Correct Answer: (d) उत्पादकों के बीच अधिक प्रतिस्पर्धा
Solution:- देशों को जोड़ने से भूमंडलीकरण के परिणामस्वरूप उत्पादकों के बीच अधिक प्रतिस्पर्धा होगी।
- भूमंडलीकरण की परिभाषा
- भूमंडलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें दुनिया के कई देश आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी तौर पर एक दूसरे के साथ इतने अधिक जुड़ते हैं
- दूरी घटती प्रतीत होती है
- एक देश की घटनाएं दूसरे देशों को सीधे प्रभावित करती हैं
- यह केवल आर्थिक व्यापार नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति, मीडिया, विज्ञान और रोजगार के क्षेत्रों में भी पारस्परिक निर्भरता बढ़ाने का निर्देश देता है.
- मुख्य प्रभाव के आयाम
- आर्थिक (/व्यापार और पूंजी प्रवाह): मुक्त बाज़ार, बहु-राष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका बढ़ना, स्थानीय उद्योगों पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का प्रभाव, निवेश-श्रेणियाँ और आपूर्ति-श्रृंखला वैश्विक होना.
- रोजगार और उत्पादकता: अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर बढ़ते हैं
- परन्तु स्थानीय कौशल आवश्यकताओं में बदलाव और कुछ क्षेत्रों में रोजगार का असमान वितरण भी संभव है.
- तकनीक और जानकारी: इंटरनेट, संचार और ट्रांसपोर्टेशन की उन्नतियों से दूरी घटती है
- तकनीकी ट्रांसफर और ज्ञान-तत्वों का प्रवाह तेज होता है.
- सामाजिक-नागरिक आयाम: पूर्वी-औपचारिक संबंधों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है
- सांस्कृतिक एकरूपता, स्थानीय रीति-रिवाजों पर प्रभाव और सामाजिक असमानताओं की नई ख़बरें भी उभरती हैं.
- फायदे
- बाजार और उपभोक्ता के लिए अधिक विकल्प, प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य और गुणवत्ता में सुधार।
- वैश्विक पूंजी और तकनीक तक पहुँच के कारण कुछ देशों के विकास दर में तेजी।
- शिक्षा, संचार और यात्रा के माध्यम से ज्ञान-आधारित वृद्धि में योगदान।
- आपूर्ति-श्रृंखला के विविधीकरण से जोखिम प्रबंधन बेहतर हो सकता है।
- हानि और चुनौतियाँ
- स्थानीय उद्योगों पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का दबाव और असमान प्रतिस्पर्धा का खतरा।
- स्रोत-नियंत्रण और नीति-स्वायत्तता में गिरावट (क्योंकि बड़े खिलाड़ियों की ताकतकारी भूमिका बढ़ती है)।
- नौकरियों में संरचनात्मक परिवर्तन, कौशल-फ्लेक्सिबिलिटी की आवश्यकता और कुछ क्षेत्रों में बेरोजगारी का जोखिम।
- सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक विविधताओं के कारण टकराव या मानकीकरण की प्रवृत्ति।
- भारत और भूमंडलीकरण (उदाहरण)
- भारत ने भूमंडलीकरण के दौरान विदेशों से उत्पाद-आदि को आयात किया
- अपने उत्पाद विदेशों में भी पहुँचाने शुरू किए; इससे घरेलू बाज़ार खुला और आयात-निर्यात दोनों ने गति पाई.
- रोजगार के क्षेत्र में विदेशी उद्योगों के साथ जुड़ाव से भारतीयों के लिए विदेशों में कार्य-अवसर बने, जिससे वैश्विक आर्थिक भागीदारी बढ़ी.
- संक्षिप्त तुलना (मुख्य बिंदु)
- आर्थिक असर: व्यापार-निवेश का प्रवाह बनाम घरेलू उद्योग पर दबाव
- सामाजिक-राष्ट्रवाद: वैश्विक एकीकरण के लाभ बनाम सांस्कृतिक विविधता/समानता पर प्रभाव
- नीति-स्वायत्तता: मुक्त बाजार के चलते नियंत्रण की सीमा बढ़ना
- रोजगार-निर्भरता: उच्च कौशल अवसर बनना बनाम कुछ क्षेत्रों में परिवर्तन-प्रधान अस्थिरता