Correct Answer: (d) ब्रिटिश सरकार द्वारा हंटर आयोग की नियुक्ति
Solution:- जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच के लिए ब्रिटिश सरकार ने लॉर्ड हंटर की अध्यक्षता में हंटर आयोग (Hunter Commission) की नियुक्ति की थी।
- यह आयोग इस नरसंहार की जाँच करने और आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बनाया गया था, हालाँकि इसकी रिपोर्ट की व्यापक आलोचना हुई थी।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) के उत्तर-प्रभाव के रूप में भारत में व्यापक आक्रोश और स्वतंत्रता संग्राम की एक नई लहर उठी।
- इस घटना ने भारतीय जनता में ब्रिटिश शासन के खिलाफ गहरा विरोध भाव उत्पन्न किया और कई महत्वपूर्ण घटनाएं आंदोलन शुरू हुए।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद जनता और स्वतंत्रता सेनानियों में ब्रिटिश शासन के प्रति गुस्सा और आक्रोश बढ़ गया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई।
- कई लोगों ने सरकारी पुरस्कार और पदों को त्याग दिया, जैसे कि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी नाइटहुड (knighthood) वापस कर दी। महात्मा गांधी ने भी इसके बाद असहयोग आंदोलन की शुरुआत की, जो भारत की स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा आंदोलन था।
- ब्रिटिश सरकार को इस घटना की तीव्र आलोचना झेलनी पड़ी और कर्नल रेगिनाल्ड डायर, जिसने गोली चलाने का आदेश दिया था, को बाद में निलंबित कर दिया गया।
- दुर्घटना के बाद ब्रिटिश शासन के दमनात्मक कानूनों के खिलाफ संघर्ष तेज हो गया, और भारतभर में हड़तालें, आंदोलन और पुलिस के साथ झड़पें हुईं।
- कुछ वर्ष बाद 1940 में, उधम सिंह ने लंदन में माइकल ओ'ड्वायर (जो डायर के समर्थक थे) की हत्या कर इस घटना का बदला लिया।
- इस प्रकार, जलियांवाला बाग हत्याकांड ने न केवल तत्काल प्रतिक्रिया दी बल्कि स्वतंत्रता संग्राम को एक नई राजनीतिक चेतना और संघर्ष की दिशा प्रदान की.