Correct Answer: (b) डांडिया रास
Solution:- दिए गए विकल्पों में डांडिया रास गुजरात में नवरात्रि के दौरान किया जाने वाला प्रमुख लोकंनृत्य है।
- इस लोकनृत्य में देवी दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध का मंचन किया जाता है।
- डांडिया रास का परिचय
- यह गुजरात का प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनृत्य है, जो मुख्य रूप से नवरात्रि उत्सव के दौरान किया जाता है।
- नर्तक रंग-बिरंगी लकड़ियों (डांडिया) का उपयोग करते हैं
- जो देवी दुर्गा के तलवारों का प्रतीक हैं। यह नृत्य अच्छाई की बुराई पर विजय का संदेश देता है।
- पौराणिक कथा से संबंध
- हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, महिषासुर नामक राक्षस ने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त कर देवताओं को हराया था।
- सभी देवताओं के तेज से देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ, जिन्होंने नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया।
- दसवें दिन दुर्गा ने महिषासुर का वध किया। डांडिया रास इसी महायुद्ध का नृत्य रूप में चित्रण करता है।
- नृत्य की विशेषताएँ
- नर्तक जोड़े बनाकर लाठियों से एक-दूसरे पर प्रहार करते हुए नृत्य करते हैं, जो दुर्गा-महिषासुर युद्ध का अनुकरण है।
- महिलाएँ चटकीले परिधानों में और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेते हैं।
- तेज़ संगीत और थाप पर नृत्य होता है, जिसमें घुंघरू और ढोल की ध्वनि प्रमुख रहती है।
- सांस्कृतिक महत्व
- डांडिया रास न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि सामाजिक एकता को बढ़ावा देता है।
- यह नवरात्रि के नौ रूपों (नवदुर्गा) की पूजा का भी माध्यम है।
- गुजरात के अलावा राजस्थान और अन्य राज्यों में भी प्रचलित है।