक को मंजूरी मिली, लेकिन अक्टूबर 2023 में उत्तराखंड हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई।
    • याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि राज्य के पास डोमिसाइल आधारित आरक्षण का विधायी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार से 6 हफ्तों में जवाब मांगा।​
    • फरवरी 2026 तक, यह कानून लागू बना हुआ प्रतीत होता है, लेकिन अदालती प्रक्रिया जारी रहने से भविष्य में बदलाव संभव हैं।​
  • प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
    • सरकारी बयान: अपर सचिव विधायी महेश कौशिबा ने पुष्टि की कि राज्यपाल की मंजूरी से यह अधिनियम बन गया।​
    • सामाजिक प्रभाव: इससे राज्य में महिलाओं की सरकारी नौकरियों में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, जो विकास में उनकी भूमिका को मजबूत करेगा।​
    • यह कदम उत्तराखंड को महिलाओं के लिए आरक्षण देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल करता है।