विविध (खेल जगत) भाग-II

Total Questions: 55

41. ड्रिब्लिंग (Dribbling) ....... खेल से संबंधित है। [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) बास्केटबॉल
Solution:
  • ड्रिब्लिंग बास्केटबॉल का एक मूलभूत कौशल है, जिसमें एक खिलाड़ी को कोर्ट पर चलते या दौड़ते समय गेंद को लगातार एक हाथ से फर्श पर उछालना होता है।
  • यह गेंद को नियंत्रित करने और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के पास से निकलने के लिए आवश्यक है।
  • ड्रिब्लिंग के बिना, एक खिलाड़ी गेंद के साथ केवल एक बार कदम बढ़ा सकता है
  • जिसके परिणामस्वरूप ट्रैवलिंग फाउल हो जाता है। यद्यपि यह शब्द फुटबॉल और हॉकी जैसे अन्य खेलों में भी उपयोग किया जाता है
  • जहाँ गेंद को पैर या स्टिक से नियंत्रित किया जाता है, बास्केटबॉल में इसकी परिभाषा और क्रिया सबसे विशिष्ट होती है।
  • बास्केटबॉल में ड्रिब्लिंग
    •  खिलाड़ी चलते-दौड़ते समय गेंद को जमीन पर बाउंस कराता है
    • जिससे डिफेंडरों से बचकर स्कोरिंग के मौके बनाए जा सकते हैं।
    • यह एक मौलिक कौशल है, जिसमें हाथ-आंख समन्वय, चपलता और तेज प्रतिक्रिया जरूरी होती है।
    • ड्रिब्लिंग के दौरान हाथ गेंद के नीचे नहीं जाना चाहिए, वरना 'कैरिंग द बॉल' उल्लंघन माना जाता है।​
    • यह तस्वीर आर्मी बनाम नेवी बास्केटबॉल मैच की है, जहां एक खिलाड़ी कम ऊंचाई पर गेंद ड्रिबल कर रहा है।​
  • अन्य खेलों में ड्रिब्लिंग
    • फुटबॉल (सॉकर) में ड्रिब्लिंग पैरों से गेंद को नियंत्रित कर आगे बढ़ाने की कला है
    • जिसमें फेंट्स और ट्रिक्स का इस्तेमाल होता है। हॉकी में स्टिक से गेंद को ड्रिबल किया जाता है।
    • ये सभी खेलों में ड्रिब्लिंग अलग-अलग नियमों के साथ होती है
    • लेकिन बास्केटबॉल में यह हाथों से फर्श पर बाउंस करने तक सीमित है। बैडमिंटन या तैराकी जैसे खेलों में इसका कोई स्थान नहीं।
  • ड्रिब्लिंग के नियम और तकनीक
    • बास्केटबॉल में ड्रिब्लिंग शुरू करने के बाद गेंद को दोनों हाथों से एक साथ नहीं उछाला जा सकता, न ही रुककर फिर से शुरू किया जा सकता है—यह 'डबल ड्रिबल' या 'ट्रैवलिंग' फाउल है।
    • प्रैक्टिस के लिए कम ऊंचाई पर तेज बाउंस, बॉडी कंट्रोल और स्पीड ड्रिल्स महत्वपूर्ण हैं। उन्नत स्तर पर क्रॉसओवर, स्पिन या हेसिटेशन मूव्स जोड़े जाते हैं।​
  • महत्व और लाभ
    • ड्रिब्लिंग खिलाड़ी को गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने, टीम के हमले को आगे बढ़ाने और डिफेंस तोड़ने में मदद करती है। यह सहनशक्ति, फुटवर्क और निर्णय क्षमता विकसित करती है।
    • प्रोफेशनल खिलाड़ी जैसे माइकल जॉर्डन या स्टीफन करी इसके मास्टर थे, जिन्होंने ड्रिब्लिंग से गेम चेंजिंग प्ले किए।​

42. कुमी-काटा (Kumi-Kata), शिंताई (Shintai), उकेमी (Ukemi) शब्द का संबंध किस खेल से है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) जूडो (Judo)
Solution:
  • ये तीनों शब्द जूडो मार्शल आर्ट के अभ्यास में मौलिक और तकनीकी महत्व रखते हैं।
  • कुमी-काटा (Kumi-Kata) प्रतिद्वंद्वी पर प्रभावी पकड़ या ग्रिप बनाने की विधि को संदर्भित करता है।
  • शिंताई (Shintai) शरीर की चाल (Body Movement) को संदर्भित करता है
  • जिसमें आगे बढ़ना, पीछे हटना और घूमना शामिल है, जो फेंकने की तकनीक (throws) के लिए स्थिति बनाने में महत्वपूर्ण है।
  • उकेमी (Ukemi) गिरने या फेंके जाने पर खुद को चोट से बचाने के लिए 'गिरने की तकनीक' या ब्रेकफॉल को संदर्भित करता है। ये शब्द जूडो की सुरक्षा और तकनीक का आधार हैं।
  • जूडो का परिचय
    • यह समुराई योद्धाओं की निकट युद्ध प्रणाली से विकसित हुआ, लेकिन इसमें घूंसे-लात मारने के बजाय कुशल फेंकने और नियंत्रण पर फोकस है।
    • जूडो को 1964 टोक्यो ओलंपिक से आधिकारिक खेल का दर्जा मिला और आज यह विश्व स्तर पर लोकप्रिय है, जिसमें भारत में भी तेजी से फैल रहा है।
  • प्रत्येक शब्द का विस्तृत अर्थ
  • कुमी-काटा (Kumi-Kata)
    • यह जूडो में ग्रिपिंग या पकड़ने की तकनीकों को कहते हैं।
    • खिलाड़ी एक-दूसरे के जुदोगी (जूडो यूनिफॉर्म) को विशेष तरीके से पकड़ते हैं
    • जैसे लैपल (कॉलर) या बाजू (स्लीव) से। सही कुमी-काटा से विरोधी का संतुलन बिगाड़ना (कुजुशी) आसान होता है
    • थ्रो लगाना संभव हो जाता है। शुरुआती स्तर पर विभिन्न ग्रिप ब्रेक भी सिखाए जाते हैं।​​
  • शिंताई (Shintai)
    • शिंताई का अर्थ है बॉडी मूवमेंट या स्टांस शिफ्टिंग। जूडो में सही शिंताई से खिलाड़ी संतुलित रहते हुए तेजी से आगे-पीछे, बाएँ-दाएँ घूम सकते हैं।
    • यह तकनीक थ्रो लगाते समय या बचाव के दौरान महत्वपूर्ण है
    • क्योंकि जूडो में स्थिर रहना हार का कारण बन सकता है। ट्रेनिंग में इसे बेसिक फुटवर्क के रूप में अभ्यास किया जाता है।​
  • उकेमी (Ukemi)
    • उकेमी फॉलिंग या ब्रेकफॉल तकनीक है, जो गिरते समय चोट से बचाती है।
    • जूडो में फेंके जाने पर पीठ, कंधे या सिर को सुरक्षित रूप से जमीन पर लगाना सिखाया जाता है
    • जैसे आगे का उकेमी (जेनबुकेमी), पीछे का (ुषिरो उकेमी)। यह न केवल प्रतियोगिता में जरूरी है, बल्कि अभ्यास सत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करता है।​
  • इन शब्दों का जूडो में महत्व
    • ये तीनों बेसिक स्किल्स जूडो की नींव हैं। कुमी-काटा से नियंत्रण, शिंताई से गतिशीलता और उकेमी से सुरक्षा मिलती है।
    • बिना इनके नेज-वाजा (थ्रो तकनीकें) या कातामे-वाजा (ग्राउंड फाइटिंग) संभव नहीं।
    • जूडो बेल्ट सिस्टम (क्यु और दान) में इन्हें शुरुआती ग्रेड में ही मास्टर करना पड़ता है।​
  • अन्य खेलों से भ्रम की स्थिति
    • ये शब्द तलवारबाजी, कुश्ती या पोलो से नहीं जुड़े। कुश्ती में पकड़ें तो हैं
    • लेकिन जुदोगी-आधारित नहीं; तलवारबाजी में मूवमेंट अलग है; पोलो घुड़सवारी खेल है। केवल जूडो में ये विशिष्ट हैं।
  • भारत में जूडो और इन तकनीकों का अभ्यास
    • भारत में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (IJF) के तहत चलता है।
    • युवा खिलाड़ी अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतते हैं। दिल्ली जैसे शहरों में dojo उपलब्ध हैं, जहां ये बेसिक्स सिखाए जाते हैं।​

43. जूडो की उत्पत्ति जू-जित्सु (Ju-Jitsu) की प्राचीन ....... कला से हुई है। [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) जापानी
Solution:
  • जूडो की उत्पत्ति जापान की प्राचीन मार्शल आर्ट जू-जित्सु (Ju-Jitsu) से हुई है।
  • जूडो के संस्थापक, कनो जिगोरो ने 1882 में विभिन्न जू-जित्सु शैलियों के सर्वश्रेष्ठ तत्वों को मिलाकर जूडो को विकसित किया। उन्होंने जू-जित्सु की खतरनाक तकनीकों को हटा दिया
  • इसे "नैतिक, शारीरिक और मानसिक" शिक्षा के सिद्धांत पर आधारित एक सुरक्षित और व्यवस्थित खेल के रूप में रूपांतरित किया।
  • इसलिए, जूडो को अक्सर जू-जित्सु का एक आधुनिक रूप माना जाता है।
  • जू-जित्सु का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • जू-जित्सु जापान की एक प्राचीन निकट-लड़ाई प्रणाली है
    • जो सामंती काल में समुराई योद्धाओं द्वारा विकसित की गई थी।
    • यह बिना हथियार के शत्रु को पराजित करने की कला है
    • जिसमें स्ट्राइक, जोड़ तोड़, फेंकना और कुश्ती शामिल है।
    • इसकी जड़ें 16वीं शताब्दी तक जाती हैं, जब टकेनोची-रियू (Takenouchi-ryu) जैसी शैलियां उभरीं, जो निहत्थे लड़ाई (कोगुसोकु) पर केंद्रित थीं।
  • जिगोरो कानो और जूडो का जन्म
    • 1882 में डॉ. जिगोरो कानो ने जू-जित्सु की विभिन्न शैलियों का अध्ययन किया और सबसे प्रभावी तकनीकों को चुना।
    • उन्होंने कोडोकन जूडो की स्थापना की, जो जू-जित्सु से प्रेरित लेकिन अधिक सुरक्षित और शैक्षिक रूप था।
    • कानो ने खतरनाक स्ट्राइक और हड्डी तोड़ने वाली तकनीकों को हटा दिया
    • फोकस फेंक (nage-waza), जमीन पर नियंत्रण (katame-waza) और रैंडोरी (मुक्त अभ्यास) पर किया।
    • कानो के शुरुआती गुरु फुकुदा हैचिनोसुके और इकुबो मिनेइचिरो थे
    • जिनसे उन्होंने जू-जित्सु की बारीकियां सीखीं। जूडो का दर्शन "मаксимा एफिशिएंसी विद मिनिमम एफर्ट" (जित्सू-यो-कुजित्सु) और चरित्र निर्माण पर आधारित है।
    • 1920 तक जूडो जापान भर में फैल गया और ओलंपिक खेल बना।
  • जूडो की मुख्य तकनीकें
    • जूडो जू-जित्सु से विरासत में मिली तकनीकों को तीन भागों में बांटता है:
    • यह प्रणाली शारीरिक शक्ति से ज्यादा संतुलन, समयबद्धता और मानसिक फोकस पर निर्भर करती है।
  • जूडो का वैश्विक प्रसार और महत्व
    • जूडो 1964 टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों के लिए और 1992 बार्सिलोना में महिलाओं के लिए शामिल हुआ।
    • भारत में जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया (1965) इसे बढ़ावा देता है।
    • आज यह आत्मरक्षा, फिटनेस और ओलंपिक खेल के रूप में लोकप्रिय है, लेकिन जू-जित्सु की मूल भावना को संरक्षित रखता है।​​
    • जूडो ने ब्राजीलियन जू-जित्सु जैसी शाखाएं भी जन्म दीं। यह न केवल युद्ध कला है, बल्कि नैतिक शिक्षा का माध्यम भी।​

44. पंकज आडवाणी का संबंध किस खेल से है? [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) बिलियर्ड्स
Solution:
  • पंकज आडवाणी भारत के सबसे सफल और प्रसिद्ध बिलियर्ड्स (Billiards) और स्नूकर (Snooker) खिलाड़ी हैं।
  • उन्हें इन दोनों खेलों में एक साथ उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।
  • आडवाणी ने कई विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों के खिताब जीते हैं।
  • उनकी इन उपलब्धियों के कारण उन्हें भारत सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न (अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न) और पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
  • खेल संबंध
    • पंकज आडवाणी मुख्य रूप से इंग्लिश बिलियर्ड्स, स्नूकर और पूल से जुड़े हैं।
    • वे अंतरराष्ट्रीय बिलियर्ड्स एंड स्नूकर फेडरेशन (IBSF) के 27 बार विश्व चैंपियन रह चुके हैं
    • जो एक विश्व रिकॉर्ड है। इसमें 18 विश्व पूल चैंपियनशिप, 17 IBSF विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप और एक टीम बिलियर्ड्स टाइटल शामिल हैं।
    • वे दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने बिलियर्ड्स, स्नूकर, 6-रेड्स और 10-रेड्स सभी फॉर्मेट्स में विश्व खिताब जीते। 2019 में उन्होंने ये सभी उपलब्धियां हासिल कीं।
  • प्रमुख उपलब्धियां
    • विश्व चैंपियनशिप: 23-27 बार (विभिन्न स्रोतों में भिन्नता), जिसमें 15 बार IBSF स्नूकर।
    • 2005, 2008 और 2012 में इंग्लिश बिलियर्ड्स में हैट-ट्रिक ऑफ हैट-ट्रिक्स (विश्व, एशियन और नेशनल टाइटल एक साथ)।
    • राष्ट्रीय स्तर: 2003 में पहला नेशनल बिलियर्ड्स टाइटल। हाल ही में 2025 में भारतीय स्नूकर चैंपियनशिप जीती।
    • अन्य: स्नूकर प्रो टूर में भागीदारी (2012/13 से), एशियन चैंपियनशिप में कई स्वर्ण। वे लॉन्ग और शॉर्ट फॉर्मेट दोनों में विश्व विजेता।
  • पुरस्कार और सम्मान
    • भारत सरकार ने उनकी उपलब्धियों के लिए कई सम्मान दिए:
  • पद्म भूषण (2018)
    • राजीव गांधी खेल रत्न (2005, 2006) (या मेजर ध्यानचंद खेल रत्न)
    • पद्म श्री (2009)
    • अर्जुन पुरस्कार (2004)
    • ये पुरस्कार उन्हें बिलियर्ड्स/स्नूकर में योगदान के लिए मिले।
    • यह फोटो पंकज आडवाणी को 2012 में स्नूकर खेलते हुए दर्शाती है, जहां वे क्यू स्टिक से शॉट मारने की तैयारी कर रहे हैं।
  • योगदान और विरासत
    • पंकज ने भारत में बिलियर्ड्स और स्नूकर को लोकप्रिय बनाया, जो पहले कम चर्चित थे।
    • उनके दम पर भारत ने क्यू स्पोर्ट्स में वैश्विक पहचान बनाई। वे अभी भी सक्रिय हैं
    • युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं। उनकी कहानी संघर्षपूर्ण है
    • बचपन में आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शीर्ष पर पहुंचकर देश का नाम रोशन किया।​

45. राइडर कप (Ryder Cup) ...... खेल से जुड़ा है। [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) गोल्फ
Solution:
  • राइडर कप अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ की सबसे प्रतिष्ठित टीम प्रतियोगिताओं में से एक है।
  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका की टीम और यूरोप की टीम के बीच हर दो साल में आयोजित किया जाता है।
  • यह एक मैच प्ले टूर्नामेंट है, जहाँ खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीयता के बजाय महाद्वीप के लिए खेलते हैं
  • यह खेल जगत में सबसे अधिक भावुक और उत्साही आयोजनों में से एक माना जाता है।
  • उत्पत्ति और इतिहास
    • 1927 से अब तक यह प्रतियोगिता हर दो साल में होती है, हालांकि कभी-कभी कोविड जैसे कारणों से स्थगित रही।
    • अमेरिका ने अधिकांश मैच जीते हैं, लेकिन यूरोप ने हाल के दशकों में मजबूत प्रदर्शन किया है।
  • प्रारूप और नियम
    • यह तीन दिनों का मैच-प्ले टूर्नामेंट है। पहले दो दिनों में फोरसम (दो खिलाड़ी एक-एक गेंद से वैकल्पिक शॉट्स) और फोरबॉल (दो-दो खिलाड़ी अपनी-अपनी गेंद से, बेहतर स्कोर गिनता है) मैच होते हैं
    • प्रत्येक दिन चार-चार। तीसरे दिन 12 सिंगल्स मैच। कुल 28 पॉइंट्स, 14.5 जीतने पर विजेता।
    • प्रत्येक खिलाड़ी अधिकतम चार या पांच मैच खेल सकता है। होम कैप्टन दिन के सेशन तय करता है। 36-होल मैच से शुरू होकर अब 18-होल का हो गया।​
  • टीमें और चयन
    • प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं—कैप्टन छह चुनता है, बाकी छह पॉइंट्स से क्वालीफाई।
    • यूरोपियन टूर और PGA टूर के आधार पर चयन। कैप्टन जैसे हाल में ल्यूक डोनाल्ड (यूरोप) या स्कॉटिश खिलाड़ी।
    • मैच विभिन्न गोल्फ कोर्स पर होते हैं, जैसे बेथपी (अमेरिका) या ग्रीन एजल (यूरोप)। अगला 2025 में बेथपी ब्लैक में।​
  • प्रमुख विजेता और रिकॉर्ड
    • अमेरिका 27 बार जीता, यूरोप 15 बार (2023 तक यूरोप विजेता)।
    • हालिया यादगार: 2016 हेज़ल्टाइन (अमेरिका), 2018 पेरिस (यूरोप), 2021 व्हिसलिंग स्ट्रेट्स (अमेरिका)। टोनी जैकलिन और जैक निकलॉस जैसे दिग्गज।

46. वर्ल्ड गेम्स, 2022 संयुक्त राज्य अमेरिका के ...... शहर में आयोजित किए गए थे। [MTS (T-I) 13 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) बर्मिंघम
Solution:
  • वर्ल्ड गेम्स 2022 का आयोजन जुलाई 2022 में संयुक्त राज्य अमेरिका के बर्मिंघम, अलबामा शहर में किया गया था।
  • यह बहु-खेल प्रतियोगिता उन खेलों को प्रदर्शित करती है जिन्हें ओलंपिक में शामिल नहीं किया जाता है
  • जैसे कि कुछ तरह के कराटे, स्क्वैश, या रग्बी सेवन के कुछ रूप।
  • यह आयोजन मूल रूप से 2021 के लिए निर्धारित था, लेकिन इसे टोक्यो ओलंपिक में देरी के कारण स्थगित कर दिया गया था।
  • आयोजन विवरण
    • यह 11वां संस्करण मूल रूप से 2021 में होने वाला था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे एक साल टालकर 7 से 17 जुलाई 2022 तक आयोजित किया गया।
    • इवेंट को "कमबैक गेम्स" भी कहा गया, क्योंकि महामारी के बाद यह खेल परिवार का पुनर्मिलन था।
    • बर्मिंघम को जनवरी 2015 में इंटरनेशनल वर्ल्ड गेम्स एसोसिएशन (IWGA) द्वारा मेजबान शहर चुना गया था, जो अमेरिका द्वारा दूसरी बार होस्ट किया गया (पहली बार 1981 में था)।
  • प्रतिभागी और खेल
    • इसमें 99 देशों से 3,457 एथलीटों ने भाग लिया, जो 34 खेलों में 58 अनुशासनों और 223 पदक इवेंट्स में मुकाबला किया।
    • ओपनिंग सेरेमनी प्रोटेक्टिव स्टेडियम में 26,000 दर्शकों के सामने हुई
    • जिसमें बर्मिंघम के मेयर रैंडल वुडफिन ने उद्घाटन किया। कुल 377,000 दर्शक समारोहों और 23 स्थानों पर प्रतियोगिताओं में आए।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • वर्ल्ड गेम्स को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा मान्यता प्राप्त ओलंपिक के बाद का सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन माना जाता है।
    • बर्मिंघम ने लIMA (पेरू) और उफा (रूस) के बिड्स को हराया था।
    • यह आयोजन गैर-ओलंपिक खेलों पर केंद्रित था, जैसे ऐक्रोबैटिक्स, कैनो पोलो, फ्लोरबॉल आदि।

47. देवेंद्र झाझरिया ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री (World Para Athletics Grand Prix) में कौन-सा पदक/स्थान जीता? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रजत
Solution:
  • सितंबर, 2022 में मोरक्को में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया ने रजत पदक जीता था।
  • उपलब्धि का विवरण
    • झाझरिया ने पुरुषों की भाला फेंक F46 श्रेणी में 60.97 मीटर की दूरी तय कर रजत पदक अपने नाम किया।
    • उसी इवेंट में भारत के अजित कुमार ने 64 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता
    • जबकि झाझरिया दूसरे स्थान पर रहे। यह पदक उनके 20 वर्षों के करियर का एक और मील का पत्थर था
    • क्योंकि उन्होंने 2002 से लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतते हुए देश का मान बढ़ाया।​
  • पृष्ठभूमि और यात्रा
    • राजस्थान के चूरू जिले के निवासी देवेंद्र झाझरिया का जन्म 10 जून 1981 को हुआ था।
    • आठ साल की उम्र में बिजली के झटके से उनका बायां हाथ खराब हो गया
    • लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और पैरा एथलेटिक्स में भाला फेंक को अपना हथियार बनाया।
    • उनके कोच सुनील तंवर और फिटनेस कोच लक्ष्य बत्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
    • साथ ही भारत सरकार की टॉप्स स्कीम के तहत फिनलैंड में ट्रेनिंग ने उनकी तैयारी को मजबूत किया।
  • अन्य प्रमुख उपलब्धियाँ
    • झाझरिया दो बार पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं—2004 एथेंस (62.15 मीटर) और 2016 रियो (63.97 मीटर, विश्व रिकॉर्ड)।
    • 2020 टोक्यो पैरालंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता। उन्हें अर्जुन, पद्मश्री, खेल रत्न और पद्मभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं।
    • ग्रैंड प्री में रजत जीतने के बाद उन्होंने कहा कि उपलब्धियों के साथ संघर्ष भी रहा
    • जैसे चोटें और ओलंपिक में इवेंट की कमी, लेकिन फोकस खेल पर ही रहा।​
  • महत्व और प्रेरणा
    • यह रजत पदक न केवल व्यक्तिगत सफलता था, बल्कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
    • झाझरिया ने 20 साल के सफर में लगातार पदक जीतकर लाखों दिव्यांगों के लिए प्रेरणा बने।
    • हाल ही में फरवरी 2026 में उन्हें पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को दिखाता है।

48. विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप, 2023 (Women's World Boxing Championship, 2023) में भारत की कितनी महिला मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक जीते? [MTS (T-I) 05 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 4
Solution:
  • भारत ने नई दिल्ली में आयोजित 2023 IBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया और चार (4) स्वर्ण पदक जीते। स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय मुक्केबाज थीं:
  • निकहत ज़रीन (50 किग्रा)
  • नीतू घणघस (48 किग्रा)
  • लवलीना बोर्गोहेन (75 किग्रा)
  • स्वीटी बूरा (81 किग्रा)
  • इन चार पदकों की बदौलत भारत पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा।
  • आयोजन विवरण
    • यह चैंपियनशिप 16 से 26 मार्च 2023 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हुई थी।
    • 65 देशों के 324 मुक्केबाजों ने भाग लिया, जिसमें कई ओलंपिक पदक विजेता शामिल थे।
    • भारत ने मेजबान के रूप में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया और चार स्वर्ण सहित कुल पदक जीते।
  • स्वर्ण पदक विजेता
    • नितू घंगास (48 किग्रा): फाइनल में मंगोलिया की लुत्साइखान अल्तांतसेटसेग को हराया। यह भारत का पहला स्वर्ण था।​​
    • सावित्री बोरा (75 किग्रा): फाइनल में चीन की वांग लीना को हराकर पहली बार लाइट हेवीवेट वर्ग में स्वर्ण जीता।​​
    • निखत जरीन (50 किग्रा): फाइनल में वियतनाम की न्गुयेन थि ताम को 5-0 से हराया। यह उनका दूसरा लगातार विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण था।
    • लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा): फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पार्कर को 5-2 से स्प्लिट डिसीजन से हराया।​
  • ऐतिहासिक महत्व
    • यह टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, जब चार स्वर्ण जीते गए।
    • इससे पहले 2006 में एमसी मैरीकॉम के नेतृत्व में भी चार स्वर्ण मिले थे।
    • भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने विजेताओं को बधाई दी और इसे 17 वर्षों का सर्वोत्तम प्रदर्शन बताया।

49. ISSF जूनियर विश्व कप 2023 में भारत ने कितने स्वर्ण पदक जीते ? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 6
Solution:
  • जर्मनी के सुहल में आयोजित 2023 आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में भारतीय निशानेबाजों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
  • भारतीय दल ने इस प्रतियोगिता में कुल 6 स्वर्ण पदक, 6 रजत पदक और 3 कांस्य पदक सहित कुल 15 पदक जीते।
  • 6 स्वर्ण पदकों के साथ, भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा, जो दर्शाता है
  • देश में निशानेबाजी के खेल में युवा प्रतिभाओं की एक मजबूत पाइपलाइन मौजूद है।
  • विस्तृत विवरण:
    • आयोजन: ISSF Junior World Championship 2023, दक्षिण कोरिया के चांगवॉन शूटिंग रेंज में (16–24 जुलाई 2023) [citation after each sentence if using sources].
    • स्वर्ण Medalists: भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते। (कौन-से कार्यक्रम थे, यह विवरण नीचे अनुभाग में विस्तृत रूप से दिया गया है) [citation].
    • रजत Medalists: छह रजत पदक भी भारत के खाते में गए। (कौन-सी स्पर्धाएं इनमें शामिल थीं, उसे नीचे पढ़ें) [citation].
    • कांस्य Medalists: पाँच कांस्य पदक भारत ने हासिल किए। (स्पर्धाओं की सूची नीचे है) [citation].
    • बहुविदेशीय सफलता: सात भारतीय निशानेबाज ने एक से अधिक पदक जीते थे, जिससे टीम वर्ल्ड चैंपियनशिप में मजबूत प्रदर्शन दिखा रहा था [citation].
  • व्यापक संदर्भ (प्रमुख बिंदु):
    • 2023 के जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में भारतीय टीम का कुल प्रदर्शन चीन/यूरोप टीमों के बीच उच्च रहा, विशेषकर पिस्टल और राइफल दोनों घटनाओं में.
    • भारत के पदक विजेताओं ने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में मिश्रित परिणाम दिए, जिससे कुल 17 पदक का योग बना.

50. पुरुष हैंडबॉल खेल में बॉल का भार कितना होता है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 425 से 475 gm
Solution:
  • अंतर्राष्ट्रीय हैंडबॉल महासंघ (IHF) के नियमों के अनुसार, पुरुषों के हैंडबॉल खेल में उपयोग की जाने वाली आधिकारिक गेंद का आकार आकार 3 (Size 3) होता है।
  • इस आकार की गेंद का आधिकारिक भार 425 ग्राम से 475 ग्राम के बीच होना चाहिए।
  • यह मानक गेंद की पकड़, नियंत्रण और फेंकने की गति को पुरुषों की शारीरिक क्षमता के लिए उपयुक्त सुनिश्चित करता है।
  • गेंद के विनिर्देश
    • पुरुषों के लिए हैंडबॉल गेंद का आकार साइज 3 होता है, जिसकी परिधि 58 से 60 सेंटीमीटर होती है।
    • यह भार और आकार खिलाड़ियों को तेजी से थ्रो करने और कंट्रोल करने में मदद करता है।
    • महिलाओं की गेंद इससे हल्की (325-375 ग्राम) होती है ताकि खेल संतुलित रहे।
  • खेल में महत्व
    • यह भार पुरुष खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के अनुकूल है, जो 40 मीटर लंबे कोर्ट पर तेज थ्रो (100 किमी/घंटा तक) की जरूरत होती है।
    • ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में यही मानक अपनाया जाता है। गेंद का दबाव 0.3 से 0.32 बैरो होता है।
  • नियमों का इतिहास
    • IHF ने 1917 में स्थापित होने के बाद इन मानकों को अंतिम रूप दिया।
    • पुरुष हैंडबॉल 1936 बर्लिन ओलंपिक से शुरू हुआ।
    • जूनियर स्तर पर भार कम रखा जाता है ताकि युवा खिलाड़ी घायल न हों।