Correct Answer: (a) I और II दोनों
Solution:- क्लोरोफॉर्म का क्वथनांक लगभग 334K होता है तथा मेथेन का क्वथनांक लगभग 111K होता है।
- अतः दिए गए दोनों युग्म सही हैं। क्लोरोफॉर्म या ट्राईक्लोरोमीथेन एक कार्बनिक यौगिक है
- जिसका रासायनिक सूत्र CHCI, है। यह एक रंगहीन और सुगंधित तरल पदार्थ होता है
- जिसे निश्चेतक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।
- लेकिन सामान्यतः UPSC या NEET जैसे परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सवालों के आधार
- हम कुछ सामान्य उदाहरणों का विश्लेषण करेंगे जहां यौगिक और उनके क्वथनांक के युग्म सही या गलत होते हैं।
- क्वथनांक निर्धारण के कारक
- क्वथनांक बढ़ाने वाले प्रमुख कारक निम्न हैं:
- आणविक द्रव्यमान (molecular mass): अधिक द्रव्यमान वाले यौगिकों में वैन डर वाल्स बल मजबूत होते हैं, अतः क्वथनांक अधिक होता है।
- शाखायुक्त श्रृंखला (branching): शाखित यौगिकों का सतह क्षेत्र कम होता है, इसलिए क्वथनांक कम होता है।
- ध्रुवीयता (polarity): ध्रुवीय यौगिकों में डाइपोल इंटरैक्शन मजबूत।
- हाइड्रोजन बंधन: O-H, N-H, F-H वाले यौगिकों (जैसे अल्कोहल, अमाइन, पानी) में सबसे मजबूत, इसलिए उच्च क्वथनांक।
- उदाहरणस्वरूप, CH3OH (मेथनॉल) का क्वथनांक 64.7°C है
- जबकि समान द्रव्यमान वाले CH3CH3 (इथेन) का केवल -89°C।
- सामान्य युग्म उदाहरण
- परीक्षा संदर्भ में निम्न युग्म अक्सर आते हैं (सही युग्म वे हैं जहां दिया क्वथनांक वास्तविक मान से मेल खाता है):
- सही युग्म: CH3CH2OH (इथेनॉल) - 78.4°C (हाइड्रोजन बंधन के कारण उच्च)।
- सही युग्म: CH3COOH (एसिटिक अम्ल) - 118°C (डाइमर बनाता है, मजबूत H-बंध)।
- गलत युग्म: CH4 (मिथेन) - 190°C (वास्तविक -161.5°C, बहुत कम क्योंकि गैर-ध्रुवीय)।
- अन्य: n-पेंटेन (36°C) > नियोपेंटेन (9.5°C) क्योंकि सीधी श्रृंखला का सतह क्षेत्र अधिक।
- तुलनात्मक विश्लेषण
- समान श्रेणी में: CH3Cl (क्लोरोमिथेन, -24°C) < CH3Br (-10°C) < CH3I (3°C) क्योंकि हैलोजन का आकार बढ़ने से वैन डर वाल्स बढ़ता है ।
- H-बंध बनाम अन्य: CH3CH2OH (78°C) > CH3OCH3 (डाइएथिल ईथर, -25°C) समान द्रव्यमान लेकिन H-बंध अनुपस्थित।
- शाखन प्रभाव: (CH3)2CHCH3 (आइसोब्यूटेन, -11.7°C) < CH3CH2CH2CH3 (n-ब्यूटेन, -0.5°C)।