संसद-III. कार्य संचालन एवं विधायी प्रक्रिया (भाग – 2)

Total Questions: 50

11. निम्नलिखित में से किस पर गतिरोध दूर करने हेतु लोक सभा और राज्य सभा की संयुक्त बैठक हो सकती है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) सामान्य विधेयक
Solution:संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान सामान्य विधेयकों के संदर्भ में ही लागू होता है और वित्तीय विधेयकों (जो धन विधेयक हैं) और संविधान संशोधन विधेयकों के लिए प्रभावी नहीं होता है। अनुच्छेद 118(4) के अनुसार, लोक सभा का अध्यक्ष लोक सभा और राज्य सभा की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है। लोक सभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के अनुसार, लोक सभा का उपाध्यक्ष संयुक्त बैठक में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्षता करता है तथा यदि वह भी अनुपस्थित रहता है तो राज्य सभा के उपसभापति इसकी अध्यक्षता करते हैं। लोक सभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के अनुसार, भारतीय संसद की संयुक्त बैठक के लिए गणपूर्ति दोनों सदनों के सदस्यों की कुल संख्या का दसवां भाग होती है।

12. भारतीय संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक किस संबंध में होती है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (c) साधारण विधेयक
Solution:संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संसद की संयुक्त बैठक का प्रावधान सामान्य विधेयकों के संदर्भ में ही लागू होता है और वित्तीय विधेयकों (जो धन विधेयक हैं) और संविधान संशोधन विधेयकों के लिए प्रभावी नहीं होता है। अनुच्छेद 118(4) के अनुसार, लोक सभा का अध्यक्ष लोक सभा और राज्य सभा की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करता है। लोक सभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के अनुसार, लोक सभा का उपाध्यक्ष संयुक्त बैठक में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अध्यक्षता करता है तथा यदि वह भी अनुपस्थित रहता है तो राज्य सभा के उपसभापति इसकी अध्यक्षता करते हैं। लोक सभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के अनुसार, भारतीय संसद की संयुक्त बैठक के लिए गणपूर्ति दोनों सदनों के सदस्यों की कुल संख्या का दसवां भाग होती है।

13. कोई कानूनी विधेयक संसद के किस पटल पर रखा जा सकता है? [M.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (c) दोनों में से संसद के एक पटल पर
Solution:कोई कानूनी विधेयक संसद के दोनों सदनों में से एक के पटल पर रखा जा सकता है, जबकि धन विधेयक [तथा अनुच्छेद 110 के खंड (1) के उपखंड (क) से उपखंड (च) में विनिर्दिष्ट किसी विषय के लिए उपबंध करने वाले वित्त विधेयक या संशोधन] केवल लोक सभा में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

14. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? [I.A.S. (Pre) 2016]

1. लोक सभा में लंबित कोई विधेयक उसके सत्रावसान पर व्यपगत (लैप्स) हो जाता है।

2. राज्य सभा में लंबित कोई विधेयक, जिसे लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होगा।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

Correct Answer: (b) केवल 2
Solution:अनु. 107(3) के अंतर्गत संसद में लंबित विधेयक सदनों के सत्रावसान के कारण व्यपगत नहीं होगा। अतः कथन (1) असत्य है। अनुच्छेद 107(5) के अनुसार, लोक सभा में लंबित विधेयक अथवा लोक सभा द्वारा पारित एवं राज्य सभा में लंबित विधेयक, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत हो जाएगा जबकि अनु. 107(4) के अंतर्गत राज्य सभा में लंबित विधेयक, जिसको लोक सभा ने पारित नहीं किया है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होगा। अर्थात कथन (2) सत्य है। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है।

15. संविधान के किस प्रावधान में कहा गया है कि विधि के प्राधिकार के बिना न तो कोई कर लगाया जा सकता है और न ही एकत्रित किया जा सकता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2007]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 265
Solution:संविधान के अनुच्छेद 265 में कहा गया है कि कोई कर विधि के प्राधिकार से ही अधिरोपित या संगृहीत किया जाएगा, अन्यथा नहीं। अनुच्छेद 266 भारत और राज्यों की संचित निधियों एवं लोक लेखे, अनुच्छेद 300 संघ एवं राज्यों के नाम से वाद और कार्यवाहियों तथा अनुच्छेद 368 संविधान संशोधन की प्रक्रिया से संबंधित है।

16. भारत की संचित निधि से धन निर्गत पर किसका नियंत्रण है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2000]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त किसी का नहीं
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266 के अनुसार, भारत की संचित निधि भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, उस सरकार द्वारा राजहुंडियां निर्गमित करके, उधार द्वारा या अग्रिम अर्थोपाय द्वारा लिए गए सभी उधार और उधारों के प्रतिसंदाय में उस सरकार को प्राप्त सभी धनराशियों से मिलकर बनती है। यह संसद के नियंत्रणाधीन होती है। संचित निधि से कोई भी धनराशि तब तक निर्गमित नहीं की जा सकती, जब तक संसद की अनुमति प्राप्त न कर ली जाए। इसीलिए बजट प्रावधानों के अनुरूप कार्यपालिका को संचित निधि से धन निकालने का अधिकार तभी प्राप्त होता है, जब संसद अनु. 114 के तहत विनियोग अधिनियम के माध्यम से इस हेतु अनुमति प्रदान करती है।

17. करों और सरकारी कामकाज के निर्वाह में हुई अन्य प्राप्तियों से संघीय सरकार को प्राप्त हुआ समूचा राजस्व जमा होता है- [I.A.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (c) भारत की संचित निधि में
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266 के अनुसार, भारत की संचित निधि भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, उस सरकार द्वारा राजहुंडियां निर्गमित करके, उधार द्वारा या अग्रिम अर्थोपाय द्वारा लिए गए सभी उधार और उधारों के प्रतिसंदाय में उस सरकार को प्राप्त सभी धनराशियों से मिलकर बनती है। यह संसद के नियंत्रणाधीन होती है। संचित निधि से कोई भी धनराशि तब तक निर्गमित नहीं की जा सकती, जब तक संसद की अनुमति प्राप्त न कर ली जाए। इसीलिए बजट प्रावधानों के अनुरूप कार्यपालिका को संचित निधि से धन निकालने का अधिकार तभी प्राप्त होता है, जब संसद अनु. 114 के तहत विनियोग अधिनियम के माध्यम से इस हेतु अनुमति प्रदान करती है।

18. भारत की संचित निधि से निधि निकालने के लिए निम्नलिखित में से किसका अनुमोदन अनिवार्य है? [I.A.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (b) भारत की संसद
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 266 के अनुसार, भारत की संचित निधि भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, उस सरकार द्वारा राजहुंडियां निर्गमित करके, उधार द्वारा या अग्रिम अर्थोपाय द्वारा लिए गए सभी उधार और उधारों के प्रतिसंदाय में उस सरकार को प्राप्त सभी धनराशियों से मिलकर बनती है। यह संसद के नियंत्रणाधीन होती है। संचित निधि से कोई भी धनराशि तब तक निर्गमित नहीं की जा सकती, जब तक संसद की अनुमति प्राप्त न कर ली जाए। इसीलिए बजट प्रावधानों के अनुरूप कार्यपालिका को संचित निधि से धन निकालने का अधिकार तभी प्राप्त होता है, जब संसद अनु. 114 के तहत विनियोग अधिनियम के माध्यम से इस हेतु अनुमति प्रदान करती है।

19. निम्नलिखित में से कौन-सा एक भारत की संचित निधि से लिया जाने वाला अनिवार्य व्यय भार नहीं है? [U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]

Correct Answer: (b) भारत के निर्वाचन आयोग के सदस्यों के वेतन और पेंशन।
Solution:संविधान के अनु. 112(3) के अनुसार, भारत की संचित निधि पर भारित व्यय इस प्रकार हैं-

(a) राष्ट्रपति की उपलब्धियां और भत्ते तथा उसके पद से संबंधित अन्य व्यय

(b) राज्य सभा के सभापति और उपसभापति के तथा लोक सभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते;

(c) ऐसे ऋण भार जिनका दायित्व भारत सरकार पर है, जिनके अंतर्गत ब्याज, निक्षेप निधि भार और मोचन भार तथा उधार लेने और ऋण सेवा तथा ऋण मोचन से संबंधित अन्य व्यय हैं;

(d) (i) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन; (ii) फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में संदेय पेंशन; (iii) उस उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में दी जाने वाली पेंशन, जो भारत के राज्य क्षेत्र के अंतर्गत किसी क्षेत्र के संबंध में अधिकारिता का प्रयोग करता है या जो भारत डोमिनियन के राज्यपाल वाले प्रांत के अंतर्गत किसी क्षेत्र के संबंध में इस संविधान के प्रारंभ से पहले किसी भी समय अधिकारिता का प्रयोग करता था;

(e) भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक को या उनके संबंध में संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन ;

(f) किसी न्यायालय या माध्यस्थम्, अधिकरण के निर्णय, डिक्री या पंचाट की तुष्टि हेतु अपेक्षित राशियां;

(g) कोई अन्य व्यय जो इस संविधान द्वारा या संसद की विधि

द्वारा इस प्रकार भारित घोषित किया जाता है (यथा- अनुच्छेद 322 के तहत संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन)।

नोट-भारत के उपराष्ट्रपति राज्य सभा के सभापति के रूप में वेतन व भत्ते प्राप्त करते हैं।

20. निम्नलिखित में से कौन-सा एक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2006]

Correct Answer: (b) भारत के उपराष्ट्रपति का वेतन तथा भत्ते
Solution:संविधान के अनु. 112(3) के अनुसार, भारत की संचित निधि पर भारित व्यय इस प्रकार हैं-

(a) राष्ट्रपति की उपलब्धियां और भत्ते तथा उसके पद से संबंधित अन्य व्यय

(b) राज्य सभा के सभापति और उपसभापति के तथा लोक सभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते;

(c) ऐसे ऋण भार जिनका दायित्व भारत सरकार पर है, जिनके अंतर्गत ब्याज, निक्षेप निधि भार और मोचन भार तथा उधार लेने और ऋण सेवा तथा ऋण मोचन से संबंधित अन्य व्यय हैं;

(d) (i) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन; (ii) फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में संदेय पेंशन; (iii) उस उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध में दी जाने वाली पेंशन, जो भारत के राज्य क्षेत्र के अंतर्गत किसी क्षेत्र के संबंध में अधिकारिता का प्रयोग करता है या जो भारत डोमिनियन के राज्यपाल वाले प्रांत के अंतर्गत किसी क्षेत्र के संबंध में इस संविधान के प्रारंभ से पहले किसी भी समय अधिकारिता का प्रयोग करता था;

(e) भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक को या उनके संबंध में संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन ;

(f) किसी न्यायालय या माध्यस्थम्, अधिकरण के निर्णय, डिक्री या पंचाट की तुष्टि हेतु अपेक्षित राशियां;

(g) कोई अन्य व्यय जो इस संविधान द्वारा या संसद की विधि

द्वारा इस प्रकार भारित घोषित किया जाता है (यथा- अनुच्छेद 322 के तहत संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन)।

नोट-भारत के उपराष्ट्रपति राज्य सभा के सभापति के रूप में वेतन व भत्ते प्राप्त करते हैं।