Correct Answer: (b) यदि वास्तविक जीडीपी 240 है और कीमत सूचकांक 120 है, तो मौद्रिक जीडीपी 288 होगी।
Solution:- प्रश्नगत कथन में वास्तविक GDP 240 और कीमत सूचकांक 120 है, तो मौद्रिक जीडीपी 288 होगी।
- व्यय विधि का मूल सिद्धांत
- व्यय विधि के अनुसार, किसी अर्थव्यवस्था में एक निश्चित अवधि (जैसे एक वर्ष) में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर विभिन्न क्षेत्रों द्वारा किया गया
- कुल व्यय ही राष्ट्रीय आय (GDP at market price) को प्रतिबिंबित करता है।
- यह सिद्धांत "उत्पादन = आय = व्यय" पर आधारित है, जहाँ व्यय पक्ष कुल मांग को मापता है।
- उदाहरणस्वरूप, यदि किसान अनाज बेचता है
- तो उसका मूल्य उपभोक्ता, व्यवसाय या सरकार के व्यय के रूप में जुड़ता है
- लेकिन मध्यवर्ती वस्तुओं (जैसे बीज) का व्यय बाहर रखा जाता है
- दोहरी गणना न हो। सूत्र है: GDP = C + I + G + (X - M), जो सभी अंतिम खर्चों का योग है।
- सत्य कथनों की सूची और पहचान
- राष्ट्रीय आय से जुड़े सामान्य कथनों में से निम्नलिखित सत्य हैं, विशेष रूप से व्यय विधि के संदर्भ में:
- कथन 1: व्यय विधि में केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर व्यय को शामिल किया जाता है
- मध्यवर्ती वस्तुओं को नहीं। (सत्य, क्योंकि यह दोहरी गणना रोकता है।)
- कथन 2: सकल घरेलू उत्पाद का व्यय विधि से अनुमान C (उपभोक्ता व्यय) + I (निवेश) + G (सरकारी व्यय) + (X - M) (शुद्ध निर्यात) के योग से होता है। (सत्य, यह मानक सूत्र है।)
- कथन 3: तीनों विधियाँ (उत्पादन, आय, व्यय) सैद्धांतिक रूप से एक ही मूल्य देती हैं।
- (सत्य, क्योंकि वे एक ही प्रवाह को अलग-अलग दृष्टि से मापती हैं।)
- ये कथन NCERT और मानक अर्थशास्त्र पाठ्यक्रमों से पुष्ट हैं
- जबकि असत्य कथन जैसे "व्यय विधि उत्पादन मूल्य जोड़ती है" गलत होते।
- घटकों का विस्तृत विवरण
- व्यय विधि के प्रत्येक घटक को अंतिम खपत तक सीमित रखा जाता है:
- C (उपभोक्ता व्यय): घरेलू परिवारों द्वारा टिकाऊ (कार) और गैर-टिकाऊ (भोजन) वस्तुओं पर खर्च
- जो 60-70% GDP का बड़ा हिस्सा होता है।
- I (सकल घरेलू पूँजी निर्माण): व्यवसायों द्वारा मशीनरी, भवन या स्टॉक पर निवेश, जिसमें निजी और सार्वजनिक दोनों शामिल।
- G (सरकारी अंतिम व्यय): बुनियादी ढाँचे, वेतन, रक्षा पर खर्च, लेकिन हस्तांतरण भुगतान (पेंशन) बाहर।
- X - M (शुद्ध निर्यात): निर्यात आयात से अधिक होने पर सकारात्मक, जो विदेशी मांग जोड़ता है।
- ये सभी बाजार मूल्य पर मापे जाते हैं
- धिसावट, अप्रत्यक्ष करों के समायोजन से शुद्ध राष्ट्रीय आय प्राप्त होती है।
- व्यावहारिक अनुप्रयोग और सत्यापन
- भारत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) व्यय विधि का उपयोग GDP अनुमान के लिए करता है
- जहाँ सर्वेक्षण और प्रशासनिक डेटा से व्यय एकत्र होते हैं।
- सत्य कथन की पहचान के लिए, परीक्षाओं में अक्सर विकल्प दिए जाते हैं
- जैसे "व्यय विधि अंतिम व्यय योग करती है" जो सत्य है
- जबकि "यह उत्पादन जोड़ती है" (उत्पादन विधि) असत्य।
- तीन विधियों के परिणाम समान होने पर ही अनुमान विश्वसनीय माना जाता है
- विसंगति होने पर पुनरावलोकन होता है। यह विधि महँगाई समायोजित (स्थिर मूल्य) या चालू मूल्य पर लागू होती है।