Correct Answer: (b) जिम्नोस्पर्म बीज रहित फूल वाले पौधे हैं।
Solution:- जिम्नोस्पर्म पौधों का एक समूह है जिसमें बीज तो होता है, परंतु इसमें फूल नहीं होते हैं।
- जिम्नोस्पर्म काष्ठीय झाड़ियों, पेड़ों एवं बेलों के रूप में पाए जाते हैं
- इनमें कोई वास्तविक, जलीय शामिल नहीं होता है और कुछ एपिफाइट्स शामिल होते हैं।
- जिम्नोस्पर्म आमतौर पर प्रजनन के मामले में धीमे होते हैं, परागण और निषेचन के बीच एक वर्ष तक का समय लग सकता है
- बीज की परिपक्वता के लिए 3 वर्ष की आवश्यकता होती है। अतः विकल्प (b) का कथन गलत है।
- जिम्नोस्पर्म की प्रमुख विशेषताएँ
- जिम्नोस्पर्म नग्नबीजी पादप हैं, जो साइकैडेली, कोनिफेरा, जिन्कोएसी और गनेलेटा जैसे वर्गों में विभाजित हैं।
- इनमें बीज शंकुओं (cones) पर विकसित होते हैं और फूल अनुपस्थित रहते हैं।
- ये सदाबहार वृक्ष या झाड़ियाँ रूप में पाए जाते हैं, जैसे पाइन, सीक्वॉया और जिन्कगो।
- द्विनिषेचन क्या है?
- द्विनिषेचन एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें एक परागकण से दो शुक्राणु निकलते हैं
- एक मादा युग्मक से मिलकर भ्रूण बनाता है, जबकि दूसरा ध्रुवीय केंद्रक से मिलकर ट्रिपलॉइड एंडोस्पर्म बनाता है।
- यह प्रक्रिया केवल आवृतबीजी पादपों (Angiosperms) में पाई जाती है।
- क्यों गलत है यह कथन जिम्नोस्पर्म पर?
- जिम्नोस्पर्म में निषेचन साधारण प्रकार का होता है, जिसमें केवल एक शुक्राणु मादा गैमेट से संलयन करता है
- एंडोस्पर्म पहले से ही मादा गैमेटोफाइट में उपस्थित होता है।
- द्विनिषेचन एकबीजपत्री या द्विबीजपत्री दोनों प्रकार के एंजियोस्पर्म्स का लक्षण है
- उदाहरणस्वरूप, सीक्वॉया (जिम्नोस्पर्म का सबसे लंबा वृक्ष) में भी यही प्रक्रिया होती है।
- अन्य सामान्य कथन और उनकी सत्यता
- सही कथन: जिम्नोस्पर्म में बीज नग्न होते हैं (फलों में बंद नहीं)।
- सही कथन: ये लकड़ीदार पादप हैं, जलीय या परजीवी नहीं।
- गलत कथन का उदाहरण: जिम्नोस्पर्म बीजरहित होते हैं (वास्तव में ये बीज वाले हैं)।
- ये पादप मोटे तौर पर धीमे प्रजनक होते हैं, जिनमें परागण हवा या कीटों द्वारा होता है।