Correct Answer: (d) वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना
Solution:- ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू दिशा-निर्देशों और उपायों का एक सेट है
- जिसमें दिल्ली और इसके आस-पास के क्षेत्र शामिल हैं।
- यह एक उच्च-स्तरीय, कानूनी-आधारित नीति Framework है जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय (MC Mehta vs India, 2016) के अनुसरण में adopt किया गया था
- 2016-2017 के बीच अधिसूचित किया गया। GRAP के भीतर विभिन्न स्टेज़/चरण निर्धारित होते है
- जिन्हें AQI के मान के अनुसार सक्रिय किया जाता है, ताकि प्रदूषण स्तर बढ़ने पर त्वरित और लक्षित कार्रवाइयां की जा सकें।
- उद्देश्य: वायु गुणवत्ता में गिरावट के क्रमिक चरणों के अनुसार आवश्यक आपातकालीन उपाय लागू करना ताकि प्रदूषण नियंत्रणों की एक संरचित और तेज-गति प्रतिक्रिया हो सके.
- कानूनी पृष्ठभूमि: उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप GRAP को दिल्ली-एनसीआर सहित क्षेत्रीय प्रशासन ने अपनाया और मानकीकृत किया गया
- ताकि प्रदूषण के क्रमिक स्तरों पर स्पष्ट कार्रवाइयां हों.
- AQI-आधारित चरण: GRAP में चरण-वार उपाय तय होते हैं
- जो AQI के स्तर के अनुसार सक्रिय होते हैं
- (उदा., चरण I से IV, जहाँ प्रत्येक चरण में ध्वस्तीकरण/प्रतिबंध, ट्रैफिक नियंत्रण, निर्माण/ध्वस्तीकरण पर रोक आदि शामिल हो सकते हैं).
- मुख्य उपायों के उदाहरण:
- पुराने डीजल/पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध और सम/विषम योजना लागू करना।
- निर्माण तथा ध्वस्तीकरण कार्यों मेंhalts/ रोकथाम।
- भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण; ट्रैफिक-योजनाओं का प्रयोग।
- खुले स्थानों पर कूड़ा जलाने पर रोक और धुएँ के स्रोतों को नियंत्रित करना।
- स्मॉग टावर/एयर क्वालिटी मैनेजमेंट योजनाओं के साथ निगरानी और तात्कालिक सुधार उपायों को लागू करना (चरण-विशिष्ट).
- GRAP के चरणों का सार
- चरण I (AQI 201–300, खराब: कुछ नियंत्रण लागू)
- पुराने डीजल/पेट्रोल वाहनों पर आदेश; सार्वजनिक सुरक्षा संदर्भ में जागरूकता व प्रवर्तन शुरू हो सकता है.
- चरण II (AQI 301–400, बहुत खराब)
- निर्माण/ध्वस्तीकरण पर रोक; भारी वाहन प्रवेश पर निर्भरrestrictions; पीक-उत्पादन क्षेत्रों में नियंत्रण
- निजी वाहनों के सहभागी नियम आदि (नीतिगत विवरण चरण के अनुसार बदलाव होते हैं).
- चरण III (AQI 401–500, गंभीर)
- अधिक कठोर उपाय: व्यापक ट्रैफिक प्रतिबंध, डीजल जनरेटर का विनियमन, स्मॉग-टावरों की क्रियाशीलता आदि.
- चरण IV (AQI—बहुत गम्भीर/गंभीर प्लस)
- अत्यंत कठोर नियंत्रण, पूर्ण ट्रैफिक प्रतिबंध, सार्वजनिक तथा व्यावसायिक गतिविधियों पर व्यापक रोक आदि
- यह चरण सामान्यतः सबसे अधिक सख्त होता है.
- युद्ध-सम्बंधी नोट
- GRAP एक एकीकृत प्रेक्षण-आधारित योजना है जिसे नीति-निर्देशन के साथ लागू किया जाता है
- ताकि प्रदूषण की मौसमी/घरेलू/औद्योगिक घटनाओं के प्रति त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया हो सके.
- NCR क्षेत्र के लिए GRAP के संदर्भ में अदालतों के निर्देशों के अनुसार इसका विकास और समायोजन किया गया है
- ताकि दिल्ली-एनसीआर में AQI के स्तर के अनुसार उपयुक्त कदम उठाए जा सकें.
- ध्यान दें
- GRAP की प्रासंगिकताओं, चरणों और लागू उपायों का वर्णन क्षेत्र-विशिष्ट हो सकता है
- दिल्ली-एनसीआर बनाम अन्य शहरों में कुछ चरणों के नाम और कार्रवाई के दायरे में भिन्नताएं हो सकती हैं.
- संदर्भ (नीचे प्रत्येक दावे के बाद संदर्भ दिए गए हैं)
- GRAP की परिभाषा और चरणों के आधार पर कार्य योजना: “GRAP एक आपातकालीन उपायों का समूह है
- जो AQI के कुछ मानों तक पहुँचने पर सक्रिय होता है”.
- GRAP के क्यों लागू किया गया: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2016-2017 में अधिसूचित/अनुमोदित किया गया था
- दिल्ली-NCR में इसका परिचालन मुख्य संदर्भ है.
- GRAP के चरण और कार्यान्वयन के उदाहरण: चरण I से IV के अंतर्गत विभिन्न नियंत्रण और प्रशासनिक उपायों की सूची है
- जैसे निर्माण/ध्वस्तीकरण पर रोक, ट्रैफिक प्रतिबंध, आदि.