वर्गिकी (जीव विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 30

11. निम्नलिखित में से 'पशु-पशु जगत का संघ' का कौन-सा युग्म गलत है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) लीवर फ्लूक - निमेटोडा
Solution:
  • 'लीवर फ्लूक' प्लेटीहेल्मिन्थीज संघ का प्राणी है, इसका वर्ग ट्रिमेटोडा है
  • इसे फेशिओला हिपेटिका के नाम से जाना जाता है, यह भेड़ की यकृत में रहता है।
  • इसका जीवन चक्र दो परपोषीय में पूर्ण होता है-प्राथमिक परपोषीय भेड़ एवं द्वितीयक परपोषी घोंघा होता है।
  • अतः विकल्प (d) युग्म गलत है।
  • गलत युग्म की पहचान
    •  जबकि प्लेटीहेल्मिन्थेस में प्लेटीहेल्मिंथ्स (फ्लैटवर्म्स) शामिल हैं
    • जो द्विपक्षीय सममित, अकोशिकीय गुहा वाले और अक्सर परजीवी होते हैं ।
    • लीवर फ्लूक एक द्विपोषी परजीवी है—प्राथमिक पोषी भेड़/बकरी और द्वितीयक पोषी जलघोंघे—और इसका शरीर चपटा होता है
    • जो निमेटोडा के गोलाकार शरीर से भिन्न है।​
  • अन्य युग्मों की जाँच
    • साइकॉन (Sycon) - पोरिफेरा: सही। साइकॉन एक स्पंज है जो पोरिफेरा संघ का प्रतिनिधि है।
    • इसमें नल तंत्र (ओस्टिया, स्पंजगुहा, ऑस्कुलम) होता है और कोशिकीय स्तर का संगठन पाया जाता है ।​​
    • झींगा (Prawn) - आर्थ्रोपोडा: सही। झींगा क्रस्टेशियन समूह का है
    • बहिःकंकाल और संधिपाद वाला, जो आर्थ्रोपोडा संघ का प्रमुख भाग है ।​
    • स्टारफिश (Starfish) - एकाइनोडर्मेटा: सही।
    • स्टारफिश में जल संवहनी तंत्र, रेडियल सममिति (वयस्क में) और काँटेदार त्वचा होती है, जो एकाइनोडर्मेटा संघ की विशेषता है ।​​
  • प्राणी जगत के प्रमुख संघ
    • प्राणी जगत को 11 प्रमुख संघों में बाँटा गया है:​
    • पोरिफेरा (स्पंज)
    • कोएलेंटरेटा (Cnidaria)
    • प्लेटीहेल्मिन्थेस
    • निमेटोडा
    • ऐनेलिडा
    • आर्थ्रोपोडा
    • मोलस्का
    • एकाइनोडर्मेटा
    • हेमिकॉर्डेटा
    • कॉर्डेटा
      ये वर्गीकरण सममिति (समसूत्री/विषमसूत्री), कोशिका संगठन (कोशिकीय/ऊतकीय), शरीर गुहा (अकोशिकीय/छद्मकोशिकीय/सच्ची कोशिकीय) आदि पर आधारित है
    • गलत युग्म वाली गलतियाँ अक्सर परजीवी जीवों के संघ भ्रमित करने से होती हैं।​​
  • परीक्षा दृष्टि
    • ऐसे प्रश्न NEET/राज्य PSC में आते हैं जहाँ लीवर फ्लूक को गलती से निमेटोडा से जोड़ा जाता है।
    • सही उत्तर याद रखें: लीवर फ्लूक → प्लेटीहेल्मिन्थेस। विस्तृत अध्ययन के लिए NCERT पाठ्यक्रम देखें

12. निम्नलिखित में से कौन पादप जगत का उपसमूह नहीं है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) हेमीकॉर्डेटा
Solution:
  • हेमीकॉर्डेटा (Hemichordata) पादप जगत का उपसमूह नहीं है
  • यह जंतु जगत के अंतर्गत एक उपसंघ है, जिसमें बैलेनोग्लासस (एकार्न वर्म), रैबडोप्ल्यूरा जैसी प्रजातियां शामिल हैं।
  • हेमीकॉर्डेट्स का शरीर कृमि जैसा होता है, इसलिए इन्हें सामान्यतः कृमि जंतु कहा जाता है।
  • इनका शरीर द्विपक्षीय रूप से सममित होता है तथा प्रकृति में ट्रिप्लोब्लास्टिक होते हैं।
  • पादप जगत के उपसमूह
    • पादप जगत को आमतौर पर पांच प्रमुख उपसमूहों (sub-groups) में विभाजित किया जाता है
    • जो ई. ओचोबेरस्टीन (Eichler) के वर्गीकरण पर आधारित है। ये हैं:
    • थैलोफाइटा (Thallophyta): सरल संरचना वाले शैवाल, जिनमें जड़, तना या पत्ती जैसे भेदभावपूर्ण अंग नहीं होते।
    • ब्रायोफाइटा (Bryophyta): उभयचर पौधे जैसे मॉस, जो नम स्थानों पर पाए जाते हैं वास्कुलर ऊतक का अभाव होता है।
    • टेरिडोफाइटा (Pteridophyta): फर्न और उनके समकक्ष, जो बीजाणुओं से प्रजनन करते हैं
    • लेकिन वास्कुलर ऊतक मौजूद होते हैं।
    • जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms): नग्न बीज वाले पौधे जैसे पाइन, साइप्रस, जहां बीज फल में बंद नहीं होते।
    • एंजियोस्पर्म (Angiosperms): आवृत बीज वाले पौधे, जो फूल और फल उत्पन्न करते हैं और सबसे उन्नत समूह हैं।​
  • हेमीकोर्डेटा क्यों नहीं है?
    • हेमीकोर्डेटा जंतु जगत (Animal Kingdom) का एक संघ (phylum) है
    • जिसमें बलूत के कीड़े (acorn worms) जैसे समुद्री जंतु शामिल हैं।
    • इनका शरीर बेलनाकार होता है, जिसमें ट्रोकोफोर लार्वा चरण पाया जाता है
    • ये डीकॉर्डेट्स के निकट माने जाते हैं। पादपों से इनका कोई संबंध नहीं
    • क्योंकि पादप प्रकाश संश्लेषण करते हैं जबकि हेमीकोर्डेटा विषभक्षी होते हैं।​
  • वर्गीकरण का आधार
    • यह वर्गीकरण शरीर संरचना, प्रजनन विधि, वास्कुलर ऊतक की उपस्थिति और बीज संरचना पर आधारित है।
    • थैलोफाइटा से एंजियोस्पर्म तक क्रमिक विकास दिखता है, जहां जटिलता बढ़ती जाती है।
    • आधुनिक वर्गीकरण में cladistic दृष्टिकोण अपनाया जाता है, लेकिन स्कूली स्तर पर यही पांच उपसमूह मान्य हैं।​

13. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइड फोम का एक उदाहरण है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) स्पंज
Solution:
  • स्पंज एक प्रकार का कोलाइड फोम है, जिसमें गैस, द्रव के बजाय ठोस में परिक्षेपित होती है।
  • इसमें एक ठोस पदार्थ सेल्युलोज होता है जो छिद्रों का एक नेटवर्क बनाता है
  • जिसमें गैस भरी होती है। जब स्पंज को जल में भिगोया जाता है, तो छिद्र पानी से भर जाते हैं
  • एक स्थिर निलंबन बनाते हैं। स्पंज कोलाइड का उदाहरण-गद्दे, कुशन एवं इन्सुलेशन में प्रयोग होने वाला पॉलीयूरे येन फोम है।
  • कोलाइड क्या है?
    • कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें कणों का आकार 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर तक होता है
    • जो विलयन और निलंबन के बीच की अवस्था दर्शाता है। कोलाइड दो भागों से बनते हैं
    • परिक्षिप्त प्रावस्था (फैले हुए कण) और परिक्षेपण माध्यम (माध्यम जिसमें कण फैले होते हैं)।
    • फोम कोलाइड का एक प्रमुख वर्ग है जहाँ गैस परिक्षिप्त प्रावस्था के रूप में तरल या ठोस में वितरित होती है।​
  • फोम कोलाइड की विशेषताएँ
    • फोम में गैस के बुलबुले तरल (जैसे साबुन का झाग) या ठोस (जैसे पॉलीयुरेथेन फोम) मैट्रिक्स में फंसे रहते हैं।
    • तरल फोम अस्थिर होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं, जबकि ठोस फोम स्थिर होते हैं।
    • स्पंज ठोस फोम का उदाहरण है क्योंकि इसमें सेल्युलोज या पॉलीयुरेथेन जैसे ठोस नेटवर्क में गैस के छिद्र फंसे रहते हैं
    • पानी डालने पर यह तरल से भर जाता है लेकिन मूल संरचना बनी रहती है।​
  • अन्य विकल्पों का विश्लेषण
    • मक्खन: यह जेल या इमल्शन कोलाइड है, जिसमें वसा के ठोस कण पानी में फैले होते हैं, न कि गैस।​
    • चीज़: प्रोटीन, वसा और पानी का जटिल मिश्रण, मुख्यतः जेल या इमल्शन प्रकार का कोलाइड।​
    • दूध: वसा ग्लोब्यूल्स का जल में इमल्शन, फोम नहीं।​
    • फोम से भिन्न, ये तरल-तरल या ठोस-तरल कोलाइड हैं।​
  • फोम के दैनिक उदाहरण
    • तरल फोम: साबुन का झाग, व्हीप्ड क्रीम, बीयर का झाग (गैस तरल में)।
    • ठोस फोम: स्पंज, गद्दे का फोम, स्टायरोफोम (गैस ठोस में)।
    • ये कोलाइड दैनिक जीवन में इन्सुलेशन, कुशनिंग और सफाई में उपयोगी हैं।

14. निम्नलिखित में से कौन-सा संघ एनेलिडा (Annelida) का उदाहरण है? [CHSL (T-I) 15 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) केंचुआ
Solution:
  • एनेलिडा संघ का उदाहरण केंचुआ है। केंचुए का शरीर लंबा, बेलनाकार एवं खंडित होता है।
  • यह एक उभयलिंगी प्राणी है, जिसमें नर और मादा दोनों यौन अंग होते हैं।
  • इसमें एक हाइड्रोस्टैटिक कंकाल होता है तथा एक केंद्रीय एवं परिधीय तंत्रिका तंत्र होता है।
  • केंचुआ सामान्यतया मिट्टी में पाए जाते हैं
  • खुदाई एवं अपघटन गतिविधियों के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाकर पारिस्थितिक तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • वर्गीकरण
    • एनेलिडा को मुख्यतः चार वर्गों में विभाजित किया जाता है।​
    • पॉलीकीटा (Polychaeta): समुद्री जीव, सिर स्पष्ट, पैरापोडिया मौजूद; उदाहरण- नेरीस, एफ्रोडाइट।​​
    • ओलिगोकीटा (Oligochaeta): स्थलीय या जलचर, सिर अस्पष्ट, सेटी द्वारा चाल; उदाहरण- केंचुआ (फेरेटिमा पोस्टह्यूमा)।​
    • हिरुडिनिया (Hirudinea): जोंक जैसे बाह्य परजीवी, चूषक द्वारा चाल, सेटी अनुपस्थित; उदाहरण- हिरुडिनेरिया ग्रेनुलOSA।​
    • आर्किएनेलिडा (Archiannelida): छोटे आदिम समुद्री कृमि; उदाहरण- पॉलीगोर्डियस।​
  • पारिस्थितिक महत्व
    • केंचुआ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं तथा अपघटक के रूप में कार्य करते हैं।
    • नेरीस समुद्री पारिस्थितिकी में भूमिका निभाते हैं
    • जबकि जोंक चिकित्सकीय उपयोग (लीच थेरेपी) में महत्वपूर्ण हैं।
    • ये सभी खंडित शरीर वाली संरचना के कारण एनेलिडा के प्रतिनिधि उदाहरण हैं।​​

15. संघ संधिपाद (Phylum Arthropoda) के बारे में गलत कथन का चयन कीजिए। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) लिग्निन, संधिपाद (आर्थोपोडा) के बहि:कंकाल (Exo-skeletons) का मुख्य घटक होता है।
Solution:
  • संधिपाद लगभग 9 लाख प्रजातियों वाला सबसे बड़ा संघ है। यह सभी ज्ञात जंतु प्रजातियों में से लगभग 85% से अधिक है।
  • इस संघ में कई बड़े वर्ग शामिल हैं, जिसमें वर्ग इंसेक्टा संघ संधिपाद का सबसे बड़ा वर्ग है।
  • इस संघ में कठोर बहिः कंकाल (Exoskeletons) और संयुक्त उपांग वाले जंतु की एक विस्तृत विविधता शामिल है।
  • इस संघ के बहिः कंकाल का मुख्य घटक काइटिन होता है, न कि लिग्निन। अतः विकल्प (b) गलत है।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • संयुक्त उपांग (jointed appendages) इनकी सबसे विशिष्ट विशेषता है
    • जो चलने, पकड़ने, संवेदना आदि कार्यों के लिए अनुकूलित होते हैं।
    • हृदय पृष्ठीय (dorsal heart), रक्त खुला (open circulatory system) और श्वसन प्रणाली श्वसन नलिकाएँ (trachea), ब्रांचिया (gills) या फेफड़े (book lungs) द्वारा होता है।​
  • संभावित कथन और गलत कथन की पहचान
    • प्रश्न में पूछे गए विकल्पों के संदर्भ में (जो सामान्यतः बहुविकल्पीय प्रश्नों में आते हैं), निम्न कथनों पर विचार करें:
    • कथन 1: वर्ग इन्सेक्टा (Insecta) आर्थ्रोपोडा का सबसे बड़ा वर्ग है।
    • यह सत्य है, क्योंकि कीटक ज्ञात प्रजातियों का लगभग 85% हिस्सा हैं।​
    • कथन 2: आर्थ्रोपोडा के बाह्यकंकाल का मुख्य घटक लिग्निन है। यह गलत है।
    • बाह्यकंकाल काइटिन से बना होता है, जबकि लिग्निन पादपों की कोशिका भित्ति का घटक है।​
    • कथन 3: आर्थ्रोपोडा ज्ञात पशु प्रजातियों का 80-85% हैं। यह सत्य है।​
    • इस प्रकार, गलत कथन है: लिग्निन आर्थ्रोपोडा के बाह्यकंकाल का मुख्य घटक है।​
  • वर्गीकरण
    • यह संघ पाँच मुख्य वर्गों में विभाजित है:
    • वर्ग क्रस्टेशिया (Crustacea): जलचर जैसे झींगा, केकड़ा।
    • वर्ग आर्कनिडा (Arachnida): मकड़ी, बिच्छू (8 पैर)।
    • वर्ग इन्सेक्टा (Insecta): कीटक (3 शरीर भाग, 6 पैर)।
    • वर्ग चिलोपोड़ा (Chilopoda): शतपदी।
    • वर्ग डिप्लोपोड़ा (Diplopoda): मिलीपेड।​
    • ये जंतु इक्विसोमिक (pseudocoelomate या haemocoel) होते हैं, न कि सच्चे कोलम वाले।​
  • आर्थिक महत्व
    • आर्थ्रोपोडा मधुमक्खी परागण, रेशमकीट रेशम उत्पादन, मछली उद्योग में भोजन स्रोत के रूप में लाभकारी हैं
    • किंतु मच्छर, टिड्डी आदि हानिकारक भी।
    • ये पारिस्थितिकी तंत्र में अपघटक, शिकारी और परागणकर्ता की भूमिका निभाते हैं।​

16. मनुष्य, निम्नलिखित में से किस वर्गीकरण के अंतर्गत नहीं आता है? [MTS (T-I) 07 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) पोरीफेरा
Solution:
  • मनुष्य की जाति सेपियंस है, जो होमो वंश के अंतर्गत आता है
  • इसीलिए मानव का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियंस है।
  • मनुष्य का वर्गीकरण कुल 'होमीनिडी' (Hominidae), गण 'प्राइमेट', वर्ग 'मैमेलिया', संघ 'कॉर्डेटा' (Chordata) और उपसंघ 'वर्टीब्रेटा' (Vertebrata) है।
  • पोरीफेरा (Porifera) संघ में आने वाले जंतुओं को साधारणतः स्पंज कहा जाता है। ये बहुकोशीय जलीय जंतु होते हैं।
  • मनुष्य का जैविक वर्गीकरण
    • जीवों का आधुनिक वर्गीकरण लिनियन प्रणाली पर आधारित है
    • जिसमें मनुष्य को निम्नलिखित पदानुक्रम में रखा जाता है
    • जगत - मेटाजोआ, संघ - कॉर्डेटा, उपसंघ - वर्टिब्रेटा (कशेरुकी), वर्ग - मैमेलिया (स्तनधारी), गण - प्राइमेटा, कुल - होमिनिडे, वंश - होमो
    • जाति - होमो सेपियंस। यह वर्गीकरण मनुष्य की विशेषताओं जैसे नरिश्नल ग्रंथियां, बालों की उपस्थिति, जीवित जन्म और बुद्धिमत्ता पर आधारित है।
    • मनुष्य कभी भी मोनेरा (बैक्टीरिया), प्रोटिस्टा (एककोशिकीय यूकेरियोट), फंगाई (कवक) या प्लेटीहेल्मिन्थ्स (प्लेटी फ्लैटवर्म्स) जैसे वर्गों में नहीं आता।​
  • सामान्य विकल्प जो गलत होते हैं
    • प्रश्नों में अक्सर विकल्प दिए जाते हैं
    • जैसे (क) कॉर्डेटा, (ख) मैमेलिया, (ग) एवेस, (घ) पिसीज़। मनुष्य एवेस (पक्षी वर्ग) या पिसीज़ (मछली वर्ग) के अंतर्गत नहीं आता
    • क्योंकि इनमें पंख या गलफड़े होते हैं, जबकि मनुष्य स्तनधारी है।
    • प्राचीन वर्गीकरण में भी मनुष्य को कभी कीट या सरीसृप नहीं माना गया।​
  • विस्तृत विशेषताएं
    • मनुष्य प्राइमेट गण का सदस्य है, जिसमें द्विपाद चाल, विकसित मस्तिष्क और सामाजिक व्यवहार प्रमुख हैं।
    • यह थेरिया उपवर्ग में आता है, जो थैली रहित स्तनधारियों को दर्शाता है।
    • वर्गीकरण का उद्देश्य संबंधों को स्पष्ट करना है, न कि मनुष्य को गैर-स्तनधारी श्रेणियों में रखना।​

17. किस प्रकार के लिवरवॉर्ट छत्र के आकार की संरचनाएं बनाते हैं, जिनमें मुख्य युग्मकोद्भिद काय के ऊपर युग्मकधानियां बनती हैं और इन संरचनाओं के नीचे बीजाणु‌द्भिद विकसित होते हैं? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) मर्चेंटीया
Solution:
  • मर्चेंटीया, लिवरवॉर्ट की एक प्रजाति है, जो एक प्रकार का गैर- संवहनी पौधा है। यह नम वातावरण में पाया जाता है।
  • ये छतरी के आकार की संरचनाएं बनाते हैं, जिनमें मुख्य युग्मकोद्भिद् (Gametophyte) काय के ऊपर युग्मकधानियां बनती हैं
  • इन संरचनाओं के नीचे बीजाणुद्भिद् (Sporophytes) विकसित होते हैं।
  • संरचना का वर्णन
    • Marchantia में थैलस (gametophyte) चपटा, डाइकोटिलीडॉन जैसा होता है
    • जिसके ऊपरी भाग पर राइजॉइड्स और स्केल्स मौजूद होते हैं।
    • यौन परिपक्वता पर नर थैलस से 8-खंडीय डिस्क वाला एंड्रोइशियल छत्र (antheridiophore) और मादा थैलस से 9-कुंडीय छत्र वाला आर्कगोनियोफोरस निकलता है।
    • ये छत्र स्टॉक पर उठे होते हैं, जिनके किनारों पर युग्मकधारियां लटकती हैं
    • नर में ऐंथरिडिया (मुख्य काय के ऊपर) और मादा में आर्कगोनिया।​
  • प्रजनन चक्र
    • युग्मन के बाद आर्कगोनियम में युग्मज बनता है, जो वहीँ स्पोरोफाइट में बदल जाता है
    • इसका सेटा और कैप्सूल छत्र के नीचे ही विकसित होता है। स्पोरोफाइट सरल होता है
    • (फुट, सेटा, कैप्सूल), जो एलेटर सहित बीजाणु छोड़ता है। प्रोटोनेमा चरण से नया थैलस बनता है।
    • यह होमोस्पोरस और समबीजाणुक प्रणाली दर्शाता है।​
  • अन्य विशेषताएं
    • Marchantia में वेजिटेटिव प्रजनन जेम्मा कप्स से होता है। ये नम स्थानों पर पाए जाते हैं
    • गैर-संवहनी होते हैं। अन्य लिवरवॉर्ट्स (जैसे Riccia) में गड्ढा-जन्य गैमेटैंगिया होते है
    • लेकिन छत्राकार केवल Marchantia में। पॉलीट्राइकम या फ्यूनेरिया मॉस हैं, न कि लिवरवॉर्ट।

18. निम्नलिखित में से किसका संबंध 'होमिनिड' (Hominidae) कुल से है? [CGL (T-I) 18 अप्रैल, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) मानव
Solution:
  • होमिनिड (Hominidae) कुल में मानव (Homo sapiens) और उसके करीबी पूर्वज तथा महान वानर (जैसे चिंपैंजी, गोरिल्ला, ओरंगुटान) शामिल हैं।
  • होमिनिड कुल की परिभाषा
    • यह महान वानरों को भी समाहित करता है। इस परिवार में चार मुख्य जीनस (genera) प्रमुख हैं
    • होमो (Homo, जिसमें आधुनिक मानव होमो सेपियंस शामिल है
    • पैन (Pan, जिसमें चिंपैंजी और बोनोबो आते हैं
    • गोरिल्ला (Gorilla) और पोंगो (Pongo, ऑरंगुटान)।
    • ये सभी सदस्य अफ्रीका और एशिया के उष्णकटिबंधीय जंगलों में पाए जाते हैं
    • जहाँ वे मुख्य रूप से फलाहारी या सर्वाहारी आहार पर निर्भर रहते हैं।​
  • प्रमुख सदस्य प्रजातियाँ
    • होमिनिड कुल के जीवित सदस्य निम्नलिखित हैं:
    • मानव (Homo sapiens): एकमात्र जीवित होमिनिन प्रजाति, जो वैश्विक रूप से फैली हुई है
    • जटिल संस्कृति, भाषा तथा औजार निर्माण के लिए जानी जाती है।​
    • चिंपैंजी (Pan troglodytes) और बोनोबो (Pan paniscus): अफ्रीका में पाए जाते हैं
    • ये सामाजिक समूहों में रहते हैं और औजारों का सीमित उपयोग करते हैं।​
    • गोरिल्ला (Gorilla spp.): पूर्वी और पश्चिमी अफ्रीका के जंगलों में निवास
    • शाकाहारी, बड़े आकार के और पारिवारिक समूहों में रहने वाले।​
    • ऑरंगुटान (Pongo spp.): बोर्नियो और सुमात्रा के वर्षावनों में; अकेले रहने वाले, फलाहारी और अत्यधिक बुद्धिमान।​
  • विकासात्मक महत्व
    • होमिनिड कुल का विकास मायोसीन युग (लगभग 23-5 मिलियन वर्ष पूर्व) से जुड़ा है
    • जब होमिनॉइड्स (hominoids) अलग हुए। मनुष्य और चिंपैंजी का साझा पूर्वज लगभग 6-7 मिलियन वर्ष पूर्व का माना जाता है
    • जो डीएनए समानताओं से सिद्ध होता है।
    • विलुप्त सदस्यों में ऑस्ट्रेलोपिथेकस (Australopithecus) और आर्डिपिथेकस (Ardipithecus) जैसे होमिनिन शामिल हैं
    • जो द्विपाद चाल (bipedalism) के प्रारंभिक प्रमाण दिखाते हैं।
    • ये सभी सदस्य आईने में आत्म-प्रत्यक्षीकरण (self-recognition) जैसी जटिल मानसिक क्षमताएँ साझा करते हैं।​
  • विशेषताएँ और समानताएँ
    • होमिनिड्स में मजबूत अग्रबाहु, सपाट नाखून, विपरीत अंगूठे (manus में) और कोई पूँछ न होना सामान्य है।
    • उनके मस्तिष्क का आकार अन्य प्राइमेट्स से बड़ा होता है
    • जो सामाजिक बंधनों और समस्या-समाधान को सक्षम बनाता है।
    • मानव के अलावा अन्य सदस्य मुख्य रूप से वृक्षीय जीवनशैली अपनाते हैं
    • लेकिन मानव ने स्थलीय अनुकूलन विकसित किया। संरक्षण की दृष्टि से, अधिकांश प्रजातियाँ लुप्तप्राय हैं
    • मुख्यतः वनों की कटाई और शिकार के कारण।

19. एक्टोडर्म और एंडोडर्म के बीच एक अविभेदित परत ....... मौजूद रहती है। [CGL (T-I) 05 दिसंबर, 2022 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) मेसोग्लिया
Solution:
  • मेसोग्लिया एक्टोडर्म और एंडोडर्म के बीच मौजूद एक अविभाजित परत है
  • जो डिप्लोब्लास्टिक जंतुओं (सीलेंट्रेट्स आदि) में पाई जाती है।
  • जबकि मेसोडर्म ट्रिप्लोब्लास्टिक जंतुओं में उपस्थित होती है
  • जो एक्टोडर्म और एंडोडर्म के बीच विकासशील भ्रूण में पाई जाती है।
  • मेसोग्लिया क्या है?
    • आंतरिक एंडोडर्म (जो पाचन तंत्र बनाती है) के मध्य स्थित रहती है।
    • यह परत संरचनात्मक समर्थन प्रदान करती है और जंतु के शरीर को लचीलापन देती है।
    • कोलेन्टेरेट्स जैसे हाइड्रोजोआ में यह परत मुख्य रूप से कोलेजन, ग्लाइकोप्रोटीन और कुछ घूमने वाली कोशिकाओं (amoebocytes) से बनी होती है।​
  • डिप्लोब्लास्टिक बनाम ट्राइप्लोब्लास्टिक जंतु
    • डिप्लोब्लास्टिक जंतुओं (जैसे पॉरिफेरा को छोड़कर कोलेन्टेरेट्स) में केवल दो भ्रूणीय परतें—एक्टोडर्म और एंडोडर्म—होती हैं
    • उनके बीच मेसोग्लिया नामक यह अविभेदित मध्य परत मौजूद रहती है।
    • इसके विपरीत, ट्राइप्लोब्लास्टिक जंतुओं (जैसे मनुष्य, कीड़े आदि) में एक्टोडर्म, मेसोडर्म (वास्तविक मध्य कोशिकीय परत जो मांसपेशियां, हड्डियां बनाती है
    • एंडोडर्म के बीच कोई अविभेदित परत नहीं होती। मेसोडर्म ही वह विकसित परत है जो अंगों का निर्माण करती है।​
  • कार्य और महत्व
    • संरचनात्मक भूमिका: मेसोग्लिया जेलीफिश को तैरने में मदद करती है
    • क्योंकि यह हल्की और लचीली होती है, जो शरीर को आकार बनाए रखने में सहायक है।
    • कोशिका प्रवास: इसमें घूमने वाली कोशिकाएं पाई जाती हैं
    • जो पोषक तत्वों का परिवहन करती हैं और घाव भरने में सहायता करती हैं।
    • विकासीय दृष्टि: यह भ्रूणीय विकास में मेसोडर्म के प्रारंभिक रूप का प्रतिनिधित्व नहीं करती
    • बल्कि डिप्लोब्लास्टिक संगठन की विशेषता है।
    • ट्राइप्लोब्लास्टिक जंतुओं में गैस्ट्रुलेशन के दौरान एपिब्लास्ट से मेसोडर्म अलग होता है।​
  • अन्य संबंधित तथ्य
    • कोएलोमेटा: कोएलोम न होने वाले जंतु (जैसे कोलेन्टेरेट्स) में मेसोग्लिया प्रमुख होती है
    • जबकि कोएलोमेट्स में वास्तविक शरीर गुहा विकसित होती है।
    • उदाहरण: जेलीफिश (Aurelia), हाइड्रा, समुद्री ऐनमोनी आदि में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
    • यह परत जंतु जगत के सरल संगठन को दर्शाती है, जहां कोशिकीय विभेदीकरण सीमित होता है।​

20. मेंडरीना किस सीलेंट्रेटा जंतु का सामान्य (जेनेरिक) नाम है, जिसके नरम, ट्यूब के आकार के शरीर होते हैं, जो बड़े समूहों में एक साथ रहते हैं? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) ब्रेन कोरल
Solution:
  • 'मेंडरीना' ब्रेन कोरल, सीलेंट्रेटा जंतु का सामान्य (जेनेरिक) नाम है। यह एक समुद्री जीव है
  • जिसके शरीर ट्यूब के आकार के एवं नरम होते हैं और सतह पर लकीरें एवं घाटियां होती हैं
  • जो मानव मस्तिष्क की परतों के समान होती है। ये बडे समूहों में एक साथ रहते हैं
  • प्रायः ये अटलांटिक, कैरेबियन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों के उथले उष्णकटिबंधीय पानी में पाए जाते हैं
  • चट्टान निर्माण एवं पारिस्थितिकी तंत्र के रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • ब्रेन कोरल की संरचना
    •  ये पॉलिप चूना पत्थर (कैल्शियम कार्बोनेट) का कंकाल बनाते हैं, जो मजबूत कॉलोनी का रूप ले लेता है।
    • कॉलोनी में हजारों पॉलिप एक साथ रहते हैं, जो सामूहिक रूप से चट्टानें बनाते हैं।​
  • निवास स्थान और वितरण
    • ये उष्णकटिबंधीय समुद्रों के उथले पानी में पाए जाते हैं
    • विशेष रूप से अटलांटिक महासागर, कैरिबियन सागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में।
    • गहराई 5-30 मीटर तक रहते हैं, जहां सूर्य का प्रकाश पर्याप्त होता है।
    • ये रिसोफोटिक जोन में चट्टानी भित्तियों पर बसते हैं
    • प्रकाश संश्लेषण करने वाले जूग्लेना जैसे शैवाल (जोन्थेला) के साथ सहजीवी संबंध रखते हैं।​
  • जीवन चक्र और प्रजनन
    • सीलेंट्रेटा की तरह मेनड्रिना में पॉलिप रूप स्थानबद्ध और अलैंगिक होता है
    • जबकि मेडूसा रूप तैरनशील और लैंगिक हो सकता है। प्रजनन मुकुलन (बडिंग) या लार्वा (प्लानुला) के माध्यम से होता है।
    • बड़े समूहों में रहने से कॉलोनी मजबूत बनती है
    • जो तूफानों का सामना कर सके। मेटाजेनेसिस (पीढ़ी परिवर्तन) उनके जीवन चक्र की विशेषता है।​
  • पारिस्थितिक महत्व
    • ब्रेन कोरल चट्टान निर्माण में महत्वपूर्ण हैं, जो मछलियों और अन्य समुद्री जीवों को आश्रय देते हैं।
    • ये जैव विविधता बनाए रखते हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन, अम्लीकरण और प्रदूषण से खतरा है।
    • अटलांटिक में इनकी प्रजातियां संरक्षित हैं।​