Correct Answer: (c) I और II दोनों
Solution:- इंद्राणी रहमान भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथकली और ओडिसी की एक भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। उन्हें वर्ष 1969 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
- पूरा विवरण:
- जीवन-परिचय: इंद्राणी रहमान एक प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय नर्तकी और सांस्कृतिक व्यक्तित्व थीं
- जिन्होंने भारत और विदेशों में शास्त्रीय नृत्यों का प्रचार-प्रसार किया
- वे 1950s के दशक में मिस इंडिया प्रतियोगिता जीतीं और बाद में पश्चिमी देशों में भारतीय नृत्यों की पहचान बनाने में लगीं .
- नृत्य-शैलीयों से जुड़ाव:
- भरतनाट्यम: दक्षिण भारत के तमिलनाडु-शास्त्रीय नृत्य के प्रमुख स्तंभ में वे अग्रणी कलाकारों में से एक मानी जाती हैं
- उन्होंने भरतनाट्यम में प्रशिक्षित होकर प्रदर्शन किए और इसे विदेशों में प्रस्तुत किया .
- कुचिपुड़ी: आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य जिसे इंद्राणी ने भी सीखा और संप्रेषित किया; वे इस शैली के प्रचार-प्रसार में सहमोहित रहीं .
- कथकली: केरल के दिव्य-नृत्य कथकली में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा; उनका प्रशिक्षण और प्रदर्शन इस शास्त्रीय कला में उनके योगदान को दर्शाते हैं .
- ओडिसी: उड़ीसा का प्रमुख शास्त्रीय नृत्य, जिसे उन्होंने वैश्विक मंच पर स्थापित करने में भूमिका निभाई; ओडिसी उनके व्यापक-आयाम नृत्य-रचय के हिस्से रहे .
- वैश्विक प्रभाव: उनकी कला-यात्रा पश्चिम में भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के प्रति रुचि बढ़ाने, हॉर्वर्ड-ने जुड़े शैक्षिक संस्थानों से नृत्य-प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त करने और न्यूयॉर्क आदि में स्थायित्व बनाने में प्रभावी रही .
- सम्मान व इतिहास: भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के लिए उनके योगदान को मान्यता मिली
- वे 1960s-1970s में अंतरराष्ट्रीय舞台 पर भारतीय नृत्यों की प्रतिष्ठा बढ़ाने वालों में से एक मानी जाती हैं .
- संबंधित संदर्भ सूचना: भारत के आठ प्रमुख शास्त्रीय नृत्यों में भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कथकली और ओडिसी शामिल हैं
- वे चारों में स्थापित प्रतिनिधित्व के रूप में पहचान में आईं और पश्चिमी मंचों पर भारत-नृत्यों की लोकप्रियता बढ़ाई .