Solution:भारतीय चिकित्सा पद्धति 'आयुर्वेद' का मूल स्रोत अथर्ववेद को माना जाता है। जहाँ अन्य तीन वेद (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) मुख्य रूप से आध्यात्मिक और यज्ञ संबंधी विषयों पर केंद्रित हैं, वहीं अथर्ववेद सांसारिक जीवन, स्वास्थ्य और व्याधियों के निवारण पर बल देता है। इसमें मंत्रों और प्रार्थनाओं के साथ-साथ प्राकृतिक औषधियों के विज्ञान का भी समावेश है। प्राचीन परंपरा के अनुसार, ब्रह्मा ने आयुर्वेद का ज्ञान प्रजापति को दिया, और अंततः यह मानव कल्याण के लिए अथर्ववेद के माध्यम से हम तक पहुँचा। यही कारण है कि आयुर्वेद को केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि 'जीवन का संपूर्ण विज्ञान' कहा गया है।