Correct Answer: (b) सिलिकॉन, मैग्नीशियम
Solution:- महासागरीय भूपर्पटी को 'सिमा' (SIMA) कहा जाता है, जिसका अर्थ सिलिकॉन और मैग्नीशियम है।
- जबकि महाद्वीपीय पर्पटी को सियाल (SIAL) कहा जाता है, जिसका अर्थ सिलिका तथा एल्युमिना है।
- जबकि सिलिका भी पर्पटी में पाई जाती है लेकिन मुख्य घटक नहीं मानी जाती है।
- पर्पटी की मोटाई औसतन लगभग 5–10 किलोमीटर के बीच हो सकती है
- यह उपर्युक्त बेसाल्ट से बनी क्रस्ट पर स्थित होती है, जिसमें समय के साथ यह ठंडी होकर ठोस रूप लेती है।
- महासागरीय पर्पटी की आयु पुराने समय तक जाती है
- तलछट के साथ मिलकर एक विशिष्ट परत बनाती है
- जो महाद्वीपों के पास पायी जाने वाली सबसे पुरानी पर्पटी से जुड़ी होती है।
- इसके प्रमुख उदाहरण बेसाल्ट क्रस्ट में मौजूद फेल्डस्पार–पायरॉक्सीन सिलिकेट समूह हैं।
- आपके प्रश्न के साथ-साथ एक संपूर्ण विवरण के लिए नीचे मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
- संरचना: पर्पटी बेसाल्ट से निर्मित, फेल्डस्पार के साथ पायरॉक्सीन-मैग्नेशियम-आधारित सिलिकेट खनिज
- प्रमुख तत्व: मैग्नीशियम, लोहे (Fe), सिलिकेट समूह
- मोटाई: लगभग 5–10 किमी (परत-स्तर पर निर्भर)
- उत्पत्ति: महासागर के मध्य-घाटियों में नया पर्पटी बनने की प्रक्रिया (उत्पादन और क्रमिक ठंडन)
- आयु: धीरे-धीरे पुरानी होने के साथ महासागरीय पर्पटी महाद्वीपीय किनारों के पास सबसे पुरानी परतें दर्शाती हैं
- सामान्य उदाहरण: बेसाल्ट चट्टान के भीतर पाइरॉक्सीन-फेल्डस्पार सिलिकेट
- उद्धरण/सूचनाओं के स्रोत:
- महासागर पर्पटी के खनिज घटक और बेसाल्ट-आधारित संरचना पर विवरण,.
- महासागर पर्पटी के भू-विज्ञानात्मक निर्माण और परत-गठन पर सामान्य जानकारी