Correct Answer: (c) डोनी पोलो हवाई अड्डा
Solution:- नवंबर, 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने होलोंगी, ईटानगर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के नामकरण कोडोनी पोलो हवाई अड्डा के रूप में मंजूरी दी है।
- यह हवाई अड्डा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में स्थित है।
- 'डोनी' का अर्थ सूर्य और 'पोलो' का अर्थ चंद्रमा है, जो अरुणाचल प्रदेश में स्वदेशी श्रद्धा का प्रतीक हैं।
- निर्णय का विवरण
- यह फैसला 1 नवंबर 2022 को लिया गया, जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
- राज्य सरकार ने हवाई अड्डे का नाम "डोनी पोलो" रखने का सुझाव दिया था
- जो स्थानीय आदिवासी संस्कृति में सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) का प्रतीक है।
- यह नामकरण अरुणाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति पूजा की परंपरा को सम्मानित करता है।
- हवाई अड्डा ग्रीनफील्ड श्रेणी का है, अर्थात् यह पूरी तरह नए स्थान पर बनाया जा रहा है।
- भारत सरकार ने जनवरी 2019 में इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दी थी
- इसका निर्माण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से लगभग 646 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।
- यह अरुणाचल प्रदेश का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा होगा, जो राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करेगा।
- उद्घाटन और महत्व
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2022 को इस हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, साथ ही 600 मेगावाट के कामेंग हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी राष्ट्र को समर्पित किया।
- उद्घाटन के दौरान पीएम ने पूर्वोत्तर विकास पर जोर दिया, कहा कि "अटकाना, लटकाना, भटकाना का युग समाप्त हो गया है।
- यह हवाई अड्डा अरुणाचल का तीसरा कार्यरत एयरपोर्ट बनेगा (पहले तेजू और पासीघाट), जिससे उत्तर-पूर्वी राज्यों में कुल हवाई अड्डों की संख्या 16 हो गई।
- 2014 से 2022 तक क्षेत्र में हवाई उड़ानों में 113% वृद्धि हुई—852 से बढ़कर 1817 साप्ताहिक उड़ानें—जो UDAN योजना का परिणाम है।
- यह प्रोजेक्ट पीएम के "उत्तर-पूर्व को विकास का इंजन बनाने" के विजन को साकार करता है।
- पृष्ठभूमि तथ्य
- AAI की भूमिका: स्थापना 1 अप्रैल 1995, मुख्यालय नई दिल्ली, अध्यक्ष संजीव कुमार (तत्कालीन)।
- स्थानीय मांग: अरुणाचलवासियों की लंबे समय की मांग थी, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया।
- रणनीतिक महत्व: सीमा क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार और सुरक्षा मजबूत होगी।