वर्णमाला (Part-5)

Total Questions: 15

11. 'प्रसन्नता' शब्द में कौन-सी ध्वनि है? [P.G.T. परीक्षा, 2005]

Correct Answer: (c) युग्मक ध्वनि
Solution:जब एक ही ध्वनि का द्वित्व हो जाए, तब वह युग्मक ध्वनि कहलाती है, जैसे-अक्षुण्ण, उत्फुल्ल, दिक्कत, प्रसन्नता आदि। एक ध्वनि जब दो व्यंजनों से संयुक्त होती है, तब वह सम्पृक्त ध्वनि कहलाती है। जैसे-'सम्बल', 'कम्पन' इत्यादि। दो या दो से अधिक व्यंजन ध्वनियाँ परस्पर संयुक्त होकर जब एक स्वर के सहारे बोली जाती हैं, तो संयुक्त ध्वनियाँ कहलाती हैं। जैसे-प्राण, घ्राण, क्लान्त, म्लान, प्रकर्ष इत्यादि। संयुक्त ध्वनियाँ अधिकतर तत्सम शब्दों में मिलती हैं।

12. वर्णों को क्रमपूर्वक अलग करना कहलाता है? [M.P. Professional Exam.11.12.2017]

Correct Answer: (d) वर्ण-विच्छेद
Solution:वर्णों को क्रमपूर्वक अलग करना 'वर्ण-विच्छेद' कहलाता है। वस्तुतः स्वर या व्यंजनों को शब्दों से अलग-अलग करना ही वर्ण-विच्छेद कहलाता है। जैसे- नमक का वर्ण-विच्छेद न् + अ + म् + अ + क् + अ होगा। वर्णों के क्रम को वर्णमाला, दो वर्णों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को सन्धि तथा उनको अलग-अलग कर देना विच्छेद कहलाता है।

13. उच्चारण की दृष्टि से 'व' ध्वनि है- [G.I.C. (प्रवक्ता) परीक्षा, 2012, UPSSSC सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा-I परीक्षा, 2016, MPSI Exam, 04 Sep., 2016]

Correct Answer: (b) दन्त्योष्ठ्य
Solution:उच्चारण भी दृष्टि से 'व' ध्वनि 'दन्त्योष्ठ्य है। सूत्र के अनुसार-'वकारस्यदन्त्योष्ठ्यं' अर्थात् वकार का उच्चारण स्थान। ध्वनि 'दन्त्योष्ठ्य' होता है। दाँत से जीभ और ओठों के मिलने से जो उच्चारण होता है उसे दन्त्योष्ठ्य कहते हैं- यथा- 'व' ध्वनि ।

14. निम्नलिखित ध्वनियों में कौन-सी दन्त्योष्ठ्य है? [आश्रम पद्धति (प्रवक्ता) परीक्षा, 2009]

Correct Answer: (d) व
Solution:उच्चारण भी दृष्टि से 'व' ध्वनि 'दन्त्योष्ठ्य है। सूत्र के अनुसार-'वकारस्यदन्त्योष्ठ्यं' अर्थात् वकार का उच्चारण स्थान। ध्वनि 'दन्त्योष्ठ्य' होता है। दाँत से जीभ और ओठों के मिलने से जो उच्चारण होता है उसे दन्त्योष्ठ्य कहते हैं- यथा- 'व' ध्वनि ।

15. निम्नलिखित में कौन-सी व्यंजन ध्वनियाँ स्पर्श संघर्षी कहलाती हैं? [G.I.C. (प्रवक्ता) परीक्षा, 2012]

Correct Answer: (a) च, छ, ज, झ
Solution:दी गई ध्वनियों में 'च, छ, ज, झ' स्पर्श-संघर्षी ध्वनियाँ कहलाती हैं। इनका उच्चारण स्थान तालव्य है, ये संख्या में चार हैं। 'क, ख, ग, घ' कण्ठ्य, 'ट, ठ, ड, ढ' मूर्धन्य तथा 'प, फ, ब, भ' ओष्ठ्य ध्वनियाँ हैं।