कथन (A) : भारतीय संघात्मक व्यवस्था को 'अर्द्ध-संघात्मक' कहा जाता है।
कारण (R) : भारत में एक स्वतंत्र न्यायपालिका है, जिसे न्यायिक पुनर्निरीक्षण का अधिकार है।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए ।
Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
Solution:भारत के संविधान का वर्णन विभिन्न प्रकार से किया गया है। इसे अर्द्ध-परिसंघीय कहा गया है। इसे परिसंघीय, किंतु प्रबल एकात्मक अथवा केंद्र समर्थक भी कहा गया है। संरचना में परिसंघीय, किंतु भावना में एकात्मक, सामान्य स्थिति में परिसंघीय, किंतु आपात स्थिति आदि के दौरान पूर्णतया एकात्मक रूप में परिवर्तित हो जाने के इसके गुण के कारण ही इसे अर्द्ध-संघात्मक कहा जाता है। भारतीय संविधान में स्वतंत्र न्यायपालिका का प्रावधान है तथा सर्वोच्च न्यायालय (एवं उच्च न्यायालयों) को न्यायिक पुनर्निरीक्षण की शक्ति प्राप्त है। संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों यथा अनुच्छेद 13, 32, 131, 136, 141, 143, 226, 227, 245, 246 तथा 372 आदि के उपबंध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से न्यायपालिका को न्यायिक पुनर्निरीक्षण की शक्ति प्रदान करते हैं। इस प्रकार, प्रश्नगत कथन एवं कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता।