विविध (खेल जगत) भाग-I

Total Questions: 60

21. अक्टूबर, 2021 में 19 वर्षीया ........ ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) अंशु मलिक
Solution:
  • अक्टूबर, 2021 में ओस्लो, नॉर्वे में आयोजित विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में अंशु मलिक ने रजत पदक जीता था।
  • 19 वर्ष की आयु में, उन्होंने महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया
  • जिससे वह विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं।
  • हालांकि, फाइनल में उन्हें ओलंपिक चैंपियन हेलेन मारौलिस से हार का सामना करना पड़ा।
  • यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए एक मील का पत्थर थी
  • जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवा प्रतिभाओं के उदय को दर्शाया।
  • अंशु मलिक का परिचय
    • अंशु मलिक हरियाणा के जींद जिले के नरवाल गाँव की रहने वाली हैं।
    • वे सुशील कुमार के चचेरे भाई बलराज मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित हुईं।
    • 2021 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था।
    • अप्रैल 2022 में बेलग्रेड में व्यक्तिगत कुश्ती विश्व कप में भी रजत जीता।​
  • अन्य भारतीय प्रदर्शन
    • उसी चैंपियनशिप में सरिता मोर ने 59 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता।
    • भारत ने कुल दो पदक हासिल किए, जो महिला कुश्ती में मजबूत प्रदर्शन दर्शाता है।
  • बाद की सफलताएँ
    • 2022 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में उलानबटार (मंगोलिया) में अंशु ने 57 किग्रा में कांस्य जीता।
    • यह उपलब्धि उन्हें टोक्यो ओलंपिक के बाद उभरती हुई स्टार बनाती है।

22. एकल के लिए बैडमिंटन कोर्ट की लंबाई कितनी होती है? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 13.40 मी.
Solution:
  • एकल के लिए बैडमिंटन कोर्ट की मानक लंबाई 13.40 मीटर होती है। यह लंबाई युगल (Doubles) मैचों के लिए भी समान रहती है।
  • हालांकि, एकल मैचों में कोर्ट की चौड़ाई (5.18 मीटर) युगल मैचों की तुलना में कम उपयोग की जाती है।
  • बैडमिंटन कोर्ट की कुल लंबाई 44 फीट (13.40 मीटर) होती है
  • जिसे सर्विस लाइनों, सेंटर लाइन और बैक गैलरी की लाइनों द्वारा विभाजित किया जाता है।
  • एकल बनाम युगल कोर्ट
    • युगल के लिए कोर्ट की लंबाई समान 13.40 मीटर ही रहती है, लेकिन चौड़ाई बढ़कर 6.10 मीटर (20 फीट) हो जाती है।
    • एकल खेलते समय साइड लाइनों को संकुचित किया जाता है
    • खिलाड़ी को अधिक गतिशीलता मिले। कुल कोर्ट क्षेत्रफल लगभग 87.4 वर्ग मीटर होता है।
  • सर्विस एरिया विवरण
    • प्रत्येक सर्विस कोर्ट 3.96 मीटर लंबा और 2.59 मीटर चौड़ा होता है
    • कुल चार सर्विस एरिया होते हैं। शॉर्ट सर्विस लाइन नेट से 1.90 मीटर दूर होती है।
    • ये माप सुनिश्चित करते हैं कि खेल निष्पक्ष और सुरक्षित रहे।​
  • निर्माण मानक
    • कोर्ट फर्श लकड़ी या सिंथेटिक सामग्री का होता है, जिसमें न्यूनतम 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की मजबूती हो।
    • डायगोनल लंबाई लगभग 14.366 मीटर होती है। ये आयाम ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अनिवार्य हैं।

23. भारत ने वर्ष ....... में थॉमस कप जीता था। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 2022
Solution:
  • भारत ने वर्ष 2022 में प्रतिष्ठित थॉमस कप (पुरुषों की विश्व टीम बैडमिंटन चैंपियनशिप) जीता था।
  • यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी, क्योंकि 1949 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद यह भारत का पहला थॉमस कप खिताब था।
  • फाइनल में, भारतीय टीम ने 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 के स्कोर से हराकर यह गौरव हासिल किया था। यह टूर्नामेंट थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित किया गया था।
  • थॉमस कप का परिचय
    • थॉमस कप एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट है, जो हर दो वर्ष में आयोजित होता है
    • इसे विश्व पुरुष टीम चैंम्पियनशिप कहा जाता है। इसका पहला आयोजन 1948-49 में हुआ था
    • इंडोनेशिया ने अब तक सबसे अधिक 15 बार यह खिताब जीता है।
    • भारत ने 1952 में पहली बार इसमें भाग लिया
    • लेकिन 70 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 2022 में पहली सफलता हासिल की।
  • 2022 टूर्नामेंट का सफर
    • भारतीय टीम ने थॉमस कप 2022 में शानदार प्रदर्शन किया।
    • क्वार्टर फाइनल में अल्जीरिया को 3-0, सेमीफाइनल में डेनमार्क को 3-2 से हराया
    • फाइनल में 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से धूल चटाई।
    • COVID-19 के कारण 2020 संस्करण रद्द होने से यह टूर्नामेंट देरी से हुआ।
    • यह जीत 1983 के क्रिकेट विश्व कप जीत से तुलनीय मानी गई।
  • प्रमुख खिलाड़ी और योगदान
    • किदांबी श्रीकांत: फाइनल के हीरो, जिनकी अगुआई में टीम चैंपियन बनी।​
    • लक्ष्य सेन: युवा सितारे ने क्वार्टर से फाइनल तक महत्वपूर्ण जीतें दिलाईं।
    • सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी & चिराग शेट्टी: विश्व स्तरीय डबल्स जोड़ी, जिसने कई मैच पलटे।
    • अन्य योगदानकर्ता: एच.एस. प्रणय, प्रियांशु राजावत। कोच पी. गोपichंद की भूमिका सराहनीय रही।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह भारत की पहली थॉमस कप जीत थी, जो 73 वर्षों (1949 से) का इंतजार समाप्त करने वाली।
    • इससे पहले भारत कभी फाइनल में नहीं पहुंचा।
    • इस जीत ने बैडमिंटन को भारत में नई ऊंचाई दी
    • सोशल मीडिया पर दिग्गजों ने इसे क्रिकेट विश्व कप 1983 से जोड़ा।
    • 2024 में भारत ने फिर फाइनल खेला लेकिन हार गया।

24. मैराथन में तय की जानी वाली अधिकतम दूरी कितनी होती है? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 42.195 किमी.
Solution:
  • मैराथन दौड़ में तय की जाने वाली मानक और अधिकतम दूरी 42.195 किलोमीटर होती है।
  • यह दूरी 26 मील और 385 गज के बराबर है। यह विशिष्ट दूरी 1908 के लंदन ओलंपिक के बाद से आधिकारिक तौर पर अपनाई गई
  • जब शाही परिवार के लिए फिनिश लाइन को विंडसर कैसल से व्हाइट सिटी स्टेडियम में रानी की विशेष बॉक्स के सामने तक बढ़ाया गया था।
  • मैराथन का इतिहास ग्रीक सैनिक फिडिपीड्स से जुड़ा हुआ है।
  • इतिहास
    • मैराथन की उत्पत्ति प्राचीन ग्रीस के मैराथन युद्ध (490 ईसा पूर्व) से जुड़ी है
    • जहां दूत फीडिपिड्स ने मैराथन से एथेंस (लगभग 40 किमी) तक दौड़कर युद्ध की जीत की सूचना दी और मर गए।
    • आधुनिक ओलंपिक में 1896 से शुरू हुई इस दौड़ की दूरी शुरू में भिन्न थी
    • लेकिन 1908 लंदन ओलंपिक में रॉयल माइल को ध्यान में रखते हुए 42.195 किमी तय की गई। 1921 में लंदन ओलंपिक से यह मानक बन गई।
  • मानक दूरी का विवरण
    • किलोमीटर में: ठीक 42.195 किमी, जिसमें स्टेडियम में अंतिम 385 मीटर शामिल हैं।
    • मील में: 26 मील और 385 यार्ड (26.219 मील या 26.2 मील के रूप में जाना जाता है)।
    • यह दूरी सड़क, ट्रेल या मिश्रित रास्तों पर तय की जाती है
    • लेकिन आधिकारिक मैराथन के लिए यही अधिकतम सीमा है। व्हीलचेयर या अन्य श्रेणियों में भी यही दूरी होती है।
  • रिकॉर्ड और प्रशिक्षण
    • पुरुषों का विश्व रिकॉर्ड केल्विन किप्टुम (2:00:35, शिकागो 2023) है
    • जबकि महिलाओं का रिकॉर्ड रूथ चेपनगेटिच (2:09:56)।
    • प्रशिक्षण में 3-6 महीने लगते हैं
    • जिसमें साप्ताहिक 80-160 किमी दौड़ना शामिल होता है।​

25. दिसंबर, 2021 में निम्नलिखित में से कौन बी.डब्ल्यू. एफ. (BWF) विश्व चैंपियनशिप फाइनल के फाइनल में खेलने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने ? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) किदांबी श्रीकांत
Solution:
  • दिसंबर, 2021 में स्पेन में आयोजित बीडब्ल्यूएफ (BWF) विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर किदांबी श्रीकांत बने।
  • उन्होंने इस चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, जो पुरुष एकल वर्ग में भारत का पहला रजत पदक था।
  • फाइनल में उन्हें सिंगापुर के लोह कीन यू से हार का सामना करना पड़ा था।
  • श्रीकांत की इस उपलब्धि ने भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।
  • टूर्नामेंट का संदर्भ
    • BWF विश्व चैंपियनशिप बैडमिंटन का सबसे प्रतिष्ठित इवेंट है, जो हर साल आयोजित होता है।
    • 2021 संस्करण 12 से 19 दिसंबर तक चला, जिसमें श्रीकांत पुरुष एकल वर्ग में उतरे।
    • इससे पहले भारतीय पुरुषों में प्रकाश पादुकोण (1983) और बी. साई प्रणीत (2019) ने कांस्य जीते थे
    • लेकिन फाइनल तक कोई नहीं पहुंचा था।
    • श्रीकांत ने फाइनल में सिंगापुर के लोह कीन येव को 15-21, 20-22 से हराने के बावजूद रजत पदक जीता, जो भारत का पहला रजत था।
  • सेमीफाइनल मैच का विवरण
    • श्रीकांत और लक्ष्य सेन के बीच 18 दिसंबर को हुआ यह मुकाबला बेस्ट ऑफ थ्री था।
    • पहला गेम: लक्ष्य ने आक्रामक खेल से 21-17 से जीता।
    • दूसरा गेम: श्रीकांत ने लय हासिल कर 21-14 से बराबरी की।
    • तीसरा गेम: दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए श्रीकांत ने 21-17 से जीत दर्ज की (कुल स्कोर 17-21, 21-14, 21-17)।
    • इस जीत से श्रीकांत फाइनल में पहुंचे और लक्ष्य को कांस्य मिला, जो चौथा भारतीय पुरुष पदक विजेता बना।
  • फाइनल मैच
    • 19 दिसंबर को फाइनल में लोह कीन येव ने श्रीकांत को 21-15, 22-20 से हराया।
    • श्रीकांत पहले गेम में बढ़त गंवा बैठे और दूसरे में शानदार वापसी की
    • लेकिन अंतिम पलों में हार गए। फिर भी, रजत पदक ने उन्हें इतिहास रचने वाला बनाया।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • श्रीकांत की उपलब्धि ने भारतीय बैडमिंटन को नई ऊंचाई दी।
    • वह तीसरा भारतीय (पीवी सिंधु और साइना नेहवाल के बाद) हैं
    • जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप फाइनल खेला। इससे भारत को एक रजत और एक कांस्य मिला।
    • Badminton Association of India ने इसे "India on the Rise" का प्रतीक बताया।

26. नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ का आयोजन निम्नलिखित में से किस राज्य द्वारा किया गया था? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ (Nehru Trophy Boat Race) का आयोजन केरल राज्य द्वारा किया जाता है।
  • यह केरल के अलाप्पुझा (वेम्बनाड) के पास पुन्नामाडा झील पर आयोजित होने वाली एक प्रसिद्ध वार्षिक 'स्नेक बोट' (चुंडन वल्लम) दौड़ है।
  • इस दौड़ का नाम भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर रखा गया था
  • जिन्होंने 1952 में इस आयोजन का उद्घाटन किया था। यह केरल के सबसे बड़े पर्यटन आकर्षणों और सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है।
  • आयोजन स्थल और समय
    • दौड़ मुख्य रूप से अलाप्पुझा (अल्लेप्पी) के पुन्नमाडा झील पर होती है
    • जो केरल के जटिल बैकवाटर नेटवर्क का हिस्सा है। यह आमतौर पर अगस्त के दूसरे शनिवार को आयोजित की जाती है
    • हालांकि मौसम के कारण कभी-कभी तारीख बदल सकती है।
    • झील का प्राकृतिक वातावरण और शांत पानी इसे नौकाओं के लिए आदर्श बनाता है।
  • नौकाओं और प्रतियोगिता का स्वरूप
    • इस दौड़ का मुख्य आकर्षण चुंडन वल्लम (सांप नावें) होती हैं, जो 100-120 फीट लंबी और 4 फीट चौड़ी पारंपरिक लकड़ी की नावें हैं।
    • प्रत्येक नाव को चलाने के लिए लगभग 100-120 नाविकों की जरूरत पड़ती है
    • जिनमें ड्रमर, हेल्समैन और पंक्तिबद्ध रम करने वाले शामिल होते हैं।
    • दौड़ की दूरी लगभग 1.4 किलोमीटर होती है
    • इसमें विभिन्न श्रेणियों की नावें भाग लेती हैं, लेकिन सांप नावों की रेस सबसे रोमांचक होती है।
  • सांस्कृतिक महत्व
    • केरल में नौका दौड़ें ओणम त्योहार से जुड़ी हैं और राज्य की समृद्ध जल संस्कृति को दर्शाती हैं।
    • यह आयोजन टीमवर्क, सहनशक्ति और स्थानीय परंपराओं का प्रतीक है
    • जिसमें हजारों दर्शक जमा होते हैं।
    • इसके अलावा, चैंपियंस बोट लीग जैसे अन्य आयोजन भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
  • अन्य रोचक तथ्य
    • केरल में नेहरू ट्रॉफी के अलावा चंपाकुलम बोत रेस, अरनमुला उथ्रटादी वल्लमकली जैसी अन्य दौड़ें भी होती हैं।​
    • विजेता टीम को नेहरू ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार और सम्मान मिलता है।
    • यह पर्यटन को बढ़ावा देता है, क्योंकि बैकवाटर क्षेत्र पहले से ही हाउसबोट और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है।

27. 110 मीटर बाधा दौड़ में फ्लाइटों की संख्या कितनी होती है? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 10
Solution:
  • पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ में, ट्रैक पर कुल 10 बाधाएं (फ्लाइटें) रखी जाती हैं, जिन पर से एथलीटों को कूदना होता है।
  • पहली बाधा शुरुआती लाइन से 13.72 मीटर की दूरी पर रखी जाती है, और अन्य 9 बाधाएं एक-दूसरे से 9.14 मीटर की दूरी पर रखी जाती हैं।
  • अंतिम बाधा के बाद फिनिश लाइन तक की दूरी 14.02 मीटर होती है। प्रत्येक बाधा की ऊंचाई 1.067 मीटर (3.5 फीट) होती है।
  • बाधाओं की व्यवस्था
    • पहली बाधा स्टार्टिंग लाइन से 13.72 मीटर दूर रखी जाती है। उसके बाद अगली 9 बाधाएँ प्रत्येक 9.14 मीटर के अंतराल पर लगाई जाती हैं
    • अंतिम बाधा के बाद फिनिश लाइन तक 14.02 मीटर की दूरी होती है। इस तरह कुल दूरी 110 मीटर बनती है
    • पहली बाधा तक 13.72 मीटर + 9 बाधाओं के 9 अंतराल (81.26 मीटर) + अंतिम खंड 14.02 मीटर।
  • बाधाओं की ऊँचाई और विनियम
    • प्रत्येक बाधा की ऊँचाई 106.7 सेमी (या 42 इंच) होती है, जो एल्यूमीनियम या लकड़ी से बनी हल्की संरचना पर टिकी रहती है।
    • यदि एथलीट बाधा को छू लेता है, तो वह गिर सकती है, लेकिन इसे फाउल नहीं माना जाता जब तक दौड़ बाधित न हो।
    • विश्व एथलेटिक्स (World Athletics) के नियमों के अनुसार, बाधाएँ नीले या काले रंग से चिह्नित होती हैं ताकि ट्रैक पर स्पष्ट दिखें।
  • दौड़ का प्रारूप
    • यह दौड़ 8 या कभी-कभी 10 लेन वाली स्टैंडर्ड ट्रैक पर होती है, जहाँ प्रत्येक लेन में अलग-अलग एथलीट दौड़ते हैं।
    • हीट्स (फ्लाइट्स) की संख्या प्रतियोगिता के आधार पर बदलती है—जैसे ओलंपिक में 5-7 हीट्स हो सकती हैं
    • जिसमें 40-56 एथलीट भाग लेते हैं, और टॉप परफॉर्मर्स फाइनल में जाते हैं।
    • प्रश्न में "फ्लाइटों की संख्या" मुख्य रूप से बाधाओं को ही संदर्भित करती है
    • जो हिंदी खेल साहित्य में "उड़ानों" या "फ्लाइट्स" कहलाती हैं।
  • ऐतिहासिक और तकनीकी विवरण
    • यह इवेंट 1896 के पहले आधुनिक ओलंपिक से शामिल है
    • रिकॉर्ड समय लगभग 12.80 सेकंड (अरियानेटी स्ट्रम्पेल का 2024 पेरिस ओलंपिक रिकॉर्ड) है।
    • एथलीट 7 कदमों से पहली बाधा तक पहुँचते हैं, फिर 3 कदमों के रिदम में बाकी बाधाएँ पार करते हैं।
    • महिलाओं के लिए समकक्ष 100 मीटर बाधा दौड़ है, जिसमें 10 बाधाएँ ही होती हैं लेकिन ऊँचाई 84 सेमी और अंतराल थोड़े अलग होते हैं।

28. बीच वॉलीबॉल टीम में कितने स्थानापन्न (Substitute) खिलाड़ी होते हैं? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 0
Solution:
  • बीच वॉलीबॉल (Beach Volleyball) टीम में 0 (शून्य) स्थानापन्न खिलाड़ी होते हैं। एक बीच वॉलीबॉल टीम में केवल दो खिलाड़ी होते हैं
  • इनडोर वॉलीबॉल के विपरीत, मैच के दौरान खिलाड़ियों को बदलने (स्थानापन्न करने) की अनुमति नहीं होती है।
  • यदि कोई खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल हो जाता है और खेल जारी रखने में असमर्थ होता है, तो टीम को आमतौर पर मैच गंवाना पड़ता है।
  • नियमों का आधार
    • फेडरेशन इंटरनेशनल डी वॉलीबॉल (FIVB) के आधिकारिक नियमों के तहत बीच वॉलीबॉल कोर्ट रेत पर होता है
    • जो 16x8 मीटर का होता है, और नेट से विभाजित रहता है। यहाँ इनडोर वॉलीबॉल से पूरी तरह अलग है
    • जहाँ 6 खिलाड़ी मैदान पर होते हैं और अधिकतम 6 या 12 सब्स्टीट्यूट हो सकते हैं।
    • बीच वॉलीबॉल में सादगी और तेज गति बनाए रखने के लिए कोई सब्स्टीट्यूशन नहीं Allowed है, जो इसे अन्य वॉलीबॉल वेरिएंट से अलग बनाता है।
  • ओलंपिक और टूर्नामेंट संदर्भ
    • 1996 से ओलंपिक खेल होने के बाद भी नियम वही हैं—कोई सब्स्टीट्यूट नहीं।
    • FIVB विश्व चैंपियनशिप या वर्ल्ड टूर में भी यही लागू होता है।
    • खिलाड़ियों को पूरे सेट (21 पॉइंट्स तक, या 15 डिसाइडिंग सेट) में बिना ब्रेक के खेलना पड़ता है
    • जो उनकी सहनशक्ति और रणनीति पर निर्भर करता है।​
  • इनडोर वॉलीबॉल से तुलना
    • यह नियम खेल को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाते हैं
    • क्योंकि खिलाड़ियों को रोटेशन, सर्व, ब्लॉक और डिफेंस सब कुछ खुद संभालना पड़ता है। कोई अतिरिक्त खिलाड़ी बेंच पर इंतजार नहीं करता।

29. पहला खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (Khelo India University Games) कहां और किस वर्ष में आयोजित किए गए थे? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) ओडिशा, 2020
Solution:
  • पहला खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) 2020 में ओडिशा (भुवनेश्वर) में आयोजित किया गया था।
  • इन खेलों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसका आयोजन कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में किया गया था।
  • इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
  • आयोजन विवरण
    • यह पहला संस्करण 22 फरवरी से 1 मार्च 2020 तक चला, जो कुल 8 दिनों का था।
    • आयोजन युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), संघ भारतीय विश्वविद्यालय (AIU), भारतीय ओलंपिक संघ और विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों के सहयोग से किया गया।
    • इसमें भुवनेश्वर और कटक के 11 स्थानों पर कुल 17 खेल शामिल थे
    • जो भारत में विश्वविद्यालय स्तर की अब तक की सबसे बड़ी प्रतियोगिता थी।
  • स्थान और सुविधाएं
    • मुख्य आयोजन स्थल KIIT विश्वविद्यालय का परिसर था, जहां अधिकांश प्रतियोगिताएं हुईं।
    • अन्य स्थानों में एथलेटिक्स, हॉकी, शूटिंग आदि के लिए अलग-अलग स्टेडियम और मैदान थे।
    • यह प्रतियोगिता खेलो इंडिया पहल का हिस्सा थी
    • जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय स्तर पर युवा प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें पेशेवर एथलीट बनने में मदद करना था।
  • प्रतिभागी और पदक
    • लगभग 3,182 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया। पंजाब विश्वविद्यालय ने उद्घाटन संस्करण जीता
    • जबकि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय दूसरे स्थान पर रहा।
    • कुल 17 खेलों में योग्यता, मल्लखंब जैसे पारंपरिक खेल भी शामिल थे।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • यह आयोजन COVID-19 महामारी से ठीक पहले हुआ, जिसके कारण दूसरा संस्करण (2021) बेंगलुरु में स्थगित होकर आयोजित हुआ।
    • खेलो इंडिया योजना के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को 8 वर्षों तक प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।
    • यह प्रतियोगिता भारत को खेल राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।

30. निम्नलिखित में से किस राज्य में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का तीसरा संस्करण आयोजित किया गया था? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) उत्तर प्रदेश
Solution:
  • खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का तीसरा संस्करण 2023 में उत्तर प्रदेश राज्य में आयोजित किया गया था।
  • इस आयोजन की मेजबानी राज्य के चार शहरों – लखनऊ, वाराणसी, ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर – ने की थी
  • जबकि साइकिलिंग स्पर्धाएं दिल्ली में आयोजित की गई थीं। इस संस्करण में देशभर के 200 से अधिक विश्वविद्यालयों के लगभग 4000 एथलीटों ने भाग लिया था।
  • आयोजन विवरण
    • यह आयोजन 25 मई से 3 जून 2023 तक चला, जिसमें प्रधानमंत्री ने उद्घाटन की घोषणा की।
    • प्रतियोगिताएं मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के चार शहरों—वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)—में हुईं
    • जबकि शूटिंग का आयोजन दिल्ली में किया गया। लगभग 4750 से अधिक एथलीटों ने 200 से ज्यादा विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करते हुए 21 विभिन्न खेल विधाओं में भाग लिया।
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • इस संस्करण में वाटर स्पोर्ट्स के अंतर्गत रोइंग जैसी नई प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया
    • जो गोरखपुर में आयोजित हुईं। समापन समारोह वाराणसी के आईआईटी-बीएचयू परिसर में हुआ
    • जिसमें केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, खेल राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की।
    • यह आयोजन खेलो इंडिया पहल का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।
  • प्रभाव और उद्देश्य
    • KIUG युवा खेल प्रतिभाओं को पहचानने और विकसित करने का प्रमुख मंच है
    • जो खेलो इंडिया पहल के तहत जमीनी स्तर पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करता है।
    • इस आयोजन ने एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया
    • जिससे कई खिलाड़ियों को आगे की सफलता मिली।
    • उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से यह सफल रहा।