Solution:राजा राममोहन राय ने 'तुहफात-उल-मुवाहिदीन' फारसी भाषा में लिखी थी। बाद में इसका अंग्रेजी अनुवाद मौलवी ओबैदुल्लाह अल ओबैदी द्वारा 'ए गिफ्ट टू मोनोथेईस्टस' नाम से 1884 ई. में प्रकाशित किया गया था, जिसमें अनेकेश्वरवाद की निंदा की गई है।
- मुगल काल के दौरान फ़ारसी भारत में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा थी और अदालत की भाषा थी।
- राजा राम मोहन राय एक प्रमुख समाज सुधारक और विद्वान थे जिन्होंने भारतीय पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- कार्य, एकेश्वरवादियों को उपहार, बहुदेववाद की आलोचना और एकेश्वरवादी धर्मों की श्रेष्ठता के लिए एक तर्क था।
Other Information - अरबी मुख्य रूप से इस्लाम से जुड़ी भाषा है और धार्मिक ग्रंथों और अनुष्ठानों में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- सेमेटिक भाषा अरबी के अधिकांश वक्ता अरब जगत में पाए जाते हैं।
- इसका नाम अरब लोगों के नाम पर रखा गया है और यह पहली बार पहली शताब्दी ईस्वी में सामने आया था।
- बांग्ला पूर्वी भारत और बांग्लादेश के बंगाली लोगों की भाषा है और इसकी एक समृद्ध साहित्यिक परंपरा है।
- यह पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और असमिया बराक घाटी की आधिकारिक भाषा है।
- संस्कृत भारत की एक प्राचीन भाषा है और यह हिंदू धर्म और पारंपरिक भारतीय ज्ञान प्रणालियों से जुड़ी है।
- कांस्य युग के अंत के दौरान उत्तरपश्चिम से अपनी पूर्ववर्ती भाषाओं के फैलाव के बाद, इसकी उत्पत्ति दक्षिण एशिया में हुई।