Correct Answer: (a) सारनाथ का सिंह शीर्ष
Solution:- भारत का राष्ट्रीय प्रतीक भारत गणराज्य की एक प्रतिनिधि मुहर है
- जिसे अशोक स्तंभ (सारनाथ, उत्तर प्रदेश में स्थित) के सिंह शीर्ष से अनुकूलित किया गया है।
- भारत ने इसे 26 जनवरी, 1950 को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- इसी दिन ब्रिटिश राज के प्रतीकों को हटाकर भारतीय प्रतीकों को अपनाया गया, जिसमें अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में चुना गया।
- यह चिन्ह सम्राट अशोक द्वारा सारनाथ (उत्तर प्रदेश) में बनवाए गए स्तंभ का ऊपरी हिस्सा है, जहां चार सिंह चार दिशाओं की ओर ताकते हुए खड़े हैं।
- प्रतीक का विवरण
- राष्ट्रीय प्रतीक में मूल रूप से चार सिंह हैं, लेकिन सामने से केवल तीन ही दिखाई देते हैं—चौथा पीछे छिपा होता है।
- स्तंभ के आधार पर एक चक्र है, जिसमें बाईं ओर घोड़ा, दाईं ओर सांड, सामने बिच्छू और पीछे हाथी की आकृतियां उकेरी गई हैं।
- नीचे देवनागरी लिपि में 'सत्यमेव जयते' अंकित है, जो मुंडकोपनिषद् से लिया गया है और सत्य की विजय का प्रतीक है।
- महत्व और उपयोग
- यह प्रतीक शक्ति, साहस और धम्म का प्रतीक है तथा सभी सरकारी दस्तावेजों, मुहरों और आधिकारिक कार्यों में प्रयुक्त होता है।
- इसका अनधिकृत उपयोग 'राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग का निषेध) अधिनियम, 2005' के तहत दंडनीय है।
- राष्ट्रपति भवन, संसद, उच्च न्यायालयों और भारतीय दूतावासों पर इसका प्रदर्शन होता है।
- अपनाने का संदर्भ
- गणतंत्र दिवस पर संविधान लागू होने के साथ ही यह प्रतीक अपनाया गया, जो स्वतंत्र भारत की पहचान बना।
- इससे पहले 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन पूर्ण गणराज्य की स्थापना 26 जनवरी को हुई।
- यह चिन्ह अशोक के अहिंसा और शांति के संदेश को भी प्रतिबिंबित करता है।