सैंधव सभ्यता एवं संस्कृति (Part-2)

Total Questions: 42

1. निम्नलिखित में से कौन-सा सिंधु घाटी की सभ्यता से संबंधित स्थल नहीं है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (c) पाटलिपुत्र
Solution:

प्रमुख सिंधु घाटी सभ्यता स्थल (स्थान के अनुसार):
पाकिस्तान (पंजाब/सिंध प्रांत):
• हड़प्पा: रावी नदी के तट परपहली बार 1921 में उत्खनित।
• मोहनजोदड़ो: सिंध नदी के पासयहाँ विशाल स्नानागार और अन्नागार मिले।
• चन्हुदड़ो: सिंध प्रांत मेंजो मनके बनाने का प्रमुख केंद्र था।
• सुत्कागेनडोर: बलूचिस्तान के पासजो सबसे पश्चिमी स्थल माना जाता है।

भारत (गुजरात, राजस्थान, हरियाणा):
• लोथल: गुजरात के भोगवा नदी तट पर एक प्राचीन मानव-निर्मित बंदरगाह।
• धोलावीरा: गुजरात (कच्छ) में जो अपनी विशिष्ट तीन-स्तरीय नगर योजना के लिए प्रसिद्ध है।
• कालीबंगा: राजस्थान में घग्गर नदी के किनारे, यहाँ से जुते हुए खेत और अग्नि वेदिकाएँ मिली हैं।
• राखीगढ़ी: हरियाणा में स्थित यह वर्तमान में भारत में खोजा गया सबसे बड़ा सिंधु घाटी स्थल है।
• बनावली: हरियाणा में जहाँ से पकी मिट्टी की मोहरें और हल की आकृति मिली है।
• रोपण: पंजाब में सतलुज नदी के तट पर स्थित है।
• आलमगीरपुर: उत्तर प्रदेश (मेरठ) मेंजो सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल है।

2. भारत में हड़प्पा का वृहद स्थल है- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (a) राखीगढ़ी
Solution:

भारत में हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) का सबसे बड़ा (वृहद) स्थल हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी है। यह लगभग 350 से 500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, जो इसे भारतीय उपमहाद्वीप में सबसे विशाल और महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक बनाता है। मोहनजोदड़ो, हड़प्पा और गनवेरी वाला (पाकिस्तान) तथा राखीगढ़ी एवं धौलावीरा (भारत) हड़प्पा सभ्यता के पांच वृहद स्थलों की श्रेणी में आते हैं।

3. भारत का सबसे बड़ा हड़प्पन पुरास्थल है- [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]

Correct Answer: (d) राखीगढ़ी
Solution:

राखीगढ़ी वर्तमान में सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे विशाल भारतीय केंद्र है, जो हरियाणा के हिसार जिले में स्थित है। भौगोलिक दृष्टि से यह स्थल घग्गर नदी की शुष्क घाटी में स्थित है। पुरातात्विक सर्वेक्षणों से पता चला है कि यह शहर मोहनजोदड़ो से भी बड़ा हो सकता है। राखीगढ़ी की खुदाई में पक्की ईंटों के घर, नियोजित गलियाँ और विशाल सार्वजनिक भवन मिले हैं। इस स्थल का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यहाँ एक 'टीले' की खुदाई के दौरान हड़प्पाकालीन लोगों के जीवन स्तर, व्यापारिक संबंधों और उनके आनुवंशिक इतिहास (DNA) के पुख्ता प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

4. स्थापित सिंधु घाटी सभ्यता जिन नदियों के तट पर बसी थी, वे थीं [U.P.P.C.S. (Pre) 2009]

1. सिंधु             2. चेनाब
3. झेलम         4. गंगा
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट :

Correct Answer: (b) 1, 2 और 3
Solution:

प्रश्नगत विकल्पों में सिंधु घाटी सभ्यता झेलम, सिंधु तथा चिनाब नदी के तट पर बसी थी; परंतु गंगा नदी इसमें शामिल नहीं है।

5. सिंधु घाटी के लोग विश्वास करते थे- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1993]

Correct Answer: (d) मातृ शक्ति में
Solution:

सिंधु सभ्यता की लिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है, इस कारण उन लोगों के धार्मिक विश्वास के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। उत्खनन में प्राप्त स्त्री मूर्तियों की बहुलता से मातृ शक्ति की उपासना का अनुमान लगाया जाता है। पुरुष आकृतियों से शिव की पूजा अनुमानित होती है, अग्निकुंड या यज्ञ वेदिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। मृतकों के साथ दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दफनाने से आत्मा में विश्वास का भी अनुमान लगाया जाता है। फिर भी कई विद्वान इन्हें मुख्यतः मातृ शक्ति का उपासक मानते हैं, लेकिन निश्चित तौर पर इस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया जा सकता है।

6. सिंधु घाटी के लोग पूजा करते थे- [Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (a) पशुपति की
Solution:

सिंधु घाटी के लोगों का धार्मिक जीवन अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण था। यद्यपि वहाँ किसी मंदिर के अवशेष नहीं मिले हैं, लेकिन मुहरों और मूर्तियों से यह स्पष्ट होता है कि वे पशुपति शिव और मातृशक्ति के परम भक्त थे। वे मूर्ति पूजा के साथ-साथ प्रकृति के तत्वों की भी उपासना करते थे। जल की पवित्रता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण थी, जिसका प्रमाण हमें मोहनजोदड़ो के 'विशाल स्नानागार' से मिलता है, जिसका उपयोग संभवतः धार्मिक अनुष्ठानों के लिए किया जाता था। उनके द्वारा किए जाने वाले पशु और वृक्ष पूजन के कई अवशेष आज भी हिंदू संस्कृति में जीवंत देखे जा सकते हैं।

7. मोहनजोदड़ो एवं हड़प्पा की पुरातात्विक खुदाई के प्रभारी थे- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (b) सर जॉन मार्शल
Solution:

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक सर जॉन मार्शल के निर्देश पर वर्ष 1921 में दयाराम साहनी ने हड़प्पा तथा वर्ष 1922 में राखाल दास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो का उत्त्खनन प्रारंभ कराया था। हड़प्पा के टीले के विषय में सर्वप्रथम जानकारी चार्ल्स मेंसन ने 1826 ई. में दिया था।

8. सिंधु घाटी सभ्यता को खोज निकालने में जिन दो भारतीयों का नाम जुड़ा है, वे हैं- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (a) राखालदास बनर्जी तथा दयाराम साहनी
Solution:

भारतीय इतिहास की दिशा बदलने वाली सिंधु घाटी सभ्यता की खोज का श्रेय मुख्य रूप से दयाराम साहनी और आर. डी. बनर्जी को जाता है। 1920 के दशक की शुरुआत में, जब दयाराम साहनी ने रावी नदी के तट पर हड़प्पा के टीलों की खुदाई शुरू की, तो उन्होंने भारत की सबसे प्राचीन नगरीय सभ्यता के पहले साक्ष्य दुनिया के सामने रखे। इसके ठीक एक साल बाद, राखाल दास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खोज की, जहाँ मिले विशाल स्नानागार और नियोजित नगरों ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की सभ्यता हजारों साल पुरानी और अत्यंत विकसित थी। इन दोनों भारतीयों के कठिन परिश्रम और शोध के कारण ही आज हम गर्व से विश्व की महानतम प्राचीन सभ्यताओं में अपनी गणना करते हैं।

9. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (a) हड़प्पा -दयाराम साहनी
Solution:

हड़प्पा का उत्खनन दयाराम साहनी, लोथल का उत्खनन एस.आर. राव तथा सुरकोटडा का उत्खनन जे.पी. जोशी ने कराया था, जबकि धौलावीरा का उत्खनन बी. के. थापड़ ने नहीं, बल्कि आर.एस. बिष्ट ने कराया था। अतः विकल्प (d) सुमेलित नहीं है।

10. हड़प्पा का उत्खनन करने वाला प्रथम पुरातत्वविद, जो इसके महत्व को नहीं समझ पाया था- [U.P.P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (a) ए. कनिंघम
Solution:

हड़प्पा का उत्खनन करने वाले प्रथम पुरातत्वविद सर अलेक्जेंडर कनिंघम (Sir Alexander Cunningham) थे। उन्होंने 1853 और 1872-73 के बीच हड़प्पा स्थल का दौरा किया और मुहरें प्राप्त कींलेकिन वह उस समय इस प्राचीन सभ्यता के वास्तविक महत्व और इसके बहुत पुराने होने का अंदाजा नहीं लगा सके।