विविध (जीव विज्ञान) भाग-I

Total Questions: 40

11. टायफ्लोप्स (Typhlops) क्या है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) ब्लाइंड स्नेक
Solution:
  • टायफ्लोप्स (Typhlops) टाइफ्लोपिडे परिवार (Family- Typhlopidae) में अंधे सांपों की प्रजाति है।
  • यह प्रजाति वेस्टइंडीज के लिए स्थानिक है। ये सांप छोटे आकार, बेलनाकार शरीर और पपड़ी से ढकी छोटी आंखे होती हैं
  • ये विषैले नहीं होते हैं और मुख्य रूप से चीटियों और दीमकों को खाते हैं।
  • वैज्ञानिक वर्गीकरण
    • सरीसृप वर्ग (Reptilia) के स्क्वामाटा गण (Squamata) के अंतर्गत आता है
    • जो स्कोलेकोफिडिया उपगण (Infraorder: Scolecophidia) का हिस्सा है। इसका प्रकार प्रजाति है
    • जिसे लिनnaeus ने 1758 में वर्णित किया था। पहले इस जीनस में कई प्रजातियाँ शामिल थीं
    • लेकिन हाल के वर्गीकरण में अफ्रीका, एशिया और अन्य क्षेत्रों की प्रजातियों को आदि में स्थानांतरित कर दिया गया।​
  • शारीरिक विशेषताएँ
    • ये साँप बहुत छोटे होते हैं, सामान्यतः 10-30 सेमी लंबे, और मोटे कृमि जैसे दिखते हैं।
    • उनकी आँखें छोटी और अपारदर्शी शल्काओं से ढकी होती हैं
    • जिससे वे "अंधे साँप" कहलाते हैं। सिर गोल और शरीर चिकना होता है
    • जिसमें एकल केंद्रीय दाँत होता है; पूँछ छोटी और नुकीली।
    • ये बिल खोदने वाले होते हैं, इसलिए मजबूत खोपड़ी और मजबूत मांसपेशियाँ होती हैं।​
  • प्रजातियाँ और वितरण
    • वर्तमान में Typhlops जीनस में लगभग 20 प्रजातियाँ हैं
    • मुख्यतः कैरिबियन द्वीपसमूह जैसे जमैका, हैती, प्यूर्टो रिको और ग्वाडेलूप में पाई जाती हैं। उदाहरण:
    • Typhlops jamaicensis: जमैका अंधा साँप।
    • Typhlops rostellatus: प्यूर्टो रिको वर्म स्नेक।
    • Typhlops guadeloupensis: ग्वाडेलूप अंधा साँप।
    • ये ऊष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक सीमित हैं।​
  • जीवनी और पारिस्थितिकी
    • ये रात्रिचर और भूमिगत जीवन जीते हैं, जो चींटियों, दीमकों और अन्य छोटे अक्रोड़ों पर निर्भर रहते हैं।
    • मादाएँ अंडे देती हैं, और प्रजनन वर्षा ऋतु में होता है। ये हानिरहित हैं
    • अक्सर कीड़ों से भ्रमित हो जाते हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से, ये मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र में लाभकारी भूमिका निभाते हैं।​

12. निम्नलिखित में से कौन-सी एक लुप्त प्रजाति है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) गुलाबी सिर वाली बत्तख
Solution:
  • 'गुलाबी सिर वाली बत्तख वैज्ञानिक नाम रोडोनेसा कैरीओफिलैसिया एक बड़ी गोताखोरी करने वाली बत्तख है
  • जो कभी भारत के गंगा के मैदानी इलाकों महाराष्ट्र, बांग्लादेश के कुछ हिस्सों और म्यांमार के नदी दलदलों में पाई जाती थी
  • लेकिन अब विलुप्त हो चुकी है।
  • लुप्त प्रजाति और लुप्तप्राय में अंतर
    • लुप्तप्राय (Endangered) प्रजातियाँ विलुप्ति के उच्च जोखिम पर हैं लेकिन अभी जीवित हैं
    • जबकि लुप्त प्रजातियाँ पूरी तरह गायब हो चुकी हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, गुलाबी सिर वाली बत्तख (Pink-headed Duck) एक विलुप्त प्रजाति है
    • जो 1950 के दशक के बाद जंगलों में नहीं दिखी
    • वहीं, इंद्रोक (Great Indian Bustard) लुप्तप्राय है क्योंकि इसकी संख्या घट रही है लेकिन कुछ व्यक्ति बचे हैं.​
  • भारत की प्रमुख लुप्त प्रजातियाँ
    • भारतीय चीतक (Cheetah): 1952 में भारत से पूरी तरह लुप्त हो गया, अफ्रीका से पुन:स्थापन प्रयास चल रहे हैं।
    • क्वागा (Quagga): एक उप-प्रजाति जो शिकार से 1883 में विलुप्त हुई।
    • पिंक हेड डक: भारत और म्यांमार में पाई जाने वाली यह बत्तख 1940 के बाद गायब.​
    • ये प्रजातियाँ औपनिवेशिक शिकार और आवास ह्रास से समाप्त हुईं।
  • वैश्विक उदाहरण

    • दुनियाभर में डोडो पक्षी (Dodo) और यात्री कबूतर (Passenger Pigeon) प्रसिद्ध लुप्त प्रजातियाँ हैं
    • जो क्रमशः 17वीं और 20वीं शताब्दी में शिकार से विलुप्त हुईं।
    • अफ्रीका में रुएपेल गिद्ध जैसी प्रजातियाँ लुप्तप्राय हैं
    • लेकिन पूर्ण विलुप्ति के करीब. IUCN श्रेणियाँ जैसे EX (विलुप्त), EW (जंगली में विलुप्त) इनकी स्थिति निर्धारित करती हैं.​

13. किसी विशेष पोषी स्तर में खड़ी फसल को कैसे मापा जाता है? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) बायोमास के रूप में
Solution:
  • प्रत्येक पोषी स्तर में एक विशेष समय में जीवित सामग्री का एक निश्चित द्रव्यमान होता है
  • जिसे खड़ी फसल कहा जाता है। इस खड़ी फसल को जीवित जीवों के जैवभार (बायोमास) के रूप में मापा जाता है।
  • खड़ी फसल क्या है?
    • खड़ी फसल, जिसे अंग्रेजी में "स्टैंडिंग क्रॉप" कहा जाता है
    • पारिस्थितिकी तंत्र में किसी पोषी स्तर पर उपस्थित जीवित जैव पदार्थ की कुल मात्रा को संदर्भित करता है।
    • प्रत्येक पोषी स्तर—जैसे उत्पादक (प्रोड्यूसर्स), प्राथमिक उपभोक्ता (प्राइमरी कंज्यूमर्स), द्वितीयक उपभोक्ता आदि
    • एक विशिष्ट समय पर जीवों का निश्चित द्रव्यमान मौजूद होता है।
    • यह माप ऊर्जा प्रवाह और पोषक चक्र को समझने के लिए आधारभूत है।
    • उदाहरणस्वरूप, घास के मैदान में घास (उत्पादक स्तर) की खड़ी फसल अधिक होगी, जबकि शीर्ष शिकारी स्तर पर यह कम होगी।​
  • मापन की विधि
    • खड़ी फसल को मुख्य रूप से जैवभार (बायोमास) के रूप में मापा जाता है
    • जो प्रति इकाई क्षेत्र (जैसे वर्ग मीटर या हेक्टेयर) में जीवित जीवों के सूखे भार (ड्राई वेट) या कुल भार के रूप में व्यक्त किया जाता है।
    • सूखा जैवभार: जीवों को इकट्ठा कर सूखाने के बाद उनका वजन किया जाता है
    • क्योंकि यह पानी की मात्रा से प्रभावित नहीं होता।
    • इकाई: g/m², kg/ha या kcal/m² (ऊर्जा सामग्री के लिए)।
    • प्रक्रिया: नमूना क्षेत्र (क्वाड्रेट) में जीवों को काटकर, सुखाकर तौला जाता है।
    • पौधों के लिए पत्ती क्षेत्र सूचकांक (LAI) या फसल कवरेज का उपयोग भी होता है।​
    • यह माप पारिस्थितिक पिरामिड (नंबर, बायोमास या ऊर्जा पिरामिड) में उपयोग होता है
    • जहां निचले स्तरों पर बायोमास अधिक और ऊपरी स्तरों पर कम दिखाया जाता है।

14. निम्न कथनों में से कौन-सा कथन असत्य है? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) वेलिन एक अनावश्यक अमीनो अम्ल है और यह मानव शरीर में संश्लेषित होता है।
Solution:
  • जीवद्रव्य में उपस्थित विभिन्न प्रकार के अमीनो अम्लों में केवल 20 प्रकार के अमीनो अम्ल ही प्रोटीन की इकाइयां हैं।
  • इनमें से 10 प्रकार के अमीनो अम्ल भोजन से ही प्राप्त हो सकते हैं
  • इन्हें अनिवार्य/आवश्यक (Essential) अमीनो अम्ल कहते हैं।
  • वेलिन, हिस्टिडीन, आइसोल्यूसिन, ल्यूसिन, लाइसिन, मेथियोनिन, फेनिलएलैनिन, ट्रिप्टोफैन, आर्जिनिन तथा श्रेओनिन अनिवार्य अमीनो अम्ल हैं।
  • शेष 10 अनावश्यक अमीनो अम्ल हैं, जिनका संश्लेषण शरीर द्वारा होता है।
  • सामान्य उदाहरण
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे प्रश्नों के लोकप्रिय उदाहरण निम्न हैं:
  • गणित/संख्या प्रणाली
    • कथन 1: प्राकृत संख्या 1 से आरंभ होती है (सत्य)।
    • कथन 2: शून्य पूर्णांक है लेकिन प्राकृत संख्या नहीं (सत्य)।
    • कथन 3: शून्य का कोई पूर्ववर्ती नहीं (सत्य)।
    • असत्य कथन: "शून्य प्राकृत संख्या है" (क्योंकि प्राकृत संख्या 1,2,3... होती हैं)।
  • कंप्यूटर विज्ञान
    • कथन: "डिजिटाइज़र एक आउटपुट डिवाइस है" – यह असत्य है
    • क्योंकि डिजिटाइज़र इनपुट डिवाइस है जो ग्राफिक्स कैप्चर करता है।
  • रसायन विज्ञान
    • असत्य कथन: "लैंथेनॉइड संकुचन 3d श्रेणी को प्रभावित करता है
    • (वास्तव में यह 4f श्रेणी को प्रभावित करता है, जिससे Zr-Hf की त्रिज्या लगभग बराबर रहती है)।
  • विस्तृत विश्लेषण की आवश्यकता
    • पूर्ण विवरण के लिए कृपया कथनों की सूची (जैसे A, B, C, D) प्रदान करें।
    • उदाहरण के लिए, यदि विज्ञान से है तो मिश्रण प्रकार (मक्खन जेल नहीं, इमल्शन है
    • जीवविज्ञान से नाइट्रोजन फिक्सेशन पर गलत कथन हो सकता है।
    • सही उत्तर तथ्यों की सूक्ष्म परिभाषाओं पर निर्भर करता है।

15. चिकित्सकों द्वारा अनुशंसित आहार संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार, स्वस्थ वयस्कों और चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में कोलेस्ट्रॉल के अंतर्ग्रहण के लिए आर.डी.ए. (RDA) ....... mg/दिन है। [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 300
Solution:
  • कई प्रमुख स्वास्थ्य संगठन, जैसे अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, ने लंबे समय से 300 मिलीग्राम/दिन से कम आहार कोलेस्ट्रॉल के सेवन की सलाह दी है
  • खासकर स्वस्थ वयस्कों के लिए। हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है
  • हाल के वर्षों में आहार कोलेस्ट्रॉल के प्रभावों पर दृष्टिकोण कुछ हद तक विकसित हुए हैं
  • लेकिन 300 मिलीग्राम/दिन अभी भी एक सामान्य रूप से उद्धृत दिशानिर्देश है।
  • कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता
    • कोलेस्ट्रॉल का अधिकांश भाग (लगभग 80%) लीवर द्वारा स्वाभाविक रूप से निर्मित होता है
    • जबकि शेष आहार से प्राप्त होता है।
    • स्वस्थ वयस्कों (19 वर्ष से अधिक) और 4 वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए 300 mg/दिन की ऊपरी सीमा अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद जैसे संगठनों की दिशानिर्देशों पर आधारित है।
    • यदि रक्त में कुल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dL से कम हो, तो यह वांछनीय माना जाता है।​
  • उम्र-आधारित दिशानिर्देश
    • बच्चे (4-19 वर्ष): कोलेस्ट्रॉल सेवन 300 mg/दिन तक सीमित रखें, क्योंकि इस उम्र में हृदय जोखिम कम होता है
    • लेकिन आहार आदतें स्थायी प्रभाव डालती हैं। कुल कोलेस्ट्रॉल <170 mg/dL आदर्श है।​
    • वयस्क (20+ वर्ष): पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए 300 mg/दिन की सीमा, जिसमें LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) <100 mg/dL और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) >40-50 mg/dL रखने की सलाह दी जाती है।
    • 125-200 mg/dL कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य रेंज है।​
    • ये स्तर लिंग और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं
    • उदाहरणस्वयं महिलाओं में HDL >50 mg/dL बेहतर होता है।​
  • आहार स्रोत और नियंत्रण
    • कोलेस्ट्रॉल मुख्यतः अंडे की जर्दी, मांस, डेयरी उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड्स से प्राप्त होता है।
    • दिशानिर्देशों में संतृप्त वसा को 7-10% कैलोरी तक सीमित करने की सलाह दी जाती है।
    • शाकाहारी आहार अपनाने से कोलेस्ट्रॉल सेवन स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है।
    • ओमेगा-3 युक्त मछली या अलसी जैसे स्रोत HDL बढ़ाने में सहायक हैं।​
  • स्वास्थ्य प्रभाव
    • उच्च कोलेस्ट्रॉल से धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है
    • जो हृदयाघात या स्ट्रोक का कारण बनता है। नियमित जांच और संतुलित आहार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
    • डॉक्टर हृदय रोगी वालों के लिए 200 mg/दिन तक सीमित कर सकते हैं। व्यायाम और वजन नियंत्रण भी महत्वपूर्ण हैं।

16. वाल्थर फ्लेमिंग ने किस वर्ष में कोशिका के केंद्रक में पाए जाने वाले रंगीन पदार्थ के लिए 'क्रोमैटिन' शब्द प्रतिपादित किया था? [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 1879
Solution:
  • वाल्थर फ्लेमिंग
    • एक जर्मन जीवविज्ञानी थे
    • जिन्होंने 1879 में कोशिका के केंद्रक में पाए जाने वाले उस पदार्थ के लिए 'क्रोमैटिन' (Chromatin) शब्द गढ़ा
    • जिसे उन्होंने रंगीन डाई से दागने पर आसानी से देखा।
    • उन्होंने ही माइटोसिस (कोशिका विभाजन) की प्रक्रिया का भी विस्तृत अध्ययन और वर्णन किया था।
  • फ्लेमिंग का योगदान
    •  उन्होंने क्षारीय रंजकों (बेसिक डाई) का उपयोग करके केंद्रक के अंदर के रंगीन पदार्थ को पहचाना
    • जो डीएनए और प्रोटीन का जटिल मिश्रण था।
    • इस खोज ने गुणसूत्रों की संरचना समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
    • क्योंकि क्रोमैटिन बाद में संघनित होकर गुणसूत्र बनाता है।​
  • क्रोमैटिन की संरचना
    • क्रोमैटिन यूकेरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में मौजूद होता है
    • मुख्य रूप से डीएनए, हिस्टोन प्रोटीन तथा गैर-हिस्टोन प्रोटीन से मिलकर बनता है।
    • समविभाजन या अर्धसूत्री विभाजन के दौरान यह अत्यधिक संघनित हो जाता है
    • जिससे विशिष्ट गुणसूत्र आकार बनते हैं। हिस्टोन प्रोटीन डीएनए को चारों ओर लपेटकर न्यूक्लियोसोम बनाते हैं
    • जो क्रोमैटिन की बुनियादी इकाई है।​
  • ऐतिहासिक संदर्भ
    • 1879 में फ्लेमिंग ने इस पदार्थ को 'क्रोमैटिन' नाम दिया क्योंकि यह रंगों से आसानी से रंग जाता था
    • क्रोमा' ग्रीक शब्द रंग को दर्शाता है।
    • बाद में 1882 में उन्होंने गुणसूत्रों को अभिरंजित करने की तकनीक विकसित की और समसूत्री विभाजन का वर्णन किया।
    • इस कार्य ने आनुवंशिकी और कोशिका जीवविज्ञान की नींव रखी
    • हालांकि कुछ स्रोतों में वर्ष 1880 का उल्लेख भी मिलता है, लेकिन अधिकांश प्रमाण 1879 को सही मानते हैं।​

17. जल फ्लोरीनहरण द्वारा किस स्तर की रोकथाम को लक्षित किया जाता है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) प्राथमिक रोकथाम
Solution:
  • जल का फ्लोरीकरण, जल में फ्लोरीन मिलाने की प्रक्रिया है।
  • इस प्रक्रिया में जल आपूर्ति के लिए जल में नियंत्रित मात्रा में फ्लोरीन मिलाया जाता है।
  • फ्लोरीकृत जल दंतक्षय को रोकता है, लेकिन अधिक मात्रा में फ्लोरीन दंत और कंकाल के लिए हानिकारक होता है।
  • अतः जल फ्लोरीनहरण द्वारा प्राथमिक स्तर की रोकथाम को हासिल किया जाता है।
  • प्राथमिक रोकथाम का तात्पर्य किसी बीमारी या स्थिति को शुरू होने से पहले ही विकसित होने से रोकना है।
  • प्राथमिक रोकथाम का अर्थ
    • ताकि समुदाय स्तर पर फ्लोरोसिस जैसी बीमारियां न फैलें।
    • भारत जैसे देशों में जहां भूजल में फ्लोराइड की मात्रा 1.5 mg/L से अधिक होती है
    • यह विधि पर्यावरणीय जोखिम को सीधे कम करती है।
    • उदाहरणस्वरूप, मैग्नीशियम या एल्यूमिनियम यौगिकों का उपयोग करके फ्लोराइड को अवशोषित किया जाता है।​
  • विधियों का विवरण
    • रासायनिक विधियां: मैग्नीशियम ऑक्साइड या पॉली एल्यूमिनियम क्लोराइड (PAC) का प्रयोग कर फ्लोराइड को 1 mg/L तक घटाया जाता है।
    • इसमें 3 घंटे का स्थिरीकरण समय लगता है और pH को नियंत्रित रखा जाता है।​
    • वैकल्पिक स्रोत: वर्षा जल संग्रहण या कम फ्लोराइड वाले सतही जल का उपयोग करके संदूषित भूजल को पतला किया जाता है।
    • भूजल पुनर्भरण संरचनाएं बनाकर एक्विफर स्तर पर फ्लोराइड को कम किया जाता है।​
    • उन्नत तकनीकें: उच्च प्रवाह दर वाली प्रक्रियाएं जहां फ्लोराइड को 1.5 ppm से नीचे लाया जाता है
    • तीन चरणों में शुद्धिकरण द्वारा।​
  • भारत में कार्यान्वयन
    • भारत में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम (2008 से) 100 जिलों में प्राथमिक रोकथाम पर जोर देता है
    • जहां भूजल परीक्षण और डिफ्लोरिडेशन प्लांट स्थापित किए जाते हैं।
    • जैविक खेती को बढ़ावा देकर फर्टलाइजर से फ्लोराइड प्रवेश भी रोका जाता है।
    • यह समुदाय स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है।​

18. सेब में मुख्य रूप से निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व उपस्थित होता है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) K
Solution:
  • सेब (Apple): सेब कई पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होते हैं
  • लेकिन विशेष रूप से, वे पोटेशियम (Potassium - K) में अपेक्षाकृत उच्च होते हैं।
  • पोटेशियम शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन, तंत्रिका संकेतों और मांसपेशियों के संकुचन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • पोषण संबंधी विवरण
    • एक मध्यम आकार के सेब (लगभग 182 ग्राम) में औसतन 95 कैलोरी होती हैं
    • जिनमें 25 ग्राम कार्बोहाइड्रेट प्रमुख होते हैं—इसमें 4.4 ग्राम फाइबर और 19 ग्राम शर्करा शामिल है।
    • प्रोटीन मात्र 0.5 ग्राम और वसा 0.3 ग्राम ही पाई जाती है
    • जबकि विटामिन C (8.4 mg) और पोटैशियम (195 mg) महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व हैं।​
  • अन्य प्रमुख तत्व
    • सेब में एंटीऑक्सीडेंट जैसे क्वेरसेटिन, पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड्स प्रचुर मात्रा में होते हैं
    • खासकर छिलके में, जो सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं।
    • इसके अलावा विटामिन K (4 mcg), विटामिन A (98 IU) और बी-विटामिन (थायमिन, राइबोफ्लेविन आदि) भी मौजूद होते हैं।​
  • स्वास्थ्य लाभ
    • फाइबर (पेक्टिन) पाचन सुधारता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है
    • वजन घटाने में मददगार सिद्ध होता है।
    • विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट हृदय स्वास्थ्य, डायबिटीज नियंत्रण और कैंसर जोखिम कम करने में भूमिका निभाते हैं
    • जबकि पोटैशियम रक्तचाप संतुलित रखता है। सेब का 85% भाग पानी होने से यह हाइड्रेशन भी प्रदान करता है।​

19. एशिया का एक बड़ा सदाबहार पेड़, बरगद के पेड़ का वैज्ञानिक नाम क्या है, जिसके तने, वायवीय जड़ों के समान होते हैं? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) फिकस बेंघालेंसिस
Solution:
  • एशिया का एक बड़ा सदाबहार पेड़, बरगद का वैज्ञानिक नाम फिकस बेंघालेंसिस (Ficus Benghalensis) है
  • जिसके तने वायवीय जड़ों के समान होते हैं।
  • इसे 'बर', 'बट' या 'वट' भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इस वृक्ष की पूजा की जाती है।
  • वानस्पतिक विशेषताएँ
    • बरगद मोरेसी (Moraceae) कुल का सदस्य है और यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
    • इसका तना सीधा व कठोर होता है, जो 30 मीटर तक ऊँचा हो सकता है
    • जबकि शाखाओं से लटकने वाली वायवीय जड़ें भूमि में प्रवेश कर द्वितीयक स्तंभ (prop roots) बनाती हैं
    • जिससे एक ही वृक्ष कई ट्रंक वाला प्रतीत होता है।
    • पत्तियाँ चौड़ी, अंडाकार व चमकदार होती हैं
    • फल छोटे गोलाकार लाल रंग के (अंजीर जैसे), और टूटने पर लेटेक्स रस निकलता है।​
  • पारिस्थितिक महत्व
    • यह तेजी से बढ़ने वाला सदाबहार पेड़ पक्षियों, कीटों व सूक्ष्मजीवों के लिए आश्रय प्रदान करता है।
    • इसकी जड़ें मिट्टी संरक्षण में सहायक हैं और यह वायु शुद्धिकरण करता है। भारत में यह राष्ट्रीय वृक्ष है।​
  • सांस्कृतिक धार्मिक भूमिका
    • हिंदू धर्म में बरगद पवित्र है, इसे वट वृक्ष या अक्षयवट कहते हैं
    • जिसमें त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) का वास माना जाता है।
    • वट सावित्री व्रत में पूजा होती है और मंदिरों के निकट लगाया जाता है।​​
  • औषधीय उपयोग
    • इसके पत्ते, फल, छाल व लेटेक्स का आयुर्वेद में प्रयोग होता है
    • त्वचा रोग, दस्त, मधुमेह व घाव भरने में। दूधिया रस कीटाणुनाशक है।​

20. निम्नलिखित में से कौन-सा जैंथन (Xanthan) का एक प्रकार है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) माइक्रोबियल गम
Solution:
  • जैथन (Xanthan) गम एक माइक्रोबियल गम (Microbial gum) है
  • जो पानी में घुलनशील पॉलीसैकेराइड यौगिक है।
  • जैथन गम का इस्तेमाल आमतौर पर एक इमल्सीफायर, एक स्टेबलाइजर या गाढ़ा करने के लिए किया जाता है।
  • यह किसी तरल पदार्थ की चिपचिपाहट को बढ़ा सकता है।
  • जैंथन गम का परिचय
    •  यह खाद्य उद्योग में थिकनर, स्टेबलाइजर और इमल्सीफायर के रूप में व्यापक रूप से उपयोग होता है
    • जो तरल पदार्थों को गाढ़ा करने और अवयवों को अलग होने से रोकने में सहायक है
    • इसकी खोज 1960 के दशक में अमेरिकी कृषि विभाग के शोधकर्ताओं द्वारा की गई थी
    • यह E415 कोड के साथ यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित है ।​
  • जैंथन गम के प्रकार

    • जैंथन गम मुख्य रूप से माइक्रोबियल गम (Microbial Gum) का एक प्रकार है
    • क्योंकि यह सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पादित होता है।
    • अन्य गमों जैसे बीज गम (ग्वार गम, टारा गम), समुद्री शैवाल गम (अगर-अगर, एल्गिनेट, कैरेजेनन) या उत्सर्जित गम (गम
    • अराबिक, गम ट्रैगाकैंथ) से भिन्न, जैंथन पूरी तरह बैक्टीरियल किण्वन पर आधारित है
    • वाणिज्यिक रूप से विभिन्न ग्रेड उपलब्ध हैं
    • जैसे मानक ग्रेड जो स्थिरीकरण, निलंबन या टैबलेट बाइंडर के लिए अनुकूलित होते हैं
    • लेकिन मूल रूप से यह एक ही माइक्रोबियल संरचना का है ।​
  • उपयोग और गुण

    • जैंथन गम ठंडे या गर्म पानी में आसानी से घुल जाता है, न्यूट्रल स्वाद वाला क्रीम रंग का पाउडर है
    • उच्च विस्कोसिटी प्रदान करता है—केवल 0.5-1 चम्मच प्रति कप तरल पर्याप्त होता है।
    • यह ग्लूटेन-मुक्त बेकिंग में लचीलापन देता है
    • सॉस, ड्रेसिंग, आइसक्रीम और दवाओं में स्थिरता बनाए रखता है, जबकि गर्म करने पर भी अपनी मोटाई नहीं खोता
    • इसके विकल्पों में कॉर्नस्टार्च या ग्वार गम शामिल हैं, लेकिन जैंथन की तुलना में वे कम स्थिर होते हैं