Correct Answer: (c) आंध्र प्रदेश
Solution:- 2022 में आईडब्ल्यूएफ (IWF) युवा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले भारोत्तोलक गुरुनायडू सनापति आंध्र प्रदेश राज्य से हैं।
- उन्होंने पुरुषों की 55 किलोग्राम स्पर्धा में यह उपलब्धि हासिल की थी।
- सनापति ने मैक्सिको के लियोन में आयोजित IWF युवा विश्व चैंपियनशिप 2022 में 230 किग्रा (स्नैच में 104 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा) का कुल भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
- यह जीत भारतीय भारोत्तोलन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
- राज्य और पृष्ठभूमि
- गुरुनायडू सनापति आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के नेल्लिमरला मंडल के चंद्रंपेटा गांव से आते हैं।
- उनके माता-पिता खेत मजदूर हैं, जो उनकी सफलता को और प्रेरणादायक बनाता है।
- यह उपलब्धि उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में हासिल की, जो भारतीय भारोत्तोलन के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई।
- स्वर्ण पदक का विवरण
- मैक्सिको के लियोन में आयोजित IWF युवा विश्व चैंपियनशिप 2022 में, गुरुनायडू ने 55 किग्रा वर्ग (लड़कों) में भाग लिया।
- उन्होंने स्नैच में 104 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 126 किग्रा उठाकर कुल 230 किग्रा वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।
- सऊदी अरब के अली मजीद (229 किग्रा) दूसरे और कजाकिस्तान के येरासिल उमरोव (224 किग्रा) तीसरे स्थान पर रहे।
- उपलब्धि का महत्व
- यह भारत का IWF युवा विश्व चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक था, जिसने पूरे देश का नाम रोशन किया।
- गुरुनायडू इससे पहले 2020 एशियाई युवा भारोत्तोलन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रह चुके थे।
- उनकी जीत के बाद विजयनगरम जिले की कलेक्टर ए सूर्यकुमारी ने उनकी सराहना की और राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
- बाद की उपलब्धियां
- 2023 में नोएडा में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप के दूसरे दिन, 17 वर्षीय गुरुनायडू ने स्नैच में 104 किग्रा और कुल 229 किग्रा (क्लीन एंड जर्क 125 किग्रा) उठाकर दो रजत पदक जीते।
- ये प्रदर्शन उनकी निरंतर प्रगति दर्शाते हैं और भारतीय भारोत्तोलन को मजबूत बनाते हैं।
- उनकी कहानी ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है।