रोजगार, बेरोजगारी एवं कल्याणकारी योजनाएं (भाग – 3)

Total Questions: 50

11. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम एक हिस्सा है - [U. P. P. C. S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) भारत निर्माण का
Solution:भारत सरकार ने वर्ष 1972-73 में 'त्वरित ग्रामीण जल आपूर्ति कार्यक्रम' प्रारंभ किया था। 1 अप्रैल, 2009 से त्वरित ग्रामीण पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम को 'राष्ट्रीय त्वरित ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम' (NRDWP) नाम दिया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम भारत निर्माण के 6 घटकों में से एक है।

12. 'जल जीवन मिशन' योजना किस वित्तीय वर्ष के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी ? [U.P.P.C.S. (Pre) 2022]

Correct Answer: (b) 2019-20
Solution:15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'जल जीवन मिशन' योजना लांच की गई थी। केंद्रीय बजट, 2019-20 में यह सुनिश्चित किया गया कि जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को और 'हर घर जल' (पाइपलाइन जल आपूर्ति) सुनिश्चित करने हेतु राज्यों के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।

13. अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (अमृत) योजना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2016]

1. इस मिशन के अंतर्गत 400 शहरों को रखा गया है।

2. अमृत योजना में देश की 60 प्रतिशत नगरीय आबादी को समाहित किया है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
कूट :

Correct Answer: (b) केवल 2
Solution:अमृत (AMRUT : Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून, 2015 को नई दिल्ली में किया गया। यह मिशन 60 प्रतिशत से अधिक शहरी आबादी को कवर (Cover) करते हुए 500 ऐसे शहरों / कस्बों, जिनकी आबादी 1 लाख से अधिक है, में शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने हेतु क्रियान्वित किया जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य प्रत्येक शहरी परिवार को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं (जलापूर्ति, सीवेज, परिवहन, क्रीड़ास्थल आदि) उपलब्ध कराकर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस मिशन के अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्र शामिल किए गए हैं- जलापूर्ति, सीवरेज सुविधा और सेप्टेज प्रबंधन, बाढ़ को कम करने हेतु वर्षा जल, नाले, पैदल मार्ग, गैर-मोटरीकृत और सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं तथा पार्किंग स्थल, विशेषतः बच्चों के लिए हरित स्थलों, पार्कों तथा मनोरंजन केंद्रों का निर्माण एवं उन्नयन आदि।

14. अटल शहरी पुनरुद्धार एवं परिवर्तन मिशन (अम्रूत) का संबंध किसके पुनः चमकाने से है? [U.P. P.C.S (Mains) 2016 U.P.Lower Sub (Pre) 2015]

Correct Answer: (a) शहरी अवस्थापना से
Solution:अमृत (AMRUT : Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून, 2015 को नई दिल्ली में किया गया। यह मिशन 60 प्रतिशत से अधिक शहरी आबादी को कवर (Cover) करते हुए 500 ऐसे शहरों / कस्बों, जिनकी आबादी 1 लाख से अधिक है, में शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने हेतु क्रियान्वित किया जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य प्रत्येक शहरी परिवार को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं (जलापूर्ति, सीवेज, परिवहन, क्रीड़ास्थल आदि) उपलब्ध कराकर उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस मिशन के अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्र शामिल किए गए हैं- जलापूर्ति, सीवरेज सुविधा और सेप्टेज प्रबंधन, बाढ़ को कम करने हेतु वर्षा जल, नाले, पैदल मार्ग, गैर-मोटरीकृत और सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं तथा पार्किंग स्थल, विशेषतः बच्चों के लिए हरित स्थलों, पार्कों तथा मनोरंजन केंद्रों का निर्माण एवं उन्नयन आदि।

15. अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अम्रूत) में मुख्य रूप से जोर दिया गया है - [R.A.S./R.T.S. (Pre) (Re-Exam) 2013]

(i) जलापूर्ति

(ii) सीवरेज सुविधाएं

(iii) सार्वजनिक यातायात सुविधाएं

(iv) पार्क एवं मनोरंजन केंद्रों का निर्माण मुख्यतया बच्चों के लिए

(v) जल प्लावन को रोकने हेतु बाढ़ के पानी का निर्गम

नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन करें -

Correct Answer: (a) (i), (ii), (iii), (iv) और (v)
Solution:अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अश्रुत) में मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है-

(1) जलापूर्ति;

(2) सीवरेज सुविधाएं और सेप्टेज प्रबंधन;

(3) बाढ़ को कम करने के लिए वर्षा जल, नाले;

(4) पैदल मार्ग, गैर-मोटरीकृत और सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं, पार्किंग स्थल और

(5) विशेषतः बच्चों के लिए हरित स्थलों तथा पार्कों एवं मनोरंजन केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन द्वारा शहरों की भव्यता बढ़ाना।

16. वह प्रदेश जिसने 'अटल खाद्यान्न योजना' प्रारंभ की- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (c) उत्तराखंड
Solution:'अटल खाद्यान्न योजना' का प्रारंभ वर्ष 2011 में उत्तराखंड राज्य में किया गया, जिसमें गरीबी रेखा से ऊपर (APL) के परिवारों को 10-10 किग्रा. गेहूं और चावल प्रति माह क्रमशः 4 रु. और 6 रु. प्रति किग्रा. प्रति माह की दर से, जबकि गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के परिवारों को 10-10 किग्रा. गेहूं और चावल प्रति माह क्रमशः 2 रु. और 3 रु. प्रति किग्रा. की दर से प्रदान किया जाता है।

17. निम्न में से किस राज्य ने 'एक रुपये में एक किग्रा. चावल' योजना शुरू की है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007]

Correct Answer: (d) तमिलनाडु
Solution:उपर्युक्त राज्यों में तमिलनाडु ने सबसे पहले 'एक रुपये में एक किग्रा. चावल' योजना की शुरुआत की। वर्तमान में इस योजना को तमिलनाडु के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा (उड़ीसा), आंध्र प्रदेश आदि राज्यों ने भी लागू किया है।

18. भारत में विकलांग व्यक्तियों (Persons with Disabilities) की संख्या लाखों में है। वैधानिक स्तर पर उन्हें कौन-कौन से लाभ उपलब्ध हैं? [I.A.S. (Pre) 2011]

1. सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों में 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क शिक्षा।

2. व्यवसाय स्थापित करने के लिए वरीयता से भूमि का आवंटन।

3. सार्वजनिक भवनों में ढाल की उपलब्धता होना।

उपर्युक्त में से कौन-सा कौन-से कथन सही है/हैं?

Correct Answer: (d) 1, 2 और 3
Solution:विकलांग व्यक्ति अधिनियम (The Persons with Disabilities Act), 1995 की धारा 26 के तहत विकलांग बच्चों को न्यूनतम 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान है। धारा 43 में प्रावधानित है कि संबंधित सरकारें एवं स्थानीय प्राधिकारी विकलांग व्यक्तियों को रियायती दरों एवं वरीयता के आधार पर गृह निर्माण, व्यवसाय स्थापना आदि के लिए भूमि आवंटन की योजनाएं अधिसूचित करेंगे। धारा 46 में विकलांग व्यक्तियों की सुविधा के लिए सार्वजनिक भवनों में ढाल (Ramps) की उपलब्धता का भी प्रावधान किया गया है। वर्तमान में सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) पारित किया जा चुका है। यह अधिनियम वर्ष 1995 के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम को निरस्त करता है।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की विशेषताएं : 

विकलांगता की परिभाषा में बदलाव: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में विकलांगता की परिभाषा में बदलाव लाते हुए इसे और भी व्यापक बनाया गया है। इस अधिनियम में विकलांगता को एक विकसित और गतिशील अवधारणा के आधार पर परिभाषित किया गया है और अपंगता के मौजूदा प्रकारों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार को इन प्रकारों में वृद्धि की शक्ति भी दी गई है।

• आरक्षण की व्यवस्था: शिक्षा और सरकारी नौकरियों में दिव्यांग व्यक्तियों को अब तक 3% आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इस अधिनियम में इसे बढ़ाकर 4% कर दिया गया है।

• शिक्षा संबंधी सुधार : इस अधिनियम में बेंचमार्क-विकलांगता (benchmark-disability) से पीड़ित 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। साथ ही सरकारी वित्त पोषित शैक्षिक संस्थानों और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों को दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा प्रदान करनी होगी।

• फंड की व्यवस्था : दिव्यांगजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये 'राष्ट्रीय और राज्य निधि' (National and State Fund) का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में बनाए गए अन्य फंड्स का इस नए फंड में विलय कर दिया जाएगा।

• अवसंरचना संबंधी सुधार : सुलभ भारत अभियान को मजबूती प्रदान करने एवं निर्धारित समय-सीमा में सार्वजनिक इमारतों (सरकारी और निजी दोनों) में दिव्यांगजनों की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।

• गार्जियनशिप की व्यवस्था : यह विधेयक जिला न्यायालय द्वारा गार्जियनशिप की व्यवस्था प्रदान करता है जिसके तहत अभिभावक और विकलांग व्यक्तियों के बीच संयुक्त निर्णय लेने की व्यवस्था होगी।

• बेंचमार्क विकलांगता के लिये विशेष प्रावधान : गौरतलब है कि इस अधिनियम में बेंचमार्क विकलांगता यानी न्यूनतम 40 फीसदी विकलांगता के शिकार लोगों को शिक्षा और रोजगार में आरक्षण का लाभ देने का भी प्रावधान है और ऐसे लोगों को सरकारी योजनाओं और अन्य प्रकार की योजनाओं में भी प्राथमिकता दी जाएगी।

• अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान : दिव्यांगजनों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों के निपटारे के लिये प्रत्येक जिले में विशेष न्यायालयों को नामित किया जाएगा। नया अधिनियम इस संबंध में भारत में बनने वाले कानूनों को विकलांग व्यक्तियों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीआरपीडी) के उद्देश्यों के सापेक्ष ला खड़ा करेगा। भारत यूएनसीआरपीडी का एक हस्ताक्षरकर्ता देश है और यह अधिनियम यूनएनसीआरपीडी के संदर्भ में भारत के दायित्वों को पूरा करेगा।

19. सुगम्य भारत अभियान संबंधित है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (a) दिव्यांग व्यक्तियों से
Solution:दिसंबर, 2015 में सुगम्य भारत अभियान दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा शुरू किया गया एक देशव्यापी अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में भागीदारी करने के लिए समान अवसर एवं आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है। सुगम्य भारत अभियान सुगम्य भौतिक वातावरण, परिवहन, सूचना एवं संचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है। भारत, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का हस्ताक्षरकर्ता है।

संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का अनुच्छेद 9, हस्ताक्षरकर्ता सरकारों पर सभी आवश्यक कदम उठाने का दायित्व डालता है जिससे दिव्यांग व्यक्तियों की पहुंच अन्य लोगों के समान ही भौतिक वातावरण, परिवहन, सूचना एवं संचार (प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों सहित) और शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में जनता को प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं एवं सेवाओं तक सुनिश्चित की जा सके। सुगम्य भारत अभियान के द्वारा दिव्यांगजन सशक्तीकरण अभियान का लक्ष्य एक समावेशी समाज विकसित करना है, जिसमें दिव्यांगजन व्यक्तियों को उन्नति तथा विकास के लिए समान अवसर तथा सुगम्यता प्रदान की जाती है।

20. संगम योजना का उद्देश्य है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2004 U.P.U.D.A./L.D.A. (Pre) 2006 U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2008]

Correct Answer: (d) विकलांगों की सहायता
Solution:संगम योजना 15 अगस्त, 1996 को आरंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले विकलांग व्यक्तियों को समूह में संगठित किया जाता है। संगम नाम से गठित ऐसे प्रत्येक समूह को आर्थिक गतिविधियां संपन्न करने हेतु 15000 रुपये की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान था।