विश्व के प्रमुख बांध (विश्व का भूगोल)

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1. बड़े बांधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (II-पाली)]

I. इनकी सामाजिक समस्याएं हैं, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी विस्थापित होते हैं और उन्हें मुआवजा भी नहीं मिलता।

II. इनकी पर्यावरणीय समस्याएं हैं, क्योंकि इनसे बड़े स्तर पर वनों का विनाश होता है तथा जैव विविधता की क्षति होती है।

Correct Answer: (a) I और II दोनों
Solution:
  • बड़े बांधों के बनने में सामाजिक समस्याएं हैं
  • क्योंकि इससे बड़ी संख्या में किसान और आदिवासी विस्थापित होते हैं
  • उन्हें मुआवजा भी नहीं मिलता। इनकी पर्यावरणीय समस्याएं हैं
  • क्योंकि इनसे बड़े स्तर पर वनों का विनाश होता है तथा जैव विविधता की क्षति होती है।
  • उद्देश्य और लाभ
    • जल संग्रहण: बड़ी मात्रा में पानी एक स्थान पर संचित होता है, जिससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सक्षम होती है.​
    • सिंचाई: वर्षा-आधारित खेती के बजाय ठोस जल स्रोत प्रदान कर कृषिगत क्षेत्र का क्षेत्र विस्तार संभव होता है.​
    • पनबिजली उत्पादन: बांधों के जल प्रवाह से विद्युत उत्पादन होता है, जिससे स्थानीय क्षेत्र और औद्योगिक इकाइयों की ऊर्जा जरूरत पूरी होती है.​
    • बाढ़ नियंत्रण: उच्च जल प्रवाह के समय नियंत्रित रिलीज़ से बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकता है.​
  • प्रमुख संबंधित समस्याएं (बड़े बांधों के विरोध में मुख्य बिंदु)
    • आवासीय विस्थापन और डूब क्षेत्र: बांध बनने से जलाशय क्षेत्र के अंदर रहने वाले समुदायों को स्थानांतरित किया जा सकता है
    • जिसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और पुनर्वास के खर्चे बढ़ते हैं.​
    • सामाजिक-आर्थिक असर: विस्थापन के कारण रोजगार, संस्कृति और जीवनयापन से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं
    • विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में.​
    • पर्यावरणीय प्रभाव: डूब क्षेत्र में जैव विविधता प्रभावित हो सकती है, प्राकृतिक आवासों का ह्रास और पुनर्स्थापन की जटिलताएं सामने आ सकती हैं.​
    • जल-गुणवत्ता और स्थानीय जल निर्भरता: जलाशयों के लिए उपयुक्त निस्पंदन, जलग्रहण के समय गम्भीर जल-गुणवत्ता चुनौतियाँ, और क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन पर प्रभाव पड़ सकता है.​
    • सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे: डूब क्षेत्र के स्थानों की पवित्र स्थलें, मंदिर आदि के लिए कठिनाईयाँ पैदा हो सकती हैं
    • जिससे स्थानीय समुदायों में विरोध बढ़ सकता है.​
  • भारत में उल्लेखित बांधों के संदर्भ
    • भारत में प्रमुख बांधों की सूची, उनकी ऊंचाई, जलाशय आकार और पनबिजली क्षमता आदि की जानकारी व्यापक रूप से उपलब्ध है
    • जो UPSC/GS इतिहास- भूगोल-पर्यावरण संदर्भ में अक्सर उद्धृत होती है.​
    • उदाहरणार्थ, कुछ प्रसिद्ध बांधों में सरदार सरोवर, हीराकुंड, मेट्टूर, फरक्का बैराज आदि शामिल हैं
    • जिनकी जलस्रोत, इलाकाई उपयोग और नियंत्रण तंत्र की चर्चा सामान्य ज्ञान में मिलती है.​
  • लोकतांत्रिक-नीतिगत विचार
    • परियोजनाओं की सफलता और समाज-पर्यावरण संतुलन के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी, चर्चाएं और पुनर्वास योजनाओं की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाती है.​
    • जल नीति और बाढ़ प्रबंधन में सतत विकास के उपायों के साथ बांध-निर्माण के निर्णय लेने चाहिए ताकि लाभ अधिक और नुकसान कम हों.​
  • यदि चाहें तो निम्न प्रकार का विस्तृत विश्लेषण दे सकता हूँ
    • एक 비교 तालिका जिसमें प्रत्येक बड़े बांध के प्रमुख लाभ और प्रमुख समस्याओं को जोड़ा जाएगा।
    • एक चरणबद्ध सतत-विकास योजना (SDG-aligned) जो बांध परियोजनाओं के सामाजिक-आर्थिक-पर्यावरणीय लाभ-हानि का संतुलन दिखाए।
    • परीक्षा-उद्धरण के लिए संभावित प्रश्न-उत्तर (MCQ) सेट जो इन बिंदुओं को छात्रों के लिए स्पष्ट करें।