Correct Answer: (a) कावड़ी अट्टम
Solution:- कावड़ी अट्टम का त्योहार एक धार्मिक लोक नृत्य है, जिसे तमिलनाडु के हिंदू धर्म के लोग मनाते हैं। इस त्योहार में युद्ध के देवता भगवान मुरुगन की पूजा की जाती है।
- भगवान मुरुगन का परिचय
- भगवान मुरुगन (जिन्हें कार्तिकेय, स्कंद या सुब्रह्मण्य भी कहा जाता है) हिंदू धर्म में युद्ध, विजय और बुद्धि के देवता हैं.
- तमिलनाडु में उनकी पूजा विशेष रूप से लोकप्रिय है, जहां वे मोर के वाहन के रूप में पूजे जाते हैं.
- उनकी पूजा थाईपुसम और स्कंद शष्ठी जैसे त्योहारों में भव्य रूप से होती है, जिसमें भक्त कठोर तपस्या और नृत्य करते हैं.
- कावड़ी अट्टम क्या है?
- कावड़ी अट्टम एक धार्मिक लोक नृत्य है, जिसका शाब्दिक अर्थ "कावड़ी बोझा लेकर नृत्य करना" है.
- यह मुख्य रूप से पुरुष भक्तों द्वारा किया जाता है, जो कंधों पर कावड़ी (एक अर्धचंद्राकार सज्जित लकड़ी या धातु का बोझा) ढोते हुए नाचते हैं.
- कावड़ी में दूध, चावल, फूल या मूर्तियां भरी जाती हैं, जो मुरुगन को समर्पित चढ़ावा होती हैं; इसे मंदिर तक ले जाते समय भक्त ट्रान्स में नृत्य करते हैं.
- प्रदर्शन का तरीका
- भक्त शरीर पर हुक, भाले या स्पीयर चुभोकर या कावड़ी को कंधों से बांधकर तीर्थयात्रा करते हैं, फिर तेज़ ढोल, नगाड़े और शंख की ध्वनि पर नृत्य करते हैं.
- वेशभूषा में पीले वस्त्र, रंगीन पगड़ी, मोर पंखों वाली टोपी और शरीर पर भस्म लगाई जाती है, जो मुरुगन की शस्त्रों की नकल करती है.
- नृत्य में घुमावदार कदम, कूदना और कावड़ी को हिलाना शामिल होता है, जो भक्ति की चरम अवस्था को दर्शाता है.
- सांस्कृतिक महत्व
- यह नृत्य तमिलनाडु के मुरुगन मंदिरों जैसे पलानी, तिरुच्चेंदूर और पचमलई में थाईपुसम उत्सव के दौरान किया जाता है.
- मान्यता है कि इससे भगवान मुरुगन का आशीर्वाद मिलता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं; यह तपस्या, समर्पण और सामुदायिक एकता का प्रतीक है.
- इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में मान्यता मिली है, जो द्रविड़ भक्ति परंपरा को जीवंत रखता है.
- अन्य संबंधित नृत्य
- कुछ स्रोत मयिलाट्टम (मोर नृत्य) का भी उल्लेख करते हैं, जो मुरुगन के मोर वाहन की नकल करता है, लेकिन यह मुख्य रूप से महिलाओं या नर्तकियों द्वारा मंदिरों में किया जाता है.
- कावड़ी अट्टम विशिष्ट रूप से "अनुष्ठानिक पूजा के दौरान भक्तों द्वारा" (devotees during ceremonial worship) कावड़ी ढोने से जुड़ा है, जबकि मयिलाट्टम अलग लोक नृत्य है.
- दोनों तमिलनाडु से हैं, लेकिन प्रश्न के संदर्भ में कावड़ी अट्टम सटीक उत्तर है.