Correct Answer: (c) पॉलीटेट्रा फ्लोरोएथिलीन
Solution:- पॉलीटेट्राफ्लोरोएथिलीन (PTFE), जिसे टेफ्लॉन के नाम से भी जाना जाता है
- एक उच्च प्रदर्शन वाला प्लास्टिक है जो अपने अद्वितीय गुणों के लिए जाना जाता है
- जैसे कि उच्च तापमान प्रतिरोध, कम घर्षण, और रासायनिक निष्क्रियता।
- टेफ्लॉन क्या है?
- टेफ्लॉन का वैज्ञानिक नाम पॉलीटेट्राफ्लूरोएथिलीन (PTFE) है
- जो कार्बन और फ्लोरीन परमाणुओं से मिलकर बना एक सिंथेटिक रसायन है।
- यह 1930 के दशक में खोजा गया था और इसकी खासियत यह है
- यह लगभग घर्षणरहित (non-friction) सतह प्रदान करता है
- जिससे तेल या खाना आसानी से चिपकता नहीं।
- नॉन-स्टिक तवे बनाने वाली कंपनियां इस परत को उच्च तापमान पर स्प्रे या कोटिंग के रूप में चढ़ाती हैं
- जो 200-400 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी सहन कर सकती है।
- यह परत कैसे काम करती है?
- टेफ्लॉन की सतह इतनी चिकनी होती है कि भोजन के कण या तेल इसके अणुओं से आसानी से चिपक नहीं पाते
- क्योंकि इसकी सतह पर पानी या तेल का संपर्क कोण (contact angle) बहुत अधिक होता है।
- सामान्य तवे पर लोहा या एल्युमीनियम की सतह खुरदरी होती है, जिससे चिपकाव होता है
- लेकिन टेफ्लॉन इस घर्षण को 1/10 से भी कम कर देता है। पहले PTFE को PFOA नामक केमिकल से बनाया जाता था
- लेकिन अब स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण PFOA-मुक्त टेफ्लॉन का उपयोग होता है।
- अन्य वैकल्पिक परतें
- कुछ आधुनिक नॉन-स्टिक तवों पर टेफ्लॉन के अलावा सिरेमिक, हार्ड एनोडाइज्ड या टाइटेनियम आधारित कोटिंग्स भी चढ़ाई जाती हैं।
- सिरेमिक कोटिंग: प्राकृतिक सिलिका से बनी, अधिक पर्यावरण-अनुकूल और 450°C तक सुरक्षित।
- टाइटेनियम: टेफ्लॉन से कठोर, खरोंच प्रतिरोधी लेकिन महंगी।
- ये विकल्प टेफ्लॉन की तुलना में कम विषाक्त होते हैं, लेकिन टेफ्लॉन अभी भी सबसे आम है।
- फायदे
- कम तेल में खाना बनाना संभव, जो स्वस्थ है।
- सफाई आसान, समय बचता है।
- ऊर्जा दक्षता अधिक, खाना जल्दी पकता है।
- नुकसान और सावधानियां
- उच्च तापमान (260°C से ऊपर) पर टेफ्लॉन विषाक्त धुएं छोड़ सकता है
- जो फ्लू जैसी बीमारी (पॉलीमर फ्यूम फीवर) पैदा कर सकता है।
- खरोंच पड़ने पर परत उतर सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (कैंसर, थायरॉइड जोखिम) हो सकती है
- इसलिए धातु के बर्तन न इस्तेमाल करें।
- सफाई के लिए बेकिंग सोडा-नींबू या नमक का पेस्ट उपयोगी है, जो काली परत हटाता है
- बिना कोटिंग खराब किए। तवे की उम्र 1-3 साल होती है; खरोंच दिखने पर बदलें।
- रखरखाव टिप्स
- नरम स्पंज और डिशवॉश ही इस्तेमाल करें।
- गर्म तवे पर ठंडा पानी न डालें, क्रैक हो सकता है।
- कम-मध्यम आंच पर उपयोग करें।