Correct Answer: (b) लोक सेवा आयोगों की रिपोर्टों
Solution:- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 323 लोक सेवा आयोगों (संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC)) की रिपोर्टों से संबंधित है।
- यह कहता है कि संघ आयोग राष्ट्रपति को और राज्य आयोग राज्यपाल को अपने कार्य के बारे में वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
- ये रिपोर्टें संसद या राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाती हैं, जिसमें आयोग की सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार करने के कारण भी बताए जाते हैं।
- लोक सेवा आयोग विभिन्न सरकारी विभागों के लिए कर्मियों की भर्ती और चयन करने के लिए स्थापित संवैधानिक निकाय हैं।
- लोक सेवा आयोगों की रिपोर्ट, जैसा भी मामला हो, राष्ट्रपति या राज्यपाल को सौंपी जाती है, और उन्हें राज्य विधानमंडल या संसद के समक्ष रखा जाना आवश्यक है।
- रिपोर्ट में वर्ष के दौरान आयोग द्वारा किए गए कार्यों, प्राप्त आवेदनों की संख्या, चयनित उम्मीदवारों की संख्या और अन्य प्रासंगिक विवरण की जानकारी होती है।
Other Information - लोक सेवा आयोगों का खर्च, जैसा भी मामला हो, राज्य या संघ की संचित निधि पर लगाया जाता है और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऑडिट किया
जाता है। - लोक सेवा आयोगों के कार्य" इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन आयोगों के कार्य संविधान में निर्दिष्ट हैं और इसमें परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित करना, नियुक्तियाँ
करना और भर्ती और चयन से संबंधित मामलों पर सरकार को सलाह देना शामिल है। - संविधान संसद या राज्य विधानमंडल को सरकार के तहत किसी भी पद के लिए भर्ती और चयन को शामिल करने के लिए इन आयोगों के कार्यों का विस्तार करने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 323 का विषय:
- लोक सेवा आयोगों की रिपोर्ट और आयोगों के कार्य-क्षेत्र से जुड़े मामले। यह अनुच्छेद आयोगों द्वारा केंद्र/राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों के लिए भर्ती, चयन, पदोन्नति आदि से जुड़े व्यावहारिक और प्रशासनिक कार्यों पर प्रकाश डालता है
- इनके कार्यवृत्ति पर संसद/राज्य विधानमंडल के सामने रिपोर्टिंग के मानक निर्धारित करता है। [आंशिक संदर्भ: सामान्य हिन्दी स्रोत जहां अनुच्छेद 323 के बारे में इसी प्रकार के विवरण दिए जाते हैं] {संदर्भ बाद में जोड़े जा सकते हैं}
- उपबंध एवं प्रवर्तन:
- अनुच्छेद 323 के तहत लोक सेवा आयोगों की रिपोर्टिंग जिम्मेदारियाँ और उनके खर्च के नीति-निर्देश भी शामिल होते हैं
- ताकि सरकार के भर्ती-नियोजन के प्रक्रियाओं पर पारदर्शिता बनी रहे। [संदर्भ स्रोत पर निर्भर]
- ध्यान देने योग्य विशिष्ट प्वाइंट्स
- लोक सेवा आयोग (एसएससी और अन्य राज्य/केंद्र आयोग) की रिपोर्ट सरकार के समक्ष रखने की जिम्मेदारी होती है; यह रिपोर्ट वर्ष के दौरान किए गए कार्यों, आवेदनों की संख्या, चयनित उम्मीदवारों आदि का विवरण दे सकती है। [आमीकृत पाठ्य-संदर्भ]
- अनुच्छेद 323 के अंतर्गत आयोगों के कार्य-क्षेत्र का विस्तार करने के लिए संसद/राज्यों का विधि-निर्माण पर्याप्त अधिकार देता है; साथ ही प्रशासनिक अयोग, विभागों, और अन्य संस्थाओं के साथ भर्ती-चयन के मामलों में आयोगों के निर्णयों को प्रभावी बनाने के उपाय भी समाहित हो सकते हैं। [संदर्भ-उद्धरण]
- अगर चाहें तो आप इस अनुच्छेद की सटीक, आधिकारिक भाषा में परिशोधित हिंदी/अंग्रेजी पाठ (अनुच्छेद 323 का कॉपी-टेक्स्ट) या संबंधित अध्याय/खंड के वित्तीय-प्रशासनिक प्रावधानों के उद्धरणों के साथ विस्तृत संक्षेप चाह सकते हैं।
- इसके लिए मैं विश्वसनीय स्रोतों से नवीनतम और विशिष्ट उद्धरण निकालकर दे सकता हूँ, साथ ही हिन्दी/अंग्रेजी दोनों संस्करणों में तुलना भी प्रस्तुत कर दूँगा।