राष्ट्रीय आय (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

Total Questions: 35

31. निम्नलिखित में से किसका योग राष्ट्रीय आय का सबसे अच्छा वर्णन करता है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) FC पर NNP
Solution:
  • साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNPFC) का योग राष्ट्रीय आय का सबसे अच्छा वर्णन करता है।
  • साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) एक देश के उत्पादन के सभी साधनों द्वारा मजदूरी लाभ
  • लगान तथा ब्याज के रूप में एक वित्तीय वर्ष में अर्जित साधन आय का योग है।
  • राष्ट्रीय आय की अवधारणा
    • राष्ट्रीय आय किसी देश की अर्थव्यवस्था द्वारा एक निश्चित अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है
    • जो दोहरी गणना से मुक्त होती है।
    • प्रोफेसर मार्शल के अनुसार, देश के प्राकृतिक साधनों पर श्रम और पूंजी के कार्य से उत्पन्न शुद्ध उत्पाद का योग ही राष्ट्रीय आय है।
    • यह सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से भिन्न है क्योंकि GDP बाजार मूल्य पर होता है
    • इसमें मूल्यह्रास शामिल होता है, जबकि राष्ट्रीय आय कारकों की वास्तविक आय को मापती है।​
  • गणना विधियाँ
    • राष्ट्रीय आय की गणना तीन मुख्य विधियों से होती है:
    • उत्पाद विधि: सभी क्षेत्रों के मूल्य वर्धन का योग।​
    • आय विधि: मजदूरी, ब्याज, लाभ, किराया आदि का योग।​
    • व्यय विधि: C + I + G + (X - M)।​
    • सभी विधियाँ NNP at FC पर समान परिणाम देती हैं।
    • सूत्र: राष्ट्रीय आय = NNP (MP) - अप्रत्यक्ष कर + सहायता।​
  • महत्व और उपयोग
    • राष्ट्रीय आय आर्थिक नीतियों, बजट निर्माण और विकास दर के आकलन के लिए आधारभूत है।
    • यह रोजगार स्तर, आय वितरण और आर्थिक प्रगति का संकेत देती है।
    • भारत जैसे देशों में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) इसका अनुमान लगाता है।​

32. इनमें से कौन-सी एक प्रवाह अवधारणा नहीं है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) किसी कारखाने में प्रयुक्त मशीनों की संख्या
Solution:
  • 'प्रवाह' (Flow) को एक समयावधि के लिए परिभाषित किया जाता है
  • जबकि स्टॉक (Stock) को एक निश्चित समय के लिए परिभाषित किया जाता है।
  • दिए गए विकल्पों में से विकल्प (d) 'किसी कारखाने में प्रयुक्त मशीनों की संख्या' स्टॉक की अवधारणा है, न कि प्रवाह की।
  • प्रवाह अवधारणा की परिभाषा
    • प्रवाह अवधारणा (Flow Concept) अर्थशास्त्र में एक ऐसी मात्रा को संदर्भित करती है
    • जो किसी निश्चित समयावधि (जैसे एक वर्ष, एक माह या एक तिमाही) में मापी जाती है।
    • यह आय, व्यय, उत्पादन या सेवाओं के प्रवाह को दर्शाती है।
    • उदाहरणस्वरूप, एक कंपनी का लाभ या उत्पादित माल की मात्रा प्रवाह हैं क्योंकि इन्हें समय के साथ गिना जाता है.​
  • स्टॉक बनाम प्रवाह

    • स्टॉक अवधारणा (Stock Concept) समय के किसी विशिष्ट बिंदु पर मापी जाती है
    • जैसे किसी क्षण पर धनराशि, संपत्ति या मशीनों की संख्या।
    • स्टॉक स्थिर मात्रा है जबकि प्रवाह उसमें होने वाले परिवर्तन को मापता है।
    • दोनों परस्पर जुड़े हैं—प्रवाह स्टॉक को प्रभावित करता है, जैसे बचत से धन का स्टॉक बढ़ता है.​
  • कौन-सी प्रवाह अवधारणा नहीं है
    • प्रश्न संभवतः विकल्पों (जैसे निगम का लाभ, उत्पादन, ब्याज व्यय, मशीनों की संख्या) पर आधारित है।
    • इनमें किसी कारखाने में प्रयुक्त मशीनों की संख्या प्रवाह अवधारणा नहीं है
    • क्योंकि यह स्टॉक है—यह किसी क्षण की गिनती है, न कि समयावधि के प्रवाह की।
    • अन्य विकल्प (लाभ, उत्पादन, ब्याज) समय के साथ मापे जाते हैं.​
  • उदाहरण और महत्व
    • प्रवाह: सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एक वर्ष में।
    • स्टॉक: किसी अर्थव्यवस्था में कुल पूंजी।
    • ये अवधारणाएँ राष्ट्रीय आय लेखांकन में आधारभूत हैं, जो नीति-निर्माण में सहायक होती हैं.​​

33. कारक अदायगी के समस्त मूल्यों को मापने वाली सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की मूल्यांकन पद्धति को ....... कहा जाता है। [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) आय विधि
Solution:
  • आय विधि कारक अदायगी के समस्त मूल्यों को मापने वाली सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की मूल्यांकन पद्धति को कहा जाता है।
  • आय विधि का आधार
    • आय विधि GDP को कारक लागत (Factor Cost) पर मापती है
    • जिसमें मजदूरी (वेतन), ब्याज, किराया, लाभ और मिश्रित आय जैसी कारक अदायगियां शामिल होती हैं।
    • यह विधि इस सिद्धांत पर टिकी है कि कोई भी उत्पादन प्रक्रिया में जोड़ा गया
    • मूल्य अंततः किसी न किसी कारक आय के रूप में वितरित हो जाता है।
    • उदाहरणस्वरूप, श्रमिकों को मजदूरी, पूंजीपतियों को ब्याज और उद्यमियों को लाभ मिलता है।​
  • गणना का सूत्र
    • आय विधि से GDP की गणना निम्न सूत्र द्वारा की जाती है:
    • GDP (कारक लागत पर) = मुआवजा (वेतन + पेंशन) + परिचालन अधिशेष (लाभ) + मिश्रित आय + ब्याज + किराया।
    • यह कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था के सभी उत्पादन कारकों की समस्त आय को समाहित करता है
    • बिना अप्रत्यक्ष करों या सब्सिडी को शामिल किए।
    • बाजार मूल्य पर GDP प्राप्त करने के लिए इसमें अप्रत्यक्ष कर घटाकर सब्सिडी जोड़ी जाती है।​
  • महत्व और सीमाएं
    • यह पद्धति नीति-निर्माताओं को आय असमानता
    • उद्योगों के वित्तीय स्वास्थ्य और रोजगार स्थिति समझने में सहायक होती है।
    • हालांकि, अनौपचारिक क्षेत्र की आयों को पूरी तरह कैप्चर न कर पाना इसकी सीमा है।
    • भारत जैसे विकासशील देशों में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO)
    • इस विधि का उपयोग 8 प्रमुख उद्योगों के आधार पर करता है।​

34. ऐसी वस्तुएं जो टिकाऊ प्रकृति की होती हैं और जिनका उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग होता है, ....... कहलाती हैं। [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) पूंजीगत वस्तुएं
Solution:
  • पूंजीगत वस्तुएं ऐसी वस्तुएं होती हैं, जो टिकाऊ प्रकृति की होती हैं
  • जिनका उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग होता है। पूंजीगत वस्तुओं में भवन, वाहन और मशीनरी आदि शामिल होते हैं।
  • परिभाषा
    • ये तत्काल उपभोग के लिए नहीं बनाई जातीं, बल्कि इन्हें उत्पादक क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश माना जाता है।
    • समय के साथ इनका मूल्यह्रास होता है, लेकिन ये कई उत्पादन चक्रों में उपयोगी रहती हैं।​
  • मुख्य विशेषताएं
    • टिकाऊता: ये वस्तुएं एकल उपयोग में समाप्त नहीं होतीं, बल्कि वर्षों तक उत्पादन प्रक्रिया में काम करती हैं।
    • उत्पादन सहायक: ये उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण में मदद करती हैं, स्वयं अंतिम उत्पाद नहीं होतीं।
    • निवेश प्रकृति: कंपनियां इन्हें उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए खरीदती हैं, जैसे फैक्टरियां या उपकरण।​
  • उदाहरण
    • मशीनरी और उपकरण, जैसे कारखानों में प्रयुक्त लेथ मशीन या कन्वेयर बेल्ट।
    • परिवहन साधन, जैसे माल ढोने वाले ट्रक या वाहन।
    • इमारतें और बुनियादी ढांचा, जैसे गोदाम या प्लांट।
    • कंप्यूटर सिस्टम या सॉफ्टवेयर जो डेटा विश्लेषण या उत्पादन नियंत्रण में उपयोग होते हैं।​
  • आर्थिक महत्व
    • पूंजीगत वस्तुएं अर्थव्यवस्था की वृद्धि का आधार होती हैं क्योंकि ये उत्पादकता बढ़ाती हैं।
    • इनकी मांग व्यापार चक्रों से प्रभावित होती है—आर्थिक उछाल में बढ़ती है
    • मंदी में घटती है। ये उपभोक्ता वस्तुओं (जैसे भोजन, कपड़े) और मध्यवर्ती वस्तुओं (जो अन्य वस्तुओं में प्रयुक्त होती हैं) से भिन्न होती हैं।

35. यदि हम एक वर्ष में अर्थव्यवस्था की सभी फर्मों के सकल मूल्य वर्धन का योग करें, तो हमें एक वर्ष में अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं की कुल मात्रा के मूल्य का एक माप मिलता है। ऐसे अनुमान को ....... कहा जाता है। [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) सकल घरेलू उत्पाद
Solution:
  • उपर्युक्त प्रश्न के अनुमान को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) कहा जाता है।
  • सकल घरेलू उत्पाद किसी देश की अर्थव्यवस्था में एक वित्तीय वर्ष में उत्पादित समस्त अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य होता है।
  • इसमें देश में निवास करने वाले विदेशियों द्वारा उत्पादित अंतिम वस्तुएं एवं सेवाएं भी शामिल होती हैं।
  • सकल मूल्य वर्धन क्या है?
    • सकल मूल्य वर्धन प्रत्येक फर्म द्वारा उत्पादन प्रक्रिया में जोड़े गए मूल्य को कहते हैं
    • जिसमें उत्पाद के बिक्री मूल्य से मध्यवर्ती इनपुट के मूल्य को घटाया जाता है।
    • सभी फर्मों—चाहे कृषि, विनिर्माण, या सेवा क्षेत्र की हों
    • सकल मूल्य वर्धन को जोड़ने पर दोहरी गणना से बचा जा सकता है
    • क्योंकि मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य बार-बार नहीं जुड़ता।
    • यह विधि उत्पादन विधि (Production Approach) के रूप में जानी जाती है और राष्ट्रीय आय लेखांकन का मूल आधार है।​
  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की परिभाषा
    • GDP एक निश्चित समयावधि, आमतौर पर एक वर्ष या तिमाही
    • किसी देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य है।
    • यह सकल घरेलू उत्पाद को बाजार मूल्य पर (GDP at Market Prices) या मूल्य कारकों पर (GDP at Factor Cost) मापा जा सकता है
    • लेकिन आधुनिक गणना में सकल मूल्य संवर्धन (GVA) का योग ही GDP का आधार बनता है।
    • भारत जैसे देशों में केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) इस विधि से GDP अनुमानित करता है।​
  • गणना के तरीके
    • GDP की गणना तीन मुख्य विधियों से की जाती है
    • लेकिन प्रश्न में वर्णित सकल मूल्य वर्धन का योग उत्पादन विधि से जुड़ा है:
    • उत्पादन विधि: सभी फर्मों का GVA जोड़ें, फिर अप्रत्यक्ष कर घटाकर सब्सिडी जोड़ें।
    • व्यय विधि: कुल खपत + निवेश + सरकारी व्यय + निर्यात - आयात।
    • आय विधि: मजदूरी + ब्याज + लाभ + किराया + मिश्रित आय का योग।
    • ये सभी विधियां सैद्धांतिक रूप से एक समान परिणाम देती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, यदि एक बेकरी आटे (मध्यवर्ती) से रोटी बनाती है
    • तो केवल जोड़ा गया मूल्य (रोटी का मूल्य - आटे का मूल्य) गिना जाता है।​
  • GDP बनाम अन्य संकेतक
    • GDP को सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) से अलग समझें, जहां GNP निवासियों द्वारा उत्पादित मूल्य को शामिल करता है
    • भले ही उत्पादन विदेश में हो। GDP अर्थव्यवस्था के आकार, विकास दर, और नीति निर्माण का प्रमुख सूचक है
    • लेकिन यह असमानता, पर्यावरण क्षति या कल्याण को नहीं मापता।
    • वर्तमान समय (जनवरी 2026) में, वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं GDP के विकल्प जैसे GPI पर भी विचार कर रही हैं।​
  • महत्व और सीमाएं
    • GDP देश की आर्थिक क्षमता, रोजगार सृजन, और निवेश आकर्षण को मापता है
    • लेकिन मुद्रास्फीति समायोजित (Real GDP) न होने पर यह भ्रामक हो सकता है।
    • भारत में GDP वृद्धि दर नीति आयोग और RBI की रिपोर्टों से ट्रैक की जाती है।
    • सीमाएं: काला धन, घरेलू कार्य, या पर्यावरणीय क्षति शामिल नहीं।
    • फिर भी, यह वैश्विक तुलना का मानक बना हुआ है।​