वायुमंडल (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 10

1. निम्नलिखित में से कौन-सी वायुमंडलीय परत सबसे ठंडी परत है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) मध्यमंडल
Solution:
  • मध्यमंडल वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है। मध्यमंडल का विस्तार धरातल से लगभग 50 से 80 किमी
  • ऊंचाई तक पाया जाता है। इस मंडल में ऊंचाई के साथ तापमान में गिरावट होती है। मध्यमंडल की ऊपरी सीमा को मेसोपॉज कहते हैं।
  • से अधिक विवरण:
    • परिचय: पृथ्वी की वायुमंडल पाँच प्रमुख परतों में विभाजित मानी जाती है
    • क्षोभ, समताप, मध्य, ताप, और बाह्यमंडल (आयनमंडल/एक्सोस्फीयर से लेकर बाह्य भाग तक).​
    • यहाँ का औसत तापमान लगभग −85°C तक पहुँच सकता है
    • जो इसे धरती पर औसत ठंडे तापमान के लिहाज़ से सबसे ठंडी परत बनाता है.​
  • अन्य परतों की तुलना:
    • क्षोभमंडल: सबसे नीचे परत है और यहाँ तापमान सामान्यतः नीचे-ऊपर गिरता है
    • हमारी सांस लेने वाला वातावरण यहीं उपलब्ध है.​
    • समताप मंडल: यहाँ औसत तापमान लगभग स्थिर रहता है
    • ओज़ोन परत भी इसी परत में पाई जाती है.​
    • तापमंडल और बाह्यमंडल: तापमंडल में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ सकता है
    • जबकि बाह्यमंडल/आयनमंडल में तापमान भिन्न-भिन्न परिस्थितियों पर निर्भर है
    • कभी-कभी थर्मोस्फीयर आदि में तापमान बहुत ऊँचा या विविध हो सकता है.​
  • नोट्स:
    • कुछ स्रोतों में ठंडे तापमान के बारे में विशेष शीर्षक/विवरण अलग-अलग हो सकते हैं
    • (उदा., थर्मोस्फीयर में तापमान ऊँचा दिख सकता है
    • क्योंकि यह सूर्य के प्रकाश के कारण गरमी में विभेद दिखाती है)
    • सामान्य वायुमंडलीय विज्ञान के अनुसार सतही-स्तर से ऊपर गिरते-गिरते मध्य मंडल का औसत ठंडापन सबसे अधिक माना जाता है.​

2. निम्नलिखित में से किस पवन का संबंध अत्यधिक ठंड और शुष्कता से है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) ध्रुवीय पूर्वी पवनें
Solution:
  • ध्रुवीय पूर्वी पवनों का संबंध अत्यधिक ठंड और शुष्कता से है।
  • उपोष्ण उच्च वायुदाब कटिबंध से भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब कटिबंध की ओर चलने वाली पवनों को व्यापारिक पवन कहते हैं।
  • मुख्य पवनों के प्रकार (संघर्षपूर्ण ठंड, शुष्कता से जुड़ी पवनें)
    • चिनुक (Chinook): उत्तर-अमेरिका और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में प्रमुख ठंडी, शुष्क वायु प्रवाह जो ऊँची पर्वत श्रृंखलाओं से घाटी की ओर नीचे उतरती है।
    • उतरते समय एडियाबेटिक प्रक्रिया से गर्म होकर शुष्क हो जाती है और स्थानीय तापमान में तेज गिरावट लाती है।
    • यह विशेष रूप से ठंडे क्षेत्रों में गर्म हवा के साथ-साथ बर्फ पिघलाने की क्षमता रखती है
    • जिससे भू-आधार पर जलवाष्प कमी और बर्फ पिघलने की घटनाएं हो सकती हैं।
    • चिनूक अक्सर ठंडे मौसम के दौरान घाटियों में चलते हैं। [उद्धृत संदर्भ: स्थानीय पवनों के उदाहरणों में चिनुक का उदाहरण दिया गया है।]
    • फॉन (Föhn) / फोहन दक्षिणी यूरोप और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी पहचानी जाने वाली ऐसी हवा है
    • जो पर्वत श्रृंखला के ऊपरी भाग से नीचे आती है, जब हवा नीचे की ओर गहराती है तो वह गर्म होती है
    • शुष्क रहती है। यह भी तापमान में अचानक वृद्धि और आर्द्रता में कमी ला सकती है। यातायात/खेती पर प्रभाव डालती है
    • अक्सर ठंडी मौसम के बावजूद स्थानीय क्षेत्र में गर्मी का अनुभव कराती है। [उद्धरण: पर्वत आधारित फॉन हवाओं के वर्णन में यह बात स्पष्ट है।]
    • अन्य स्थानीय ठंडी शुष्क हवाएं: कुछ क्षेत्रों में अवरोही (Katabatic) हवाएं भी पाई जाती हैं
    • जो ऊँचे ग्लेशियरी/पर्वतीय क्षेत्रों से घाटी की ओर नीचे की ओर बहती हैं
    • अक्सर शुष्क होती हैं, परन्तु इनका तापमान चढ़ना/घटना चिनुक/फॉन जितना स्पष्ट रूप से ठंड/गर्म होने के साथ जुड़ा नहीं रहता।
    • फिर भी इन्हें ठंडी, शुष्क स्थानीय हवाओं में गिना जा सकता है।
  • पुष्टि कैसे करें
    • अगर प्रश्न में पूछा गया है “कौन सी पवन अत्यधिक ठंड और शुष्कता से जुड़ी है
    • तो सामान्य शिक्षा/भूगोल के पाठ में हर बार चिनुक या फॉन का उल्लेख ठंडी और शुष्क हवाओं के उदाहरण के रूप में किया जाता है।
    • इन हवाओं के कारण स्थानीय क्षेत्र में तापमान घट सकता है
    • कभी-कभी बर्फीला मौसम बना रहता है। [उद्धृत संदर्भ: स्थानीय हवाओं के प्रकार और चिनुक/फॉन के गुणों का उल्लेख किया गया है।]
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • अत्यधिक ठंड” और “शुष्कता” को एक साथ जोड़कर देखने पर चिनुक और फॉन प्रमुख उम्मीदवार बनते हैं
    • क्योंकि दोनों हवा का स्रोत ऊँचे पहाड़ों/बढ़ी हुई ऊँचाई से घाटी की ओर आना बताते हैं
    • उतरते समय हवा शुष्क और गर्म/ठंडी हो सकती है।
    • यदि आप एक ही पवन का नाम चुनना चाहें
    • तो अक्सर प्रश्नानुसार क्षेत्रीय संदर्भ के अनुसार चिनुक अधिक सामान्य रूप से ठंड के साथ जुड़ा माना जाता है
    • जबकि फॉन गर्म ठंड के विपरीत, ऊँचाई से उतरते समय गर्म हो सकता है और शुष्करा देता है।
    • इस प्रकार दोनों ही ठंडा-शुष्क गुणों को प्रदर्शित कर सकती हैं
    • अधिकतर ठंडी-शुष्क संयोजन चिनुक के साथ जोड़ा जाता है।
    • [उद्धरण: स्थानीय पवनों एवं पर्वतीय हवाओं के उदाहरणों में चिनुक/फॉन का वर्णन मिला है।]

3. निम्नलिखित में से कौन-सा दैनिक वायुमंडलीय मौसम परिवर्तन से संबंधित है? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) क्षोभमंडल
Solution:
  • क्षोभमंडल दैनिक वायुमंडलीय मौसम परिवर्तन से संबंधित है। क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है।
  • मौसम की दशाएं (हवा, वर्षा, धुंध, बादल इत्यादि) सभी इसी परत से संबंधित हैं।
  • दैनिक वायुमंडलीय मौसम परिवर्तन की परिभाषा
    • यह हवाओं, बादलों, वर्षा (यदि हो) और तापमान के छोटे दिहाड़ी उतार-चढ़ाव से मिलकर बनता है
    • जो उसी दिन के भीतर कई बार बदल जाते हैं।
  • मुख्य कारण और यांत्रिकी
    • तापमान का दैहिक परिवर्तन: जैसे दिन में सूरज की रोशनी के कारण सतह का तापमान बढ़ना और रात में ठंडा होना
    • यह तापमान差 वायुमंडलीय दाब और वायु निर्वाचन को प्रभावित करता है ।​
    • वायुदाब वितरण और जेट स्ट्रीम: पवनों के वितरण में छोटे-छोटे परिवर्तन दैनिक मौसम को आकार देते हैं
    • (उदा., दिन के समय समुद्र से land की ओर आर्द्र पवन बनना) ।​
    • आर्द्रता और क्लाउड कवर: आर्द्रता का वितरण और बादलों की घट-बढ़ भी दिनभर में मौसम के व्यवहार को प्रभावित करती है ।​
    • भूगणितीय और स्थानीय प्रभाव: पहाड़, महासागर का किनारा, शहर-ग्रिड आदि स्थानीय भूमिकाओं के कारण दैनिक परिवर्तन में भिन्नता आ सकती है ।​
  • दैनिक परिवर्तन के उदाहरण
    • तापमान में उतार-चढ़ाव: स्पष्ट आकाश में दिन के समय तापमान तेज़ी से बढ़ सकता है और शाम के समय तेजी से घट सकता है ।​
    • पवन-धारा: दिन में समुद्र की सतह गर्म होने से land breeze विकसित हो सकती है
    • रात में land breeze उलट सकता है, जिससे दिन-दिनभर में पवन की दिशा बदलती रहती है ।​​
    • हल्के बादलों की उपस्थिति: कुछ समय के लिए बादलों का आना-जाना, हल्की वर्षा या बर्सा जैसी घटनाओं की आवृत्ति दैनिक पैटर्न को प्रभावित करती है ।​
  • दैनिक मौसम बनाम दीर्घकालिक जलवायु
    • दैनिक मौसम एक ही दिन के भीतर होने वाले अस्थिर परिवर्तन को दर्शाता है
    • जबकि जलवायु औसतन लंबे समय के लिए मौसम के पैटर्न को बताती है।
    • इस कारण दैनिक परिवर्तन अक्सर छोटे-छोटे पैटर्न में दिखते हैं
    • जबकि दीर्घकालीन बदलाव गहरे कारणों से जुड़े रहते हैं ।​
  • उपयुक्त संदर्भ और अध्ययन के संकेत
    • मौसम परिवर्तन के विज्ञान के हिंदी संदर्भों में दैनिक परिवर्तन की व्याख्या पवन, दाब वितरण, और तापमान के अंतर के माध्यम से मिलती है
    • जो विद्यार्थियों के लिए क्लास-स्तर पर समझना आसान बनाती है ।​​
    • जलवायु परिवर्तन की दीर्घकालीन प्रवृत्तियाँ भी दैनिक परिवर्तनों को प्रभावित करती हैं
    • परंतु ये बड़े पैमाने और समय-सीमा में परखी जाती हैं ।

4. वायुमंडल की कौन-सी परत मनुष्य के लिए उपयुक्त और सर्वाधिक महत्वपूर्ण है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) क्षोभमंडल
Solution:
  • क्षोभमंडल की औसत ऊंचाई लगभग 13 किमी. है। हम इसी मंडल से उपस्थित वायु में सांस लेते हैं।
  • मौसम की लगभग सभी घटनाएं जैसे, वर्षा, कुहरा एवं ओलावृष्टि इसी परत में होती हैं।
  • वायुमंडल की परतें और उनकी भूमिका
    • समतापमंडल (Stratosphere): लगभग 10–50 किमी ऊँचाई तक; यहाँ ओजोन परत स्थित है
    • जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से जीवन की रक्षा करती है।
    • वायुमंडलीय गतिविधियाँ कम होती हैं और विमान अक्सर इसी परत में उड़ान भरते हैं.​
    • मध्यमंडल (Mesosphere): लगभग 50–80 किमी; उल्कापिंड यहाँ जल जाते हैं
    • तापमान नीचे जाता है; लेकिन जीवन से सीधे जुड़ाव कम है.​
    • आयनमंडल (Ionoshpere) और बाह्यमंडल (Exosphere): संचार, उपग्रह तथा अंतरिक्ष यानों से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण, पर मानव जीवन के सीधे अनुकूलन में क्षोभमंडल का दबदबा अधिक है.​
  • क्यों क्षोभमंडल सबसे महत्वपूर्ण है
    • सांस लेने वाला वायुमंडलीय मिश्रण, ध्वनि-नमूना, जलवाष्प आदि इसी परत में सबसे ऊपरी तौर पर स्थित होते हैं
    • जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन-कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन यहाँ सबसे सक्रिय है.​
    • मौसम और जलवायु का निर्माण इसी परत के भीतर होता है
    • पल-पल का मौसम, बारिश, बादल आदि इसी परत में घटते हैं, जो मानव जीवन सीधे प्रभावित करते हैं.​
    • जीवन के लिए अनुकूल तापमान और दबाव भी अक्षुण्ण रहने की आवश्यकता है
    • क्षोभमंडल के भीतर यह परिस्थितियाँ अधिकांश स्थानों पर सुरक्षित उपयुक्त रहती हैं
    • जबकि ऊपर की परतों में अत्यधिक ठंड/ऊँचाई/चाप गिरावट भी हो सकती है.​​
  • अन्य परतों की भूमिका का संक्षेप
    • समतापमंडल में ओजोन मौजूद है जो यूवी किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है
    • विमान वहाँ उड़ान भरते हैं; यह व्यक्ति के लिए हवा के साथ-साथ सुरक्षात्मक परत है.​
    • मध्यमंडल, आयनमंडल, बाह्यमंडल की भूमिका अधिक आकाशगामी/टेक्निकल है
    • उल्कापिंड जलना, रेडियो संचार और उपग्रह-परिक्रमण जैसी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक हैं, पर सीधे सांस लेने के संबंध में नहीं.​
  • संक्षेपित निष्कर्ष
    • यदि एक शब्द में कहा जाए: मानव स्वास्थ्य, जीवन-निर्वाह और मौसम-जीवन के लिए सबसे प्रधान और तुरंत उपयोगी वायुमंडलीय परत क्षोभमंडल ही है.​

5. बिना वायुमंडल वाले चंद्रमा की सतह पर तापमान की सीमा क्या है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 17 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) – 190°C से 110°C
Solution:
  • वायुमंडल की अनुपस्थिति में, चंद्रमा की सतह का तापमान 190°C से 110°C तक होगा। यह दिन में बढ़ेगा और रात में घटेगा।
  • मुख्य तापमान सीमा
    • दिन-समय (सूर्य रोशनी में): लगभग 100–130°C तक गर्मी पाई जाती है
    • कुछ क्षेत्रों में और भी अधिक तापमान के अनुमान दिए जाते हैं।
    • यह सीमा सूरज की सीधी रोशनी के कारण सतह के भित्तीय अवशोषण और ऊष्मा संचरण पर निर्भर करती है.​
    • रात-समय (छाया में या अंधेरे पक्ष पर): लगभग -150°C से -250°C के आसपास ठंडा हो जाता है
    • कुछ अवकाश क्षेत्रों में तापमान और भी कम रिकॉर्ड हुए हैं।
    • पृथ्वी के मुकाबले चंद्रमा पर वातावरण की कमी से गर्म-नहीं हो पाने की वजह से तापमान में बड़ा अंतर रहता है.​
  • ध्रुवीय क्षेत्रों के विशिष्ट तापमान
    • दक्षिण ध्रुव/उत्तर ध्रुव के आसपास के क्षेत्रों में अत्यंत ठंडे तापमान देखे जाते हैं
    • कुछ क्षेत्रों में -238°C तक का तापमान मापा गया है, जो मंगल-रोڈی तंग ठंड के बराबर माना जाता है.​
    • ध्रुवीय क्षेत्रों में तापमान का गिरना और ऊर्ध्वाधर चमक (प्लाज्मा/विद्युतिक गतिशीलता) से सतही तापमान की क्रमशः विविधताएं देखने को मिलती हैं.​
  • तापमान विविधताएं क्यों होती हैं
    • चंद्रमा का वातावरण नहीं है, इसलिए गर्मी में सतह सीधे सूर्य से ऊर्जा ग्रहण करती है
    • रात को बिना वातावरण के ऊर्जा से दूरी बनाती है, जिससे तापमान अचानक गिर-बढ़ जाता है.​
    • सतह के नीचे कुछ मीटर तक गर्मी फैलती है
    • यह भी अत्यल्प है और दिन-रात के चक्र के साथ प्रभावशीलता कम होती है.​
  • भौगोलिक विविधताएं
    • उच्च-अपेक्षित तापमान तापमान में कमी/ज्यादा अंतर दिखाते हैं
    • सूरज की रोशनी में उष्ण क्षेत्रों में तापमान उच्च रहता है जबकिे छायाओं में और रात के समय अत्यंत ठंडा रहता है.​
    • ध्रुवीय क्षेत्रों में अति ठंडे तापमान के कारण वहाँ पानी के आइस या अन्य संसाधनों के अध्ययन की संभावनाएँ प्रमुख हैं.​
  • नोट्स और भ्रांतियाँ
    • कुछ स्रोतों में यह मिश्रित संख्याएँ दी जाती हैं
    • (जैसे 110°C अधिकतम, -190°C न्यूनतम आदि), जो क्षेत्र, समय और मापक उपकरण के अनुसार भिन्न हो सकती हैं
    • वैज्ञानिक मानक पाठ्यपुस्तकों/उन्नत लूनर अवलोकनों में 100–130°C दिन और -150°C से -250°C रात के रूप में अक्सर उद्धृत किया जाता है.​​
    • हाल के चंद्रयान/अन्य मिशनों ने सतह के ऊपर के वातावरण (काइनेटिक टेम्परेचर/प्लाज्मा) में नई जानकारी दी है
    • जो सतह तापमान से अलग हो सकता है
    • यह मुख्य रूप से सतह-के-ऊपर के वातावरण के बारे में है, सतह तापमान सीधे निर्भर नहीं करते.​

6. आंशिक रूप से पिघली हुई ऊपरी मैंटल सामग्री जिसे कहा जाता है, स्थलमंडल ( लिथोस्फीयर) के नीचे एक यांत्रिक रूप से कमजोर परत होती है, जो कम भूकंपीय तरंग वेग और उच्च क्षीणन की विशेषता दर्शाती है। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) दुर्बलमंडल (एथेनोस्फीयर)
Solution:
  • दुर्बलमंडल, स्थलमंडल के मेंटल के नीचे सघन, कमजोर परत है
  • जो कम भूकंपीय तरंग वेग और उच्च क्षीणन की विशेषता दर्शाती है। अतः सही उत्तर विकल्प (c) है।
  • पृष्ठभूमि और परिभाषा
    • पृथ्वी के आंतरिक ढांचे में क्रस्ट (स्तर), मेंटल (ऊपरी और निचला भाग मिलकर), और कोर प्रमुख संरचनात्मक इकाइयाँ हैं।
    • आंशिक रूप से पिघली हुई परतिंग, विशेषकर Upper Mantle का एक भाग, Paleo-Geophysics में दुर्बलमंडल के रूप में पहचाना जाता है
    • यह परत अक्सर कीवर्ड “low velocity zone” (LVZ) से भी पहचानी जाती है, जो भूकंपीय तरंग वेग में कमी दर्शाती है.​
    • दुर्बलमंडल नीचे से ऊपर तक प्लेट टेक्टोनिक्स को नियंत्रित करने वाले मैग्मा स्रोत के रूप में भूमिका निभाता है
    • महाद्वीपीय-टेकटॉनिक प्लेटों के संचलन के लिए यांत्रिक रूप से कमजोर मार्ग प्रदान करता है.​
  • भूकंपीय संकेत
    • यह क्षेत्र भूकंपीय तरंग वेग में कमी और ऊर्जा क्षय (attenuation) अधिक दिखाता है
    • जिससे इसे “low velocity and high attenuation zone” कहा जाता है.​
    • LVZ का मोटा हिस्सा लगभग 80–200 किमी गहरा हो सकता है, जो Upper Mantle के भीतर स्थित होता है
    • उसमें आंशिक पिघलन के कारण तरंग वेग घटता है.​
  • भूकंपीय अवलोकन के आधार
    • गुरुत्वीय और स्रोत-न्यूरल-वेग विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि upper mantle के भीतर एक विशिष्ट परत है
    • जो ठोस है पर स्थितियाँ तापमान में वृद्धि के कारण आंशिक पिघलन दिखाती है; यह परत भूकंपीय तरंगों के वेग में कमी लाती है.​
    • Drishti IAS आदि स्रोतों में भी बताये गए हैं
    • आंशिक पिघलन और चिपचिपे गुण इसे render करता है कि प्लेटें आस-पास घूमती रहें, जिससे भूगर्भीय गतिशीलता चलती है.​
  • संरचनात्मक और भू-विज्ञानिक संदर्भ
    • दुर्बलमंडल Upper Mantle के नीचे स्थित यांत्रिक रूप से कमजोर परत है
    • जो स्थलमंडलीय प्लेटों के संचालन का मार्ग निर्धारित करती है
    • यह विशेष रूप से 80–200 किमी गहराई में स्थापित मानी जाती है
    • उच्च तापमान-पराग के कारण पिघलन के संकेत दिखाती है.​
    • कुछ स्रोतों के अनुसार, दुर्बलमंडल मैग्मा का मुख्य स्रोत भी हो सकता है
    • भूगर्भीय ऊर्जा के उपचार में प्रमुख भूमिका निभाता है.​
  • संदर्भित जानकारी के उदाहरण
    • “दुर्बलमंडल” शब्द और इसकी विशेषताओं के बारे में स्पष्ट विवरण Testbook और Drishti IAS जैसी शैक्षणिक साइटों पर मिलते हैं
    • जिसमें वेग-क्षीणन और आंशिक पिघलन का संयुक्त प्रभाव स्पष्ट किया गया है.​
    • पृथ्वी की आंतरिक संरचना के अध्ययन में Lithosphere के नीचे स्थित upper mantle का विश्लेषण भी इसी प्रकार के अवलोकनों के आधार पर किया गया है.​
  • अगर चाहें, इस विषय को और गहराई से समझाने के लिए मैं:
    • दुर्बलमंडल की उन्नत परिभाषा, आयतन-गहराई आंकड़े, और वेग-विघटन के साथ एक संक्षिप्त स्पष्टीकरण दे सकता हूँ;
    • विभिन्न तात्कालिक और ऐतिहासिक भूकंपीय अध्ययनों के निष्कर्षों की संक्षिप्त तुलना एक तालिका में प्रस्तुत कर सकता हूँ;

7. आर्द्रता क्या है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) जब वायु में जलवाष्प उपस्थित होती है
Solution:
  • वायुमंडल में उपलब्ध जल का गैसीय रूप (जलवाष्प) ही वायुमंडलीय आर्द्रता है।
  • जब वायु में जलवाष्प उपस्थित होती है, तो उसे आर्द्रता कहा जाता है।
  • संक्षिप्त उत्तर
    • आर्द्रता हवाई गैस-घट के जलवाष्प की मात्रा है, जिसे मौसम-वैज्ञानिक मापदंड के रूप में प्रयोग किया जाता है।
    • यह तीन प्रमुख प्रकारों से मापा जाता है: सापेक्ष आर्द्रता, पूर्ण आर्द्रता (विशिष्ट आर्द्रता से अलग) और विशिष्ट आर्द्रता।​
  • विस्तृत परिचय
    • आर्द्रता दशबिंदु और जलवाष्प के चय-परिसंपादन से बनती है। यह नमी का मापक माप है
    • जो वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा को दर्शाता है और तापमान के अनुसार परिवर्तनशील रहता है।​
  • तीन प्रमुख प्रकार
    • सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity, RH): एक निश्चित तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा बनाम वह अधिकतम जलवाष्प हो सकती है
    • यही अनुपात है। यही सबसे सामान्य माप है।​
    • पूर्ण आर्द्रता / निरपेक्ष आर्द्रता (Absolute Humidity): एक विशिष्ट तापमान पर हवा में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा, या किसी द्रव्यमान प्रति घन मीटर के रूप में।​
    • विशिष्ट आर्द्रता (Specific Humidity): जलवाष्प द्रव्यमान और कुल वायु द्रव्यमान (शुष्क वायु+जल वाष्प) के अनुपात के बराबर, जो जलवाष्प की मात्रा को द्रव्यमान के संदर्भ में व्यक्त करता है।​
  • तापमान का प्रभाव
    • तापमान बढ़ने पर हवा अधिक जलवाष्प धारण करने की क्षमता प्राप्त करती है
    • इसलिए गर्म मौसम में आर्द्रता अधिक महसूस हो सकती है या RH उच्च हो सकता है।
    • साथ ही तापमान गिरते ही जलवाष्प की धारण क्षमता कम हो जाती है।​
  • मौसम-बोध और शरीर पर प्रभाव
    • उच्च आर्द्रता में पसीना प्रभावी रूप से वाष्पित नहीं हो पाता, जिससे शरीर को ठंडा रखना कठिन हो सकता है
    • थकान, आराम-घटना आदि महसूस हो सकते हैं।​
  • लाभ और अनुप्रयोग
    • आर्द्रता को नियंत्रित रखना भवनों में आराम, ऊर्जा खपत और संरचनात्मक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है
    • (उदा. फफूँद, दीर्घकालिक दीर्घ-सम्पर्क): RH लगभग 30–60% के बीच बनाए रखना सामान्य रूप से आरामदायक माना जाता है।​
  • रोजमर्रा के उदाहरण
    • यदि आसमान में जलवाष्प अधिक है, तो वातावरण अधिक आर्द्र प्रतीत होता है
    • जिससे पसीना अधिक समय तक ठहर सकता है और वातावरण भाप-भरा प्रतीत हो सकता है।​
  • संक्षिप्त तुलना (मुख्य बिंदु)
    • संरचना: RH = जलवाष्प की मात्रा / वाष्प-धारण-सीमा (ट को तापमान पर) | Absolute Humidity = जलवाष्प की वास्तविक मात्रा प्रति क्षेत्रफल/घन मीटर | Specific Humidity = जलवाष्प द्रव्यमान / कुल वायु द्रव्यमान
    • माप इकाई: RH (प्रति), Absolute Humidity (g/m^3), Specific Humidity (g/kg या kg/kg)
    • उपयोग: RH सामान्य मौसम/कंप्यूटर/आवास-नियंत्रण; Absolute Humidity Indoor conditioning की गणना में; Specific Humidity विशेष जल-वाष्प मात्रा के स्थायित्व-तत्व पर केन्द्रित।
  • ध्यान देने योग्य बातें
    • आर्द्रता एक गतिशील मापक है जो तापमान, वायुदाब और वाष्पीकरण दरों से प्रभावित होता है।
    • यही कारण है कि मौजूदा मौसम-खण्ड में RH पढ़ना अक्सर तापमान के साथ देखा जाता है।​
    • प्रकारों के बीच संशोधन-समझ आवश्यक है ताकि सही निर्णय लिए जाएं (उदा. भवन-हवा के मानक में RH के मान 30–60% अच्छा माना जाता है
    • जबकि कुछ वैज्ञानिक अनुप्रयोग Absolute या Specific Humidity पर अधिक निर्भर होते हैं)।​

8. समतापमंडल (stratosphere) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) यह मध्यमंडल के ठीक ऊपर होती है।
Solution:
  • मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर स्थित है, जो 50 से 80 किमी. की ऊंचाई तक फैला है।
  • इस परत में, ऊंचाई में वृद्धि के साथ तापमान कम होने लगता है। अतः विकल्प (c) गलत है, शेष विकल्प सही हैं।
  • समतापमंडल की मुख्य बातें
    • स्थान और ऊँचाई: समतापमंडल क्षोभमंडल (troposphere) के ऊपर और मध्यमंडल (mesosphere) के नीचे स्थित होता है
    • सामान्यतः लगभग 8–12 किलोमीटर से लेकर 50 किलोमीटर तक की ऊँचाई तक फैला माना जाता है।
    • ध्रुवों पर यह कम और भूमध्यरेखा के पास अधिक ऊँचाई तक भी फैल सकता है.​
    • तापमान धारा: इस मंडल में ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान थोड़ा-थोड़ा बढ़ता है
    • जिससे यह क्षोभमंडल के विपरीत है जहां तापमान घटता है; यह तापमान वृद्धि ozon layer के कारण भी होती है.​
    • ओज़ोन परत: समतापमंडल में ओज़ोन परत पाई जाती है
    • जो सूर्य की अल्ट्रावायलेट विकिरण को अवशोषित करती है
    • पृथ्वी को नुकसान पहुंचाने वाले UV rays से रक्षा करती है.​
    • मौसम/बादल: समतापमंडल में सामान्यतः मौसम और बादलों की घनी मौजूदगी कम होती है
    • लेकिन यह कहना कि यहाँ कोई मौसम-गड़बड़ी नहीं होती, सही नहीं होगा
    • कुछ स्थितियों में इससे ऊपर स्थित परतों में भी ऊर्ध्वगामी उड़ानें और संरचनात्मक परिवर्तन देखे जा सकते हैं
    • तथा कुछ अनुशंसित विवरणों के अनुसार निश्चित क्षेत्र में Noctilucent बादलों जैसी विशेष मौसम-घटनाएं समतापमंडल के ऊपरी हिस्सों में पाई जा सकती हैं.​
    • ओज़ोन और सुरक्षा: समतापमंडल की ओज़ोन परत UV-B और UV-C विकिरण को अवशोषित करती है
    • जिससे पृथ्वी की सतह पर पहुंचने वाले खतरनाक UV को कम किया जा सके, जो कि जीवन के लिए लाभकारी है.​
  • गलत/सही कथन की स्पष्ट पहचान
    • कथन: “समतापमंडल पूरी तरह मौसम-रहित है” या “समतापमंडल में मौसम संबंधी घटनाएं नहीं होती” (यदि ऐसा कहा गया है)
    • यह सही नहीं है. वास्तविकता यह है कि समतापमंडल में मौसम-घटनों का स्तर नीचे की ओर की चरणों के मुकाबले कम होता है
    • परन्तु यह पूरी तरह मौसम-रहित नहीं है; कुछ परिस्थितियों में यहाँ भी स्थितियाँ विकसित होती हैं
    • जैसे Noctilucent बादलों के कारण असामान्य प्रकाशीय घटनाएं या ऊर्ध्वमुखी प्रक्रियाएं (stratospheric weather disturbances) मौजूद हो सकती हैं
    • तात्पर्य: अगर विकल्पों में यही कहा गया है कि समतापमंडल “मौसम से लगभग मुक्त” होता है
    • तो यह कथन सही नहीं होगा क्योंकि मौसम-घटनाएं अन्य ऊपरी परतों के संपर्क में या कुछ परिस्थितियों में इस मंडल में भी हो सकती हैं
    • वास्तविक स्थिति यह है कि trovato मौसम-क्रिया अधिकतर ट्रोपोस्फीयर में होती है, परन्तु समतापमंडल में भी कुछ घटनाएं संभव हैं.​
  • किस प्रकार के स्रोत उपयोगी हो सकते हैं
    • सामान्य परिचय के लिए हिंदी और अंग्रेजी विकिपीडिया/पारंपरिक विज्ञान पोर्टलों पर समतापमंडल के भीतर ऊँचाई-तापमान संरचना, ओज़ोन परत और मौसम-घटनाओं के बारे में विवरण मिलते हैं.​
    • स्टडी गाइड्स और शिक्षण संदर्भ (जैसे Testbook आदि) समतापमंडल के स्तर, ऊँचाई दायरे और ओज़ोन के बारे में स्पष्ट बिंदु देते हैं
    • जिन्हें आप ठोस तथ्य के रूप में देख सकते हैं.​
    • उच्च शिक्षा/रसायन-भौतिकी संदर्भ में ओज़ोन-उत्पादन और UV अवशोषण के कारण समतापमंडल की भूमिका समझाई जाती है.​
  • युक्तियाँ
    • यदि आपके प्रश्न में विकल्प एक-दो स्पष्ट कथनों के साथ है, तो हर कथन के पीछे वाले कारणों को पहचानें: क्या कहते हैं
    • तापमान-वृद्धि/घटना, क्या कहा गया है कि मौसम-घटनाएँ “कम” या “न के बराबर” होतीं, आदि.
    • ओज़ोन परत के बारे में तथ्य याद रखें: यह समतापमंडल के कुछ भागों में पाई जाती है
    • विकिरण को अवशोषित करती है, जो पृथ्वी के लिए सुरक्षा है.​
    • मौसम-घटनाओं के संबंध में यह समझना जरूरी है
    • अधिकांश मौसम संबंधी गतिविधियाँ क्षोभमंडल के नीचे होती हैं
    • परन्तु समतापमंडल में भी कुछ कमी-शर्तें हो सकती हैं

9. वायुमंडल की निम्नलिखित परतों में से किसका अर्थ "मिश्रण का क्षेत्र" है? [MTS (T-I) 15 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) क्षोभमंडल
Solution:
  • वायुमंडल की परतों में क्षोभमंडल का अर्थ 'मिश्रण का क्षेत्र' है।
  • मौसम की प्रायः सभी घटनाएं जिनमें बादल, ओला, कुहरा, तुषार, मेघ गर्जन, आंधी, तूफान आदि सम्मिलित हैं
  • क्षोभमंडल में घटित होती है। क्षोभमंडल की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशेषता यह है
  • इसमें बढ़ती ऊंचाई के साथ तापमान में कमी होती जाती है।
  • मुख्य बिंदुात
    • परत का नाम और अर्थ: क्षोभमंडल (Troposphere) — इसका नाम संस्कृत/हिन्दी में “मिश्रण का क्षेत्र” या “ट्रोपोस्फेरिक बदलाव का क्षेत्र” भी दर्शाता है
    • क्योंकि यह वही क्षेत्र है जहाँ वायुमंडल के गैसों का घनत्व अधिक रहता है और मौसम, बादल, वर्षा आदि घटनाओं का केंद्र होता है।
    • ऊँचाई और वितरण: यह पृथ्वी की सतह से आम तौर पर लगभग 8–15 किलोमीटर तक फैला होता है (सीमा ऊँचाई स्थान और अक्षांश के अनुसार भिन्न हो सकती है
    • ठंडी जलवायु में यह अधिक ऊँचाई तक जा सकता है) [उद्धरण: सामान्य संरचना विवरण]।
    • तापमान प्रोफाइल: क्षोभमंडल में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है
    • इसलिए यह सबसे ठंडी परत नहीं है परन्तु भीतरी भाग में तापमान निम्न रहता है [उद्धरण: संरचना खंड]।
    • महत्त्वपूर्ण फंक्शन: यह वहीं है जहाँ सभी मौसमीय घटनाएं घटित होती हैं
    • यही कारण है कि यह पृथ्वी के जलवायु-जीवन के लिए सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण परत मानी जाती है
  • यदि चाहें, तो नीचे दिए गए भागों में क्षोभमंडल के बारे में और गहराई से जानकारी दे सकता हूँ:
    • क्षोभमंडल बनाम अन्य परतों के बीच सीमा: ट्रोपोसीमा (tropopause) किस कारण से क्षोभमंडल और ऊपर की परतों को अलग करती है।
    • इसकी संरचना: जलवाष्प, क्लाउडs, गैसों की विविधता और उनके अनुपात कैसे मौसम पर प्रभाव डालते हैं।
    • दृष्टांत/उदाहरण: दैनिक मौसम से जुड़ी घटनाओं का किस प्रकार क्षोभमंडल में उत्पन्न होना।

10. निम्नलिखित में से कौन-सी परत पृथ्वी की वायुमंडलीय परतों में से एक नहीं है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) अंतः मंडल
Solution:
  • अंतः मंडल परत पृथ्वी की वायुमंडलीय परतों में से एक नहीं है।
  • वायुमंडल की परतों के नाम इस प्रकार हैं-क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल तथा तापमंडल।
  • तापमंडल को दो उप- मंडलों में विभाजित किया गया है-आयनमंडल तथा बहिर्मंडल।
  • परतों की सूची और मुख्य विशेषताएं
  • क्षोभमंडल 
    • ऊँचाई: लगभग समुद्र तल से 7–17 किमी (अक्षांश के अनुसार)।
    • तापमान सामान्यतः ऊँचाई के साथ घटता है।
  • समतापमंडल 
    • क्षोभमंडल के ऊपर; 13–50 किलोमीटर ऊँचाई तक फैला।
    • यहां ओज़ोन परत मिलती है जो सूर्य की हानिकारक किरणों से रक्षा करती है।
    • ऊँचाई बढ़ने पर तापमान स्थिर या थोड़ा बढ़ सकता है।
  • मध्यमण्डल 
    • वायुमंडल की तीसरी परत; लगभग 50–80 किलोमीटर ऊँचाई तक।
    • उल्कापिण्ड इसी परत में जल जाते हैं।
  • आयनमण्डल/बाह्य वायुमंडल 
    • बाह्य वायुमंडल का भाग है; 80–400 किलोमीटर या उससे ऊपर फैला।
    • तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है; रेडियो संचार के लिए महत्त्वपूर्ण।
    • आयनमंडल इस परत का एक भाग है और पृथ्वी पर प्रसारित रेडियो तरंगें इस परत से परावर्तित होकर वापस पृथ्वी पर आ सकती हैं।
  • बहिर्मण्डल 
    • वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत; लगभग 700–10,000 किलोमीटर ऊपर स्थित।
    • गैसें अत्यंत विरल होती हैं; कुछ कण अंतरिक्ष में बाहर निकल जाते हैं।
  • निम्न प्रश्न के संदर्भ में
    • आपने पूछा, “निम्नलिखित में से कौन-सी परत पृथ्वी की वायुमंडलीय परतों में से एक नहीं है
    • इस प्रकार के सामान्य विकल्पों में अक्सर या एक गलत/फर्जी नाम होता है। ऊपर दी गयी वास्तविक परतें हैं
    • क्षोभमण्डल, समतापमण्डल, मध्यमण्डल, आयनमण्डल/बाह्य वायुमंडल, बहिर्मण्डल। इनमें से कोई भी नाम अगर आपके दिए विकल्पों में असामान्य या गलत हो, तो वही गलत विकल्प होगा।