Solution:प्रो. डायसी ने 1885 ई. में अपनी पुस्तक "द लॉ ऑफ कांस्टीट्यूशन' में विधि के शासन के निम्न तीन लक्षण दिए -(1) विधि की सर्वोपरिता इसका तात्पर्य है कि विधि सर्वोच्च है तथा राज्य की या व्यक्ति की स्वेच्छाचारिता का अभाव होना अर्थात किसी भी व्यक्ति को केवल विधि के उल्लंघन हेतु दंडित किया जा सकता है, अन्य किसी हेतु नहीं। स्वेच्छाचारिता का अभाव शक्तियों के परिसीमन के रूप में प्रतिबिंबित होता है।
(2) विधि के समक्ष समता अर्थात विधि के लिए सभी समान हैं और कोई भी विधि से ऊपर नहीं है।
(3) विधिक भावना की प्रबलता (Predominance of Legal Spirit)- इसका तात्पर्य है कि संविधान के सामान्य सिद्धांत व्यक्तियों के अधिकार, स्वतंत्रताओं का निर्धारण करने वाले न्यायिक विनिश्चयों का परिणाम है। सरकार के प्रति जन-उत्तरदायित्व विधि के शासन का लक्षण नहीं है। अतः स्पष्ट है कि विकल्प (c) सही उत्तर है।