संगठन एवं संस्थान (परम्परागत सामान्य ज्ञान)Total Questions: 1111. रवींद्रनाथ टैगोर ने ....... में शांतिनिकेतन संस्थान शुरू किया। [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (I-पाली)](a) 1899(b) 1901(c) 1903(d) 1905Correct Answer: (b) 1901Solution:रबींद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1901 में शांतिनिकेतन संस्थान की शुरुआत की।शांतिनिकेतन को प्रारंभ में बच्चों के लिए एक स्कूल के रूप में शुरू किया गया थाबाद में यह विश्वभारती विश्वविद्यालय बन गया। यह पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में स्थित एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है।शांतिनिकेतन की स्थापनारवींद्रनाथ टैगोर ने 22 दिसंबर 1901 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर उपखंड में शांतिनिकेतन की शुरुआत एक छोटे स्कूल के रूप में कीजिसमें शुरू में केवल पांच छात्र थे। यह स्थान उनके पिता देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा 1863 में खरीदी गई 20 एकड़ जमीन पर स्थित थाजहां उन्होंने ब्रह्म समाज के लिए एक आश्रम बनाया था।टैगोर ने इसे "शांति का निवास" नाम दिया, जो प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण शिक्षा की उनकी दृष्टि को दर्शाता है।शिक्षा दर्शनटैगोर पारंपरिक कक्षा-केंद्रित शिक्षा से असंतुष्ट थे और मानते थे कि बच्चे खुले प्रकृति में, पेड़ों की छाया तले पढ़ें तो बेहतर सीखेंगे।शांतिनिकेतन में शिक्षा का तरीका प्राचीन गुरुकुल परंपरा पर आधारित थाजहां कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला और नाटक को पढ़ाई का अभिन्न हिस्सा बनाया गया।इसका उद्देश्य पूर्वी और पश्चिमी संस्कृतियों का मेल कराना था, ताकि छात्र रटंत शिक्षा की बजाय रचनात्मकता विकसित करें।विकास और विश्व-भारती विश्वविद्यालय1921 में यह राष्ट्रीय विश्वविद्यालय बना और 1925 में इसका नाम पाठभवन रखा गयाजो बाद में विश्व-भारती विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ।1951 में भारत सरकार ने इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया।टैगोर के पुत्र रथींद्रनाथ ने भी इसके प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।आज यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जो टैगोर की विरासत को जीवंत रखता है।टैगोर का योगदानरवींद्रनाथ टैगोर, जो साहित्य में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले एशियाई थेशांतिनिकेतन को अपनी नोबेल राशि दान कर मजबूत किया।उन्होंने यहां कई रचनाएं लिखीं और इसे वैश्विक शिक्षा का केंद्र बनाया, जहां आज भी प्रकृति-केंद्रित शिक्षा जारी है।यह संस्थान उनकी "मानव-प्रकृति संबंध" की अवधारणा का प्रतीक है।Submit Quiz« Previous12