Correct Answer: (c) कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण है, जिसके कणों का आकार बड़ा होता है।
Solution:- कोलाइड विलयन एक विषमांगी निकाय होता है
- जिसमें एक पदार्थ के अत्यधिक बारीक कण (परीक्षिप्त अवस्था) दूसरे पदार्थ में, जिसे एक परिक्षेपण माध्यम कहा जाता है
- परिक्षिप्त होते हैं। परिक्षिप्त प्रावस्था के कण परिक्षेपण माध्यम के कणों के पुंज होते हैं।
- मिश्रण की परिभाषा
- मिश्रण दो या अधिक शुद्ध पदार्थों का वह संयोजन है जिसमें उनके गुण अपरिवर्तित रहते हैं।
- यह समस्थिर (homogeneous) या असमस्थिर (heterogeneous) हो सकता है।
- समस्थिर मिश्रण में घटक एकसमान रूप से वितरित होते हैं
- जैसे वायु या नमक का जल में घोल, जबकि असमस्थिर में दृश्यमान भिन्नता होती है
- जैसे रेत-जल मिश्रण।
- मिश्रण के घटकों का अनुपात निश्चित नहीं होता और इन्हें भौतिक विधियों (जैसे विलयन, निस्पंदन, आसवन) से अलग किया जा सकता है।
- सामान्य कथन और उनका विश्लेषण
- मिश्रण संबंधी सामान्य कथनों में से निम्नलिखित सही होते हैं:
- मिश्रण के घटक रासायनिक अभिक्रिया नहीं करते। (सही, क्योंकि कोई नया पदार्थ नहीं बनता।)
- मिश्रण के गुण उसके घटकों के गुणों के योग का परिणाम होते हैं। (सही, additive गुण।)
- मिश्रण को निश्चित तापमान पर उबालने पर एकसमान तापमान पर वाष्पित नहीं होता।
- (सही, शुद्ध पदार्थों के विपरीत।)
- गलत कथन अक्सर यह होता है: "मिश्रण के घटकों का अनुपात निश्चित होता है।" यह असत्य है
- क्योंकि यह संपत्ति केवल यौगिकों (compounds) की होती है
- मिश्रणों की नहीं। उदाहरणस्वरूप, जल में चीनी की मात्रा भिन्न हो सकती है।
- गलत कथन की पहचान
- सबसे सामान्य गलत कथन है: मिश्रण के घटकों का रासायनिक संयोजन निश्चित अनुपात में होता है।
- यह कथन यौगिकों (जैसे जल में H:O = 2:1) पर लागू होता है, न कि मिश्रणों पर।
- मिश्रण में अनुपात चर (variable) होता है। यदि प्रश्न में न्यूक्लियोसाइड मिश्रण का संदर्भ है
- (जैसा कि पिछले प्रश्न से जुड़ा), तो गलत कथन हो सकता है:
- न्यूक्लियोसाइड में फॉस्फेट समूह हमेशा मौजूद होता है।" क्योंकि न्यूक्लियोसाइड केवल बेस + शर्करा है
- फॉस्फेट न्यूक्लियोटाइड में जुड़ता है।
- जैव रसायन संदर्भ में विस्तार
- यदि "मिश्रण" से न्यूक्लियोसाइड मिश्रण का तात्पर्य है (पिछले ऑर्थोलेक्स जल-अपघटन से जुड़कर)
- तो कथन जैसे "न्यूक्लियोसाइड का अपघटन हमेशा फॉस्फोरिक अम्ल देता है" गलत है।
- ऑर्थोलेक्स (न्यूक्लियोसाइड) का जल-अपघटन केवल एल्डोपेंटोज़ और नाइट्रोजन बेस देता है
- फॉस्फेट न्यूक्लियोटाइड में होता है। संरचना: पेंटोज़ शर्करा + नाइट्रोजनस बेस (N-ग्लाइकोसिडिक बंधन)।
- फॉस्फेट 5' OH पर जुड़ने पर न्यूक्लियोटाइड बनता है। यह भ्रम यौगिकों और मिश्रणों के बीच उत्पन्न होता है।
- व्यावहारिक उदाहरण
- सही: वायु (N₂ + O₂ मिश्रण) का अनुपात बदला जा सकता है।
- गलत कथन का खंडन: "मिश्रण हमेशा समस्थिर होता है" – नहीं, रेत-लोहा असमस्थिर है।
- इस प्रकार, प्रश्न का गलत कथन निश्चित अनुपात वाला होता है
- जो मिश्रण की परिभाषा का उल्लंघन करता है। यह रसायन विज्ञान की कक्षा 9-10 की अवधारणा है।