सिंधु घाटी के निवासियों की सभ्यता को जानने का सबसे मूल और विश्वसनीय स्रोत वहां की खुदाई में प्राप्त मुहरें (Seals) हैं। यद्यपि पुरातात्विक खुदाई में बर्तन, आभूषण, हथियार और औजार भी प्रचुर मात्रा में मिले हैं, लेकिन मुहरों का महत्व अद्वितीय है क्योंकि ये उस समय की चित्रात्मक लिपि (Pictographic Script) का प्राथमिक साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। इन मुहरों पर अंकित आकृतियों, जैसे कि पशुपति शिव, एक-श्रृंगी पशु (Unicorn) और विभिन्न वनस्पतियों से हमें उनके धार्मिक विश्वासों और सामाजिक संरचना की अमूल्य जानकारी मिलती है।